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Date: 2016-03-21 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय स्वीकृति।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश में इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के कार्यान्वयन के लिए 54.2 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह धनराशि वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए आरक्षित है और कुछ शर्तों के अधीन स्वीकृत है। योजना के तहत वितरण, उपयोग और वसूली को नियंत्रित करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश प्रदान किए गए हैं, जिसमें 31 मार्च, 2016 तक किसी भी अप्रयुक्त धनराशि को समर्पण करने की समय सीमा शामिल है। **मुख्य बातें** * **वित्तीय स्वीकृति:** * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के तहत रुपये 54.2 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति। * स्वीकृत धनराशि वित्तीय वर्ष 2015-2016 के लिए है और बजट आवंटन से प्रदान की गई है। * वित्तीय उपयोग की सावधानीपूर्वक निगरानी की जानी चाहिए और लेखा जोखा पिकप द्वारा रखा जाना चाहिए। * **पात्रता एवं वितरण:** * धनराशि केवल उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध कराई जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली, 2012 का पालन करती हैं। * धनराशि, पिकप को प्राप्त होने वाले या होने वाले प्रत्यावेदनों के क्रम में नए आवेदकों को आवंटित की जाएगी। * **जिम्मेदारियाँ एवं अनुपालन:** * पिकप को पात्र इकाइयों को वितरित ऋणों की वसूली के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया गया है। * धनराशि के उपयोग से पहले वित्त विभाग के दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। * स्वीकृति के संबंध में विवरण और उपयोगिता प्रमाणपत्र संयुक्त निदेशक उद्योग, लखनऊ के माध्यम से सरकार को प्रस्तुत किया जाना चाहिए। * **ब्याज और पुनर्भुगतान:** * ऋण की वापसी में देरी करने वाली इकाइयों से वसूले जाने वाले ब्याज को राजकोष में जमा कराया जाएगा। * 31 मार्च, 2016 तक किसी भी अप्रयुक्त धनराशि को समर्पित कर दिया जाएगा। * **आहरण और निगरानी:** * धनराशि का आहरण तत्काल उपभोग की आवश्यकता होने पर ही किया जाए। * आवश्यकता का आकलन संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा किया जाएगा। * पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ द्वारा किया जाएगा। **प्रभाव विश्लेषण** **हितधारक:** संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ **प्रभाव:** वित्त के उपयोग के लिए आवश्यकताओं के मूल्यांकन और निगरानी में शामिल होना। **आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि धन की आवश्यकता है और एक महीने के भीतर वितरित किया जाएगा। **हितधारक:** प्रबंध निदेशक, पिकप **प्रभाव:** वितरित किए गए ऋणों के लिए जवाबदेह है और योजना के नियमों का पालन सुनिश्चित करना। **आवश्यक कार्रवाई:** पात्र इकाइयों को धन वितरित करें, वित्तीय रिकॉर्ड बनाए रखें, और उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें। **हितधारक:** उद्योग निदेशालय, कानपुर **प्रभाव:** कार्यान्वयन में शामिल और दिशा-निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करना। **आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि पिकप दिशा-निर्देशों का पालन करे और दस्तावेज़ के अनुपालन की निगरानी करे। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार (विशेष रूप से औद्योगिक विकास विभाग और वित्त विभाग) **प्रभाव:** योजना के कार्यान्वयन के माध्यम से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाना और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करना। **आवश्यक कार्रवाई:** प्रगति की निगरानी करें, यह सुनिश्चित करें कि फंड का उपयोग उनके इच्छित उद्देश्य के लिए किया जाए, और दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करें।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश में इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन देने तथा उत्पादन के प्रारम्भिक वर्षों में कार्यशील पूंजी / ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने हेतु पिकप द्वारा संचालित योजना। पिकप (PICUP): पिकप एक संगठन है जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 का संचालन करता है। उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश राज्य सरकार, इस नीति को स्वीकृति देने और लागू करने वाला प्राधिकरण। लखनऊ मण्डल, लखनऊ: उद्योग के संयुक्त आयुक्त का स्थान। आयुक्त उद्योग, लखनऊ: लखनऊ के उद्योग आयुक्त।
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संख्या: 378/ 77-6-46-6(Tate)/ +4 कंचन वर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। | औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक 06 विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2072 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय स्वीकृत्लि। | महोदय, उपर्युक्त विषय पर मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि उत्तर प्र की स्थापना को प्रोत्साहन देने तथा उत्पादन के प्रारम्भिक वर्षों A कार्यशील पूंजी/ उपलब्ध कराने हेतु पिकप द्वारा संचालित औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के FE निर्णय लिया गया है। इस योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 20(5-46 के आय-व्ययक में ,02,0,00,000.00 (एक अरब दो करोड़ दस लाख मात्र) की बजट व्यवस्था है। इस धन रु. 2,40,60,000.00 (रु. दो करोड़ चालीस लाख साठ हजार) की. वित्तीय की जा चुकी है तथा धनराशि रु. 99,69,40,000.00 (रुपये निन्‍्यान्वे करोड़ ख़ चालीस हजार मात्र) अवशेष है। अवशेष धनराशि में से रु. 54,20,00,000.00 ( करोड़ बीस लाख मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अर्थ किए जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं- + स्वीकृत धनराशि g जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा। 2- यों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। 3- पात्र नई इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या आगे wa ab Wa प्रत्यावेदनों के यथाक्रम A वरीयतानुसार समस्त आवश्यक एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। पिकप द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन fagataeh-20i2 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 5- ऋण की वापसी A विलम्ब करने वाली इकाई A वसूला जाने वाला ब्याज (4.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। 6-.... धनराशि का आहरण तभी किया जायेगा जब उसके तत्काल उपभोग की आवश्यकता हो। 7-.... स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आकलन संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ द्वारा किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्तआयुक्त उद्योग, लखनऊ द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। 8-..... स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या- 2/ 205/ बी-4-925/ दस-205-23॥ 205 दिनांक 30 मार्च, 20 द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 9-..... उक्त धनराशि को आहरित करके पिकप को उपलब्ध कराया जाएगा जिसकी उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर संयुक्त निदेशक उद्योग, लखनऊ के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराया जाएगा। 0- उक्त के संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2045-6 के आय-व्ययक में. 3a की अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में लेखा शीर्षक 6885-उद्योग लिए अन्य कर्ज-0।-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-।90-सार्ब अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना- डाला जाएगा। H- .... दिनांक 3 मार्च, 2046 को HUA धनराशि समर्पित कर 2- Be आदेश वित्त विभाग के अशासकीय संख्या-यू.ओ.- -20I6 में दिनांक 27 Ard, 2046 A wa उनकी सहमति से जारी भवदीया, (कंचन वर्मा) विशेष सचिव। पुख्याः378(7)/ 77-6-6-6(Tate)/ 74 उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखि TY एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- - ही) प्रथम, उ.प्र., इलाहाबाद | 2- 3- पिकप भवन, गोमतीनगर, लखनऊ को पिकप के पत्र संख्या: यवाही सुनिश्चित करने हेतु प्रेषित | | निदेशक, उद्योग निदेशालय, PIAGL| Ih, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। वित्त (आय-व्ययक) अलुभाग-/ 4 वित्त (व्यय-नियंत्रण) अलुभा-6 8-..... नियोजन अनुभाग-/ 4 9-.... औद्योगिक विकास अलुभाग-2 0- - गाई फाइल। आज्ञा से, (कंचन वर्मा) विशेष सचिव।

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