**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के कार्यान्वयन के लिए कुल 155.34 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2021-22 में अपोलो मेटालेक्स प्राइवेट लिमिटेड बुलंदशहर और आर0एल0जे0 इंफ्रासीमेंट प्राइवेट लिमिटेड मिर्जापुर को बिना ब्याज के ऋण के वितरण को सक्षम बनाएगी। यह स्वीकृति उ0प्र0 वित्तीय निगम से प्राप्त अनुरोधों के जवाब में है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*वित्तीय स्वीकृति*
* वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए कुल 155.34 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसमें अपोलो मेटालेक्स प्राइवेट लिमिटेड के लिए 65.89 लाख रुपये और आर0एल0जे0 इंफ्रासीमेंट प्राइवेट लिमिटेड के लिए 89.45 लाख रुपये शामिल हैं।
* यह धनराशि अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885 के अंतर्गत आवंटित की गई है।
*भुगतान और उपयोग*
* स्वीकृत धनराशि का भुगतान सीधे पात्र इकाईयों के खातों में किया जाएगा।
* धनराशि को पहले से आहरित करके किसी बैंक खाते में जमा नहीं किया जाएगा।
* उ0प्र0 वित्तीय निगम स्वीकृत धनराशि के लेखे-जोखे का रखरखाव करेगा।
* उपयोगिता प्रमाण-पत्र औद्योगिक विकास अनुभाग-6 को उपलब्ध कराया जाएगा।
*अनुपालन और पात्रता*
* लाभार्थियों को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए।
* पात्र इकाईयों को वितरण उनकी प्राथमिकता के क्रम में किया जाएगा और आवश्यक औपचारिकताओं के पूरा होने के अधीन होगा।
*जिम्मेदारियाँ और निरीक्षण*
* उ0प्र0 वित्तीय निगम ऋण की वसूली के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होगा और कोष की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
* उ0प्र0 वित्तीय निगम सुनिश्चित करेगा कि पात्र इकाईयों को प्रदान किया गया ब्याज मुक्त ऋण सरकारी नीति के अनुरूप हो।
* वितरण और उपयोग का निरीक्षण आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा।
*अन्य शर्तें*
* ऋण चुकाने में देरी करने वाली इकाईयों से ब्याज लिया जाएगा।
* धनराशि का आहरण तात्कालिक आवश्यकतानुसार ही किया जाएगा।
* वितरित ऋणों की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी।
* व्यय वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 22 मार्च, 2021 और अन्य संबंधित शासनादेशों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए।
* उ0प्र0 वित्तीय निगम लाभार्थियों की पात्रता और आंकड़ों की शुद्धता की जाँच करेगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** अपोलो मेटालेक्स प्राइवेट लिमिटेड और आर0एल0जे0 इंफ्रासीमेंट प्राइवेट लिमिटेड।
**प्रभाव:**
उन्हें औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत बिना ब्याज के ऋण प्राप्त होंगे, जिससे संभवतः उनका परिचालन बढ़ेगा और वित्तीय बोझ कम होगा।
**आवश्यक कार्रवाई:**
उन्हें औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पालन करना होगा, स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी मद में करना होगा जिसके लिए स्वीकृति मिली है, और यह सुनिश्चित करना होगा कि ऋण का पुनर्भुगतान समय पर किया जाए।
**हितधारक:** उ0प्र0 वित्तीय निगम।
**प्रभाव:**
ऋण के वितरण और वसूली, खाते के रखरखाव और यह सुनिश्चित करने के लिए कि लाभार्थी राज्य सरकार की नीतियों का पालन करते हैं, उन पर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी आ रही है।
**आवश्यक कार्रवाई:**
उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि लाभार्थियों की पात्रता सत्यापित की जाए, धनराशि समय पर वितरित की जाए और ऋण का पुनर्भुगतान प्रभावी ढंग से किया जाए। उन्हें निधि के उपयोग की निगरानी करने और वित्त विभाग को उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करने की भी आवश्यकता है।
**हितधारक:** आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर।
**प्रभाव:**
उन्हें उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा वितरित ऋण की निगरानी करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि धनराशि का उपयोग उचित ढंग से हो।
**आवश्यक कार्रवाई:**
उन्हें उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा उधार वितरण का अनुश्रवण करना चाहिए, धनराशि के सदुपयोग से संतुष्ट होना चाहिए, और अगली किश्त का आहरण किया जाना चाहिए।
**हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार (औद्योगिक विकास अनुभाग-6 और वित्त विभाग)।
**प्रभाव:**
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के कार्यान्वयन के माध्यम से राज्य में औद्योगिक विकास का समर्थन।
**आवश्यक कार्रवाई:**
उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उ0प्र0 वित्तीय निगम और लाभार्थियों द्वारा इस योजना का सही कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नीतियों के साथ धन का आवंटन संरेखित किया जाए।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के अंतर्गत ऋणों के वितरण और वसूली के लिए जिम्मेदार वित्तीय संस्था
उद्योग निदेशालय, कानपुर: औद्योगिक विकास से संबंधित गतिविधियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग
बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश का एक शहर, जहां अपोलो मेटालेक्स प्रा0लि0 स्थित है, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 का एक लाभार्थी है।
मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश का एक शहर, जहां मे0आर0एल0जे0 इन्फ्रासीमेन्ट प्रा०लि0 स्थित है, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 का एक लाभार्थी है।
WEAT-5/2022/266/77-6-2022-6003/67/209
अनिल कुमार,
संयुक्त सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा मैं,
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग,
उद्योग निदेशालय,
कानपुर।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 23 मार्च, 2022
विषय:- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु ¥.(55.34 लाख की वित्तीय स्वीकृति के
संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक 3040 वित्तीय निगम के पत्रांक 5|7/विनि/वियोवि/202-22 दिनांक 06-70-2024,
पत्रांक 457/fafafaaia/202-22 दिनांक 22-09-202 wa vasiH-785/fafev/faaia/202-22 दिनांक
44.0.2022, Gatn-94/fafer/faenta/202-22 दिनांक 09.02.2022 va valH-i95/fafa/faata/202 -22
दिनांक 09.02.2022 cant अवगत कराया गया है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Uote-20I2 के अन्तर्गत
पात्र इकाई AO अपोलो मेटालेक्स WOO बुलन्दशहर को(वित्तीय वर्ष 2046-7) va मे0आर0एल0जे0
इन्फ्रासीमेन्ट WOO मिर्जापुर को (वित्तीय वर्ष 206-7) हेतु ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है।
इकाईयो को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किये जाने हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के
क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 202-22 के आय-व्ययक मैं प्राविधानित धनराशि रू.70.33करोड़ (रूपया सत्तर
करोड़ तैतीस लाख मात्र) के सापेक्ष कुल धनराशि ¥.(55.34 लाख(रूपया एक करोड़ पचपन लाख चौतीस हजार
मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने का अनुरोध किया गया है, पात्र इकाईयों का विवरण निम्नवत् हैं:-
क्रमांक काई का नाम धनराशि (रू.लाख में)
AO अपोलो मेटालेक्स प्राघलि0 बुलन्दशहर 65.89
(वित्तीय वर्ष 206-47)
2 मे0आर0एल0जे0इन्फ्रासीमेन्ट MOO मिर्जापुर (वित्तीय वर्ष 206- 89.45
7)
योग- 55.34
(रूपया एक करोड़ पचपन लाख
चौतीस हजार मात्र)
2. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Alote-202 के
क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-22 के आय-व्ययक मैं अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा
खनिज के लिए अन्य कर्ज-04-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र तथा अन्य उपक्रमों
को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202-30-निवेश/ऋण, A प्राविधािनित धनराशि रू.70.33
करोड़(रूपया सत्तर करोड़ तैतीस लाख मात्र) के सापेक्ष अवशेष धनराशि मैं से उक्त इकाईयों को ब्याज मुक्त
ऋण वितरित करने हेतु रू.55.34(रूपया एक करोड़ पचपन लाख चौतीस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति
निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:-
. स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके खाते A सीधे जमा की जाएगी।
2. किसी परिस्थिति मैं धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते मैं नहीं
रखा जाएगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उ0प्र0 वित्तीय निगम CANT द्वारा रखा जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबंध निदेशक, उ0प्र0वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर के माध्यम से शासन के औद्योगिक विकास अनुभाग-6/
वित्त(आय-व्ययक)अनुभाग-4 तथा समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा।
यह धनराशि उन पात्र इकाईयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
नियमावली-202(यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाईयों, जिनके प्रत्यावेदन उ0प्र0 वित्तीय निगम में प्राप्त हो या आगे
प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं
एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी।
पात्र इकाईयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम पर होगा। उ0प्र0
वित्तीय निगम दूवारा इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
नियमावली 20i2 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा
धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएगी।
उ0प्र0वित्तीय निगम पर यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र इकाईयों को TACT ब्याज
मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है। स्वीकृत की जा रही
धनराशि की शुद्धता उ0प्र0वित्तीय निगम द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
उ0प्र0वित्तीय निगम द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित इकाई दूवारा ऋण की अदायगी
किये जाने के 02-03 कार्य दिवसों के अन्दर धनराशि राजकोष A जमा करा दी जाए।
0. ऋण वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाली sars(.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण
ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
4]. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जाएगा।
2. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आकलन
आयुक्त Ud निदेशक, उद्योग, कानपुर
3.
4.
5.
6.
ग7.
पुर द्वारा किया जाएगा। उ0प्र0वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए
गए ऋण के सापेक्ष उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरांत ही
अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
उ0प्र0वित्तीय निगम cant वितरित ऋणों की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली मैं
शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विभाग द्वारा की
जाएगी।
स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप दिनांक
22 मार्च, 202 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित किया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का व्यय उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है।
उ0प्र0 वित्तीय निगम औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202 के प्राविधानों के अनुसार इकाई
की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे कि औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावल्री-202 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु
प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गयी हैँ एवं इस
आशय की आख्या उ0प्र0 वित्तीय निगम CaN आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग कानपुर को उपलब्ध
कराने के पश्चात ही उनके दूवारा धनराशि आहरित की जाएगी।
उ0प्र0 वित्तीय निगम धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आकड़ों की शुद्धता का
परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |8. इस संबंध A होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 202-22 के आय-व्ययक में उद्योग विभाग की अनुदान
संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य Hot-0l-3ileaitfern वित्तीय
संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
योजना-202-30-निवेश/ऋण के नाम डाला जाएगा।
3. यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय AEAN-S-3475-Za-202-22, दिनांक 22.03.2022 A प्राप्त उनकी
सहमति से जारी किये जा रहे है।
भवदीय,
(अनिल कुमार)
संयुक्त सचिव।
WEA-75/2022/266/77-6-2022-6003/67/209, aa fear
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
।. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ.प्र. प्रयागराज |
2. महालेखाकार,(लेखा-परीक्षा) प्रथम/द्ृवितीय, उ.प्र., प्रयागराज।
3. मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर।
4. अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म,लघु,मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन।
5. alsa अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग,उ0प्र0शासन।
6. प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम को उनके पत्रांक 57/विनि/वियोवि/202-22 दिनांक 06-40-
202, पत्रांक 457/विनि/वियोवि/202-22 दिनांक 22-09-202 vd पत्रांक-785/विनि/वियोवि/202-
22 दिनांक 44.0.2022, पत्रांक-।94/विनि/वियोवि/202-22 दिनांक 09.02.2022 vd पत्रांक-
95 /fate/ faatta/202-22 दिनांक 09.02.2022 के क्रम मैं अग्रेत्तर कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु।
7. आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर ।
8. निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
9. वित्त(आय-व्ययक) अनुभ्ाग-4/4
0. वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
. नियोजन अनुभाग-/4
2. औद्योगिक विकास अनुभाग-2
3. गार्ड Wise
आज्ञा से,
(अनिल कुमार)
संयुक्त सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |