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Date: 2023-03-17 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रिन्यान्वयन हेतु रू.17,96,16,074.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

On March 17, 2023, Jay Veer Singh, Joint Secretary of the Uttar Pradesh Government, issued order number 10/2023/3156/77-6-2022-6003/67/2019 from Lucknow, to the Joint Commissioner, Industries, Lucknow Division, regarding the financial sanction of ₹17,96,16,074.00 for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2012. This sanction is for disbursing 90% of the interest-free loan amount to eligible units under the scheme for the financial year 2022-23. The following is a breakdown of the unit, financial year, approved amount, and amount to be disbursed (90% of approved amount): 1. M/s. C.P. Milk & Food Product Pvt. Ltd., Barabanki: FY 2018-19, ₹59,41,560.00 approved, ₹53,47,404.00 to be disbursed. 2. M/s. Vrindavan Agro Industries Pvt. Ltd., Mathura: FY 2019-20, ₹15,09,88,633.00 approved, ₹13,58,89,770.00 to be disbursed. 3. M/s. Amrit Bottlers Pvt. Ltd. (Maja Unit), Faizabad: FY 2019-20, ₹1,83,78,422.00 approved, ₹1,65,40,580.00 to be disbursed. 4. M/s. Amrit Bottlers Pvt. Ltd. (Mineral Water Unit), Faizabad: FY 2019-20, ₹2,42,64,800.00 approved, ₹2,18,38,320.00 to be disbursed. The total approved amount is ₹19,95,73,415.00 and the total amount to be disbursed is ₹17,96,16,074.00. The order outlines several terms and conditions, including direct deposit of funds into the unit's bank account, proper accounting, utilization of funds only for the intended purpose, submission of utilization certificates, and compliance with the Industrial Investment Promotion Rules-2012. PIICUP bears the responsibility for the recovery of distributed loans to eligible units. The order also references various government circulars and directives to be followed. Verification can be done via http://shasanadesh.up.gov.in

Key Entities Referenced

U.P. Industrial Investment and Employment Promotion Policy, 2012: The industrial investment incentive scheme of Uttar Pradesh, India, which provides financial assistance to eligible industrial units. PICUP: Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP. Responsible for monitoring the repayment of loans provided under the scheme. Lucknow Mandal, Lucknow: Lucknow Division - Location relevant to the scope of the policy execution. Department of Industrial Development, Uttar Pradesh: Department overseeing the Industrial Investment and Employment Promotion Policy.
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WEAT-0/2023/3456/77-6-2022-6003/67/209 प्रेषक, जय वीर सिंह, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, Hard आयक्त, दि दि उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक (7 मार्च, 2023 विषय- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रिन्यान्वयन हेतु ¥.7,96,6,074.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक पिकप के. yalh-srs-70-93TF.378.47.0a.-202/Vol.t/790 दिनांक 2.2.2022 दूवारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Slote-20I2 के अन्तर्गत पात्र इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की 90 प्रतिशत धनराशि वितरित किए करने हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष कुल BO 7,96,6,074.00(रूपये Bae करोड़ छियान्बे लाख सोलह हजार चौहत्तर मात्र) की वित्तीय स्वीकृति शीघ्र जारी किए जाने की संस्तुति सहित अनुरोध किया गया है। पात्र इकाईयाँ का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत है:- (धनराशि रूपये में) क्रमांक | इकाई का नाम वित्तीय वर्ष स्वीकृत धनराशि आहरित की जाने वाली धनराशि (स्वीकृत राशि का 90 प्रतिशत) | AO सी0पी0मिल्‍्क ws | | 2048-9 59,4,560.00 53,47,404.00 ws प्रोडक्ट... WOT, बाराबंकी 2 मे0 ब्रिन्दावन vat | 2079-20 5,09,88,633.00 3,58,89,770.00 इन्डस्ट्रीज प्राघलि0,मथुरा 3 मे0अमृत बॉटलर्स | 2049-20 ,83, 78,422.00 ,65,40,580.00 प्रा2लि0(माजा यूनिट) फैजाबाद | 4 AO अमृत बॉटलर्स | 20/9-20 2,42,64,800.00 2,8,38,320.00 प्रा2लि0(मिनरल वॉटर यूनिट), फैजाबाद | I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |योग- 9,95,73,45.00 7,96,6,074.00 (रूपये. ae करोड़ feted लाख सोलह हजार चौहत्तर मात्र) इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना- 2. 20i2 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 के आय-व्ययक A प्राविधानित धनराशि रू.75.00करोड़(रूपये पचहत्तर करोड़ मात्र) में से अवशेष धनराशि के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को वितरित किए जाने हेतु कुल धनराशि रू0 (7,96,6,074.00 (रूपये सत्रह करोड़ छियान्बे लाख सोलह हजार चौहत्तर मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व ad / प्रतिबन्धों 4- स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे आहरित कर जमा की जाएगी। किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खातें में नहीं रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, पिकप दूवारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त(आय व्ययक)अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। 6- स्वीकृत धनराशि उन पात्र इकाईयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्नी-202 (यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। यह धनराशि ऐसी पात्र इकाईयों, जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या आगे प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम A वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। पात्र इकाईयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप का होगा। पिकप द्वारा इकाईयों को स्वीकृत किए गए ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएगी। - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |9. पिकप दूवारा यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र इकाईयों को अनुमन्य ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है। स्वीकृत की जा रही धनराशि की शुदूधता पिकप cant सुनिश्चित की जाएगी। 0. पिकप दूवारा भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित इकाई द्वारा ऋण अदायगी किए जाने के 02-03 कार्यदिवसो के अन्दर धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाए। 7. ऋण वापसी A विलम्ब करने वाली इकाई से वसूली जाने वाली ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। 2. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जाएगा। 3. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानसार नुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ ERT किया जाएगा। पिकप उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ CANT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध मैं संतुष्ट होने के उपरांत ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। 4. पिकप gant वितरित ऋण की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशसकीय विभाग दूवारा की जाएगी। 5. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय aT दिनांक 07.06.2022 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 6- पिकप cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202 के प्रावधानों के अनुसार इकाई की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को स्वीकृत किये गए ऋण की वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गयी हैं एवं इस आशय की आख्या पिकप दूवारा संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को उपलब्ध कराने के पश्चात ही उनके द्वारा धनराशि आहरित की जाएगी। 7. पिकप धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 7,96,6,074 (रुपये सत्रह करोड़ छियान्वे लाख सोलह हजार चौहत्तर मात्र) को चाल्रू वित्तीय वर्ष 2022-2023 के आय-व्ययक मे अनुदान - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |संख्या 007 लेखा शीर्षक 6885077900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 202 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 3- Ue आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न अशासकीय AA-S-6-59-X-2022-23, दिनांक- 08.02.2023 मे प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से facta किये जा रहे है। भवदीय, जय वीर सिंह संयुक्त सचिव।| AEAT-0/2023/356/77-6-2022-6003/67/20i9 तद्‌्दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- - महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। 3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। 4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 5- प्रबन्ध निदेशक, पिकप को Wath-srs-0-9/3i7S.377S.47.0F.-2072/Vol.I/90 दिनांक 2-2-2022 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। 6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर | 7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8- वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-4/4 9- वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 I0- नियोजन अनुभाग-/4 II- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 {2- गार्ड फाइल। आज्ञा से, जय वीर सिंह संयुक्त सचिव।| I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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