**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उद्योग निदेशालय, कानपुर को जारी एक आदेश है, जो अवसंरचना और औद्योगिक निवेश नीति-2012 के तहत दो इकाइयों को स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 25,33,038.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। इस वित्तीय स्वीकृति के तहत इकाइयों को स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए कुछ शर्तों और प्रतिबंधों का उल्लेख किया गया है, जिसका पालन करना अनिवार्य है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*स्वीकृति राशि और इकाइयाँ*
* कुल 25,33,038.00 रुपये की राशि को स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति के रूप में स्वीकृति दी जाती है।
* प्राप्तकर्ता मेसर्स के.पी. डाइस इंडिया प्रा. लिमिटेड और मेसर्स कुसुम प्लास्टिक्स एवं औद्योगिक हैं।
*वित्तीय स्वीकृति की शर्तें:*
* धनराशि का आहरण राजकोष से तत्काल आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा।
* धनराशि को किसी भी परिस्थिति में पहले से आहरित करके एकमुश्त/बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जा सकता।
* स्वीकृत राशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृति दी गई है।
* व्यय करने से पहले वित्त विभाग के निर्देशों का पूरी तरह से अनुपालन करना आवश्यक है।
* धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को उपलब्ध कराना होगा।
* लेखा-जोखा उद्योग निदेशालय, कानपुर द्वारा रखा जायेगा।
* संबंधित इकाई को सुविधा अवस्थापना और औद्योगिक निवेश नीति-2012 के प्रावधानों के अंतर्गत दी जाएगी।
*प्रतिपूर्ति प्रक्रिया और प्रमाणीकरण:*
* आयुक्त एवं निदेशक उद्योग द्वारा भुगतान से पहले इकाइयों की पात्रता एवं स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन विभाग से संबंधित मद में जमा धनराशि की पुष्टि की जाएगी।
* छूट प्राप्त करने के लिए इकाइयों को प्रोजेक्ट रिपोर्ट सहित प्रमाणीकरण संस्था को प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा, जिसमें भूमि की आवश्यकता व परियोजना की प्रकृति के अनुसार प्रमाणीकरण मानकों का पालन हो।
* इकाई को प्रमाणीकरण संस्था के साथ एक अनुबंध करना होगा, जिसमें शर्तों का उल्लेख हो।
*अनुपालन और रिपोर्टिंग:*
* निर्धारित अवधि में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ न होने पर इसकी सूचना महानिरीक्षक, निबन्धन, उत्तर प्रदेश को उपलब्ध करायी जायेगी।
* आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व उपरोक्त इकाइयों की पात्रता की जांच करेंगे।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर
**प्रभाव:**
आवंटित धनराशि के प्रबंधन और वितरण के लिए जिम्मेदार हैं।
**आवश्यक कार्रवाई:**
उन्हें स्वीकृत राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को उपलब्ध कराना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि लाभार्थी इकाइयाँ शर्तों का अनुपालन करें।
**हितधारक:** मेसर्स के.पी. डाइस इंडिया प्रा. लिमिटेड और मेसर्स कुसुम प्लास्टिक्स एवं औद्योगिक
**प्रभाव:**
अवसंरचना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के तहत स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति प्राप्तकर्ता।
**आवश्यक कार्रवाई:**
इन्हें छूट प्राप्त करने हेतु प्रोजेक्ट रिपोर्ट सहित प्रमाणीकरण संस्था को प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा, साथ ही प्रमाणीकरण संस्था के साथ एक अनुबंध करना होगा, जिसमें शर्तों का उल्लेख हो।
Key Entities Referenced
अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012: उत्तर प्रदेश सरकार की एक नीति जो स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति के माध्यम से औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करती है।
आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर: उत्तर प्रदेश सरकार का एक विभाग जो औद्योगिक निवेश नीति को लागू करता है और स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया का प्रबंधन करता है।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार का एक अनुभाग जो औद्योगिक विकास से संबंधित है और इस विशेष नीति के प्रशासन में शामिल है।
