**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़, जो उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी किया गया है और 3 मार्च, 2022 का है, औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के कार्यान्वयन के लिए कुल ₹13,37,81,000.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए चार पात्र इकाइयों को ऋण वितरित करने के लिए है और उद्योग विभाग को अनुदान संख्या-7 के तहत वित्त पोषित की जाएगी। इसमें इकाइयों के लिए धनराशि के वितरण से जुड़ी विशिष्ट शर्तें और दिशानिर्देश शामिल हैं, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही और राज्य सरकार के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
**मुख्य बातें/मुख्य सामग्री:**
* **वित्तीय स्वीकृति:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत चार पात्र इकाइयों को ऋण वितरित करने के लिए कुल ₹13,37,81,000.00 की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
* **इकाई आवंटन:** चार इकाइयों को आवंटित धन इस प्रकार है:
* मे० मून बेवरेजेज़ लि० ग्रेटर नोएडा: ₹4,47,07,665.00
* मे०गनपति एडवाईजरी लि०, रायबरेली: ₹3,32,76,477.00
* मे0 अमृत बॉटलर्स प्रा०लि०, फैजाबाद: ₹3,24,41,234.00
* मे0 अमृत बॉटलर्स प्रा०लि०, फैजाबाद: ₹2,33,55,832.00
* **शर्तें एवं प्रतिबंध:**
* धनराशि सीधे इकाई के खाते में जमा की जानी चाहिए।
* स्वीकृत मद के लिए ही व्यय किया जाना चाहिए।
* उपयोगिता प्रमाणपत्र आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने हैं।
* इकाई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 का अनुपालन करे।
* **धनराशि का आहरण:**
* धनराशि आवश्यकतानुसार राजकोष से आहरित की जाए।
* एक माह की आवश्यकतानुसार आहरण किया जाए।
* संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा वितरण का अनुश्रवण किया जाएगा।
* **वसूली और अनुपालन:**
* पिकप वितरित ऋणों की वसूली के लिए जिम्मेदार होगा।
* वसूली में शिथिलता पर कार्यवाही की जाएगी।
* वित्तीय वर्ष 2021-22 में व्यय उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 में डाला जाएगा।
* इकाई की पात्रता का परीक्षण किया जाए।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** पिकप (Picup)
**प्रभाव:** यह दस्तावेज़ Picup को स्पष्ट रूप से निर्धारित भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के साथ प्रभावित करता है, जिसमें ऋण वितरण और वापसी में वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन, अनुपालन सुनिश्चित करना और वित्तीय निगरानी और जवाबदेही बनाए रखना शामिल है।
**आवश्यक कार्रवाई:**
Picup को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धन पात्र इकाइयों को वितरित किया जाए और नियमों के अनुसार खर्च किया जाए, और इकाइयों से ऋण चुकाने के लिए तुरंत उपाय करने चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी औपचारिकताएं पूरी हों।
**हितधारक:** चार औद्योगिक इकाइयाँ (मे० मून बेवरेजेज़ लि० ग्रेटर नोएडा, मे०गनपति एडवाईजरी लि०, रायबरेली, मे0 अमृत बॉटलर्स प्रा०लि०, फैजाबाद और मे0 अमृत बॉटलर्स प्रा०लि०, फैजाबाद )
**प्रभाव:** यह दस्तावेज़ इन औद्योगिक इकाइयों के ऋण को सीधे प्रभावित करता है। इससे उनके वित्तीय संसाधन बढ़ेंगे, जिससे उनकी वृद्धि और विकास में मदद मिलेगी।
**आवश्यक कार्रवाई:**
औद्योगिक इकाइयों को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 के अनुसार, सभी औपचारिकताएं और अनुबंधों को पूरा करना होगा।
**हितधारक:** उद्योग निदेशालय
**प्रभाव:** उद्योग निदेशालय औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के कार्यान्वयन की निगरानी में शामिल होगा।
**आवश्यक कार्रवाई:**
उद्योग निदेशालय को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएं।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एक योजना है। इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम 2012।
पिकप: पत्र में संदर्भित संस्था। संभवतः औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत वित्तीय ऋण जारी करने के लिए जिम्मेदार इकाई।
लखनऊ मण्डल, लखनऊ: पत्र में संदर्भित स्थान। स्वीकृत धनराशि के सदुपयोग का अनुश्रवण करने के लिए भी जिम्मेदार।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार, जिसके तहत अनु सचिव, उद्योग विभाग काम करता है।
° सख्या- 47/2022/3642 /77-6-202-6002(099)/9/2027
प्रेषक,
रजनी Plead पाण्डेय,
अनु सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
संयुक्त आयुक्त,
उद्योग,
लखनऊ मण्डल, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 03 मार्च, 2022
विषय:-औद्योगिक «= निवेश. प्रोत्साहन. योजना-202 के. क्रियान्वयन हेतु
रू.3,37,8,000.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में ।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक पिकप के. alh-30g.3S.0.0a./0/07.08/vol.IV/4360
दिनांक 27-42-202। दूवारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के अन्तर्गत
पात्र 04 इकाईयों को निगम gant स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किये जाने हेतु
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 202-22 के
आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू.70.33 करोड़ (रूपया सत्तर करोड़ तैतीस लाख
मात्र) के सापेक्ष धनराशि &.3,37,87,208.00 की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने किये
जाने का अनुरोध किया गया है, पात्र इकाईयों का विवरण निम्नवत् हैं:-
लि इकाई का नाम वीकृत धनराशि (रूपये में) वितरण हेतु आहरित F
वाली... धनराश्ट
(स्वीकृत धनराशि... व
90 प्रतिशत)
| HO मून बेवरेजेज़ लि0 2 4,96, 75,83.00 4,47,07,665.00
(वित्तीय वर्ष 207-78)
2 मे0गनपति एडवाईजरी fa, 3,69,73,863.00 3,32,76,477.00
यबरेल
(वित्तीय वर्ष 2047-8)
3... AO अमृत बॉटलर्स प्रा0लि0 3,60,45,85.00 3,24,4,234.00
(माजा. यूनिट) फैजाबाद (वित्तीय
वष 208-9)
4 HOSA बॉटलर्स प्राएलि0 2,59,50,924.00 2,33,55,832.00
मिनरल वॉटर यूनिट, फैजाबाद
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(वित्तीय वर्ष 2078-79)
व 4,86,45, 785.00 3,37,8,208.00
(रूपया तेरह करोड़ Ade
लाख seat हजार a
सौ आठ मात्र)
2. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन AWste-20i2 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 202(-22 के आय-व्ययक में
अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य Hal-0-
औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-
07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202-30-निवेश/ऋण, में प्राविधानित धनराशि
रू.70.33करोड़ (रूपया सत्तर करोड़ तैतीस लाख मात्र) में अवशेष धनराशि में से
उपर्युक्त 04. इकाईयों ot ब्याज मुक्त ऋण वितरण करने. हेतु
रू.3,37,8,000.00(रूपया ate करोड़ सैतीस लाख sean हजार मात्र) की वित्तीय
स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री
राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:-
।. धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके खाते में सीधे
आहरित कर जमा की जाएगी।
2. किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक
खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा।
3. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए
स्वीकृत किया गया है।
4. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा।
5. इसका उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर
आयुक्त एवं निदेशक,उद्योग के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक
विकास अनुभाग-6/ वित्त(आय-व्ययक)अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा।
6. स्वीकृति धनराशि उन पात्र इकाईयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक
निवेश प्रोत्साहन नियमावत्नी-202(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का
पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
7. यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाईयों, जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या
आगे प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतानुसार
समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी
जाएगी।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3
पात्र इकाईयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा।
पिकप दूवारा इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक
निवेश प्रोत्साहन नियमावली 20i2 मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी
व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण
की जाएगी।
पिकप पर यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र इकाईयों को अनुमन्य
ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार
है। स्वीकृत की जा रही धनराशि की शुदूधता पिकप द्वारा सुनिश्चित की
जाएगी।
पिकप दूवारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित इकाई दूवारा ऋण
0.
की अदायगी किये जाने के 02-03 कार्य दिवसों के अन्दर धनराशि राजकोष में
जमा करा दी जाए।
ऋण वापसी A विलम्ब करने. वाली इकाई A adel जाने. वाली
44.
ब्याज(.25प्रतिशित प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर
2.
ही किया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा।
3.
आवश्यकता का. आंकलन संयुक्त आयुक्त,उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ
द्वारा किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप
CERT ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग लखनऊ मण्डल,
लखनऊ SANT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट
होने के उपरांत ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
पिकप दूवारा वितरित ऋणों की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी।
4.
वसूली में शिथिलता KA जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही
प्रशासकीय विभाग दूवारा की जाएगी।
स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-। के
5.
कार्यालय ज्ञाप दिनांक 22 मार्च, 202। एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी
दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
पिकप औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202 के प्राविधानों के अनुसार
6.
इकाई की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो
लेंगे कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ी-202 के अन्तर्गत उक्त
इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था तथा
धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर cit गयी हैं एवं इस
आशय की आख्या पिकप द्वारा संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल,
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4
लखनऊ को उपलब्ध कराने के पश्चात ही उनके GaN धनराशि आहरित की
जाएगी।
7. पिकप धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आकड़ों की शुद्धता
का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
8. इस संबंध A होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 202-22 के आय-व्ययक मैं उद्योग
विभाग की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के
लिए अन्य कर्ज-04-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र
के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिकक निवेश प्रोत्साहन योजना-
202-30-निवेश/ऋण के नाम डाला जाएगा।
3. यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय AeA-S-6-3446-aa-202-22, दिनांक
28.02.2022 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे है।
भवदीय,
रजनी कान्त पाण्डेय
अनु सचिव।
संख्या-/2022/3642()/77-6-202-6002(099)/9/202।,तद॒दिनाक ब्या-4/2022/3642(])/77-6-202-6002(099)/9/202 दिनां |
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
.. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ.प्र., प्रयागराज |
ह
.. महालेखाकार,(लेखा-परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ.प्र., प्रयागराज।
2
मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
3.
.. अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म,लघु,मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0
4
शासन।
नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग,उ0प्र0शासन।
WN
प्रबंध निदेशक, पिकप को पत्र AEAl-3s.3s.4.07/0/07.08/vol.IV/i360 दिनांक
27-42-202] के क्रम में अग्रेत्तर कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु।
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-/4
वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
0.
नियोजन अनुभाग-4/4
7.
औद्योगिक विकास अनुभाग-2
2.
3. गार्ड wise |
आजा से,
रजनी कान्त पाण्डेय
अनु सचिव।
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |