**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है, जो वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान रु. 30 करोड़ की राशि प्रदान करता है। यह राशि कुछ शर्तों के अधीन दी जाती है जिसका विस्तृत विवरण दस्तावेज़ में दिया गया है। यह स्वीकृति 27 मार्च 2019 को जारी की गई थी।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **निधि का उपयोग:**
* धनराशि सीधे पिकप के खाते में स्थानांतरित नहीं की जाएगी।
* स्वीकृत राशि का रिकॉर्ड पिकप द्वारा रखा जाएगा।
* यह धनराशि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2012 में उल्लिखित शर्तों का पालन करने वाली पात्र इकाइयों को प्रदान की जाएगी।
* धनराशि का आहरण तभी किया जाएगा जब उसके तत्काल उपभोग की आवश्यकता हो।
* स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा।
* **वित्तीय प्रबंधन और वसूली:**
* पिकप पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होगा।
* पिकप औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 के अनुसार ऋण की वापसी सुनिश्चित करेगा।
* संबंधित इकाई द्वारा ऋण की अदायगी के 2-3 कार्य दिवसों के भीतर राजकोष में धनराशि जमा की जाएगी।
* ऋण की वापसी में देरी करने वाली इकाइयों से ब्याज लिया जाएगा (1.25% प्रति माह)।
* **अनुपालन और निगरानी:**
* पिकप को ऋण वितरण की निगरानी संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ द्वारा की जाएगी।
* धनराशि खर्च करने से पहले, वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 30-03-2018 के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
* **आवश्यकता का आकलन:**
* आवश्यकता का आकलन अपर आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा किया जाएगा।
* **व्यय लेखा:**
* वित्तीय वर्ष 2018-19 के आय-व्ययक में उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग के नामे डाला जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** पिकप (PICUP)
**प्रभाव:** पिकप को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत ऋण वितरण और वसूली का प्रबंधन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
**आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करना कि धनराशि का उपयोग नियमों और शर्तों के अनुसार किया जाए, रिकॉर्ड बनाए रखना, ऋण वितरण और वसूली की निगरानी करना और धनराशि की सुरक्षा के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी करना शामिल है।
**हितधारक:** अपर आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ।
**प्रभाव:** अपर आयुक्त उद्योग को पिकप को ऋण वितरण का अनुश्रवण करना होगा ।
**आवश्यक कार्रवाई:** वे सुनिश्चित करें कि धनराशि का उपयोग सही ढंग से हो रहा है और ऋण का वितरण नियमानुसार किया जा रहा है।
**हितधारक:** पात्र औद्योगिक इकाइयाँ
**प्रभाव:** ये इकाइयाँ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए पात्र हैं।
**आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2012 में उल्लिखित शर्तों का पालन करना होगा और ऋण प्राप्त करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना जिसका उद्देश्य औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है।
पिकप (PICUP): प्रबंध निदेशक, पिकप, पिकप भवन, गोमतीनगर, लखनऊ। यह पात्र इकाइयों को ऋण वितरित करने और धनराशि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है।
लखनऊ मण्डल, लखनऊ: वह क्षेत्रीय प्रभाग जहाँ अपर आयुक्त उद्योग आवश्यकता का आकलन करते हैं और संयुक्त आयुक्त उद्योग ऋण वितरण का अनुश्रवण करते हैं।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान करती है।
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2012: वे नियम जिनके तहत पात्र इकाइयों को धनराशि वितरित की जाएगी और वसूली की जाएगी।
USAT-02/209/4302/77-6-9-4(aste)/6ereHht
प्रेषक,
अनिल कुमार,
उप सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
अपर आयुक्त,
उद्योग,
लखनऊ मण्डल, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 27 मार्च, 209
विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय स्वीकृति।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक Yee (तकनीकी), Mau के Gt संख्या-इन्से-40-9/
(आईए0आई0पी0एस0)-202/2083 दिनांक 20-42-208 के सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निदेश
हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन AlteN-20I2 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष
208-9 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू. 7,80,00,00,,000.00 (रू एक अरब
अस्सी करोड़ मात्र) के सापेक्ष अवशेष धनराशि BO 30,00,00,000.00 (रू0 तीस करोड़ मात्र)
की धनराशि निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल
सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
I- किसी भी दशा में धनराशि पिकप के खाते में cleat नहीं की जायेगी।
2- स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप दूवारा रखा जाएगा।
3- यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावली 20i2 A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित
करती हो।
4- यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाइयों ,जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या आगे
प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतानुसार समस्त आवश्यक
औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी।
5- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा।
पिकप द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावल्ली-202 मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की
जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |6- पिकप दू्वारा यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि संबंधित इकाई द्वारा ऋण की
अदायगी किये जाने के 02-03 कार्य दिवसों के अन्दर ही धनराशि राजकोष में जमा
करा दी जाय।
7- ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (.25
प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
8- धनराशि का आहरण तभी किया जायेगा जब उसके तत्काल उपभोग की आवश्यकता
हो।
9- स्वीकृत धनराशि का. आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया. जाएगा।
आवश्यकता का आकलन अपर आयुक्त उद्योग ,लखनऊ मण्डल ,लखनऊ CANT
किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण
वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ FART किया जाएगा तथा
धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का
आहरण किया जाएगा।
|0-स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-
/208/बी-375/दस-208-23/208 दिनांक 30-03-208 दू्वारा जारी दिशा-
निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
4-इस संबंध मैं होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 20/8-9 के आय-व्ययक में उद्योग
विभाग की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए
अन्य कर्ज-04-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90--सार्वजनिक क्षेत्र के तथा
अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 202-30-ferder
(ऋण के ATA डाला जाएगा।
|2-यह. आदेश वित्त विभाग के. अशासकीय. संख्या-ई-6-93/दस-9 दिनांक
25-03-9 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे FI
भवदीय,
(अनिल कुमार)
उप सचिव।
WEA:02/2079/4302()/77-6-9-4(Tae /i6ER तदुदिनांक
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
|- .... महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम, उ.प्र., इलाहाबाद |
2- ... मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
3- .... प्रबंध निदेशक, पिकप, पिकप भवन, गोमतीनगर, लखनऊ।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |4- ... आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
5- face, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
6- .... वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4
7-.... वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
8-.... नियोजन अनुभाग-/4
9-.... औद्योगिक विकास अनुभाग-2
0- 7s फाइल।
आजा से,
(अनिल कुमार)
उप सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |