This document, dated January 14, 2022, from the Government of Uttar Pradesh, approves a financial sanction of ₹93,98,000.00 for the implementation of the Capital Interest Subvention Scheme-2012. The beneficiary is M/s Ganga Pulp & Papers Pvt. Ltd., Chanduali with ₹50,00,000.00 for 2017-18 and ₹43,98,041.00 for 2018-19. The funds will be deposited directly into the institution's account, and must be used only for the approved purpose. The order also outlines conditions related to disbursement, utilization, and compliance with government regulations and financial procedures. The document is issued with the concurrence of the Finance (Income Control) Section-6 as per letter dated January 14, 2022. Any questions regarding this document should be directed to Rajni Kant Pandey, Deputy Secretary. The validity of the order can be verified on the website http://shasanadesh.up.gov.in.
Key Entities Referenced
पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012: Capital Interest Subvention Scheme 2012: the primary scheme being implemented.
लखनऊ: Lucknow: Applicable region
औद्योगिक विकास अनुभाग-6: Industrial Development Section-6: The section responsible for this order.
अवस्थापना एवं औद्योगिक नीति-2012: Infrastructure and Industrial Policy 2012: Related supporting industrial policy
मेसर्स गंगा पल्प एण्ड पेपर्स प्रा०लि०, चन्दौली: M/s Ganga Pulp & Papers Pvt. Ltd., Chandauli: The beneficiary unit being funded.
संख्या-6/2022/3567/77-6-20234-6002(099) /3/202] पार्ट-2
Wa,
रजनी led पाण्डेय,
अनु सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
संयुक्त आयुक्त,
उद्योग,
लखनऊ मण्डल, लखन ऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक: 44 जनवरी, 2022
विषय:- पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु रू.93,98,000.00 की वित्तीय
स्वीकृति के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक पिकप के पत्रांक-इन्स-[0-2/सी0आई0एस0एस0/72-3/४/0.7/287,
दिनांक 5.2.2027, द्वारा पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-202 हेतु पात्र इकाई मेसर्स गंगा
Ted एण्ड पेपर्स प्रा्लि0, dealt को पिकप cant स्वीकृति पूंजीगत ब्याज उपादान वितरित
करने हेतु प्राविधानित बजट व्यवस्था के सापेक्ष रू.93,98,04.00 की वित्तीय स्वीकृति fasta
किये जाने की संस्तुति सहित अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का विवरण निम्नवत हैं:-
क्रमांक वर्ष धनराशि
| AO गंगा Vex एण्ड पेपर्स WOO, चन्दौली /207-48 50,00,000.00
तदैव 208-9 43,98,04.00
93,98,04.00
योग- (80 तिरानवे लाख अट्ठानवे Fan
इकतालिस मात्र)
2. इस संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-202
के क्रियान्वयन हेतु अवस्थापना एवं औद्योगिक नीति-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष
202-22 के आय-व्ययक में लेखाशीर्षक-2885-60-800-9-अवस्थापना एवं औद्योगिक नीति-
202 का क्रियान्वयन-27-सब्सिडी में प्राविधानित धनराशि रू.306.52 करोड़(रूपया तीन सौ छ:
करोड़ बावन लाख मात्र) के सापेक्ष अवशेष धनराशि में से रू.93,98,000.00(रूपया तिरानबे लाख
अट्ठानवे हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए
जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
.. धनराशि भुगतान जिस संस्था को किया जाना है उसके खाते A सीधे जमा की जाएगी।
2. किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/ अन्य
किसी खाते में नहीं रखा जाएगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |.. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत
किया गया है।
स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही
किया जाएगा।
.. स्वीकृत धनराशि उन पात्र इकाईयां को उपलब्ध करायी जाएगी जो शासनादेश
संख्या- 45/77-6-2-08(एम)/2टी.सी. दिनांक 30..20i2 में उल्लिखित
शर्तों एवं प्रतिबन्धों को पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हों।
यह धनराशि ऐसी पात्र इकाईयों, जिनका प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या आगे
प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदन के यथाक्रम A वरीयतानुसार आवश्यक
औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी।
स्वीकृति धनराशि का आहरण आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का
आंकलन आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा।
. स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-! के
कार्यालय-ज्ञाप दिनाक 22.03.202 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी
दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
पिकप दूवारा धनराशि अवमुक्त करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की
Meu का परीक्षण कर देय धनराशि के संबंध में संतुष्ट हो लेंगे तथा पिकप
दूवारा इस आशय की आख्या संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ
को उपलब्ध करायी जाएगी।
[0. स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबन्ध निदेशक, पिकप द्वारा
हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर के माध्यम से शासन के
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 / वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4 को उपलब्ध कराया
जाएगा।
इस संबंध मैं होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 202i-22 के आय-व्ययक के उद्योग
II.
विभाग के अनुदान संख्या-7 के लेखाशीर्षक 2885-उद्ययोगो तथा खनिजों पर
अन्य परिव्यय (क्रमश:)-60-अन्य (क्रमश:)-800-अन्य CAA (HAR:)-9-
अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश aAlfa-202 का कार्यान्वयन-27 सब्सिडी के
नामे डाला जाएग।
3- यह आदेश वित्त (आय-नियंत्रण) अनुभाग-6 के अशा0सं0-ई-6-3436-दस-202-22 दिनांक
4.0.2022 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किए जा रहे है।
भवदीय,
रजनी कान्त पाण्डेय
अनु सचिव।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |संख्या- 6/2022/3567(4) /77-6-202-6002(099) /3/202 पार्ट-2.तदुदिनांक-
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
l. महालेखाकार, प्रथम/ दवितीय, (लेखा एवं हकदारी) उ0प्र0 प्रयागराज।
2. मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
3. अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग
उ0प्र0 शासन।
4. प्रबन्ध निदेशक, पिकप को पत्रांक-इन्स-0-2/सी0आई0एस0एस0/2-3/४०.77
/28, दिनांक 5.2.202 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु
प्रेषित |
5. आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर |
6. नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग,
उ0प्र0शासन।|
7. निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
8. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-]/4
9. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
0. नियोजन अनुभाग-/4
Ll. औद्योगिक विकास अनुभाग-2
2. गार्ड फाइल।
आजा से,
रजनी कान्त पाण्डेय
अनु सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |