**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी एक वित्तीय स्वीकृति है, जिसका उद्देश्य औद्योगिक निवेश नीति-2012 के तहत तीन इकाइयों को स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए 12,16,722.00 रुपये की राशि प्रदान करना है। यह स्वीकृति आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश, कानपुर से प्राप्त अनुरोध पर आधारित है और वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए प्रासंगिक व्यय निर्देशों का पालन करती है। यह दस्तावेज़ 15 सितंबर, 2021 को जारी किया गया था।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*वित्तीय अनुमोदन*
- कुल 12,16,722.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति तीन औद्योगिक इकाइयों को स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए जारी की गई है, जो औद्योगिक निवेश नीति-2012 के तहत अर्हता प्राप्त हैं।
- यह राशि वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में उद्योगों और खनिजों पर अन्य परिव्यय शीर्षक के तहत आवंटित की गई है।
*इकाई विवरण*
- दस्तावेज़ में स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए स्वीकृत तीन इकाइयों के नाम, निबंधन की तिथियाँ, वाणिज्यिक उत्पादन की तिथियाँ और प्रतिपूर्ति के लिए पात्र पाए गए शुल्क शामिल हैं।
- इकाइयों में मेसर्स त्रिमूर्ति टेक्सटाइल, मेसर्स ओम शांति इंडस्ट्रीज और मेसर्स हिंगलाज फ़ूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
*शर्तें और प्रतिबंध*
- स्वीकृत धनराशि राजकोष से तत्काल आवश्यकता के आधार पर ही आहरित की जाएगी और इसे अन्य खातों में नहीं रखा जाएगा।
- स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए इसे स्वीकृत किया गया है।
- आयुक्त एवं निदेशक उद्योग यह सुनिश्चित करेंगे कि धनराशि संबंधित इकाई को केवल औद्योगिक निवेश नीति-2012 के प्रावधानों के अनुसार प्रदान की जाए।
- छूट प्राप्त करने के लिए इकाई को परियोजना रिपोर्ट सहित प्रमाणीकरण संस्था को प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। इकाई द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट रिपोर्ट में भूमि की आवश्यकता व परियोजना की प्रकृति के अनुसार मानक का परीक्षण करते हुए प्रमाणीकरण संस्था द्वारा निर्धारित प्रारूप पर प्रमाण पत्र संबंधित जनपद के जिला उद्योग केन्द्र को प्रेषित किया जायेगा।
- इकाई द्वारा प्रमाणीकरण संस्था के साथ एक अनुबन्ध किया जायेगा जिसमें निर्धारित शर्तों का उल्लेख एवं निर्धारित अवधि में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ करने अथवा अवस्थापना सुविधा से संबंधित इकाइयों की दशा में वर्णित प्रयोजन की पूर्ति करने का आश्वासन होगा और उसमें विलम्ब की स्थिति में स्टैम्प ड्यूटी में देय छूट के समतुल्य धनराशि की बैंक गारण्टी को निबन्धन विभाग द्वारा भुनाकर धनराशि को निबन्धन विभाग के उपयुक्त लेखा शीर्षक में जमा कराये जाने की बाध्यता का उल्लेख होगा।
- निबंधन के पश्चात महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र निर्धारित अवधि में इकाई द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ न करने अथवा अवस्थापना सुविधाओं से संबंधित इकाइयों की दशा में निर्धारित अवधि में प्रयोजन की पूर्ति न होने की स्थिति में 30 दिन के अन्दर इसकी सूचना महानिरीक्षक, निबन्धन, उत्तर प्रदेश को उपलब्ध करायेंगे तथा महानिरीक्षक निबन्धन बैंक गारण्टी को भुनाकर धनराशि को निबन्धन विभाग के उपयुक्त लेखा शीर्षक में जमा कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करायेंगे ताकि छूट का दुरूपयोग न हो।
- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व उपरोक्त इकाइयों की नीति के अन्तर्गत निर्गत शासनादेश के अनुसार पात्रता एवं स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से संबंधित मद में जमा धनराशि की पुष्टि कर देय धनराशि के संबंध में संतुष्ट हो लेंगे तथा धनराशि से सम्बन्धित आंकड़ो की शुद्धता सुनिश्चित करेंगे।
*भुगतान प्रक्रिया*
- आयुक्त और निदेशक उद्योग द्वारा वांछित धनराशि प्राप्त होने पर, संबंधित इकाई द्वारा भुगतान की गई स्टाम्प शुल्क के समतुल्य धनराशि का भुगतान सीधे इकाई के द्वारा उपलब्ध कराये गये बैंक खाते में ई-कुबेर प्रणाली के माध्यम से आरटीजीएस के माध्यम से किया जायेगा।
*अनुपालन और रिपोर्टिंग*
- स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र आयुक्त एवं निदेशक उद्योग द्वारा शासन के औद्योगिक विकास विभाग (अनुभाग-6) को उपलब्ध कराया जायेगा।
- उद्योग निदेशालय, कानपुर द्वारा स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा रखा जाएगा।
- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग धनराशि अवमुक्त करने से पहले पात्रता सत्यापित करेंगे और धनराशि के संबंध में डेटा की सटीकता सुनिश्चित करेंगे।
**प्रभाव विश्लेषण (मुख्य शीर्षक):**
**प्रमुख हितधारक:**
1. मेसर्स त्रिमूर्ति टेक्सटाइल
**प्रभाव:** स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति से वित्तीय भार कम होता है, जिससे औद्योगिक इकाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
**आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना रिपोर्ट के साथ प्रमाणीकरण संस्था को प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा, अनुमोदन के बाद ई-कुबेर के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने के लिए बैंक विवरण प्रदान करना होगा और शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र देना होगा।
2. मेसर्स ओम शांति इंडस्ट्रीज
**प्रभाव:** स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति से वित्तीय भार कम होता है, जिससे औद्योगिक इकाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
**आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना रिपोर्ट के साथ प्रमाणीकरण संस्था को प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा, अनुमोदन के बाद ई-कुबेर के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने के लिए बैंक विवरण प्रदान करना होगा और शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र देना होगा।
3. मेसर्स हिंगलाज फ़ूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
**प्रभाव:** स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति से वित्तीय भार कम होता है, जिससे औद्योगिक इकाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
**आवश्यक कार्रवाई:** परियोजना रिपोर्ट के साथ प्रमाणीकरण संस्था को प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा, अनुमोदन के बाद ई-कुबेर के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने के लिए बैंक विवरण प्रदान करना होगा और शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र देना होगा।
4. आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर
**प्रभाव:** यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है कि धनराशि का भुगतान संबंधित इकाई को केवल औद्योगिक निवेश नीति-2012 के प्रावधानों के अनुसार किया जाए और उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को प्रस्तुत किए जाएँ।
**आवश्यक कार्रवाई:** धन जारी करने से पहले इकाई की पात्रता की पुष्टि करें, सुनिश्चित करें कि भुगतान किए गए स्टाम्प शुल्क के बराबर राशि संबंधित इकाई के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से स्थानांतरित की जाए और औद्योगिक विकास विभाग और वित्त विभाग को उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए।
5. महानिरीक्षक, निबंधन, उत्तर प्रदेश
**प्रभाव:** यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है कि इकाई वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने या निर्धारित अवधि के भीतर प्रयोजन को पूरा करने में विफल रहने की स्थिति में बैंक गारंटी को भुनाया जाए।
**आवश्यक कार्रवाई:** वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने या निर्धारित अवधि के भीतर प्रयोजन को पूरा करने में विफल रहने की स्थिति में बैंक गारंटी को भुनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें ताकि छूट का दुरुपयोग न हो।
6. लेखाकार जनरल (लेखा और हकदारी) प्रथम, यू.पी., प्रयागराज और मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर
**प्रभाव:** सूचना के लिए।
**आवश्यक कार्रवाई:** कोई कार्रवाई आवश्यक नहीं है।
7. अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, यू.पी. सरकार और वित्त विभाग
**प्रभाव:** यू.पी. सरकार की नीतियां और वित्तीय नियम प्रभावित होते हैं।
**आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि औद्योगिक निवेश नीति-2012 का कार्यान्वयन मौजूदा नीतियों के अनुरूप है, और इस व्यय पर उचित वित्तीय नियंत्रण और पर्यवेक्षण बनाए रखें।
Key Entities Referenced
अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012: उत्तर प्रदेश सरकार की एक नीति जिसका उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है।
आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर: यह संगठन स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति से संबंधित कार्यों को करता है।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो औद्योगिक विकास से संबंधित मामलों को संभालता है।
उत्तर प्रदेश शासन: यह विभाग वह है जो नीति को जारी करता है और धन आवंटित करता है।
उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश, कानपुर: यह संगठन स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति के दावों की सिफारिश करता है।
संख्या-27/202/229/77-6-202-6099/304/202
रजनी died पाण्डेय,
अनु सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
आयुक्त एवं निदेशक उद्योग,
उद्योग निदेशालय,
कानपुर |
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक i5 सितम्बर, 202!
विषय- अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश aifa-20:2 के अन्तर्गत 03 इकाइयों को स्टाम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति
हेतु धनराशि &.I2,6,722.00 की वित्तीय स्वीकृति।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, Scat प्रदेश,
कानपुर के पत्र संख्या-3869/औ0आ0एअनु0-/स्टैम्प Yow प्रतिपूर्ति/ 2020-2 दिनांक 7-03-202। एवं
पत्रांक-7664/औए0आएअनु0-'/स्टैम्प शुल्क UfAgia/2020-2 दिनांक 04-08-202 द्वारा योजनान्तर्गत पात्र
कुल 03 इकाइयों को स्टाम्प You की धनराशि .2,6,722.00 (रूपया बारह लाख सोलह हजार सात at
ase मात्र) की प्रतिपूर्ति किये जाने हेतु संस्तुति सहित वित्तीय स्वीकृत निर्गत किये जाने का अनुरोध किया गया
है, पात्र इकाईयों का विवरण निम्नवत् है:-
HO | इकाई का नाम | विलेख वाणिज्यिक | उत्पाद का नाम | शासनादेश. | शासनादेश. सं0- | प्रतिपूर्ति
निबन्धन उत्पादन की दि. 848/77-6-3- | योग्य. पायी
की तिथि तिथि 05.2.0i2 | 5(WH) 705 दि | गयी धनराशि
के अन्तर्गत | 04.06.203
आच्दादित
प्रस्तर एवं
प्रतिपूर्ति का
प्रतिशत
bot | 2 3 4 5 6... | 7 8... |
vee ... त्रिमूर्ति | 07.04.204 | ॥.06.206 | कैनवास/सिटिंग 5..(घ) 254.48X250% = ,5,25.00
टेक्सटाइल,पी- ror, बैडशीट a | 75% 636.20 वर्ग मी.
68, _ टेक्सटाइल पिलो कवर आदि। | (पश्चिमांचल) | at कि भूमि के
सेंटर, पिलखुओआ वास्तविक क्षेत्रफल
हापुड़ | 447 वर्ग मीटर
से अधिक है।
अत: भूमि के
वास्तविक क्षेत्रफल
447 वर्ग मीटर पर
प्रतिपूर्ति अनुमन्य
होगी।
2 मेसर्स ओम | 28.03.203. | 0.04.206 | कैनवास/सिटिंग 5.7.(घ) 267.97X250% = 65,562.00
शान्ति Fore | 75% 669.925 gat मी.
इण्डस्ट्रीज th (पश्चिमांचल) | जो कि भूमि के
67, _ टेक्सटाइल वास्तविक क्षेत्रफल
सेंटर, पिलखुओआ 446.62 वर्ग मी0
ays | से अधिक है।
4- Be शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |अत: भूमि के
वास्तविक क्षेत्रफल
446.62 वर्ग मीटर
पर प्रतिपूर्ति
अनुमन्य होगी।
3 मेसर्स 0.0.20I3 | 0.0.204... Biscuits, cakes, 5..(@) 57.40X250% =| 0,36,035.00
HINGLAS (Manufacturing) | 700% | 42850 वर्ग मी
PRODUCTS जो कि भूमि के
PVT.LTD.CF- वास्तविक क्षेत्रफल
INDUSTRIAL. 897 वर्ग मी0 से
AREA SITE-3 अधिक है।
NAGAR- Ha: भूमि. के
208022 वास्तविक क्षेत्रफल
897 वर्ग मीटर पर
प्रतिपूर्ति _ अनुमन्य
होगी।
योग- (रूपया ANS लाख सोलह हजार सात सौ बाइस मात्र) | :2,6,722.00
2- इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष 202-22 के आय-व्ययक में अनुदान
संख्या-7 के लेखा शीर्षक 2885-उद्योगों तथा खनिजों पर अन्य परिव्यय (क्रमशः)-60-अन्य(क्रमशः)-800-अन्य
व्यय(क्रमश: )-9-अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश alfa-20i2 का कार्यान्वयन-27 सब्सिडी में प्राविधानित
धनराशि रू. 306.52 करोड़ (रूपये तीन at G: करोड़ बावन लाख मात्र) के सापेक्ष के सापेक्ष अवस्थापना एवं
औद्योगिक निवेश aifa-20i2 के अन्तर्गत उपर्युक्त 03 इकाइयों के स्टैम्प शुल्क की प्रतिपूर्ति हेतु समेकित रूप से
धनराशि ¥.2,6,722.00 (रूपया बारह लाख सोलह हजार सात at asa मात्र)की वित्तीय स्वीकृति
निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -
. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा।
2. किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त/बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं
रखा जायेगा।
स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जायेगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है।
स्वीकृत धनराशि व्यय किए जाने A पूर्व वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप
दिनांक 22-03-202। तथा अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित किया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र आयुक्त एवं निदेशक उद्योग द्वारा शासन के औद्योगिक
विकास विभाग (अनुभाग-6)/वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 को तत्काल उपलब्ध कराया जायेगा।
स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उद्योग निदेशालय, कानपुर द्वारा रखा जायेगा।
संबंधित औद्योगिक इकाई को उक्त सुविधा अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश aifa-20:2 के प्राविधानों
के अन्तर्गत दी जायेगी। अत: Sea नीति के क्रियान्वयन हेतु निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित
करते हुए धनराशि आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग के माध्यम से संबंधित इकाई को नियमातुसार उपलब्ध
करायी जायेगी।
आयुक्त एवं निदेशक उद्योग द्वारा वाछित धनराशि प्राप्त होने पर संबंधित इकाई द्वारा भुगतान की गई
स्टैम्प शुल्क के समतुल्य धनराशि का भुगतान सीधे इकाई के द्वारा उपलब्ध कराये गये बैंक खाते में
ई-कुबेर प्रणाली के माध्यम से आरटीजीएस के माध्यम से किया जायेगा।
Ge प्राप्त करने हेतु इकाई द्वारा प्रस्ताव प्रोजेक्ट रिपोर्ट सहित प्रमाणीकरण संस्था को प्रस्तुत किया
जायेगा। इकाई द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट रिपोर्ट में भूमि की आवश्यकता व परियोजना की प्रकृति के
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट hittp://shasanadesh.up.gov.in AW सत्यापित की जा सकती है |अनुसार मानक का परीक्षण करते हुए प्रमाणीकरण संस्था द्वारा निर्धारित प्रारूप पर प्रमाण पत्र संबंधित
जनपद के जिला उद्योग केन्द्र को प्रेषित किया जायेगा।
0. इकाई द्वारा प्रमाणीकरण संस्था के साथ एक अनुबन्ध किया जायेगा जिसमें निर्धारित शर्तों का उल्लेख
एवं निर्धारित अवधि में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारमभ करने अथवा अवस्थापना सुविधा से संबंधित
इकाइयों की दशा में वर्णित प्रयोजन की पूर्ति करने का आश्वासन होगा और उसमें विलम्ब की स्थिति
में स्टैम्प इयूटी में देय छूट के समतुल्य धनराशि की बैंक गारण्टी को निबन्धन विभाग द्वारा भुनाकर
धनराशि को निबन्धन विभाग के उपयुक्त लेखा शीर्षक में जमा कराये जाने की बाध्यता का उल्लेख
Sra |
निबंधन के पश्चात मह्दाप्रबन्धक जिला उयोग केन्द्र निर्धारित अवधि A इकाई द्वारा वाणिज्यिक
.
उत्पादन प्रारम्भ न करने अथवा अवस्थापना सुविधाओं से संबंधित इकाइयों की दशा में निर्धारित
अवधि में प्रयोजन की पूर्ति न होने की स्थिति में 30 दिन के Heat इसकी सूचना महानिरीक्षक,
निबन्धन, उत्तर प्रदेश को उपलब्ध करायेंगे तथा महानिरीक्षक निबन्धन बैंक गारण्टी को भुनाकर
धनराशि को निबन्धन विभाग के उपयुक्त लेखा शीर्षक में जमा कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करायेंगे
ताकि छूट का दुरूपयोग न हो।
2, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग धनराशि Haq करने के पूर्व उपरोक्त इकाइयों की नीति के अन्तर्गत
निर्गत शासनादेश के अनुसार पात्रता एवं स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से संबंधित मद A जमा
धनराशि की पुष्टि कर देय धनराशि के संबंध में संतुष्ट हो लेंगे तथा धनराशि से सम्बन्धित आंकड़ो की
शुद्धता सुनिश्चित करेंगे।
3. इस संबंध मे होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 202i-22 के आय-व्ययक में उद्योग विभाग के अनुदान
संख्या-7 के लेखा शीर्षक 2885-उद्योगों तथा खनिजों पर अन्य परिव्यय,60-अन्य, 800-अन्य व्यय,
9-अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश atea-20i2 का कार्यान्वयन-27 सब्सिडी के ATA डाला जाएगा।
3 यह आदेश वित्त विभाग के अशा0 ACAT-S-6-02-GH-202-22 दिनांक-0.09.202 द्वारा Wa सहमति
के ded निर्गत किया जा रहा है।
भवदीय,
रजनी led पाण्डेय
अनु सचिव।
UGA-27/202/(229/77-6-202'-6099/304/202ldtealich
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: -
(i) महालेखाकार (लेखा एवं SHant) प्रथम, उ0प्र0, प्रयागराज।
(2) मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर |
(3) अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, ऊउ0प्र0 शासन।
(4) वित्त (आय-व्ययक) अलुभाग-/4
(5) वित्त (व्यय-नियंत्रण) अलुभाग-6
(6) नियोजन अनुभाग-4/4
(7) स्टाम्प एवं निबंधन विभाग (अनुभाग-7)
(8) औद्योगिक विकास अनुभाग-2
(9) गार्ड फाइल।
आजा से,
रजनी led पाण्डेय
अनु सचिव।
l- Ge शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट hittp://shasanadesh.up.gov.in AW सत्यापित की जा सकती है |