On November 25, 2020, the Industrial Development Section-6 in Lucknow issued order number 34/2020/2904/77-6-2020-4(budget)/16TC, granting financial approval of Rs. 9,21,36,792.00 for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2012. The Joint Commissioner of Industries in Lucknow is to receive this fund. The allocation is from the budget provision of Rs. 180.00 crore for the financial year 2020-21.
The funds are allocated to the following four eligible units:
1. M/s Ganesha Ecosphere Ltd, Vilaspur, Rampur: Rs. 73,57,409.00
2. M/s Parle Agro Pvt Ltd, Varanasi: Rs. 8,01,93,196.00
3. M/s Mahan Milk Foods Ltd, Hathras: Rs. 30,41,634.00
4. M/s Centurion Agro Frozen, Bijnor: Rs. 15,44,553.00
The grant is for interest-free loan distribution under the Industrial Investment Promotion Scheme 2012, against budget allocation number 7, account head 6885, under the category "Loans to Industrial Financial Institutions-190" and "Loans to Public Sector and Other Enterprises-07-Industrial Investment Promotion Scheme 2012-30-Investment/Loan."
Specific conditions apply to the utilization and disbursement of the funds including; direct transfer to the specified account, proper accounting and adherence to the Industrial Investment Promotion Rules 2012. PICUP is responsible for recovery of the disbursed loans. PICUP must adhere to the guidelines issued via order number 1/2020/बी-1-149/दस-2020-231/2020 dated March 24, 2020 from the Finance Department.
This order is issued with the concurrence of the Finance Department as per their unofficial number E-6-725/दस-2020 dated 20-11-2020.
The order is addressed to multiple recipients including the Accountant General, Chief Treasury Officer, Additional Chief Secretary, Managing Director of PICUP and Director of Industries. For verification the website http://shasanadesh.up.gov.in can be used. The contact person for this order is Rajni Kant Pandey, Deputy Secretary.
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: The Industrial Investment Promotion Scheme-2012, the subject of the document, which provides financial incentives to industrial units.
पिकप (PICUP): Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP (PICUP), the organization responsible for disbursing and recovering loans under the scheme.
लखनऊ मण्डल: Lucknow Mandal, the jurisdictional area overseen by the Joint Commissioner of Industries regarding the disbursement of funds.
औद्योगिक विकास विभाग: The Industrial Development Department, the governing ministry for the industrial promotion scheme.
USAI-34/2020/2904/77-6-2020-4(aste)/6eret
प्रेषक,
सुजाता शर्मा,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
संयुक्त आयुकक््त,उद्योग,
लखनऊ मण्डल,
लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 25 नवम्बर, 2020
विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन UWotel-20i2 के क्रियान्वयन हेतु ¥.9,27,36,792.00 की
वित्तीय स्वीकृति।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक fag . के... पत्र... संख्या-0-9/आई.आई.पी.एस.-202/४0.0/606
दिनांक 26-08-2020 द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Bote-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष
2020-2। के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू0 80.00 करोड़ (रू0 एक सौ अस्सी करोड़ मात्र)
के सापेक्ष धनराशि BO 9,2,36,792.00 (रू0 नौ करोड़ इक्कीस लाख छत्तीस हजार सात सौ बानवे मात्र)
की वित्तीय स्वीकृति निर्गत करने का अनुरोध किया गया हैं, पात्र 04 इकाइयों का विवरण निम्नवत् हैं:-
क्रमांक | इकाई का नाम धनराशि (रू. में)
मेसर्स गनेशा ईकोस्पीयर लि0, विलासपुर, रामपुर। 73,57,409.00
2 मेसर्स पारले Vat wi लि0,वाराणसी। 8,0,93,96.00
3 मेसर्स महान मिल्क Hse लि0, हाथरस। 30,47,634.00
4 AO सेन्चूरियन VAT फ्रोजन, बिजनौर। 5,44,553.00
योग- 9,27,36,792.00
(रूपये al करोड़ इक्कीस
लाख ode हजार सात
सौ बानवे मात्र)
2. इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-
202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2020-2। के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-
6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-0-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक
क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 202-30-निवेश/ऋण, मैं
प्राविधानित धनराशि BO (80.00 करोड़ (रू0 एक सौ अस्सी करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपर्युक्त 04 पात्र
इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण वितरण हेतु समेकित रूप से धनराशि रू. 9,2,36,792.00 (रू0 at करोड़
STA लाख छत्तीस हजार सात सौ बानवे मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों
के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |यह धनराशि सीधे जिस संस्था को भुगतान किया जाना है उसके खाते में आहरित कर जमा की
जाएगी। आहरित धनराशि पिकप के खाते में जमा नहीं की जाएगी। इसका उपयोगिता प्रमाणपत्र
प्रबंध निदेशक ,पिकप can हस्ताक्षरित कर संयुक्त आयुक्त, उद्योग ,लखनऊ मण्डल, लखनऊ के
माध्यम से शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/ वित्त(आय-ब्ययक) अनुभाग-4 को
उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा पिकप Cant रखा जाएगा।
यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
नियमावली 20i2 A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या आगे प्राप्त होंगे को
उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध
पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी।
पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। पिकप द्वारा
इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202
में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त
औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
पिकप cant यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि संबंधित इकाई द्वारा ऋण की अदायगी किये
जाने के 02-03 कार्य दिवसों के अन्दर ही धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाय।
ऋण की वापसी A विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह
साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
धनराशि का आहरण तभी किया जायेगा जब उसके तत्काल उपभोग की आवश्यकता हो।
स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया. जाएगा। आवश्यकता का
आकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल,लखनऊ दू्वारा किया जाएगा। पिकप को
उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त,
उद्योग, लखनऊ मण्डल,लखनऊ द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में
संतुष्ट होने के उपरान्त ही Hach किश्त का आहरण किया जाएगा।
0- पिकप द्वारा वितरित ऋणों की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएगी। वसूली में शिथिल्रता
Nd जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही प्रशासकीय विभाग द्वारा की जायेगी।
- स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय AM संख्या-/2020/बी--
49/दस-2020-23/2020 दिनांक 24 मार्च, 2020 cant जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया
अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
2- स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा जिसके लिये स्वीकृत किया गया है।
3- धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व इकाईयों की पात्रता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे।
4 इस संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2020-2। के आय-व्ययक मैं उद्योग विभाग की
अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-04-औद्योगिक
वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक
निवेश प्रोत्साहन योजना 202-30-fader /ऋण के aA डाला जाएगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है ||5- यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय संख्या-ई-6-725/दस-2020 दिनांक 20--2020 में प्राप्त उनकी
सहमति से जारी किये जा रहे हैं।
भवदीया,
सुजाता शर्मा
विशेष सचिव।
संख्या-34/2020/2904()/77-6-2020-4(बजट)/6टीसी, तदूदिनांक
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
l- महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दूवितीय, उ.प्र. प्रयागराज |
2- महालेखाकार, (लेखा-परीक्षा) प्रथम/दृवितीय, उ.प्र., प्रयागराज।
3- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
4- अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विशाग,उ0प्र0 शासन।
5- प्रबंध निदेशक, पिकप al पत्रांक-क0-49/आई.आई.पी.एस.-202/४0.]7 /606 दिनांक
26-08-2020, के क्रम में HAIR कार्यवाही हेतु।
6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4
9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
0- नियोजन अनुभाग-4/4
4I-aiealtates विकास अनुभाग-2
{2-as फाइल।
आज्ञा से,
रजनी कान्त पाण्डेय
अनु सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |