Home India औद्योगिक विकास विभाग औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु रू....
Date: 2022-03-03 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु रू.23,73,19,000.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़, औद्योगिक विकास अनुभाग-6 का एक आदेश है, जो 3 मार्च, 2022 को जारी किया गया था। इसका उद्देश्य औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु 23,73,19,000.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी करना है। यह वित्तीय स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए है और यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ मंडल के संयुक्त आयुक्त, उद्योग को संबोधित है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *वित्तीय स्वीकृति:* * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत दो पात्र इकाइयों के लिए कुल 23,73,19,063.00 रुपये (तेईस करोड़ तिहत्तर लाख उन्नीस हजार तिरसठ मात्र) की वित्तीय स्वीकृति। * मैसर्स मंगलम सीमेंट लि० अलीगढ़ (वित्तीय वर्ष 2018-19) के लिए स्वीकृत राशि 13,02,17,906.00 रुपये है, जिसमें से 11,71,96,115.00 रुपये वितरित किए जाएंगे (स्वीकृत राशि का 90 प्रतिशत)। * मैसर्स बिरला कारपोरेशन लि०, रायबरेली (वित्तीय वर्ष 2018-19) के लिए स्वीकृत राशि 13,34,69,942.00 रुपये है, जिसमें से 12,01,22,948.00 रुपये वितरित किए जाएंगे (स्वीकृत राशि का 90 प्रतिशत)। *शर्तें और दिशानिर्देश:* * धनराशि केवल निगम द्वारा स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित करने के लिए है। * भुगतान सीधे इकाई के खाते में जमा किया जाएगा। * स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। * पिकप द्वारा उचित लेखा-जोखा रखा जाएगा और उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। * वितरित ऋण की वसूली का उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। * ब्याज की वसूली की जाएगी यदि इकाई भुगतान में देरी करती है। * स्वीकृत धनराशि का आहरण आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा। * पिकप इकाई की पात्रता और आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण करेगा। **प्रभाव विश्लेषण:** **उत्तर प्रदेश शासन** *प्रभाव:* * उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी नीति का कार्यान्वयन। *आवश्यक कार्रवाई:* * नीति के प्रभावी कार्यान्वयन और निगरानी को सुनिश्चित करें। * यह सुनिश्चित करें कि आवंटन राज्य सरकार की नीति के अनुरूप हो। **संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मंडल** *प्रभाव:* * औद्योगिक इकाइयों के लिए निधियों का वितरण। *आवश्यक कार्रवाई:* * औद्योगिक इकाइयों को निधियों का वितरण करें। * ऋण वितरण का पर्यवेक्षण करें। * धन के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होना। **पिकप (PICUP):** *प्रभाव:* * निधियों का वितरण और ऋण की वसूली का प्रबंधन। *आवश्यक कार्रवाई:* * यह सुनिश्चित करना कि धन केवल योग्य इकाइयों को दिया जाए। * यह सुनिश्चित करना कि इकाई द्वारा ऋण अदायगी में 2-3 कार्य दिवसों के अन्दर धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाए। * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 का अनुपालन सुनिश्चित करना। * स्वीकृत ऋण की वसूली के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना। * वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 22 मार्च, 2021 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करना। **इकाइयाँ (मैसर्स मंगलम सीमेंट लि०, मैसर्स बिरला कारपोरेशन लि०)** *प्रभाव:* * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त करना। *आवश्यक कार्रवाई:* * ऋण का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए करना। * नियत समय में ऋण का भुगतान करना।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक योजना। यह दस्तावेज़ इस योजना के तहत वित्तीय स्वीकृतियों से संबंधित है। पिकप (PICUP): उत्तर प्रदेश का एक संगठन जो इकाइयों को स्वीकृत ऋण की वसूली का उत्तरदायित्व लेता है और योजना के कार्यान्वयन में शामिल है। लखनऊ मण्डल: एक प्रशासनिक प्रभाग, जिसके संयुक्त आयुक्त को इस नीति से संबंधित कार्यों में शामिल किया गया है।
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ह | सख्या-।2/2022/36 /77-6-2022-6002(099)/7/20225Te- /2022पार्ट- प्रेषक, रजनी led पाण्डेय, अनु सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ । औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 03 मार्च, 2022 विषय:-औद्योगिक «= निवेश. प्रोत्साहन. योजना-202 के. क्रियान्वयन हेतु रू.23,73,9,000.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में । महोदय, उपर्युक्त विषयक पिकप . के... पत्रांक-इन्स.0-9/आई.आई.पी.एस.-202 ४०.॥/397 दिनांक 06-04-2022 दूवारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के अन्तर्गत पात्र 02 इकाईयों को निगम द्वारा स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किये जाने हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-22 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू.70.33 करोड़ (रूपया सत्तर करोड़ तैतीस लाख मात्र) के सापेक्ष धनराशि w.23,73,/9,063.00(ecga तेईस करोड़ तिहत्तर लाख उननीस हजार तिरसठ मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने किये जाने का अनुरोध किया गया है, पात्र इकाईयों का विवरण निम्नवत्‌ हैं:- की इकाई का नाम स्वीकृत. धनराशिवितरण हेतु आहरित की (रू. में) जानी... वाली... धनराझ्ट (स्वीकृत. धनराशि... व 90 प्रतिशत) HO मंगलम सीमेंट लि0 अलीगढ़ 3,02,7,906.00 ,7,96,475.00 (वित्तीय वर्ष 2078-9) 2 HO fate कारपोरेशन लि0, रायबरेली। 73,34,69,942.00 2,0,22,948.00 (वित्तीय वर्ष 2078-9) व 26,36,67,848.00 23,73,9,063.00 (रूपया asa करोड़ fe लाख Seal हजार तिरसठ मात्र) I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2. इस सम्बन्ध मैं मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन AWste-20i2 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 202(-22 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य Hal-0- औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज- 07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202-30-निवेश/ऋण, में प्राविधानित धनराशि रू.70.33 करोड़(रूपया सत्तर करोड़ तैतीस लाख मात्र) में अवशेष धनराशि में से उक्त इकाईयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरण करने हेतु ¥.23,73,9,000.00(e0aT Asa करोड़ तिहत्तर लाख उन्‍नीस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:- धनराशि का भुगतान जिस इकाई को भुगतान किया जाना है उसके खाते में . सीधे आहरित कर जमा की जाएगी। किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा TAHT दूवारा रखा जाएगा। इसका उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप cant हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक,उद्योग के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास अनुभाग-6/ वित्त(आय-व्ययक)अनुभाग-4 तथा समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। स्वीकृति धनराशि उन पात्र इकाईयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावत्ली-202(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती eT यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाईयों, जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या आगे प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। पात्र इकाईयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। पिकप दूवारा इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 20i2 मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएगी। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | - इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in A सत्यापित की जा सकती है |3 पिकप पर यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र इकाईयों को अनुमन्य ब्याज मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है। स्वीकृत की जा रही धनराशि की शुदूधता पिकप द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। पिकप दूवारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित इकाई दवारा ऋण 0. की अदायगी किये जाने के 02-03 कार्य दिवसों के अन्दर धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाए। ऋण वापसी A fades करने. वाली इकाई A वसूला जाने. वाली 44. ब्याज(.25प्रतिशित प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर 2. ही किया जाएगा। स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। 3. आवश्यकता का. आंकलन संयुक्त आयुक्‍्त,उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ द्वारा किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप दूवारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त,उद्योग लखनऊ मण्डल, लखनऊ SANT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध A संतुष्ट होने के उपरांत ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। पिकप दूवारा वितरित ऋणों की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। 4. वसूली में शिथिलता KA जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विभाग दूवारा की जाएगी। स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-। के 5. कार्यालय A दिनांक 22 मार्च, 202। एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। पिकप औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202 के प्राविधानों के अनुसार 6. इकाई की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्री-202 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ct गयी हैं एवं इस आशय की आख्या पिकप दूवारा संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को उपलब्ध कराने के पश्चात ही उनके GaN धनराशि आहरित की जाएगी। पिकप धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आकड़ों की शुदूधता 47. का परीक्षण कर संतुष्ट हो लैंगे। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4 8.38 संबंध A होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 202(-22 के आय-व्ययक A उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-04-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Alste-202- 30-निवेश/ऋण के नाम डाला जाएगा। 3. यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय संख्या-ई-6-3449-दस-202-22 दिनांक 28.02.2022 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे है। भवदीय, रजनी Sled पाण्डेय अनु सचिव। संख्या- 2/2022/36()/77-6-2022-6002(099)/4/2022uT¢e-4, तद॒दिनाक SMI-_2/2022/36(4)/77-6-2022-6002(099)/4/2022uT¢-, ददिना ] उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- महालेखाकार, (लेखा Ud हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उ.प्र., प्रयागराज | . 2. महालेखाकार,(लेखा-परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ.प्र., प्रयागराज। मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। 3. 4. अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म,लघु,मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग,उ0प्र0शासन। a प्रबंध निदेशक, पिकप को. पत्र संख्या-इन्स-0-9./आई.आई.पी.एस.-202/ vol.II/397 दिनांक 06-0-2022 के क्रम में sae कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु। आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। 7. निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8. वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-4/4 9. 0. वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 . नियोजन अनुभाग-4/4 2. औद्योगिक विकास अनुभाग-2 3. गार्ड फाइल।| आज्ञा से, रजनी Sled पाण्डेय अनु सचिव। - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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