Date: 2019-09-02Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012 के अन्तर्गत पात्र औद्योगिक इकाइयों को योजनान्तर्गत पूंजीगत ब्याज उपादान वितरित करने हेतु वित्तीेय स्वीकृति के संबंध में।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ 24 जून 2019 के पत्रांक 08/2019/335/77-6-19-4(बजट)/17 के माध्यम से विशेष सचिव, डॉ. अनिल कुमार द्वारा अपर आयुक्त, उद्योग, लखनऊ को लिखा गया एक सरकारी आदेश है। यह पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012 के अंतर्गत पात्र औद्योगिक इकाइयों को पूंजीगत ब्याज उपादान वितरित करने के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। इसके तहत वर्ष 2019-20 के लिए 2,88,22,000.00 रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, और इस पत्र में इसके उपयोग से जुड़ी विशिष्ट शर्तें और प्रक्रियाएं बताई गई हैं।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*वित्तीय स्वीकृति और धनराशि का वितरण*
* वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012 के तहत 2,88,22,000.00 रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
* धनराशि सीधे संबंधित संस्थाओं के बैंक खाते में जमा की जाएगी, न कि पिकप के खाते में।
*शर्ते और अनुपालन*
* धनराशि उन पात्र इकाइयों को प्रदान की जाएगी जो 30-11-2012 के शासनादेश संख्या: 1415/77-6-12-08(एम)/12टी.सी.V में उल्लिखित शर्तों और प्रतिबंधों का पूर्ण अनुपालन करती हों।
* धनराशि उन पात्र इकाइयों को प्राथमिकता के अनुसार उपलब्ध करायी जाएगी जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हैं और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करते हैं।
* स्वीकृत धनराशि का आहरण आवश्यकतानुसार किया जाएगा, जिसका आकलन अपर आयुक्त, उद्योग, लखनऊ द्वारा किया जाएगा।
*ज़िम्मेदारियाँ और जवाबदेही*
* पिकप वितरित ऋणों की नियमित वसूली सुनिश्चित करेगा और शिथिलता पर कार्रवाई करेगा।
* पिकप ब्याज उपादान योजना-2012 के प्रावधानों के अनुसार इकाइयों की देयता और धनराशि की अनुमन्यता के लिए उत्तरदायी होगा।
*अनुपालन और लेखांकन*
* धनराशि को व्यय करने से पहले 22 मार्च 2019 के कार्यालय ज्ञाप संख्या-1/2019/बी-1-170/दस-2019-231/2019 के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
* स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा।
*वित्तीय प्रबंधन*
* व्यय वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक के उद्योग विभाग के अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक 2885 के तहत किया जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** अपर आयुक्त, उद्योग, लखनऊ।
**प्रभाव:** उन्हें पात्र औद्योगिक इकाइयों को ब्याज उपादान के वितरण की निगरानी और सुविधा देनी होगी, यह सुनिश्चित करते हुए कि धनराशि शासन के निर्देशों के अनुसार उपयोग की जाए।
**आवश्यक कार्रवाई:** आहरण आवश्यकता का आकलन करें, सुनिश्चित करें कि धनराशि पात्र इकाइयों को उचित रूप से वितरित की जाए, और पिकप से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करें।
**हितधारक:** पिकप (PICUP - Pradeshiya Industrial & Investment Corporation of UP)
**प्रभाव:** PICUP धनराशि के वितरण और इसके उचित उपयोग के लिए जवाबदेह है।
**आवश्यक कार्रवाई:** वितरण प्रक्रिया में शामिल होना, धनराशि का लेखा-जोखा रखना और अपर आयुक्त, उद्योग, लखनऊ के माध्यम से शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करना। प्रशासनिक विभाग द्वारा वितरित ऋणों की वसूली का ध्यान रखें।
**हितधारक:** पात्र औद्योगिक इकाइयाँ
**प्रभाव:** वे पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012 के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करते हैं, जो उन्हें अपने औद्योगिक कार्यों का समर्थन करने में मदद करता है।
**आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि वे शासनादेश संख्या: 1415/77-6-12-08(एम)/12टी.सी.V दिनांक 30-11-2012 में उल्लिखित सभी शर्तों और प्रतिबंधों का पालन करें, और धनराशि प्राप्त करने के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करें।
Key Entities Referenced
पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012: पात्र औद्योगिक इकाइयों को पूंजीगत ब्याज उपादान वितरित करने के लिए एक योजना।
अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012: एक नीति जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है।
लखनऊ: पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012 के तहत वित्तीय अनुमोदन के लिए आवेदन में शामिल शहर।
पिकप: वह संगठन जो पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012 के तहत भुगतान के लिए उत्तरदायी है।
उद्योग विभाग: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो औद्योगिक विकास योजनाओं के लिए बजट और अनुदान आवंटित करता है।
संख्या: 08/209/335/77-6-9-4(बजट)/7
प्रेषक,
डा0 अनिल कुमार,
विशेष सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
अपर आयुक्त,
उद्योग,
लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 24 जून, 2079
विषय: पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-202 के अन्तर्गत पात्र औद्योगिक इकाइयों को योजनान्तर्गत
पूंजीगत ब्याज उपादान वितरित करने हेतु वित्तीय स्वीकृति के संबंध मैं।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक पिकप के पत्र संख्या Sea-70-2/20I2-3/56 दिनांक 09.04.209 के
सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश aAlic-20i2 के
अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 209-20 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक 2885-उद्योगों
तथा खनिजों पर अन्य परिव्यय (क्रमश:)-60-अन्य(क्रमशः)-800-अन्य व्यय(क्रमशः)-|9-अवस्थापना
एवं औद्योगिक निवेश aAfa-20i2 का कार्यान्वयन-27 सब्सिडी के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि
रू0 60000.00(रू0 छः: सौ करोड मात्र) के सापेक्ष पूंजीगत ब्याज उपादान योजना 2042 हेतु धनराशि
BO 2,88,22,000.00(रूपये दो. करोड़ soon लाख बाईस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति
निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल महोदय vey
स्वीकृति प्रदान करते हैं-
(।) यह धनराशि सीधे जिस संस्था को भुगतान किया जाना है, उसके खाते में आहरित
कर जमा की जायेगी। आहरित धनराशि पिकप के बैंक खाते में जमा नहीं की
जायेगी। इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबन्ध निदेशक, पिकप् द्वारा हस्ताक्षरित कर
अपर आयुक्त, उद्योग, लखनऊ के माध्यम से शासन को उपलबध कराया जाएगा।
(2) यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो शासनादेश
संख्या: 445/77-6-42-08(एम)/42टी.सी.४ दिनांक 30-4-202 में उल्लिखित शर्तों
एवं प्रतिबन्धों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हों।
(3)... यह धनराशि ऐसी पात्र इकाइयों, जिनका प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या आगे प्राप्त
होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदन के यथाक्रम में वरीयतानुसार आवश्यक औपचारिकताएं
एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी।
(4) स्वीकृत धनराशि का आहरण आवश्यकतानुसार किया. जाएगा। आवश्यकता का
आकलन अपर आयुक्त, उद्योग, लखनऊ FART किया जाएगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(5) ... प्रशासकीय विभाग पिकप cant वितरित ऋणों की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित
करेंगे। वसूली में शिथिलता ad जाने पर उत्तरादायित्व निर्धारित कर अग्रेतर
कार्यवाही प्रशासकीय विभाग द्वारा की जायेगी।
(6) ... पूंजीगत ब्याज उपादान AloteT-20(2 में दिये गये प्राविधानों के अनुसार संबंधित
इकाइयों को ब्याज उपादान की देयता तथा धनराशि की अनुमन्यता के संबंध में
पिकप उत्ततरादायी होगें।
(7) स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप
संख्या-/209/बी-4-470/दस-209-23/209 दिनांक 22 मार्च, 209 द्वारा जारी
दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
(8)... स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप दूवारा रखा जाएगा।
(9) इस संबंध A होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 209-20 के आय-व्ययक के उद्योग
विभाग के अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक 2885-उद्योगों तथा खनिजों पर अन्य
ORCA = (क्रमशः:)-60-अन्य(क्रमश:)-800-अन्य व्यय(क्रमश:)-49-अवस्थापना Ud
औद्योगिक निवेश eftfa-20i2 का कार्यान्वयन-27 सब्सिडी के नामे डाला जाएगा।
2- यह आदेश वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 के. अशासकीय संख्या §$-6-400/eH-9
दिनांक 4.06.9 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किए जा रहे हैं।
भवदीय,
(डा0 अनिल कुमार)
विशेष सचिव।
WSAT08/20 9/335( )/77-6-9-4(Ase)/7_AaleetH 08/209/335( )/77-6-9-4(asic)/7 |
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
|- महालेखाकार, प्रथम/दृवितीय, (लेखा Ud हकदारी) उ.प्र. प्रयागराज।
2- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
3- प्रबन्ध निदेशक, पिकप।
4- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
5- वित्त (आय-व्ययक) Hel staT-/4
6- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
7- नियोजन अनुभाग-4/4
8-.... औद्योगिक विकास अनुभाग-2
9- गार्ड wise |
आज्ञा से,
(बाबू राम)
उप सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |