This document, numbered 18/2021/1162/77-6-2021-4(बजट)/16टीसी-1 and dated March 30, 2021, is a financial sanction from the Uttar Pradesh government, issued by Special Secretary Sujata Sharma, to the Joint Commissioner of Industries in Lucknow. It approves ₹57,44,998.00 for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2012 for the financial year 2020-21. This amount is to be distributed as interest-free loans to two eligible units: M/s Ganesha Ecosphere Ltd. in Kanpur Dehat (₹38,14,352.00) and M/s Alpha Milk Foods Pvt. Ltd. in Hathras (₹19,30,646.00). The sanction is subject to specific terms and conditions, including direct transfer of funds to the units' bank accounts via e-Kuber/RTGS, submission of utilization certificates through the PICUP (Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP) Managing Director and the Joint Commissioner, Lucknow to the Industrial Development Department's Section-6/Finance (Income-Expenditure) Section-4. PICUP is responsible for maintaining accounts of the sanctioned amount, ensuring compliance with Industrial Investment Promotion Regulations-2012, and recovering loans with an interest rate of 1.25% per month for delayed payments. The expenditure is to be charged to grant no. 7 under the head “6885-Industries and Minerals- other loans- 01 industrial financial organizations.” Any lapse in the recovery of loans will be the responsibility of the administrative department. The funds must be utilized according to the financial department's guidelines, and no funds should be transferred to any bank accounts beforehand. PICUP is directed to provide a report of the audit and status update of the expenditure.
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश: The state to which this policy applies
PICUP: Presumably Pradeshik Industrial & Investment Corporation of UP, a corporation responsible for loan disbursement
लखनऊ मण्डल, लखनऊ: Lucknow Division, Lucknow, a regional administrative division, relevant to fund monitoring
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: Industrial Investment Promotion Scheme-2012, the main subject of the document
Ganesha Ecosphere Ltd.: One of the two companies specifically mentioned as receiving funding from the scheme
AEAI-8/202/462/77-6-202-4(aate)/6eresl-4
सुजाता शर्मा,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
Ward आयक्त, उद्योग,
re) re) ~
लखनऊ मण्डल,
लखनऊ |
औदूयोगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 30 मार्च, 202
विषय- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु रू. 57,44,998.00 की वित्तीय स्वीकृति
के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक पिकप के. GA संख्या-40-49/आई.आई.पी.एस.-202/४/0.॥/4786 दिनांक
09-02-202 cant औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2020-2। के
आय-व्ययक मैं प्राविधािनित धनराशि BO 80.00 करोड़ (रू0 एक सौ अस्सी करोड़ मात्र) के सापेक्ष धनराशि
रू0 57,44,998.00 (रू0 सत्तावन लाख चौवालिस हजार at at अटठानवे मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत
करने का अनुरोध किया गया Sl पात्र 02 इकाईयों का विवरण निम्नवत् हैं:-
क्रमांक | इकाई का नाम धनराशि (रू. मैं)
मेसर्स गनेशा ईकोस्पीयर लि0, कानपुर देहात। (वित्तीय वर्ष 2046-77) 38,4,352.00
2 HO अल्फा मिल्क Hse प्राललि0, हाथरस | ( वित्तीय वर्ष 2046-7) 9,30,646.00
योग- 57,44,998.00
(रूपये सत्तावन लाख
चौवालिस हजार at
सौ अट्ठानवे मात्र)
2. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Arote-20i2 के
क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2020-2। के आय-व्ययक मैं अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा
खनिज के लिए अन्य Hol-0-seailer वित्तीय संस्थाओं को Hol-90-Udotfela क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों
को कर्ज-07-औदू्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 202-30-निवेश/ऋण, A प्राविधािनित धनराशि रू0 80.00
करोड़(रू0 एक सौ अस्सी करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपर्युक्त 02 पात्र इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरण हेतु
समेकित रूप से धनराशि रू. 57,44,998.00 (रू0 सत्तावन लाख चौवालिस हजार नौ सौ अट्ठानवे मात्र) की
वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष
स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
l- यह धनराशि जिस इकाई को भुगतान किया जाना है उसके बैंक खाते मैं ई-कुबेर प्रणाली के माध्यम से
सीधे आर.टी.जी.एस के माध्यम आहरित कर जमा की जाएगी। आहरित धनराशि पिकप के खाते A जमा
नहीं की जाएगी। इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक ,पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर संयुक्त
आयुक्त, SANT, लखनऊ मण्डल, लखनऊ के माध्यम से शासन के औद्योगिक विकास विश्ाग
अनुभाग-6/वित्त(आय-ब्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया जाएगा।
2- स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा पिकप cant रखा जाएगा।
de यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट ...««««««« से सत्यापित की जा सकती है |यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
नियमावल्ली-202(यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या आगे प्राप्त होंगे को उनके
प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते
हुए उपलब्ध करायी जाएगी।
पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। पिकप aan इकाइयों को
स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावत्ली-2042 में दिए गए
प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं
पूर्ण की जाएंगी।
पिकप पर यह सुनिश्चित करने का दायित्व होगा कि पात्र त्रा्ार्थी इकाईयों को अनुमन्य ब्याज मुक्त
ऋण की धनराशि राज्य सरकार की नीति के प्रावधानों के अनुसार है।
पिकप cant यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि संबंधित इकाई CART ऋण की अदायगी किये जाने के
02-03 कार्य दिवसों के अन्दर ही धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाय।
ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह
साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
धनराशि का आहरण तभी किया जायेगा जब उसके तत्काल उपभोग की आवश्यकता हो।
स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आकलन
संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ दूवारा किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए
ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी अपर/संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ
मण्डल, लखनऊ CART किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही
अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
- पिकप cant वितरित ऋणों की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली में शिथिलता Ka
जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विभाग द्वारा की जायेगी।
| 2- स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय AT संख्या-/2020/बी-4-449/दस-
2020-23/2020 दिनांक 24.3.2020, 07.04.2020, 8.05.2020 व 29-09-2020 तथा अन्य संगत
शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
उ3- स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिये स्वीकृत किया गया है।
किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त/बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा
जाएगा।
5- प्रशासकीय विभाग धनराशि से सम्बन्धित आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करेंगे।
6- पिकप औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावत्ली-202 के प्राविधानो के अनुसार इकाईयों की पात्रता का
परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। इस बिन्दु पर भी संतुष्ट हो लेंगे कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
नियमावल्ली-202 के अन्तर्गत उक्त इकाईयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु प्रभावी व्यवस्था
तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ल्ली गयी हैं एवं इस आशय की आख्या
पिकप CERT अपर/संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को उपलब्ध कराने के पश्चात् ही
उनके CART धनराशि आहरित की जाएगी।
7 इस संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2020-2। के आय-व्ययक में उद्योग विभाग की अनुदान
संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-04-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं
de यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट ८.०su,mn से सत्यापित की जा सकती है |को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना
202-30-निवेश /ऋण के नामे डाला जाएगा।
3. यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय AeAM-S-6-267/Aa-202 दिनांक 27-03-202 में प्राप्त उनकी
सहमति से जारी किये जा रहे हैं।
भवदीया,
सुजाता शर्मा
विशेष ata |
ASAT-8/202/62()/77-6-202-4(aate)/6erel- aaicatien
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
l- महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ.प्र., प्रयागराज |
2- महालेखाकार, (लेखा-परीक्षा) प्रथम/दवितीय, उ.प्र. प्रयागराज।
3- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
4- अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन।
5- प्रबंध निदेशक, पिकप को dath-(0-79/37S.37TS.47.0a.-202/Vol.II/(786 दिनांक 09-02-202, के
क्रम में NN कार्यवाही हेतु।
6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4/4
9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
0- नियोजन अनुभाग-/4
4- औद्योगिक विकास अनुभाग-2
42- गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
सुजाता शर्मा
विशेष ata |
de यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकती जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट .............«»« से सत्यापित की जा सकती है |