Home India औद्योगिक विकास विभाग औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु रू....
Date: 2020-08-25 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु रू.4,69,86000.00 की वित्तीय स्वीकृति।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**Executive Summary:** This document, issued by the Uttar Pradesh government on August 25, 2020, approves a financial sanction of ₹469.86 lakh for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2012, concerning funds allocated in the financial year 2020-21. The sanction is for 8 eligible units, detailed in the document. Funds must be spent only on the specified projects and adherence to the financial guidelines issued on March 24, 2020, is mandatory. **Key Points / Main Content:** * **Financial Approval:** * ₹469.86 lakh sanctioned from the allocated ₹180.00 crore for financial year 2020-21. * The sanction is allocated from Grant No. 7, Head of Account 6885, for loans to industrial financial institutions. * **Beneficiary Units:** * 8 eligible units are listed, with specified amounts allocated to each. * **Disbursement Conditions:** * Funds to be transferred directly to the bank accounts of the 8 units. * No funds should be deposited to the U.P. Financial Corporation's bank account * U.P. Financial Corporation to maintain accounts and provide utilization certificates. * The approved amount must be used exclusively for the specified purpose. * **Operational Guidelines:** * The funds should be transferred based on the receipt of applications and after completion of formalities. * The U.P. Financial Corporation will be responsible for loan recovery. * Interest collected on delayed payments is to be deposited in the state treasury. * Funds should be withdrawn based on immediate needs, assessed by the Commissioner and Director of Industries, Kanpur. * Monitoring of fund distribution and utilisation to be done by the Commissioner and Director of Industries, Kanpur. * Recovery of loans to be ensured, with accountability for any delays. * Expenditure must align with guidelines issued on March 24, 2020. **Impact Analysis:** **Stakeholder: U.P. Financial Corporation:** **Impact:** Responsible for disbursing funds, maintaining accounts, collecting repayments, ensuring compliance with regulations, and providing utilization certificates. **Action Required:** Transfer funds to the units, monitor fund usage, recover loans, and adhere to specified guidelines. **Stakeholder: Commissioner and Director of Industries, Kanpur:** **Impact:** Responsible for assessment of fund requirements and monitoring of fund utilization. **Action Required:** Assess fund needs, monitor fund use, and report on the disbursement. **Stakeholder: Beneficiary Units (listed companies):** **Impact:** Receipt of financial assistance for their industrial projects. **Action Required:** Utilize funds efficiently and in compliance with regulations, ensure timely repayments, and comply with reporting requirements. **Stakeholder: Finance Department:** **Impact:** Oversees the financial allocation and ensures compliance with budgetary provisions. **Action Required:** Monitor expenditure.

Key Entities Referenced

U.P. Financial Corporation: Instrumental in the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2012, responsible for disbursing and recovering loans to eligible units. Kanpur: Location of the Directorate of Industries, which plays a key role in assessing the need for funds and monitoring the utilization of funds related to the scheme. Industrial Investment Promotion Scheme-2012: This scheme provides financial assistance and incentives for industrial development in Uttar Pradesh. Directorate of Industries: The primary department responsible for industry-related matters and execution in Uttar Pradesh. Uttar Pradesh: The state where the policy is applicable.
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USAI-29/2020/746/77-6-2020-4(aste)/6eret प्रेषक, सुजाता शर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक,उद्योग, उद्योग निदेशालय कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 25 अगस्त, 2020 विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन alste-20I2 के क्रियान्वयन हेतु रू.4,69,86000.00 Ar वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक उ0प्र0वित्तीय निगम के पत्र Bea-i6/fatevfaatia/2020-202 दिनांक 03.07.2020, पत्र Bea-53/fafe/Taaita/2020-202 दिनांक 4.07.2020, पत्र संख्या-370/विनि/ वियोवि/2020-202। fedie 30.04.2020 vad पत्र... संख्या-369/विनि/वियोवि/2020-202 दिनांक 0.04.2020 द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Botel-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2020-2। के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू0 780.00 करोड़ (रू0 एक सौ अस्सी करोड़ मात्र) के सापेक्ष धनराशि BO 469.86 लाख (रू0 चार सौ उन्हत्तर लाख छियासी हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने का अनुरोध किया गया हैं, पात्र 08 इकाईयों का विवरण निम्नवत्‌ हैं:- क्रमांक । इकाई का नाम धनराशि (रू.लाख मैं) | मेसर्स एस0डी0 इन्टरनेशनल प्राललि0 गोरखपुर(वित्तीय वर्ष 20(5-46) अवशेष 30.86 2 मेसर्स अम्बा शाकित स्टील्‍्स लि0,मुजफ्फरनगर (वित्तीय वर्ष 2044-5) 65.60 3 मेसर्स अपोलो मेटालेक्स WOO, बुलन्दशहर (वित्तीय वर्ष 2074-5) 5.28 4 मेसर्स अपोलो मेटालेक्स प्रा0लि0, बुलन्दशहर (वित्तीय वर्ष 205-76) 27.88 5 मेसर्स कानपुर पैकेजर्स WOO, कानपुर (वित्तीय वर्ष 206-7) 6.36 6. | मेसर्स ब्लू स्टार सीमेन्ट लि0 बुलन्दशहर (वित्तीय वर्ष 2076-7) 25.36 7 मेसर्स आर0एल0जे0इन्फ्रासीमेन्ट WOO, मिर्जापुर(वित्तीय वर्ष 204-75) 5.00 8. मेसर्स आर0एल0जे0इन्फ्रासीमेन्ट WOO, मिर्जापुर(वित्तीय वर्ष 205-76) 9.52 योग- 469.86 2. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना- 202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2020-2। के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक- 6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-0-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 202-30-निवेश/ऋण, A प्राविधानित धनराशि BO (80.00 करोड़ (रू0 एक सौ अस्सी करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपर्युक्त 08 पात्र इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरण हेतु समेकित रूप से धनराशि रू. 469.86 लाख (GO चार at उन्हत्तर I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |लाख fear हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निमनलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- 4- उक्त धनराशि उ0प्र0वित्तीय निगम द्वारा उपलब्ध कराये गये 08 इकाईयों के बैंक खातों (संलग्नक-।) में सीधे आएटी0जी0एएस0 के माध्यम से अन्तरित की जायेगी तथा आहरित धनराशि उ0प्र0 वित्तीय निगम के बैंक खाते में जमा नहीं की जायेगी। धनराशि वितरण के उपरान्त वितरण से संबंधित सभी आवश्यक विवरण साक्ष्य सहित आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा उ0प्र0वित्तीय निगम को उपलब्ध कराये जायेंगे। स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। इसका उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबंध निदेशक, उ0प्र0वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर के माध्यम से शासन के औद्योगिक विकास अनुभाग-6/वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा। यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 202 में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन उ0प्र0 वित्तीय निगम में प्राप्त हो या आगे प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम A वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की age का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0वित्तीय निगम पर होगा। उ0प्र0वित्तीय निगम दूवारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। उ0प्र0वित्तीय निगम द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि संबंधित इकाई दूवारा ऋण की अदायगी किये जाने के 02-03 कार्य दिवसों के अन्दर ही धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाय। ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (4.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। धनराशि का आहरण तभी किया जायेगा जब उसके तत्काल उपभोग की आवश्यकता हो। स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आकलन आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर, दूवारा किया जाएगा। उ0प्र0वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उ0प्र0वित्तीय निगम दूवारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। - उ0प्र0 वित्तीय निगम cant वितरित ऋणों की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली में शिथिलता Ka जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विभाग द्वारा की जायेगी। 2- स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-/2020/बी-- 49/€4-2020-23/2020 दिनांक 24 Ard, 2020 cant जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिये स्वीकृत किया गया है। I4- धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाईयों की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। i5- इस संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2020-2 के आय-व्ययक में उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-04-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 202-30-fader /ऋण के aA डाला जाएगा। (6- यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय संख्या-ई-6-586/दस-2020 दिनांक 78.08.2020 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। भवदीया, सुजाता शर्मा विशेष सचिव। संख्या-29/2020/4746/77-6-2020-4(बजट)/6टीसी,तद्ुदिनांक उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उ.प्र. प्रयागराज | 2- महालेखाकार, (लेखा-परीक्षा) प्रथम/दृवितीय, उ.प्र., प्रयागराज। 3- मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर। 4- प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम, कानपुर को पत्रांक-।635/विनि/वियोवि/2020-202 दिनांक 0-04-2020, Gath-6/Tafe/Taatta/2020-202 दिनांक 03-07-2020 एवं पत्रांक- 53/fafet/faata/2020-202 दिनांक 4-07-2020 के क्रम में HHA कार्यवाही हेतु। 5- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। 6- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 7- अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग,उ0प्र0 शासन। 8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 8- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 9- नियोजन अनुभाग-/4 0- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 Ii- गार्ड फाइल। आजा से, रजनी कान्त पाण्डेय अनु सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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