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Date: 2025-08-25 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के अंतर्गत पात्र 03 औद्योगिक इकाईयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित किये जाने हेतु रू0 40,32,92,345.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, यहाँ दिए गए दस्तावेज़ का सारांश है: **कार्यकारी सारांश:** 25 अगस्त, 2025 के इस दस्तावेज़ में, उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत तीन पात्र औद्योगिक इकाइयों को 40,32,92,345.00 रुपये के ब्याज-मुक्त ऋण वितरित करने की वित्तीय स्वीकृति दी है। यह स्वीकृति वर्ष 2025-26 के बजट में आवंटित धनराशि के सापेक्ष है, जिसकी अंतिम तिथि अज्ञात है। यह शासनादेश इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किया गया है, इसलिए इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** * **वित्तीय स्वीकृति:** * कुल 40,32,92,345.00 रुपये के ब्याज-मुक्त ऋण के वितरण को मंजूरी दी गई। * **प्राप्तकर्ता इकाइयाँ और आवंटन:** * मेसर्स वरुण बेवरेजेज लि0, गौतमबुद्ध नगर: 2,87,51,630.00 रुपये * मेसर्स बिड़ला कॉरपोरेशन लि0 (यूनिट रायबरेली हाई-टेक सीमेंट वर्क्स), रायबरेली: 13,00,31,313.00 रुपये * मे0 वृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज प्रा0लि0, मथुरा: 24,45,09,402.00 रुपये * **शर्तें और प्रतिबंध:** * स्वीकृत धनराशि सीधे इकाई के बैंक खाते में अंतरित की जानी चाहिए। * धनराशि का उपयोग केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। * उपयोगिता प्रमाण-पत्र अनिवार्य है। * इकाइयों को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) का पूरी तरह से पालन करना चाहिए। * ऋण की वसूली का उत्तरदायित्व पिकप का होगा। * **निगरानी और अनुपालन:** * पिकप को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इकाइयों को अनुमन्य ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है। * विलम्ब पर 1.25% प्रतिमाह का ब्याज लगाया जाएगा। * आवश्यकता का आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा किया जाएगा। * वितरित ऋण की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए। * **वित्तीय व्यय और आवंटन** * व्यय अनुदान संख्या-007 के अंतर्गत लेखों के मुख्य शीर्ष 6885011900700 में डाला जाना है **प्रभाव विश्लेषण:** **पियूष वर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन** * प्रभाव: स्वीकृति और दिशानिर्देश जारी करने के लिए जिम्मेदार। * आवश्यक कार्रवाई: यह सुनिश्चित करें कि धनराशि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आवंटित और वितरित की जाए। **संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ** * प्रभाव: योजनाओं के कार्यान्वयन और निरीक्षण के लिए जिम्मेदार * आवश्यक कार्रवाई: निधि वितरण का समन्वय करें, धनराशि के उपयोग का निरीक्षण करें और शासनादेश में उल्लिखित शर्तों का पालन सुनिश्चित करें। **पात्र औद्योगिक इकाइयाँ (मेसर्स वरुण बेवरेजेज लि0, मेसर्स बिड़ला कारपोरेशन लि0, मे0 वृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज प्रा0लि0)** * प्रभाव: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत ब्याज-मुक्त ऋण के प्राप्तकर्ता। * आवश्यक कार्रवाई: धनराशि प्राप्त करें, नियमावली-2012 में उल्लिखित शर्तों का पालन करें, निधि का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए करें, और पिकप के साथ उपयोगिता रिपोर्ट और खातों को प्रदान करें। **पिकप** * प्रभाव: इस योजना के तहत ऋण की मंजूरी, वितरण और वसूली के लिए जिम्मेदार एजेंसी। * आवश्यक कार्रवाई: यह सुनिश्चित करें कि इकाइयाँ मानदंडों को पूरा करें, धनराशि का वितरण करें, धन की वसूली का निरीक्षण करें, राजकोष के साथ समय पर पुनर्भुगतान सुनिश्चित करें और किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए जवाबदेह बनें। **महालेखाकार, कोषागार निदेशक, मुख्य कोषाधिकारी** * प्रभाव: वित्तीय लेनदेन, लेखांकन और लेखा परीक्षा में शामिल सरकारी विभाग। * आवश्यक कार्रवाई: लेनदेन को संसाधित करें, धनराशि का सही लेखांकन सुनिश्चित करें और दिशानिर्देशों का अनुपालन करें।

Key Entities Referenced

औ‌द्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना जिसके तहत औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश राज्य सरकार पिकप: शायद 'पिकअप' के लिए इस्तेमाल किया गया है, दस्तावेज़ में स्पष्ट नहीं है लेकिन धनराशि के लेखा-जोखा, उपयोगिता प्रमाणपत्र और पात्र इकाइयों को ऋण वसूली के लिए जिम्मेदार है। औ‌द्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012: औ‌द्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 को नियंत्रित करने वाले नियम। लखनऊ: मण्डल का नाम जहाँ संयुक्त आयुक्त (उद्योग) स्थित है।
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° सख्या- 66/2025/804/77-6-2025/887857 प्रेषक, पीयूष वर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन सेवा में, संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ । औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 25-08-2025 विषय:-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के अंतर्गत पात्र 03 औद्योगिक इकाईयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित किये जाने हेतु रू0 40,32,92,345.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक पिकप के. पत्र संख्या-इन्स-40-49/आई.आई.पी.एस./202//0.४// 07 दिनांक 24.04.2025 (छायाप्रति eet) एवं... पत्र. संख्या-इन्स-0-9/आई.आई. GY.0e./2072/Vol.V/407 दिनांक 08.07.2025 (छायाप्रति संलग्न) द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के अन्तर्गत 03 पात्र इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक में योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि FO (25.00 करोड़ H सापेक्ष कुल रू. 40,32,92,345.00(रू. चालीस करोड़, बत्तीस लाख, बानवे हजार, तीन सौ, पैतालीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाईयों का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत है:- (धनराशि रूपये में) rap का नाम वितृतीय ब्याज मुकृतऋण की सवीकृतड़काइयों को वितरित की जान वर्ष धनराशि वाली धनराशि | मेसर्स वरूण बेवरेजेज लिए0, गौतमबुदूध 2023-24 2,87 ,5,630.00 2,87,5/,630.00 ac 2 jae बिरला कारपोरेशन लि0 (यूनिट 2022-23 3,00,3,33.00 3,00,3,33.00 यबरेली हाई-टेक सीमेन्ट वर्क्स), रायबरेली I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |AO ब्रिन्दावन Val इण्डस्ट्रीज 3 2022-23 24,45,09,402.00 24,45,09,402.00 MOTO, मथुरा योग 40,32,92,345.00 40,32,92,345.00 2-0 अत: इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक A प्राविधानित धनराशि रू. 25.00 करोड़ (रूपया... Uh अरब, पच्चीस करोड़. मात्र). .. के... सापेक्ष कुल रू. 40,32,92,345.00 (रू. चालीस करोड़, बत्तीस लाख, बानवे हजार, तीन at, पैतालीस मात्र) की धनराशि आपके निर्वतन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय स्वीकृति निर्गत/अवमुक्त किए जाने की एतद्द्वारा श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्ध:- l. स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे अन्तरित की जाएगी। 2. किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। 3. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। 4. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप दूवारा रखा जाएगा। 5. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबन्ध निदेशक, पिकप द्‌वारा हस्ताक्षरित कर संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ के माध्यम से तत्काल शासन को औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। 6. स्वीकृत धनराशि उन पात्र इकाईयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। 7. पात्र इकाईयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप का होगा। पिकप द्वारा इकाईयों को स्वीकृत किए गए ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त आवश्यक अनुबन्ध/औपचारिकताएं पूर्ण की जाएगी। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |8. पिकप का यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र इकाईयों को अनुमन्य ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है। स्वीकृत की जा रही धनराशि की शुद्धता पिकप cant सुनिश्चित की जाएगी। 9. पिकप cant भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित इकाई दूवारा ऋण अदायगी किए जाने के 02-03 कार्यदिवसो के अन्दर धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाए। 0. ऋण वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूली जाने वाली ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। . स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जाएगा। 2. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ दूवारा किया जाएगा। पिकप उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ CANT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरांत ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। i3. पिकप दूवारा वितरित ऋण की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली में शिथिलता Ia जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विभाग द्वारा की जाएगी। 4. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक)अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 27.03.2025 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 5. किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए पिकप उत्तरदायी होगा। i6. पिकप दूवारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202 के प्रावधानों के अनुसार इकाई की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को स्वीकृत किये गए ऋण की वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर of गयी हैं एवं इस आशय की आख्या पिकप cant संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को उपलब्ध कराने के पश्चात ही उनके दूवारा धनराशि अन्तरित की जाएगी। 7. पिकप धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। is. पिकप दूवारा किसी प्रकार की दूविरावृत्ति (डुपलीकेसी) पर रोक लगायी जा सके | 3- इस संबंध में होने वाला व्यय रूपया 40,32,92,345.00 (रूपया चालीस करोड़, बत्तीस लाख, बानवे हजार, तीन सौ, पैतालीस मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-2026 के आय-व्ययक I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |मे अनुदान संख्या-007 लेखा शीर्षक 68850900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना- 202 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 4- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-£-6-8-20-2025-26, दिनांक 9.08.2025 मैं प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। संलग्नक : यथोक्त। भवदीय, पीयूष वर्मा विशेष सचिव। संख्या- 66/2025/804()/77-6-2025/88785 तद्दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- . 2. yn 9 uF महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) WAA/aiddia, उ०प्र०, प्रयागराज। निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। w& निदेशक, कोषागार, उत्तर प्रदेश। मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। प्रबन्ध निदेशक, Tag को. पत्र Bee-Srs-0-79/378. 8. 9. 37S. 47.0./202/Vol.V/ 07 दिनांक 24.04.2025 Va पत्र. संख्या-इन्स-0-9/आई.आई.पी.एस./202//0./ /407 दिनांक 08.07.2025 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-/4 0. वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 42, नियोजन अनुभाग-/4 i2. औद्योगिक विकास अनुभाग-2 3. गार्ड फाइल।| आज्ञा से, रामध्यान रावत उप सचिव | 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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