Home India औद्योगिक विकास विभाग अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 (मेगा परियाजना) के का...
Date: 2022-08-23 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 (मेगा परियाजना) के कार्यान्वयन हेतु रू.47,20,96,327.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

Research with AI Agent Chat with Document Generate Summary Translate Helpful Share Add to Project Create Task

Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 (मेगा परियोजना) के कार्यान्वयन के लिए 47,20,96,327.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी करता है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए तीन योग्य औद्योगिक इकाइयों को स्थापना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन कुछ रियायतें प्रदान करने के लिए है। यह शासनादेश 23 अगस्त, 2022 को जारी किया गया है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *स्वीकृति और आवंटन:* * कुल 47,20,96,327.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। * यह धनराशि अवस्थापना और औद्योगिक निवेश नीति-2012 के कार्यान्वयन के लिए निर्धारित है। * यह स्वीकृति तीन योग्य औद्योगिक इकाइयों को सुविधाओं और रियायतें प्रदान करने के उद्देश्य से है। *वित्तीय विवरण:* * धनराशि वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए आवंटित की गई है। * आवंटन अनुदान संख्या-7, लेखाशीर्षक 2885-उ‌द्योगो तथा खनिजों पर अन्य परिव्यय-60-अन्य-800-अन्य व्यय-19-अवस्थापना एवं औ‌द्योगिक निवेश नीति-2012 का कार्यान्वयन-27 सब्सिडी के तहत किया जाता है। * सूचीबद्ध कंपनियों को वितरित की जाने वाली धनराशि को विनिर्देशों के अनुसार निर्दिष्ट खातों में स्थानांतरित किया जाना है। *शर्तें और प्रतिबंध:* * स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाएगा जिसके लिए इसे मंजूरी दी गई है। * धनराशि का वितरण प्रासंगिक वित्तीय विनियमों और दिशानिर्देशों का पालन करेगा। * धनराशि का वितरण इलेक्ट्रॉनिक रूप से एनईएफटी/आरटीजीएस के माध्यम से किया जाएगा। * धनराशि को पहले से स्वीकृत बैंक खातों के अलावा अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाना चाहिए। * उपयोगिता प्रमाण पत्र का प्रबंधन निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा, जिसे फिर आयुक्त और निदेशक उद्योग को प्रस्तुत किया जाएगा। * पिकप धनराशि जारी करने से पहले इकाई की पात्रता और डेटा सटीकता का परीक्षण करेगा। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के रजनी कान्त पाण्डेय, अनु सचिव। **प्रभाव:** शासनादेश जारी किया और स्वीकृत वित्तीय सहायता के कार्यान्वयन की निगरानी करना। **आवश्यक कार्रवाई:** शर्तों और प्रतिबंधों के अनुपालन को सुनिश्चित करें, धनराशि के वितरण की निगरानी करें, और पिकप से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करें। **हितधारक:** उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। **प्रभाव:** निधियों का उचित वितरण सुनिश्चित करना और प्रक्रिया की निगरानी करना। **आवश्यक कार्रवाई:** धनराशि के वितरण के बाद, सभी प्रासंगिक दस्तावेजों को एकत्र करें और पिकप को प्रदान करें। **हितधारक:** पिकप (नोडल एजेंसी)। **प्रभाव:** लाभार्थी कंपनियों को धन का वितरण, प्रशासनिक व्यय का प्रबंधन, और पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना। **आवश्यक कार्रवाई:** स्वीकृत धनराशि को आवंटित करना, धन का लेखा-जोखा रखना, एक उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी करना और धन का उपयोगिता सुनिश्चित करना। **हितधारक:** मेसर्स पसवारा, मेसर्स श्री सीमेंट लि०, बुलंदशहर, और मेसर्स वरुण बेवरेजस लि० जैसी लाभार्थी औद्योगिक इकाइयाँ। **प्रभाव:** औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करना। **आवश्यक कार्रवाई:** स्वीकृत धनराशि का उपयोग इच्छित उद्देश्य के लिए करें, सभी आवश्यक दस्तावेजों को प्रदान करें, और निधि उपयोग के बारे में पिकप को रिपोर्ट करें। **हितधारक:** वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1। **प्रभाव:** आवंटन की वित्तीय मंजूरी देना। **आवश्यक कार्रवाई:** इस आदेश को निर्गत करने के लिए वित्त विभाग द्वारा सहमति प्राप्त करना। **हितधारक:** महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), महालेखाकार (लेखा परीक्षा), मुख्य कोषाधिकारी, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर, अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन, निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय और वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1/4 **प्रभाव:** सूचित किया जाना। **आवश्यक कार्रवाई:** आवश्यक कार्रवाई करने के लिए इस शासनादेश की प्रति प्राप्त करें।

Key Entities Referenced

औद्योगिक विकास अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो औद्योगिक विकास से संबंधित है अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 (मेगा परियाजना): औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई उत्तर प्रदेश सरकार की नीति। पिकप (PICUP): उत्तर प्रदेश सरकार की नोडल एजेंसी जो अवसंरचना और औद्योगिक निवेश नीति के तहत पात्र औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय सहायता वितरित करती है। उत्तर प्रदेश शासन: वह शासकीय संगठन जो आदेश जारी करता है।
Official Source Record View Original Source →
See Full Document Text
B°EaAT-37/2022/4606/2022/77-6-2022-6002(099)/2/2022 रजनी Aled पाण्डेय, अनु सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, संयुक्त आयुक्त , उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक: 23 अगस्त, 2022 विषय:- अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश sffa-202 (मेगा परियाजना) के कार्यान्वयन हेतु रू.47,20,96,327.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में महोदय, उपर्युक्त विषयक पिकप के पत्रांक-पिकप/आई.आई.आई.पी.-202/मेगा2383 दिनांक 24.06.2022 cant वित्तीय वर्ष 2022-23 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-7 के लेखाशीर्षक-2885-उद्योगो तथा खनिजों पर अन्य परिव्यय-60-अन्य-800-अन्य cay-79- अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश AfA-20I2 का कार्यान्वयन-27 सब्सिडी में अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश affa-20i2(Aen परियोजना) के अन्तर्गत पात्र औद्योगिक इकाईयों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से दी जाने वाली सुविधाओं/रियायतों हेतु धनराशि रू.47,20,96,327.00(रूपये सैंतालिस करोड़ बीस लाख छियान्बे हजार तीन सौ सत्ताईस एवं पैसे शून्य मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने का अनुरोध किया गया है। पिकप द्वारा लाभार्थी इकाईयों का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत है:- कम्पनी Tare शासनादेश दिनांक नोडल इकाईयों को सं. नुमन्य 26-03-2024 के एजेन्सी(पिकप) |वितरित की जाने धनराशि नुपालन में देय |को देय वाली धनराशि (HAART धनराशिप्रशासनिक का 90 प्रतिशत) + व्यय की प्रतिपूर्ति की राशि (देय धनराशि का + प्रतिशत) || 2 3 4 5 PB . bas पसवारा |t,52,29,063.00 |7,37,06,57.00 ,37,062.00 |7,35,69,095.00 I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |पेपर्स लि0 2 feat श्री Aic89,95,36,273.00)35,59,82,645.00/35,59,826.00 |35,24,22,89.00 लिए, बुलन्दशहर 3 bert वरूण. (,37,86,39.000,24,07,525.0040,24,075.00 |0,3,83,450.00 बेवरेजस लि0 कल योग 52,45,54,475.0047,20,96,327.0047,20,963.00 |46, 73, 75,364.00 2 कुल धनराशि (5+6) 47 ,20,96,327.00 2. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के आय- व्ययक में अनुदान संख्या-7 के लेखाशीर्षक 2885-उद्योगो तथा खनिजों पर अन्य परिव्यय- 60-अन्य-800-अन्य व्यय-9-अवस्थापना एवं. औद्योगिक निवेश नीति-202 का कार्यान्वयन-27 सब्सिडी में प्राविधानित धनराशि रू. 294.4.aNis(ers दो सौ चौरान्बे करोड़ इकतालिस लाख मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त 03 पात्र औद्योगिक इकाईयों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के उददेश्य से. दी. जाने. aol सुविधाओं/रियायतों हेतु धनराशि रू.47,20,96,327.00(रूपये सैंतालिस करोड़ बीस लाख छियान्बे हजार तीन सौ सत्ताईस एवं पैसे शून्य मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्तें / प्रतिबन्धों t. स्वीकृत धनराशि को आहरित करके पिकप cant उपलब्ध कराए गए लाभार्थी कम्पनियों एवं पिकप के खाते में सीधि एन0ई0एफ0टी0/आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। 2. स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा। 3. उपरोक्त तालिका के स्तम्भ-6 में aes गयी धनराशि उक्त लाभार्थी कंपनियों के बैंक खातों में अन्तरित की जाएगी जिसका विवरण संत्ग्नक-2 पर Sl उक्त स्तम्भ-5 में दर्शाई धनराशि कुल योग रू.47,20,963.00(रूपये सैंतालिस लाख बीस हजार नौ at तिरसठ मात्र) पिकप के बैंक खातें(संलग्नक-3) मैं प्रशासनिक व्यय के रूप में हस्तांतरित की जाएगी। 4. उक्त धनराशि का लेखा-जोखा पिकप cant रखा जाएगा। 5. किसी परिस्थति में धनराशि को पूर्व में आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/ अन्य किसी खातें में नहीं रखा जाएगा। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |6. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। 7. स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AM दिनांक 07.06.2022 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 8. धनराशि वितरण के उपरान्त वितरण से सम्बन्धिवत सभी आवश्यक विवरण साक्ष्य सहित संयुक्त /अपर आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ द्वारा पिकप को उपलब्ध कराए जायेंगे। 9. उक्त धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबन्ध निदेशक पिकप, द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के माध्यम से समस्त संबंधितो को समयान्तर्गत उपलब्ध कराया जाएगा। 0.पिकप धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाई की पात्रता एवं sist की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 2- sa संबंध में होने वाला व्यय रुपये 47,20,96,327 ( रुपये सैंताबीस करोड़ बीस लाख छियानबे हजार तीन सौ सत्ताईस मात्र ) को चालू वित्तीय वर्ष 2022-2023 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 288560800900 अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-202 का कार्यान्वयन मानक मद 27 सब्सिडी के aA डाला जायेगा। 3-... यह. आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या ई-6-53-दस-2022-23, दिनांक 23.08. 2022 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, रजनी कान्त पाण्डेय अनु सचिव। संख्या-37/2022/606/2022/77-6-2022-6002(099)/2/2022, तद्‌ दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- NW महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी) प्रथम/ द्वितीय उ0प्र0प्रयागराज। महालेखाकार(लेखा परीक्षा) प्रथम/ द्वितीय, उ0प्र0 लखनऊ/प्रयागराज। मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर | अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्रण0शासन। प्रबन्ध निदेशक, पिकप को उनके. पत्रांक-पिकप/आई.आई.आई.पी.-202/मेगा/383दिनांक 24.06.2022 के संदर्भ में sae कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु। निदेशक, वित्तीय सांख्यिककीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8. वित्त(आय-व्ययक) अनुभाग-/4 ली YN > ~ I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |9, वित्त(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 L0, नियोजन अनुभाग-4/4 Li. औद्योगिक विकास अनुभाग-2 2. गार्ड फाइल | आज्ञा से, रजनी Sled पाण्डेय अनु सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

Continue your research