ज़रूर, यहाँ सारांश है:
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012 के तहत पात्र औद्योगिक इकाइयों को पूंजीगत ब्याज उपादानों के वितरण को संबोधित करता है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश को आकर्षित करना, रोजगार सृजन को बढ़ाना और विनिर्माण क्षेत्र का समर्थन करना है। वर्ष 2015-2016 के लिए, 17.50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह पत्र 19 फरवरी 2016 के पिकप प्रस्तावों के लिए कुल 1,71,00,000.00 रुपये (एक करोड़ इकहत्तर लाख रुपये मात्र) के वित्तीय आवंटन को जारी करता है, जो निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन है।
**मुख्य बातें**
* **वित्तीय अनुमोदन और आवंटन:**
* वर्ष 2015-2016 के लिए पूंजीगत ब्याज उपादान योजना के तहत स्वीकृत वित्तीय राशि 1,71,00,000.00 रुपये (एक करोड़ इकहत्तर लाख रुपये मात्र) है।
* **पात्रता मानदंड और अनुपालन:**
* धनराशि उन इकाइयों को दी जानी चाहिए जो 30 नवंबर 2012 के शासकीय आदेश में उल्लिखित शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करती हों।
* **वितरण प्रक्रिया:**
* धन का वितरण पिकप में प्राप्त प्रत्यावेदन के अनुसार वरीयता क्रम में किया जाएगा।
* **धनराशि का आहरण:**
* अनुमोदित धनराशि की आवश्यकतानुसार एकमुश्त आहरण किया जाएगा, जिसका आकलन संयुक्त निदेशक, उद्योग, लखनऊ द्वारा किया जाएगा।
* **व्यय संबंधी दिशानिर्देश:**
* निधियों के व्यय को सुनिश्चित करने से पहले 30 मार्च, 2015 के वित्त विभाग के ज्ञापन में उल्लिखित दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।
* **उपलब्धता और प्रमाणन:**
* आहरित धन को पिकप को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, और उपयोगिता प्रमाणपत्र उद्योग के संयुक्त आयुक्त, लखनऊ मंडल के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
* **लेखा शीर्षक:**
* व्यय 2015-2016 के उद्योग विभाग के अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में उल्लिखित विशिष्ट लेखा शीर्षकों के तहत किया जाना चाहिए।
**प्रभाव विश्लेषण**
* **प्रमुख हितधारक:**
* राज्य सरकार (उत्तर प्रदेश सरकार)
* **प्रभाव:** पूंजी निवेश को बढ़ावा देने और राज्य के भीतर औद्योगिक विकास का समर्थन करने के उद्देश्य से वित्तीय संसाधनों का आवंटन और प्रबंधन।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि धनराशि का वितरण निर्धारित दिशानिर्देशों और शर्तों का पालन करता है।
* औद्योगिक इकाइयाँ
* **प्रभाव:** पूंजीगत ब्याज उपादान योजना से वित्तीय सहायता प्राप्त करना, निवेश और विस्तार के प्रयासों का समर्थन करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** निर्धारित पात्रता मानदंडों और शर्तों का अनुपालन करना, अनुबंधों को पूरा करना और अनुदान के लिए समय पर प्रत्यावेदन प्रस्तुत करना।
* पिकप (उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम)
* **प्रभाव:** औद्योगिक इकाइयों को धन के वितरण और उचित उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करने की सुविधा देना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** धनराशि का आहरण और औद्योगिक इकाइयों को वितरण करना, उपयोगिता प्रमाण पत्र के माध्यम से निधियों के उचित उपयोग का सत्यापन करना।
* संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मंडल
* **प्रभाव:** धन के वितरण की निगरानी करना और उपयोगिता प्रमाणपत्र प्राप्त करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** पिकप से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करना और उन्हें सरकार को देना।
* उद्योग निदेशालय, कानपुर
* **प्रभाव:** औद्योगिक विकास का समर्थन करने के लिए राज्यव्यापी नीति और योजना कार्यान्वयन का समन्वय करना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** अनुदान का उचित और कुशल उपयोग सुनिश्चित करें।
Key Entities Referenced
पूंजीगत ब्याज उपादान योजना-2012: पात्र औद्योगिक इकाइयों को पूंजीगत ब्याज उपादान वितरित करने से संबंधित योजना
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (पिकप): एक संस्थान जिसका उल्लेख पूंजीगत ब्याज उपादान योजना के तहत वित्तीय मंजूरी से संबंधित है
अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012: नीति जिसके तहत पूंजीगत ब्याज उपादान योजना लागू की गयी है
लखनऊ मण्डल, लखनऊ: वह भौगोलिक क्षेत्र जहाँ संयुक्त आयुक्त, उद्योग द्वारा स्वीकृत धनराशि का उपयोग किया जाना है
उद्योग विभाग: वह सरकारी विभाग जिसके आय-व्ययक के अनुदान के तहत व्यय होगा
संख्या: 376/ 77-6-46-07(Tsle)/ ।4
प्रेषक,
कंचन वर्मा,
विशेष सचिव,
ऊ0प्र0 शासन।
सेवा में,
संयुक्त आयुक्त,
उद्योग,
लखनऊ मण्डल, लखनऊ ।|
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ:दिनांक- 28
पूंजीगत ब्याज उपादान वितरित करने के संबंध में।
महोदय,
प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने, अधिकाधिक र
आकर्षक निवेश गंतव्य बनाए जाने व राज्य सकल उत्पाद में ग क्षेत्र के योगदान में
वृद्धि किए जाने के आशय से अवस्थापना एवं औद्योगिक,
ब्याज उपादान योजना लागू की गयी है। वित्तीय
की व्यवस्था है जिसके सापेक्ष उत्तर प्रदेश वि को शासनादेश संख्या-280/ 77-6-5-
7(बजट)/ 4 दिनांक I6-09-2045 द्वारा ,2,279.00 (रु. अट्ठारह लाख बारह हजार
दो सौ उननासी मात्र) एवं शासनादेश सं 6-6-7(astc)/ 4 दिनांक (7-03-20/6 द्वारा
धनराशि रु. ,70,90,260.00 (रु. ve सत्तर लाख ast हजार दो सौ साठ मात्र) की वित्तीय
स्वीकृति उक्त मद में निर्गत की एवं अवशेष धनराशि रु. 5,60,97,46.00 में से पिकप
से प्राप्त प्रस्ताव दिनांक कुल धनराशि रु. ,77,00,000.00 (रूपये एक करोड़
इकहत्तर लाख मात्र) fa निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन festa किए
जाने की श्री राज्यपाल म्रूहोदय सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं-
TUR का लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा।
उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो शासनादेश संख्या:
5/ 77-6-2-08(UaA)/ 2४ टी.सी. दिनांक 30-4-20i2 में उल्लिखित शर्तों एवं
प्रतिबन्धों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हों।
यह धनराशि ऐसी पात्र इकाइयों, जिनका प्रत्यावेदन पिकप में wa हो या आगे wa
होंगे को. उनके We प्रत्यावेदन के. यथाक्रम में वरीयतानुसार आवश्यक
औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी।
(4) ... स्वीकृत धनराशि का आहरण एक मुश्त आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता
का आंकलन संयुक्त निदेशक, उद्योग, लखनऊ द्वारा किया जाएगा।
2 ... स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय a
संख्या:2/ 205/ H-4-925/ दस-205-23॥ 2045 दिनांक 30 मार्च, 2045 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों
का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।3- उक्त धनराशि को आहरित करके पिकप को उपलब्ध कराया जाएगा। जिसका उपयोगिता
प्रमाण पत्र प्रबन्ध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर संयुक्त आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल,
लखनऊ के माध्यम से शासन को उपलबंध कराया जाएगा।
4- उक्त के संबंध A होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 20i5-46 के आय-व्ययक के उद्योग विभाग
के अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में लेखा शीर्षक 2885-उद्योगों तथा खनिजों पर अन्य
परिव्यय (क्रमशः:)-60-अन्य(क्रमशः:)-800-अन्य AA (HAM:)-(9-3TGEMUAT एवं औद्योगिक निवेश
alfd-202 का कार्यान्वयन-27 सब्सिडी के AA डाला जाएगा।
5- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AG संख्या-2/ 205/ di-t-
925/ दस-205-23/ 2075 दिनांक 30.03.2075 में निहित व्यवस्थानुसार निर्गत किए जा#र्हे, हैं
HSA:376(4)/ 77-6-46-7(Tate)/ 44 तदिनांक
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्य
- महालेखाकार, प्रथम/ द्वितीय, उ.प्र., इलाहाबाद ।
2- .... मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
3- प्रबंध निदेशक, पिकप, लखनऊ को उनके यथा 3S.Wa.M- 0-2-/ 2042-3/ 2845
दिनांक 9-02-206 के क्रम में सुनिश्चित करने हेतु प्रेषित |
4-..... आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग से, कानपुर
5- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय fe
6- वित्त (आय-व्ययक) ATH
7- वित्त (व्यय-नियंत्रण
8- नियोजन
9- औद्योगिक
0- Ws फाइल
।
Xt भवन, AGAD|
आज्ञा से,
(कंचन वर्मा)
विशेष सचिव।