Home India औद्योगिक विकास विभाग औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु रू....
Date: 2021-03-30 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु रू.47,37,33,800.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 47,37,33,800.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह राशि 7 पात्र इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित करने के लिए है, जैसा कि 30 मार्च, 2021 की अधिसूचना में निर्दिष्ट है। इस राशि का वितरण वित्त विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा, और इस दस्तावेज़ में उल्लिखित विशिष्ट शर्तों और नियमों के अधीन है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *वित्तीय स्वीकृति* * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 47,37,33,800.00 रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। * यह वित्तीय स्वीकृति 7 पात्र इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित करने के लिए है। *पात्र इकाइयाँ* * इकाइयों के नाम और वितरण के लिए आवंटित विशिष्ट धनराशि को दस्तावेज़ में सूचीबद्ध किया गया है। *शर्तें और प्रतिबंध* * स्वीकृत धनराशि सीधे इकाइयों के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से जमा की जाएगी। * पिकप स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा रखेगा और सुनिश्चित करेगा कि लाभार्थी इकाई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 का अनुपालन करती है। * वितरित ऋण की वसूली के लिए पिकप पूरी तरह से जिम्मेदार होगा। * ऋण की वापसी में देरी करने वाली इकाइयों से राजकोष में साधारण ब्याज (1.25% प्रति माह) वसूला जाएगा। *अनुपालन और निगरानी* * पिकप इकाई की पात्रता को सत्यापित करेगा और सुनिश्चित करेगा कि ऋण की वापसी और धन की सुरक्षा के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं। * पिकप द्वारा ऋण वितरण की निगरानी उद्योग, लखनऊ मण्डल के अपर/संयुक्त आयुक्त द्वारा की जाएगी। * वितरित ऋणों की वसूली पिकप द्वारा नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। *व्यय दिशानिर्देश* * स्वीकृत धनराशि को व्यय करने से पहले वित्त विभाग के दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। * धनराशि का उपयोग केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए वह स्वीकृत की गई है। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। *प्रभाव:* ऋण वितरण प्रक्रिया की निगरानी और पर्यवेक्षण करने के लिए जिम्मेदार। *आवश्यक कार्रवाई:* आवश्यकता का आकलन करें, वितरण की निगरानी करें और उपयोग के बारे में संतुष्ट रहें, अगली किस्त के वितरण से पहले पिकप से रिपोर्ट प्राप्त करें। **हितधारक:** पिकप (प्रादेशिक औ‌द्योगिक एवं निवेश निगम उ०प्र० लि०)। *प्रभाव:* धनराशि के खाते का रख रखाव और उस धनराशि को 7 पात्र इकाईयो में देना और नियमावली में दिए गए दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना। *आवश्यक कार्रवाई:* धन का उपयोग सुनिश्चित करें, इकाइयों से उपयोगिता प्रमाणपत्र प्राप्त करें, प्राप्त ऋणों का लेखा-जोखा रखें, लाभार्थियों को धन वितरित करें, ऋणों की वसूली करें, प्रशासनिक विभाग को एक रिपोर्ट प्रदान करें। **हितधारक:** औद्योगिक विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन। *प्रभाव:* यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार कि वित्तीय स्वीकृति राज्य सरकार की नीति के अनुरूप है और रियायतों की शुद्धता का आश्वासन देना। *आवश्यक कार्रवाई:* यह सुनिश्चित करना है कि पिकप राज्य सरकार की नीतियों के अनुसार धन वितरित करे। **हितधारक:** लेखापरीक्षा विभाग। *प्रभाव:* लेखा परीक्षा जांच करके यह सुनिश्चित करता है कि लेखांकन का प्रबंधन उचित रूप से किया गया है और वित्तीय विवरणों को विश्वसनीय रूप से प्रस्तुत किया गया है। *आवश्यक कार्रवाई:* लेखा परीक्षा संबंधी सूचना का आकलन और सत्यापन।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना जिसका उद्देश्य राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है। पिकप (PICUP): यह स्पष्ट नहीं है। संदर्भ से 'पिकप' एक इकाई (एंटिटी) प्रतीत होती है जिसे फंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संदर्भ की कमी के कारण पूर्ण नाम और विवरण अभी भी अस्पष्ट है। लखनऊ मण्डल, लखनऊ: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन में शामिल एक प्रशासनिक प्रभाग। उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार
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सख्या-20/202/297/77-6-202-4(बजट)/6टीसी सुजाता शर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, Ward आयक्त, उद्योग, re) re) ~ लखनऊ मण्डल, लखनऊ। औदूयोगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 30 मार्च, 202 विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2042 के क्रियान्वयन हेतु रू.47,37,33,800.00 की वित्तीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक पिकप के पत्र AeAM-(0-79/37S.37S.0.0a.-2042/Vol. /2055 दिनांक 26-03-202 द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2020-24 के आय-व्ययक मैं प्राविधिनित धनराशि BO 780.00 करोड़ (रू0 एक सौ अस्सी करोड़ मात्र) के सापेक्ष धनराशि रू.47,37,33,800.00 (रूपया सैंतालीस करोड़ सैंतीस लाख तैंतीस हजार आठ at मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने का अनुरोध किया गया है। पात्र 07 इकाईयों का विवरण निम्नवत हैं:- क्रमांक इकाई का नाम वितरण हेतु आहरित की जाने वाली धनराशि (रू. में) AO ब्रिन्दावन vat इन्डस्ट्रीज WOO, मथुरा (वित्तीय वर्ष 207-8) 6,27,08, 768.00 2 AO HOTA vat इण्डस्ट्रीज THO जॉहरपुर, बरेली ( वित्तीय वर्ष 207-8) 5,06,65,536.00 3 AO अमृत बॉटलर्स WOO (Ate यूनिट) फैजाबाद (वित्तीय वर्ष 2077-78) 3,47.69,33.00 4 AO अमृत बॉटलर्स WOO मिनरलवॉटर यूनिट, फैजाबाद (वित्तीय वर्ष 207-8) 7,80,66,523.00 5 AO सी0पी0मिल्‍्क एण्ड फूड प्रोडक्ट्स Of, बाराबंकी (वित्तीय वर्ष 207-8) 30,35, 83.00 6 | AO मंगलम सीमेंट लि0,अलीगढ़ (वित्तीय वर्ष 2047-8) ,66,2,532.00 7 AO बिरला कारपोरेशन FAO, रायबरेली (वित्तीय वर्ष 2077-78) 9,08,56,543.00 योग- 47,37,33,800.00 (रूपया सैंतालीस करोड़ सैंतीस लाख तैंतीस हजार आठ सौ सौ मात्र) 2. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2020-2। के आय-व्ययक मैं अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-0-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-490-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 202-30-निवेश/ऋण, A प्राविधािनित धनराशि रू.80.00 करोड़(रू0 एक सौ अस्सी करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपर्युक्त 07 पात्र इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरण हेतु समेकित रूप से धनराशि रू. 47,37,33,800.00 (रूपया सैंताबलीस करोड़ सैंतीस लाख तैंतीस हजार आठ सो मात्र) की वित्तीय I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- - स्वीकृत धनराशि जिस इकाई को भुगतान किया जाना है उसके बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस के माध्यम आहरित कर जमा की जाएगी। आहरित धनराशि पिकप के खाते में जमा नहीं की जाएगी। इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ के माध्यम से शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त(आय-ब्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा।| स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा पिकप दूवारा रखा जाएगा। यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202 (यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हों। यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या आगे प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। पिकप द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्नी-202 मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। पिकप पर यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र लाभार्थी इकाईयों को अनमन्य - 2- 3- 4- TAA ब्याज AFA ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है। स्वीकृत की जा रही रियायतों की धनराशि की शुद्धता प्रशासकीय विभाग सुनिश्चित करेंगे। पिकप द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि संबंधित इकाई द्वारा ऋण की अदायगी किये जाने के 02-03 कार्य दिवसों के अन्दर ही धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाय। ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। धनराशि का आहरण तभी किया जायेगा जब उसके तत्काल उपभोग की आवश्यकता हो। स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल,लखनऊ Gant किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप दूृवारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी अपर/संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल,लखनऊ दूवारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध मैं संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। पिकप द्वारा वितरित ऋणों की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विभाग द्वारा की जायेगी। स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-/2020/बी--49/दस- 2020-23/2020 दिनांक 24.3.2020, 07.04.2020 व 48.05.2020 तथा अन्य शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा जिसके लिये स्वीकृत किया गया है। पिकप औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202 के प्राविधानो के अनुसार इकाईयों की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो ctl इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गयी हैं एवं इस आशय की आख्या पिकप I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |द्वारा अपर/संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को उपलब्ध कराने के पश्चात्‌ ही उनके GANT धनराशि आहरित की जाएगी। 5- इस संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2020-2। के आय-व्ययक मैं उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-04-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज- 90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 202-30- निवेश/ऋण के ATA डाला जाएगा। 3. यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय AeAaN-$6-286/4a-202 दिनांक 30-03-202 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। भवदीया, सुजाता शर्मा विशेष सचिव। WSAI-20/202/297(4)/77-6-2020-4(aate)/ eh Aa ieatren उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- l- महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दुवितीय, उ.प्र., प्रयागराज | 2- महालेखाकार, (लेखा-परीक्षा) प्रथम/दुवितीय, उ.प्र. प्रयागराज। 3- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। 4- अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग,उ0प्र0 शासन। 5- प्रबंध निदेशक, पिकप को पत्रांक-क0-49/आई.आई.पी.एस.-202/४0.7/2055 दिनांक 26-03-202, के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही हेतु। 6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। 7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 9- वित्ता(व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 0- नियोजन अनुभाग-/4 44- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 2- गार्ड फाइल। आजा से, सुजाता शर्मा विशेष सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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