स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति: अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के तहत पात्र इकाइयों को स्टाम्प शुल्क के खर्चों की प्रतिपूर्ति करने का तंत्र।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार
WEAT-6/202/098/77-6-202-0(aate)/6
सुजाता शर्मा,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा मैं,
आयुक्त एवं निदेशक उद्योग,
उद्योग निदेशालय,
कानपुर |
औदूयोगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 30 मार्च, 202
विषय- अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश efA-20I2 के अन्तर्गत 02 इकाइयों को स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति
हेतु धनराशि रू. 25,33,038.00 की वित्तीय स्वीकृति।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश,
कानपुर के पत्र ACA-3343/303TOH0- Eero शुल्क प्रतिपूर्ति/2020-2। दिनांक 02-02-202। sant पात्र
कुल 02 इकाइयों को स्टाम्प शुल्क की धनराशि रू. 25,33,038.00 (रूपया पच्चीस लाख तैंतीस हजार अड़तीस
मात्र) की प्रतिपूर्ति किये जाने हेतु संस्तुति सहित वित्तीय स्वीकृत निर्गत किये जाने का अनुरोध किया गया है,
पात्र इकाईयों का विवरण निम्नवत है:-
ः इकाई का | विलेख वाणिज्यिक | उत्पाद का | शासनादेश शासनादेश सं0-848/77-6- | निदेशालय
सं. | नाम निबन्धन उत्पादन की | नाम f@.05.2.02 | 3-75(wa)/05feare स्तर प्रतिपूर्ति
की तिथि तिथि & अन्तर्गत | 04.06.203 योग्य. पायी
आच्दादित गयी धनराशि
Wat एवं
प्रतिपूर्ति का
प्रतिशत
| 2 3 4 5 6 7 Bo
4 | मेसर्स 05.09.20i4 | 5.02.20I6 | मेटल मोल्डस 5..4(&) 096.35 x 250% = 20,93,038.00
के0पी0डाइस एवं डाई, वायर | 75% 2740.875 वर्ग मी. जो कि
इण्डिया, प्रोडक्ट्स भूमि के वास्तविक क्षेत्रफल
प्राघलि0, भएसं0 933.37 वर्ग मीटर से
4-5 दे अधिक है |
इण्डस्ट्रीयल अतः भूमि के. वास्तविक
एरिया, साईट-3, Samet 4933.37 वर्ग
मेरठ रोड, मीटर पर प्रतिपूर्ति अनुमन्य
गाजियाबाद। होगी।
2 | मेसर्स FAA | 04.09.20I3 | 08-06-204 | प्लास्टिक ग्लास | 5..(#) 46 x 250% > 52 at] 4,40,000.00
प्लास्टिक्स एवं एवं कप निर्माण | 700% मी. है, जो कि af के
औद्योगिक 08.0.204 (जीएसटी वास्तविक. क्षेत्रफल ही 4000
भूएसं0 डी-2, रजिस्ट्रेशन के वर्ग मी0 से अधिक है।
Hrex-73, आधार पर अत: भूमि के. वास्तविक
गीडा, गोरखपुर। पैकेजिंग क्षेत्रफल i000a7 मीटर पर
मैटेरियल
निर्माण) प्रतिपूर्ति अनुमन्य होगी।
योग- . (रूपया पच्चीस लाख तैंतीस हजार अड़तीस मात्र) | 25,33,038.00
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2 - इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2020-2। के आय-व्ययक में अनुदान
संख्या-7 के लेखा शीर्षक 2885-उद्योगों तथा खनिजों पर अन्य परिव्यय (क्रमशः)-60-अन्य(क्रमशः)-800-अन्य
व्यय(क्रमश:)-9-अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश aAlfa-20i2 का कार्यानन््वयन-27 सब्सिडी मैं प्राविधानित
धनराशि रू0 500.00 करोड़ (रू0 पॉच at करोड़ मात्र) के सापेक्ष अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश
aMa-20i2 के अन्तर्गत उपर्युक्त 02 इकाइयों के स्टैम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति हेतु समेकित रूप से धनराशि
रू. 25,33,038.00 (रूपया पच्चीस लाख तैंतीस हजार अड्तीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों
एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
- स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा।
किसी परिस्थिति मैं धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त/बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं
रखा जायेगा।
स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जायेगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है।
स्वीकृत धनराशि को. व्यय किए जाने A w वित्त विभाग के . कार्यालय ज्ञाप
PAT- /2020/al- -749/ae-2020-23/2020 दिनांक 24-03-2020, 07.04.2020, 8.05.2020 व
29.09.2020 तथा अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित
किया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र आयुक्त एवं निदेशक उद्योग द्वारा शासन के औद्योगिक
विकास विभाग (अनुभाग-6)/वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 को तत्काल उपलब्ध कराया जायेगा।
स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उद्योग निदेशालय, कानपुर दूवारा रखा जायेगा।
संबंधित. औद्योगिक इकाई. को. उक्त... सुविधा xara एवं. औद्योगिक निवेश
नीति-202 के प्राविधानों के अन्तर्गत दी जायेगी। अत: उक्त नीति के क्रियान्वयन हेतु निर्धारित
प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए धनराशि आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग के माध्यम से
संबंधित इकाई को नियमानुसार उपलब्ध करायी जायेगी।
आयुक्त एवं निदेशक उद्योग द्वारा वांछित धनराशि प्राप्त होने पर संबंधित इकाई दूवारा भुगतान की
गई स्टैम्प शुल्क के समतुल्य धनराशि का भुगतान सीधे इकाई के द्वारा उपलब्ध कराये गये बैंक
खाते मैं ई-कुबेर प्रणाली के माध्यम से आरटीजीएस के माध्यम से किया जायेगा।
छूट प्राप्त करने हेतु इकाई TANT प्रस्ताव प्रोजेक्ट रिपोर्ट सहित प्रमाणीकरण संस्था को प्रस्तुत किया
जायेगा। इकाई CART प्रस्तुत प्रोजेक्ट रिपोर्ट मैं भूमि की आवश्यकता व परियोजना की प्रकृति के
अनुसार मानक का परीक्षण करते हुए प्रमाणीकरण संस्था द्वारा निर्धारित प्रारूप पर प्रमाण पत्र
संबंधित जनपद के जिला उद्योग केन्द्र को प्रेषित किया जायेगा।
0 इकाई CANT प्रमाणीकरण संस्था के साथ एक अनुबन्ध किया जायेगा जिसमें निर्धारित शर्तों का उल्लेख
एवं निर्धारित अवधि मैं वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ करने अथवा अवस्थापना सुविधा से संबंधित
इकाइयों की दशा में वर्णित प्रयोजन की पूर्ति करने का आश्वासन होगा और उसमें विलम्ब की स्थिति
मैं स्टैम्प इयूटी में देय छूट के समतुल्य धनराशि की बैंक गारण्टी को निबन्धन विभाग FART भुनाकर
धनराशि को निबन्धन विभाग के उपयुक्त लेखा शीर्षक मैं जमा कराये जाने की बाध्यता का उल्लेख
होगा।
- निबंधन के पश्चात महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र निर्धारित अवधि मैं इकाई द्वारा वाणिज्यिक
उत्पादन प्रारम्भ न करने अथवा अवस्थापना सुविधाओं से संबंधित इकाइयों की दशा में निर्धारित
अवधि मैं प्रयोजन की पूर्ति न होने की स्थिति में 30 दिन के अन्दर इसकी सूचना महानिरीक्षक,
निबन्धन, उत्तर प्रदेश को उपलब्ध करायेंगे तथा महानिरीक्षक निबन्धन बैंक गारण्टी को भुनाकर
धनराशि को निबन्धन विशाग के उपयुक्त लेखा शीर्षक मैं जमा कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करायेंगे
ताकि छूट का दुरूपयोग न हो।
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व उपरोक्त इकाइयों की पात्रता एवं स्टाम्प
एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से संबंधित मद में जमा धनराशि की पुष्टि कर देय धनराशि के संबंध में
संतुष्ट हो लेंगे। प्रशासकीय विभाग धनराशि से सम्बन्धित आंकड़ो की शुद्धता सुनिश्चित करेंगे।
3- इस संबंध मे होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2020-24 के आय-व्ययक मैं उद्योग विभाग के अनुदान
संख्या-7 के लेखा शीर्षक 2885-उद्योगों तथा खनिजों पर अन्य परिव्यय,60-अन्य, 800-अन्य व्यय,
49-अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश Alfa-20i2 का कार्यान्वयन-27 सब्सिडी के नामे डाला जाएगा।
4- यह आदेश वित्त विभाग के अशा0 संख्या-ई6-264/दस-202। दिनांक-27-03-202। द्वारा प्राप्त सहमति
के तहत निर्गत किया जा रहा है।
भवदीया,
सुजाता शर्मा
विशेष सचिव।
WSAI- 6/202/098(4)/77-6-202-40(aste)/ Gala ican
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित-
(l) महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम, उ0प्र0, प्रयागराज।
(2) मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर।
(3) अपर मुख्य सचिव,सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग,उ0प्र0शासन।
(4) वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4/4
(5) वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
(6) नियोजन अनुभाग-4/4
(7) स्टाम्प एवं निबंधन विभाग (अनुभाग-7)
(8) औद्योगिक विकास अनुभाग-2
(9) गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
सुजाता शर्मा
विशेष सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |