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Date: 2016-03-09 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय स्वीकृति।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, अनुरोध के अनुसार सारांश नीचे दिया गया है। **कार्यकारी सारांश** इस दस्तावेज़ में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करना और उत्पादन के शुरुआती वर्षों में कार्यशील पूंजी/ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करना है। इस उद्देश्य के लिए वित्तीय वर्ष 2015-2016 के बजट में ₹1,02,10,00,000.00 का प्रावधान है। सरकार ने ₹1,53,36,000.00 की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने की सहमति दी है। यह स्वीकृति विशिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन है जो उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को निर्देशित हैं। स्वीकृत धनराशि 31 मार्च, 2016 तक समर्पित की जानी है। **मुख्य बातें** *वित्तीय स्वीकृति और लेखा* * स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। * ₹1,53,36,000.00 की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं। *पात्रता एवं वितरण* * यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली, 2012 में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। * यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम में प्राप्त हो या आगे प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। * स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आकलन आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा। *वसूली और ब्याज* * पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। * उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। * ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (1.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। *अनुश्रवण और उपयोग* * उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उत्तर प्रदेश वित्तीय द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। * उक्त धनराशि को आहरित करके उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराया जाएगा जिसकी उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराया जाएगा। *अनुपालन और आवंटन* * स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-2/2015/ बी-1-925/दस-2015-231/2015 दिनांक 30 मार्च, 2015 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। * उक्त के संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2015-16 के आय-व्ययक में उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में लेखा शीर्षक 6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-01-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-190-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-30-निवेश/ ऋण के नाम डाला जाएगा। * दिनांक 31-03-2016 को अप्रयुक्त धनराशि समर्पित कर दी जायेगी। **प्रभाव विश्लेषण** **उत्तर प्रदेश सरकार** *प्रभाव:* योजना को निर्देशित नीति दिशानिर्देशों और शर्तों के अनुसार क्रियान्वित किया जाना सुनिश्चित करना। *आवश्यक कार्रवाई:* उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के माध्यम से औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के कार्यान्वयन की निगरानी करें और इसके लिए उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम से नियमित रिपोर्टिंग और उपयोगिता प्रमाणपत्र प्राप्त करें। **उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम** *प्रभाव:* निगम पात्र इकाइयों को ऋण वितरण के लिए जिम्मेदार है और फंड के प्रबंधन और लेखांकन का काम सौंपा गया है। *आवश्यक कार्रवाई:* औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली, 2012 में उल्लिखित शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करें, निधि का उपयोग प्रभावी ढंग से करें, सटीक वित्तीय रिकॉर्ड बनाए रखें, और सरकार को उपयोगिता प्रमाणपत्र और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। **आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर** *प्रभाव:* क्षेत्र के भीतर योजना के कार्यान्वयन में भूमिका। *आवश्यक कार्रवाई:* ऋण वितरण की आवश्यकता का आकलन करें, निगरानी करें कि उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण का वितरण कैसे होता है, और यह सुनिश्चित करें कि धनराशि का उपयोग उचित है। **पात्र औद्योगिक इकाइयाँ** *प्रभाव:* औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत वित्तपोषण प्राप्त करने की क्षमता। *आवश्यक कार्रवाई:* प्रोत्साहन योजना का लाभ उठाने के लिए नियमावली में उल्लिखित पात्रता मानदंडों और अन्य आवश्यकताओं का पालन करें।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए एक योजना। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत इकाइयों को ऋण प्रदान करने के लिए जिम्मेदार वित्तीय संस्थान। कानपुर: आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग का स्थान, जो योजना के कार्यान्वयन में शामिल हैं। उत्तर प्रदेश शासन: इस नीति को जारी करने वाला शासी निकाय। औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली, 2012: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के लिए दिशा-निर्देशों का सेट।
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संख्या: 3(9/ 77-6-46-6(Tste)/ 44 प्रेषक, कंचन वर्मा, विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर । औद्योगिक विकास अनुभाग-6 09 मार्च, 206 विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषय पर मुझे यह कहने का ' है कि उत्तर प्रदेश में इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन देने तथा उत्पादन वर्षों में कार्यशील पूंजी/ ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने हेतु उत्तर प्रदेश T निगम द्वारा संचालित औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Ulslal-20(2 के क्रियानट | favre लिया गया है। इस हेतु वित्तीय av 2045-6 के आय-व्ययक में P रूपये ,02,40,00,000.00 (रूपये एक अरब दो करोड़ दस लाख मात्र) * व्यवस्था है। इस धनराशि में से रू. 87,24,000.00 (रुपये सत्तासी arg, चैं मात्र) की वित्तीय स्वीकृति उ0प्र0 वित्तीय निगम को निर्गत की जा धनराशि रु. ,0,22,76,000.00 (रुपये एक अरब एक करोड़ बाइस लाख .. ~— अवशेष है। अवशेष धनराशि A से रू. ,53,36,000.00 लाख छत्तीस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों + ... स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। 2- «Ge धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावत्री, 20i2 A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम में UWA हो या आगे प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूत्री का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक faa नियमावली-202 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिट की जाएंगी। ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वाला ब्याज (.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राज मा कराया जाएगा। धनराशि का आहरण तभी किया जायेगा... जब उपभोग की आवश्यकता हो। स्वीकृत धनराशि का आहरण आवश्यकतानुसार किया जाएगा। शक उद्योग, कानपुर द्वारा किया आवश्यकता का आकलन आर जाएगा। उत्तर प्रदेश को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उत्तर प्रदेश वित्तीय ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक उद्योग ERT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में. के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया शे को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप 05/ a-4-925/ दस-205-23 205 दिनांक 30मार्च, 2045 दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। धनराशि को आहरित करके उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध _ कराया जाएगा जिसकी उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराया जाएगा। उक्त के संबंध A होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2045-46 के आय-व्ययक A 0- उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में लेखा शीर्षक 6885-उद्योग तथा. खनिज के लिए अन्य कर्ज-0।-औद्योगिक वित्तीयसंख्या: 349(4)/ 77-6-6-6(Tate)/ संस्थाओं को Hal-(90-Ardstfa क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-30-निवेश/ ऋण के नाम डाला जाएगा। - ... दिनांक 34-03-206 को अप्रयुक्त धनराशि समर्पित कर दी जायेगी। 2- Ue आदेश वित्त विभाग के अशासकीय संख्या-यू.ओ.-बी-4-3/ दस-2075 में दिनांक 8 मार्च, 20i6 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। क4 Aken प्रेषित:- ६९ ५ एप के का उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ x महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम, 3.0 मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर । ne ही प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय कानपुर को वित्तीय निगम के पत्र संख्या:766/ विनि/ वियोवि/ 204 25-02-2046 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित करने निदेशक, वित्तीय सां ‘ Ted, जवाहर भवन, लखनऊ। के वित्त (आय-व्ययः नियोजन 3 Te अनुभाग-2 आज्ञा से, (कंचन वर्मा) विशेष सचिव।

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