Home India औद्योगिक विकास विभाग औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु रू....
Date: 2020-12-30 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु रू.41,93,000.00 की वित्तीय स्वीकृति।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

This document is a letter from the Government of Uttar Pradesh, specifically from the Industrial Development Section-6, addressed to the Commissioner and Director of Industries, Directorate of Industries, Kanpur, dated December 30, 2020. The subject is the financial approval of Rs. 41,93,000.00 for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2012. The letter approves the release of Rs. 41.93 Lakh to M/s. Shree Bhageshwari Papers Pvt. Ltd. for the financial year 2020-21 under the Industrial Investment Promotion Scheme-2012. The financial sanction is subject to specific conditions and restrictions, as follows: 1. The approved amount will be directly transferred to the bank account of the eligible unit through the U.P. Financial Corporation. 2. The Commissioner and Director will furnish all necessary details and evidence of disbursement to the U.P. Financial Corporation. 3. The U.P. Financial Corporation will maintain records of the sanctioned amount. 4. The funds will be disbursed only to units fully complying with the Industrial Investment Promotion Regulations-2012. 5. Funds will be released to eligible new units based on the order of their applications, after completing all necessary formalities. 6. The U.P. Financial Corporation bears full responsibility for recovering the disbursed loans. 7. The U.P. Financial Corporation must ensure that loan repayments are deposited in the treasury within 2-3 working days. 8. Interest at 1.25% per month will be charged on late repayments. 9. The funds will be withdrawn from the treasury based on immediate needs. 10. Funds will be withdrawn monthly as required, assessed by the Commissioner and Director, Industries, Kanpur. 11. The U.P. Financial Corporation is responsible for regularly ensuring loan recovery. 12. All guidelines issued by the Finance Department must be followed. 13. The expenditure must be done in a specific header, as provided in the letter. 14. The Commissioner and Director, Industries, Kanpur, must verify the eligibility of the units before releasing the funds. The expenditure will be debited to the relevant budget head for the fiscal year 2020-21. The order is issued with the concurrence of the Finance Department, dated December 28, 2020. Copies of the letter are forwarded to various officials and departments for information and necessary action, including the Accountant General, Chief Treasury Officer, Managing Director of U.P. Financial Corporation, Director of Industries, and others. Contact information for any further questions will be: Rajni Kant Pandey, Additional Secretary.

Key Entities Referenced

आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर: Commissioner and Director of Industries, responsible for assessing need and monitoring fund utilization. औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: A scheme for promoting industrial investment. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: Financial institution responsible for disbursing and recovering loans under the scheme. उत्तर प्रदेश शासन: Governing body of Uttar Pradesh
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USAI-42/2020/2728/77-6-2020-4(aste)/6eret प्रेषक, रजनी lec पाण्डेय, अनु सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक,उद्योग, उद्योग निदेशालय कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 30 दिसम्बर, 2020 विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु &.47,93,000.00 की वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक उ0प्र0वित्तीय निगम के पत्र Bea-i6/fatevfaatia/2020-202 दिनांक 4.09.2020, एवं पत्र संख्या-369/विनि/वियोवि/2020-202 दिनांक 0-04-2020 cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन AWoteaT-20I2 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2020-24 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष योजनान्तर्गत पात्र 0। इकाई हेतु धनराशि BO 4.93 लाख (रू0 इकतालिस लाख तिरानवे हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का विवरण निम्नवत हैं:- इकाई का नाम धनराशि (रू.लाख में) मेसर्स श्री भागेश्वरी पेपर्स WOO, मुजफ्फरनगर (वित्तीय वर्ष 2076-77) 47.93 योग- 47.93 (रूपये इकतालिस ae तिरानवे हजार मात्र) 2. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना- 202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2020-2। के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक- 6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-0-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 202-30-निवेश/ऋण, A प्राविधानित धनराशि GO 80.00 करोड़ (रू0 एक सौ अस्सी करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपर्युक्त 0 पात्र इकाई को ब्याज मुक्त ऋण वितरण हेतु धनराशि रू. 4.93 लाख (रू0 इकतालिस लाख तिरानवे हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निमनलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- I- स्वीकृत धनराशि उ0प्र0वित्तीय निगम cant उपलब्ध कराये गये पात्र इकाई के बैंक खाते में सीधे अन्तरित की जाएगी। आहरित धनराशि उ0प्र0वित्तीय निगम के बैंक खाते में जमा नहीं की जाएगी। 2- धनराशि वितरण के उपरान्त वितरण से संबंधित सभी आवश्यक विवरण साक्ष्य सहित आयुक्त एवं निदेशक दूवारा उ0प्र0वित्तीय निगम को उपलब्ध कराये जायेंगे। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उ0प्र0वित्तीय निगम दूवारा रखा जाएगा। इस उपयोगिता प्रमाण- पत्र प्रबन्ध निदेशक,उ0प्र0वित्तीय निगम can हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर के माध्यम शासन के औद्योगिक विकास अनुभाग-6/वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा। यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ी- 20i2 में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हों। यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन उ0प्र0वित्तीय निगम में प्राप्त हो या आगे प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम A वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0वित्तीय निगम पर होगा। उ0प्र0वित्तीय निगम दूवारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। उ0प्र0वित्तीय निगम द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि संबंधित इकाई दूवारा ऋण की अदायगी किये जाने के 02-03 कार्य दिवसों के अन्दर ही धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाय। ऋण की वापसी A विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिकता के आधार पर ही किया जाएगा। स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आकलन आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर, दूवारा किया जाएगा। उ0प्र0वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उ0प्र0वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही Heo किश्त का आहरण किया जाएगा। - उ0प्र0 वित्तीय निगम aan वितरित ऋणों की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली में शिथिलता Ka जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विभाग दूवारा की जायेगी। प्रशासकीय विभाग ऋण की परिपक्वता अवधि के उपरान्त सम्बन्धित इकाई से ऋण की वसूली सुनश्चित कर राजकोष में जमा करायेगें। 2- स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-/2020/बी-- 49/दस-2020-23/2020 दिनांक 24 मार्च, 2020, 07.04.2020, .04.2020 a 8.05.2020 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 3- स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा जिसके लिये स्वीकृत किया गया है। 4- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग कानपुर धनराशि Hated करने के पूर्व इकाईयों की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो cal] आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग धनराशि अवमुक्त करने से पूर्व इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावलत्ली-202 के अन्तर्गत उ0प्र0वित्तीय निगम दूवारा इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गयी हैं। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |i5- इस संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2020-2 के आय-व्ययक में उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-04-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 202-30-fader /ऋण के aA डाला जाएगा। I6- यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय संख्या-ई-6-93/दस-2020 दिनांक 28.2.2020 मैं प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। भवदीय, रजनी led पाण्डेय अनु सचिव। संख्या-42/2020/2728()/77-6-2020-4(बजट)/46टीसी,तद्दिनांक उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- l- महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दूवितीय, उ.प्र. प्रयागराज | 2- महालेखाकार, (लेखा-परीक्षा) प्रथम/दृवितीय, उ.प्र., प्रयागराज। 3- मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर । 4- प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम, कानपुर को. पत्रांक-635/विनि/वियोवि/2020-202 दिनांक 0-04-2020, एवं पत्र Aes-6/fata/Taaita/2020-202 दिनांक .09.2020 के क्रम में अग्रे्तर कार्यवाही Fd 5- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। 6- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 7- अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग,उ0प्र0 शासन। 8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 8- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 9- नियोजन अनुभाग-/4 0- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 Ji- गार्ड फाइल। आज्ञा से, रजनी led पाण्डेय अनु सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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