**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़, दिनांक 15 जुलाई 2022, औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के कार्यान्वयन के लिए मेसर्स कनोडिया सीमेंट लि0, यूनिट नं0 3, जनपद-बुलंदशहर को वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए कुल 422.42 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति के जारी करने की मंजूरी प्रदान करता है। यह धनराशि निगम द्वारा स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण के वितरण के लिए निर्धारित की गयी है और कुछ नियमों और शर्तों के अधीन है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*स्वीकृति और धनराशि का वितरण:*
* मेसर्स कनोडिया सीमेन्ट लि0, यूनिट नं0 3, जनपद-बुलन्दशहर के लिए 422.42 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की जाती है, जिसका भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा।
* वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत अनुदान संख्या-7 के लेखाशीर्षक 6885011900700 के तहत यह राशि आवंटित की गई है।
* उक्त इकाई को ब्याज मुक्त ऋण वितरित करने के लिए 75.00 करोड़ रुपये में से 422.42 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
*नियम और शर्तें:*
* स्वीकृत धनराशि को आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा।
* स्वीकृत धनराशि सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से पात्र इकाई के बैंक खाते में अन्तरित की जायेगी।
* स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा।
* स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है।
* धनराशि का आहरण तात्कालिक आवश्यकतानुसार किया जाएगा।
*वसूली और अनुपालन:*
* पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम पर होगा।
* वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी।
* ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (1.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
* यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
**प्रभाव विश्लेषण**
**उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी):**
*प्रभाव:*
उन्हें मेसर्स कनोडिया सीमेन्ट लि0 को ऋण वितरण की निगरानी करनी होगी और वसूली सुनिश्चित करनी होगी। उन्हें धन के उपयोग का प्रमाण पत्र भी प्रदान करना होगा।
*आवश्यक कार्रवाई:*
यूपीएफसी को यह सुनिश्चित करना होगा कि लाभार्थियों द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) का अनुपालन किया जाए।
**आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर:**
*प्रभाव:*
उन्हें धनराशि का अनुमान लगाना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि धनराशि सदुपयोग की गई है।
*आवश्यक कार्रवाई:*
उन्हें समय पर वितरण और उपयोग सुनिश्चित करने के लिए यूपीएफसी के साथ सहयोग करना होगा।
**मेसर्स कनोडिया सीमेन्ट लि0, यूनिट नं0 3, जनपद-बुलन्दशहर:**
*प्रभाव:*
उन्हें 422.42 लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त होगा।
*आवश्यक कार्रवाई:*
उन्हें औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पालन करना होगा और ऋण का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए करना होगा।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना।
उ0प्र0 वित्तीय निगम: उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, एक वित्तीय संस्थान है जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत इकाईयों को ऋण वितरित करने के लिए जिम्मेदार है।
उद्योग निदेशालय, कानपुर: उत्तर प्रदेश सरकार का एक विभाग जो राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देता है और औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के कार्यान्वयन में शामिल है।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास विभाग का एक अनुभाग जो विशेष रूप से औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 से संबंधित है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार, नीति और योजना के लिए शासी प्राधिकरण।
WEAT-33/2022/749/77-6-2022-6003/67/209(aTe-)
प्रेषक,
रजनी कान्त पाण्डेय,
अनु सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग,
उद्योग निदेशायल, ATT
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 75 जुलाई, 2022
विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन UWolel-20i2 के क्रियान्वयन हेतु रू.422.42 लाख की
वित्तीय स्वीकृति के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उ0प्र0वित्तीय निगम के पत्रांक-37/वि0नि0/वियोवि/मुख्या0/2022-23
दिनांक 4.04.2022 दूवारा अवगत कराया गया है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-
20i2 के अन्तर्गत पात्र इकाई मेसर्स कनोडिया सीमेन्ट लि0, यूनिट नं0 3, जनपद-
बुलन्दशहर को (वित्त वर्ष 206-7) हेतु निगम cant स्वीकृत किये गए ब्याजमुक्त ऋण के
वितरण हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष 2022-23 में योजनान्तर्गत प्राविधानित बजट धनराशि के
सापेक्ष कुल धनराशि रू.422.42लाख (रूपये चार करोड़ बाइस लाख बयालिस हजार मात्र) की
वित्तीय स्वीकृति निर्गत किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का विवरण
निम्नवत. हैं:-
क्रमांक | इका का नाम धनराशि(रू.लाख में)
। मेसर्स कनोडिया सीमेन्ट लि0, यूनिट नं0 3, जनपद- | 422.42
बुलन्दशहर (वित्त वर्ष 206-77)
कुल योग- 422.42
(रूपये चार करोड़ बाइस
लाख बयालिस हजार
मात्र)
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-7
के लेखाशीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-04-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं
को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
योजना-202-30-निवेश/ऋण, में प्राविधािनित धनराशि रू.75.00 करोड़ (रूपये पचहत्तर करोड़
मात्र) के सापेक्ष उक्त इकाई को ब्याज मुक्त ऋण वितरित करने हेतु रू.422.42 लाख(रूपये
चार करोड़ बाइस लाख बयालिस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं
प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
नियम व शर्ते / प्रतिबन्धों
I- धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे आहरित
कर जमा की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक,
उ0प्र0 वित्तीय निगम CART हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के
माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय-
व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा।|
2- 3040 वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध A
अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध मैं स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर
लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक
औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है।
3- स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही
किया जायेगा।
4- किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य
किसी खाते में नहीं रखा जाएगा।
5- स्वीकृत धनराशि सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से पात्र इकाई के बैंक
खाते में अन्तरित की जायेगी।
6- स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा।
7- स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत
किया गया है।
8- यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावल्नी-202 (यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन
सुनिश्चित करती हो।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |9- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम
पर होगा। वसूली में शिथिलता Ka जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर
कार्यवाही शासन ART की जायेगी।
40- यदि इकाईयों cant ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट
की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा।
I- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उ0प्र0 वित्तीय निगम
पर होगा। उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी
हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202(यथा संशोधित) में दिए गए
प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु
समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
2- ऋण की वापसी मैं विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (.25
प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
3- यदि उ0प्र0 वित्तीय निगम द्वारा किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता
है तो 30 WO वित्तीय निगम cant शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज
की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा।
4- स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानसार नुसार किया जाएगा।
आवश्यकता का आंकलन आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा।
उ0प्र0 वित्तीय निगम कोउपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उ0प्र0 वित्तीय निगम
दूवारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा
किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध मेंसंतुष्ट होने के उपरान्त ही
अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
5- स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के
कार्यालय AM दिनांक 07.06.2022 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-
निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
6- उ0प्र0 वित्तीय निगम cant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता
एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 4,22,42,000 (रुपये चार करोड़ बाईस लाख बयालीस
हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 20222023 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा
शीर्षक 68850900700 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 202 मानक मद 30
निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- यह आदेश कंप्यूटर GANT उत्पन्न संख्या £-6-30-20-2022-23-दिनांक:4-7-2022 A
प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे है।
भवदीय,
रजनी Sled पाण्डेय
अनु सचिव।
UEAI-33/2022/749( )/77-6-2022-6003/67/20 9(ae- aaah |
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
- महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज।
2- महालेखाकार(लेखा-परीक्षा) प्रथम/दृवितीय, उ0प्र0,लखनऊ/प्रयागराज।
3- मुख्य कोषाधिकारी, HT |
4- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, 30 प्र0
Maat |
5- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, 30W0 शासन।
6- प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 वित्तीय निगम को पत्रांक-37/विनि/वियोवि/2022-23 दिनांक
-04-2022 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु।
7- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
8- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
9- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4
0- fact (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
T4- नियोजन अनुभाग-/4
2- औद्योगिक विकास अनुभाग-2
3- गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
रजनी Sled पाण्डेय
अनु सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |