This document, dated March 23, 2022, from the Industrial Development Section-6 of the Uttar Pradesh Government, approves a financial sanction of ₹422.42 Lakh for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2012. The sanction is directed towards M/s Kanodia Cement Ltd. (Unit No. 3) in Bulandshahr district (Financial Year 2016-17).
The sanctioned amount is to be used for providing interest-free loans. The allocated funds are derived from Grant No. 7, under account code 6885 concerning Industries and Minerals, specifically directed to industrial financial institutions and investment/loans. Several conditions apply, including direct deposit of funds into the beneficiary's bank account, restriction on fund usage to the approved purpose, and the requirement for U.P. Financial Corporation to maintain accounts.
The order references correspondence from the U.P. Financial Corporation (letters dated November 23, 2021, and February 1, 2022).
The issued order references order number 16/2022/241/77-6-2022-6003/67/2019(part-1).
The letter is addressed to the Commissioner and Director of Industries, Directorate of Industries, Kanpur. Contact can be established through the same.
Anil Kumar, Joint Secretary, issues the communication on behalf of the Uttar Pradesh Government.
Key Entities Referenced
Industrial Investment Promotion Scheme-2012: A scheme in Uttar Pradesh for promoting industrial investment.
UP Financial Corporation: The Uttar Pradesh Financial Corporation is responsible for disbursing and recovering loans under the Industrial Investment Promotion Scheme-2012.
Kanodia Cement Ltd: A company (specifically, Unit No. 3 located in Bulandshahr district) that is the recipient of financial assistance under the Industrial Investment Promotion Scheme-2012.
Bulandshahr: District in Uttar Pradesh where the beneficiary industry is located.
Industrial Development Section-6: The division of the government responsible for issuing the order related to the industrial scheme.
संख्या-6/2022/247/77-6-2022-6003/67/209(087-)
प्रेषक,
अनिल कुमार,
संयुक्त सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा मैं,
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग,
उद्योग निदेशालय,
कानपुर |
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 23 मार्च, 2022
विषय:- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु रू.422.42 लाख की वित्तीय
स्वीकृति के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उ0प्र0 fad निगम. के . पत्रांक-672/विनि/वियोवि/202-2022 दिनांक
23-44-202। एवं पत्रांक- 827/वियोवि/202-22 दिनांक 0/02.02.2022 द्वारा अवगत कराया गया है कि
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के अन्तर्गत पात्र इकाई AO कनोडिया सीमेन्ट लि0 (यूनिट नं0 3)
जनपद-बुलन्दशहर को (वित्तीय वर्ष 206-7) हेतु स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किये जाने हेतु
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन AloteM-20i2 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-22 के आय-व्ययक मैं
प्राविधािनित धनराशि रू.70.33 करोड़ (रूपया Bat करोड़ तैतीस लाख मात्र) के सापेक्ष धनराशि रू.422.42 लाख
(रूपया चार करोड़ बाइस लाख बयालिस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने का अनुरोध किया गया
है, पात्र इकाई का विवरण निम्नवत हैं:-
क्रमांक | काई का नाम धनराशि (रू.लाख मैं)
मेसर्स कनोडिया सीमेन्ट लि0(यूनिट AO 3) जनपद-बुलन्दशहर 422.42
(वित्तीय वर्ष 206-7)
"छा 422.42
(रूपया चार करोड़ बाइस
ख़ बयालिस हजार मात्र)
2. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Alote-20i2 के
क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 202-22 के आय-व्ययक मैं अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा
खनिज के लिए अन्य कर्ज-04-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र तथा अन्य उपक्रमों
को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Alotal-20(2-30- निवेश/ऋण, A प्राविधािनित धनराशि रू.70.33
करोड़(रूपया सत्तर करोड़ तैतीस लाख मात्र) के सापेक्ष अवशेष धनराशि में से उक्त इकाई को ब्याज मुक्त ऋण
वितरण करने हेतु धनराशि रू.422.42 लाख(रूपया चार करोड़ बाइस लाख बयालिस हजार मात्र) की वित्तीय
स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान
करते है:-
. स्वीकृत धनराशि जिस इकाई को भुगतान किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे जमा की जाएगी।
2. किसी परिस्थिति मैं धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं
रखा जाएगा।
3. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है।
4, स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उ0प्र0 वित्तीय निगम GaN रखा जाएगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |इसका उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम दूवारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं
निदेशक, उद्योग कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास अनुभाग-6/ वित्त(आय-
व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वीकृति धनराशि उन पात्र इकाईयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
नियमावली-202 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाईयों, जिनके प्रत्यावेदन उ0प्र0 वित्तीय निगम में प्राप्त हो या आगे
प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं
एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी।
पात्र इकाईयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम पर होगा। उ0प्र0
वित्तीय निगम दूवारा इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
नियमावली 20i2 मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की
सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएगी।
उ0प्र0 वित्तीय निगम पर यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र इकाईयों को अनुमन्य ब्याज
मुक्त ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है। स्वीकृत की जा रही
धनराशि की शुद्धता उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
0. उ0प्र0 वित्तीय निगम cant यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित इकाई द्वारा ऋण की
अदायगी किये जाने के 02-03 कार्य दिवसों के अन्दर धनराशि राजकोष A जमा करा दी जाए।
4]. ऋण वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाली ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह
साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
2. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जाएगा।
3. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आकलन
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपर
4.
5.
6.
ग7.
पुर द्वारा किया जाएगा। उ0प्र0 वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए
गए ऋण के सापेक्ष उ0प्र0वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग कानपुर CART किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरांत ही
अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
उ0प्र0 वित्तीय निगम cant वितरित ऋणों की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली
में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विशाग द्वारा की
जाएगी।
स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप दिनांक
22 मार्च, 202 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित किया जाएगा।
उ0प्र0 वित्तीय निगम औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202 के प्राविधानों के अनुसार इकाई
की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे कि औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावली-202 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु
प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गयी हैँ एवं इस
आशय की आख्या उ0प्र0 वित्तीय निगम CaN आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग कानपुर को उपलब्ध
कराने के पश्चात ही उनके CANT धनराशि आहरित की जाएगी।
उ0प्र0 वित्तीय निगम धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं आकड़ों की शुद्धता का
परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |8. इस संबंध मैं होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 202-22 के आय-व्ययक मैं उद्योग fase की अनुदान
संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य Hot-0l-3ileaitfern वित्तीय
संस्थाओं को कर्ज-490-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को. कर्ज-07-औद्योगिकक निवेश
प्रोत्साहन योजना-202-30-निवेश/ऋण के नाम डाला जाएगा।
3. यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय AeAN-S-3474-ZH-202-22 दिनांक 22.03.2022 में प्राप्त उनकी
सहमति से जारी किये जा रहे है।
भवदीय,
(अनिल कुमार)
संयुक्त सचिव।
WCAI- 6/2022/24 /77-6-202-6003/67/209Me- Agicalen
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
।. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ.प्र. प्रयागराज |
2. महालेखाकार, (लेखा-परीक्षा) प्रथम/दुवितीय, उ.प्र. प्रयागराज।
3. मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर ।
4. अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म,लघु,मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन।
५. alse अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
6. प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम, कानपुर को पत्र संख्या-672/विनि/वियोवि/202-22 दिनांक 23-
44-202। एवं पत्रांक- 827faatia/202-22 दिनांक 04/02.02.2022 के क्रम A अग्रेत्तर कार्यवाही
सुनिश्चित करने हेतु।
7. आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
8. निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
9. वित्त(आय-व्ययक) अनुभ्ाग-4/4
0. वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
. नियोजन अनुभाग-/4
2. औद्योगिक विकास अनुभाग-2
3. गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
(अनिल कुमार)
संयुक्त सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |