Home India औद्योगिक विकास विभाग पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012 के अन्तर्गत पात्र औद्योगिक इ...
Date: 2016-03-28 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012 के अन्तर्गत पात्र औद्योगिक इकाइयों को योजनान्तर्गत पूंजीगत ब्याज उपादान वितरित करने के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

Research with AI Agent Chat with Document Generate Summary Translate Helpful Share Add to Project Create Task

Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़ औद्योगिक विकास अनुभाग-6, उत्तर प्रदेश शासन का एक आदेश है, जिसमें पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012 के तहत पात्र औद्योगिक इकाइयों को योजनान्तर्गत पूंजीगत ब्याज उपादान वितरित करने के संबंध में वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए 12,61,000.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। अंतिम दस्तावेज़ पर 28 मार्च, 2016 को हस्ताक्षर किए गए थे। स्वीकृत धनराशि कुछ शर्तों के अधीन जारी की जाती है, जिसमें यह सुनिश्चित करना शामिल है कि इकाइयां सरकार के आदेश का अनुपालन करती हैं, और यह कि वितरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होता है। **मुख्य बातें** * **वित्तीय स्वीकृति:** * वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए पात्र औद्योगिक इकाइयों को पूंजीगत ब्याज उपादान वितरित करने के लिए 12,61,000.00 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। * स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। * स्वीकृत धनराशि का आहरण एक मुश्त आवश्यकतानुसार किया जाएगा। * **पात्रता और अनुपालन:** * यह धनराशि केवल उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो शासनादेश संख्या: 1415/77-6-12-08(एम)/12वी टी.सी. दिनांक 30-11-2012 में उल्लिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हों। * धनराशि उन इकाइयों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनका प्रत्यावेदन पिकप में पहले प्राप्त हो गया है। * **व्यय और लेखांकन:** * स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। * धनराशि को आहरित करके उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराया जाएगा, जो उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा। * व्यय को उद्योग विभाग के बजट के लेखा शीर्षक 2885 के अंतर्गत दिखाया जाएगा। **प्रभाव विश्लेषण** **उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम:** * **प्रभाव:** निगम को अपने कार्यों का समर्थन करने के लिए धनराशि प्राप्त होगी। * **आवश्यक कार्रवाई:** धनराशि का लेखा-जोखा रखें, और शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करें। **पात्र औद्योगिक इकाइयाँ:** * **प्रभाव:** योजनान्तर्गत पूंजीगत ब्याज उपादान प्राप्त होने पर वित्तीय राहत और प्रोत्साहन प्राप्त होगा, जिससे उन्हें प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने और अधिकाधिक रोजगार सृजन करने में मदद मिलेगी। * **आवश्यक कार्रवाई:** शासनादेश संख्या: 1415/77-6-12-08(एम)/12वी टी.सी. दिनांक 30-11-2012 में उल्लिखित शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करें। **आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर:** * **प्रभाव:** उन्हें औद्योगिक इकाइयों को धनराशि के वितरण की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। * **आवश्यक कार्रवाई:** आवश्यकता का आंकलन करें और स्वीकृत धनराशि को वितरित करें।

Key Entities Referenced

पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012: औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए वित्तीय वर्ष 2015-16 में लागू एक योजना। अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पूंजी निवेश को आकर्षित करने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और राज्य के सकल उत्पाद को बढ़ाने के लिए नीति। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: यह संस्था पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012 के अंतर्गत धनराशि प्राप्त करने और वितरित करने के लिए जिम्मेदार है। उद्योग निदेशालय, कानपुर: विभाग जो स्वीकृत धनराशि की आवश्यकता का आंकलन करेगा। उत्तर प्रदेश: वह राज्य जहां नीति लागू होती है।
Official Source Record View Original Source →
See Full Document Text
संख्या: 357/ 77-6-46-07(Tsle)/ ध4 प्रेषक, कंचन वर्मा, विशेष सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर | औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ:दिनांक- 2 विषय: पूंजीगत ब्याज उपादान Alote-20i2 के अन्तर्गत पात्र औ योजनान्तर्गत पूंजीगत ब्याज उपादान वितरित करने के संबंध में। महोदय, प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने, अधिकाधिक ; किए जाने, प्रदेश को आकर्षक निवेश गंतव्य बनाए जाने व राज्य सकल में [ग क्षेत्र के योगदान में वृद्धि किए जाने के आशय से अवस्थापना va पूंजीगत ब्याज उपादान योजना लागू की गयी है 20i5-6 में इस हेतु रु. 7.50 करोड़ के बजट की व्यवस्था है जिसके सापेक्ष 3 वित्तीय निगम को शासनादेश संख्या- 280/ 77-6-55-7(बजट)/ 4 दिनांक 6 द्वारा धनराशि रु. 8,i2,279.00 (रु. अट्ठारह लाख INS हजार दो at मात्र) Ud शासनादेश संख्या-37/ 77-6-I6- 7(बजट)/ (4 दिनांक 7-03-20 शे रु. ,70,90,260.00 (रु. एक करोड़ सत्तर लाख नब्बे हजार दो सौ साठ य स्वीकृति उक्त मद में निर्गत की जा चुकी है एवं अवशेष धनराशि रु. .00 में से वित्तीय निगम से प्राप्त प्रस्ताव दिनांक 5.02.206 हेतु a 0 (2,64,000.00 (रूपये बारह लाख एकसठ हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल Aged सहर्ष Ef करते हैं- ः धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो शासनादेश संख्या: 475/ 77-6-2-08(Ua)/2V टी.सी. दिनांक 30-74-20i2 में उल्लिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हों। (3)... यह धनराशि ऐसी पात्र इकाइयों, जिनका प्रत्यावेदन fru में प्राप्त हो या आगे Wa होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदन के यथाक्रम A वरीयतानुसार आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। (4) स्वीकृत धनराशि का आहरण एक AWA आवश्यकतानुसार किया. जाएगा। आवश्यकता का आंकलन आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर द्वारा किया जाएगा।2- ... स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या:2/ 2045/ बी--925/ GA-2045-237/ 205 दिनांक 30 मार्च, 20I5 द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 3- उक्त धनराशि को आहरित करके उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबन्ध निदेशक, Seat प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराया जाएगा। 4- उक्त के संबंध मे होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2045-46 के आय-व्ययक के उद्योग विभाग के अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में लेखा शीर्षक 2885-उद्योगों तथा खनि परिव्यय (क्रमश:)-60-अन्य(क्रमश:)-800-अन्य AA (HA:)- 9-अवस्थापना व निवेश aifa-20i2 का कार्यान्वयन-27 सब्सिडी के AA डाला जाएगा। 5- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय ज्ञाप 9/ 205/ Fi- - 925/ दस-205-23/ 2045 दिनांक 30.03.20i5 में निहित व्यव किए जा रहे भवदीया, (कंचन वर्मा) विशेष सचिव। TUT: 357()/ 77-6-6-0 7(बजट) / 74 उपर्युक्त की प्रतिलिपि नि चनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- - महालेखाकार, प्रथम/ fe जाहाबाद | 2- .... कोषाधिकारी, कानपुर। 3- प्रबंध निदेश श वित्तीय निगम, कानपुर को उनके पत्र संख्या- 028/ विनि/ जोन३3/ दिनांक 5.02.20I6, 024/ विनि/ जोन-3/ 205-46 दिनांक 026/ विनि/ जोन-3 दिनांक (5.02.20i6 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही त्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।| व्ययक) अलुभाग-/ 4 (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 7-.... नियोजन अनुभाग-॥/ 4 8-.... औद्योगिक विकास अलुभाग-2 9- ms tise आज्ञा से, (कंचन वर्मा) विशेष सचिव।

Continue your research