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Date: 2023-05-24 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु रू.15,67,55,736.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

The Government of Uttar Pradesh, Department of Industrial Development, has approved a financial sanction of ₹15,67,55,736.00 (Rupees Fifteen Crore Sixty-Seven Lakh Fifty-Five Thousand Seven Hundred Thirty-Six Only) for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2012. The sanction is issued for the financial year 2023-24, allocating budget funds to distribute 90% of the interest-free loan amount to two eligible units, with reference to PICUP's letter no. Ins-10-19/I.I.P.S.-2012/vol.II/53 dated 10.04.2023. The beneficiary units and their respective sanctioned amounts are as follows: 1. M/s Ganpati Advisory Limited, Raebareli: ₹6,41,75,343.00 (Financial Year 2019-20) - ₹5,77,57,809.00 (90%) 2. M/s Birla Corporation Limited, Raebareli: ₹10,99,97,697.00 (Financial Year 2019-20) - ₹9,89,97,927.00 (90%) The total sanctioned amount is ₹15,67,55,736.00. The order includes several terms and conditions, including direct transfer of funds to the unit's bank account, proper accounting and audit by PICUP, submission of utilization certificates, and compliance with the Industrial Investment Promotion Rules-2012. PICUP will also be responsible for the recovery of distributed loans and ensuring effective arrangements and formalities for the security of funds. The sanction is contingent upon compliance with relevant government guidelines and verification of the units' eligibility and data accuracy. The expenditure will be charged to Budget Grant No. 007, Head 6885011900700 (Industrial Investment Promotion Scheme, 2012). The copy of the order is being forwarded to various officials including the Accountant General, Chief Treasury Officer, Additional Chief Secretary (MSME and Export Promotion Department), Nodal Officer (Budget Allotment, Department of Industrial Development), Managing Director (PICUP), Commissioner and Director of Industries, and others for information and necessary action. This order is issued with the concurrence of the Finance Department received in E-6-7-X-2023-24 dated 19.05.2023. For verification, the order can be checked on http://shasanadesh.up.gov.in. The contact person is Jai Veer Singh, Joint Secretary.

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: Industrial Investment Promotion Scheme - a scheme being implemented to provide financial assistance, specifically interest-free loans, to eligible industrial units. पिकप (PICUP): Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP, an agency responsible for the implementation and monitoring of the scheme including verification, disbursement, and recovery of loans. उत्तर प्रदेश: The state to which this policy applies. औद्योगिक विकास विभाग: The department responsible for industrial development in Uttar Pradesh which oversees the industrial investment promotion scheme.
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WEAT-26/2023/325/77-6-2023-6003/67/209(aTe-2) प्रेषक, जय वीर सिंह, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 24 मई, 2023 विषय:- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन AlsteM-202 के क्रियान्वयन हेतु ¥.75,67,55,736.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक पिकप के. पत्रांक-इन्स-0-49आई.आई.पी.एस.-202//0.॥/53 दिनांक 0.04.2023 cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के अन्तर्गत दो पात्र इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की 90 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक में योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष कुल रू. 5,67,55,736.00 (रूपये UKs करोड़ सड़सठ लाख पचपन हजार सात At छत्तीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति शीघ्र जारी किए जाने की संस्तुति सहित अनुरोध किया गया है। पात्र इकाईयों का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत्‌ है:- (धनराशि रूपये मैं) क्रमांक | इकाई का नाम वित्तीय वर्ष | स्वीकृत धनराशि वितरण हेतु आहरित की जाने वाली धनराशि(स्वीकृत राशि का 90 प्रतिशत) | AO गनपति एडवाइजरी | 209-20 | 6,44,75,343.00 5,/7,57,809.00 लि0 रायबरेली। 2 AO fatal कारपोरेशन | 2079-20 | 0,99,97,697.00 9,89,97,927.00 लि0, रायबरेली। योग- 7,4,73,040.00 5,67,55,736.00 (wat पन्‍्द्रह.... करोड़ Wao लाख पचपन I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |हजार सात at odie मात्र) 2. इस सम्बन्ध मैं मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू.25.00 करोड़ (रूपये एक सौ पच्चीस करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु कुल धनराशि BO 5,67,55,736.00 (रूपये पन्‍्द्रह करोड़ सडसठ लाख पचपन हजार सात at छत्तीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सह र्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्तें / प्रतिबन्धों I- स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे अन्तरित कर जमा की जाएगी। 2. किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खातें में नहीं रखा जाएगा। 3. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद A किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। 4. स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा 5. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबन्ध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त(आय व्ययक)अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। 6- स्वीकृत धनराशि उन पात्र इकाईयों को उपलब्ध करायी जाएगी, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का. पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। 7. पात्र इकाईयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप का होगा। पिकप दूवारा इकाईयों को स्वीकृत किए गए ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त आवश्यक अनुबन्ध/औपचारिकताएं पूर्ण की जाएगी। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |8. पिकप दूवारा यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र इकाईयों को अनुमन्य ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है। स्वीकृत की जा रही धनराशि की शुदूधता पिकप gant सुनिश्चित की जाएगी। 9. पिकप cant भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित इकाई द्वारा ऋण अदायगी किए जाने के 02-03 कार्यदिवसो के अन्दर धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाए। 0. ऋण वापसी मैं विलम्ब करने वाली इकाई से वसूली जाने वाली ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। 7. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जाएगा। 2. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानसार नुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा किया जाएगा। पिकप उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ दूवारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध मैं संतुष्ट होने के उपरांत ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। 3. पिकप cant वितरित ऋण की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली में शिथिलता Na जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विभाग द्वारा की जाएगी। 4. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त(आय-व्ययक)अनुभाग-। के कार्यालय ay दिनांक (7.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों GANT जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 5- पिकप cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमाली-202 के प्रावधानों के अनुसार इकाई की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को स्वीकृत किये गए ऋण की वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गयी हैं एवं इस आशय की आख्या पिकप cant संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को उपलब्ध कराने के पश्चात ही उनके द्वारा धनराशि अन्तरित की जाएगी। 6. पिकप धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की wea का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- «6 Sa संबंध में होने वाला व्यय रुपये (5,67,55,736.00 (रूपये पन्‍्द्रह करोड़ सड़सठ लाख पचपन हजार सात at छत्तीस मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 688507900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 202 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 4- .... यह आदेश कंप्यूटर GANT उत्पन्न WEAT-E-6-7-X-2023-24 दिनांक 9.05.2023 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, जय वीर सिंह संयुक्त सचिव।| ACAI-26/2023/325/77-6-2023-6003/67/209(e-2)aa learn] प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- - महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। 3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। 4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 5- प्रबन्ध निदेशक, पिकप को Wath-sed-0-79/3i7S.37S.47.0.-202/Vol.l /53 दिनांक 0-04-2023 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। 6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर | 7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8- वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-/4 9- वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 0- नियोजन अनुभाग-/4 II- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 {2- गार्ड फाइल।| आज्ञा से, जय वीर सिंह संयुक्त सचिव।| I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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