ज़रूर, दिए गए नीति पाठ का सारांश यहाँ है:
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ दो पात्र इकाइयों को उनके बकाया 10% ब्याज मुक्त ऋणों को वितरित करने के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012 के तहत ₹1,85,11,026 की वित्तीय स्वीकृति को मंजूरी देता है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए योजना के तहत आवंटित बजट के सापेक्ष है। इस वित्तीय स्वीकृति का उद्देश्य दो इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋणों के शेष वितरण की सुविधा प्रदान करना है, जिससे 2012 की औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना को लागू किया जा सके।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*वित्तीय स्वीकृति*
- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012 के तहत पात्र इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण के शेष 10% को वितरित करने के लिए कुल ₹1,85,11,026 की स्वीकृति।
- स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आवंटित बजट के सापेक्ष है।
*धनराशि का वितरण*
- इकाई का नाम 1: मैंगलाम सीमेंट लिमिटेड, अलीगढ़ के लिए स्वीकृत राशि ₹1,31,21,163।
- इकाई का नाम 2: मून बेवरेजेस लिमिटेड, ग्रेटर नोएडा के लिए स्वीकृत राशि ₹53,89,863।
- स्वीकृत धनराशि लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे जमा की जाएगी।
*नियम और शर्तें*
- किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पहले से आहरित नहीं किया जाना चाहिए।
- स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए किया जाएगा।
- पिकप स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा रखेगा।
- पिकप उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेगा और इसे संबंधित विभागों को उपलब्ध कराएगा।
- यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पात्र इकाइयाँ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 का पालन करती हैं।
- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली के लिए पिकप उत्तरदायी होगा।
- पिकप यह सुनिश्चित करेगा कि ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुरूप है।
- विलंब से भुगतान की स्थिति में, इकाई से वसूली जाने वाली राशि (1.25% प्रतिमाह साधारण ब्याज) को राजकोष में जमा किया जाएगा।
- स्वीकृत धनराशि का आहरण आवश्यकता के आधार पर ही किया जाएगा।
- स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा।
- पिकप द्वारा वितरित ऋण की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी।
- स्वीकृत धनराशि के व्यय से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए पिकप उत्तरदायी होगा।
- पिकप द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2012 के प्रावधानों के अनुसार इकाई की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
- पिकप धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
- पिकप शासनादेश संख्या-1418/77-6-2024-6002(099)/9/2021, दिनांक 19.06.2024 का अनुपालन सुनिश्चित कराने का कष्ट करें।
*विविध*
- व्यय को अनुदान संख्या-007 के नामे डाला जाएगा।
- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप संख्या-1/2024/बी-1-294/दस-2020-231/2024, दिनांक 04 मार्च, 2024 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अन्तर्गत निर्गत किये जा रहे है।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:**
संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ
*प्रभाव:*
आवश्यकता का आकलन करें, ऋण वितरण की निगरानी करें और धन के उपयोग के बारे में संतुष्ट हों।
*आवश्यक कार्रवाई:*
पिकअप द्वारा उपलब्ध कराए गए ऋणों के सापेक्ष ऋण वितरण की निगरानी करें, संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा धन के उपयोग के बारे में संतुष्ट हों और अगली किस्त की आहरण के लिए पात्र इकाइयों को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष धन के उपयोग से संतुष्ट होने के बाद धन जारी करें।
**हितधारक:**
प्रबन्ध निदेशक, पिकप
*प्रभाव:*
धनराशि को संभालने और यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है कि इसका उपयोग नियमों के अनुसार किया जाए।
*आवश्यक कार्रवाई:*
उपयोगिता प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर करें, धन के उपयोग और नियमावली के अनुपालन को प्रमाणित करें और संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को आख्या उपलब्ध कराने के पश्चात ही धनराशि अंतरित की जाएगी।
**हितधारक:**
औद्योगिक विकास विभाग
*प्रभाव:*
योजना के कार्यान्वयन की निगरानी करना।
*आवश्यक कार्रवाई:*
औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित (आय व्ययक) अनुभाग-4 को प्रगति रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रदान करना और इकाई की पात्रता के संबंध में जानकारी प्राप्त करना।
**हितधारक:**
वित्त विभाग
*प्रभाव:*
धन का आवंटन और वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित करना।
*आवश्यक कार्रवाई:*
स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
**हितधारक:**
पात्र औद्योगिक इकाइयाँ (मैंगलाम सीमेंट लिमिटेड, अलीगढ़ और मून बेवरेजेस लिमिटेड, ग्रेटर नोएडा)
*प्रभाव:*
ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त करना, जो उनकी वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
*आवश्यक कार्रवाई:*
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करें।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए एक योजना, जिसका उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना है
पिकप (PICUP): प्रादेशिक औद्योगिक एवं निवेश निगम उत्तर प्रदेश (Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP), एक एजेंसी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012 के तहत वित्तीय सहायता और निगरानी के लिए जिम्मेदार है
औद्योगिक विकास अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार का औद्योगिक विकास विभाग, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012 के प्रशासन और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश राज्य सरकार, इस नीति और वित्तीय स्वीकृति के लिए शासी निकाय
W°EAT-79/2025/95/77-6-2025-6002(099)/2/2022
प्रेषक,
पीयूष वर्मा,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
संयुक्त आयुक्त,
उद्योग,
लखनऊ मण्डल, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: feet _4-03-2025
विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 20i2 के क्रियान्वयन हेतु Fe 7,85,7,026.00
की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक पिकप के yalh-srq-70-79/37S.38.0.Ua.-202/Vol.V/I28
दिनांक 23.0.2025 gant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Alotet-20I2 के अन्तर्गत 02 पात्र
इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याज मुक्त ऋण की अवशेष 0 प्रतिशत धनराशि वितरित
करने हेतु वितीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक में योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि रु०
25.00 करोड़ के सापेक्ष कुल Fo 7,85,77,026.00 (रुपया एक करोड़ पच्चासी लाख ग्यारह
हजार छब्बीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र
इकाईयों का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत हैः-
(धनराशि रूपये में)
लि इकाई का नाम वित्तीय at ब्याज ana ऋणासवीकृत धनराशि केड़काइयों Fr 0
_ वीकृतसापेक्ष 90 प्रतिशतप्रतिशत वितरित की
ण की वितरित Pettey वाली धनराशि
गई धनराशि
- HO मंगलम सीमेनट Te0)2024-22 |43,42,4,637.00 |/,80,90,468.00 |4,37,2,63.00
TaTe
2- HO मून बेवरेजज fer0,|2079-20 5,38,98,634.00 |4,85,08,77.00 53,89,863.00
ग्रेटर नोएडा
योग... | 8,5,0,265.00 |6,65,99,239.00 ,85,,026.00
2-इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-
20i2 के क्रियान्वयन हेतु चितीय वर्ष 2024-25 के आय-व्ययक मै प्राविधािनित धनराशि
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |रु.25.00 करोड़ रूपये एक सौ पच्चीस करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त दो हवाईयों को व्याज
मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु उक्त तालिका के स्तम्भ 6 में अंकित धनराशि Fo
,85,,026.00 (रूपया एक करोड़ पचूचासी लाख ग्यारह हजार Basta मात्र) की वित्तीय
स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की एतद्द्वारा श्री
राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
नियम व शर्ते/प्रतिबन्धों
. तालिका के Fara 6 में दर्शायी गयी उक्त स्वीकत Pa धनराशि का भुगतान उक्त
लाभार्थी कम्पनी के बैंक खाते A सीधे अन्तरित कर जमा की जाएगी।
. किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य
किसी खाते मैं नहीं रखा जाएगा।
. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत
किया गया है।
स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा।
. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबन्ध निदेशक, पिकप दूवारा हस्ताक्षरित
कर संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ के माध्यम से तत्काल शासन
के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त
संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा।
. स्वीकृत धनराशि उन पात्र इकाईयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावली-202 (यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित करती हो।
पात्र इकाईयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप का होगा।
पिकप दूवारा इकाईयों को स्वीकृत किए गए ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावत्री 20i2 में दिए गए. प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था
सुनिश्चित की. जाएगी तथा धनराशि की. सुरक्षा हेतु समस्त आवश्यक
अनुबन्ध/औपचारिकताएं पूर्ण की जाएगी।
पिकप दूवारा यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र इकाईयों को अनुमन्य
ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है
अथवा नहीं।
ऋण वापसी A विलम्ब करने वाली इकाई से वसूली जाने वालीज (7.25 प्रतिशत
प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |[0.स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही
किया जाएगा।
lL.tapa धनराशि का. आहरण एक माह Al आवश्यकतानुस्वर॒ किया. जाएगा।
आवश्यकता का आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ GANT
किया जाएगा। पिकप उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप दूवारा ऋण वितरण
का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ CART किया
जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरांत ही अगली
किश्त का आहरण किया जाएगा।
2.पिकप cant वितरित ऋण की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली
में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय
विभाग दूवारा की जाएगी।
|3.स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के
कार्यालय AM दिनांक 04.03.2024 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-
निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
4.किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए पिकप उत्तरदायी होगा।
[5.पिकप दूवारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 20(2 के प्रावधानों के अनुसार
इकाई की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे
कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को
स्वीकृत किये गए ऋण की वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु
समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गयी हैं एवं इस आशय की आख्या पिकप द्वारा
संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को उपलब्ध कराने के पश्चात ही
उनके GANT धनराशि अन्तरित की जाएगी।
|6.पिकप धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का
परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
|7.पिकप ... . शासनादेश... संख्या-448/77-6-2024-6002(099)/9/202, .... दिनांक
9.06.2024 का अनुपालन सुनिश्चित कराने का कष्ट करें।
3- इस संबंध में होने वाला व्यय Fo 7,85,/,026.00 (रुपया एक करोड़ पच्चासी लाख
ग्यारह हजार छब्बीस मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2024-2025 के आय-व्ययक मे अनुदान
संख्या-007 लेखा शीर्षक 68850900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202
मानक मद-30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा।
4- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप संख्या-4/2024/बी--
294/दस-2020-23/2024, दिनांक 04 मार्च, 2024 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत
प्रतिनिधानित अधिकार के अन्तर्गत निर्गत किये जा रहे है।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |भवदीय,
पीयूष वर्मा
विशेष सचिव।
WEAT-9/2025/95( )/77-6-2025-6002(099)/2/2022 तदिनांक।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :-
महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम / adda, उ०प्र०, प्रयागराज।
.
मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ कानपुर ।
2.
अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग,
3.
उ०प्र० शासन।
नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ०प्र० शासन।
प्रबन्ध निदेशक, पिकप को Waleh-Sed-0-9/3iS.3778.47.0a.-202/Vol.V/428
a
दिनांक 23.0.2025 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु |
6. आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर |
7. निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4/4
8.
9. वित (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
0. नियोजन अनुभाग-/4
7. औद्योगिक विकास अनुभाग- 2
2. गार्ड फाइल।|
आज्ञा से,
राम ध्यान रावत
उप सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |