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Date: 2015-03-30 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय स्वीकृति।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश** दस्तावेज उद्योग निदेशालय, कानपुर को संबोधित उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव, कंचन वर्मा का एक ज्ञापन है, जो उत्तर प्रदेश में इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 को लागू करने के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। राज्यपाल ने वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए आवंटित 1,11,67,000.00 रुपये की अवशिष्ट धनराशि जारी करने की स्वीकृति दी है, यह सुनिश्चित करते हुए कि धन पात्र इकाइयों तक पहुंचता है और उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा जिम्मेदारी से प्रबंधित किया जाता है। **मुख्य बातें** *वित्तीय स्वीकृति और प्रबंधन* - स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। - इस राशि का उपयोग औ‌द्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2012 के अनुपालन को सुनिश्चित करने वाली पात्र इकाइयों को किया जाना है। *धन वितरण और वसूली* - धनराशि उन नई इकाइयों को उनकी प्राथमिकता के क्रम में उपलब्ध कराई जाएगी जिन्होंने उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम में प्रत्यावेदन जमा किए हैं या आगे जमा करेंगे। - पात्र इकाइयों से ऋण की वसूली की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम की होगी। - ऋण में देरी करने वाली इकाइयों से ब्याज (1.25 प्रतिशत प्रतिमाह) वसूल कर सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा। *वित्तीय प्रबंधन और लेखा परीक्षा* - प्रत्येक माह आवश्यकता का आकलन करके धनराशि निकाली जाएगी, और उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण का वितरण किया जाएगा। - धनराशि का उपयोग करने से पहले वित्त विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। - उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र आयुक्त और उद्योग निदेशक, कानपुर के माध्यम से सरकार को उपलब्ध कराए जाएंगे। - यह व्यय औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के नाम से दर्ज किया जाएगा। **प्रभाव विश्लेषण** **हितधारक:** उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम *प्रभाव*: ऋण की वसूली और लेखा रखरखाव का प्रबंधन करने का उत्तरदायित्व। *आवश्यक कार्रवाई*: इकाइयों को धन वितरित करें और स्वीकृतियों के नियमों और शर्तों के अनुसार उपयोग सुनिश्चित करें। **हितधारक:** उद्योग निदेशालय, कानपुर *प्रभाव*: आवंटित धन के वितरण की देखरेख करना। *आवश्यक कार्रवाई*: जरूरत का आकलन करें और यह सुनिश्चित करें कि धन सही ढंग से वितरित हो। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश में इकाइयाँ *प्रभाव*: प्रारंभिक वर्षों के दौरान कार्यशील पूंजी ब्याज मुक्त ऋण। *आवश्यक कार्रवाई*: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2012 में उल्लिखित पात्र होने के लिए आवश्यक नियमों का पालन करें।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश में इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिए, उत्पादन के प्रारम्भिक वर्षों में कार्यशील पूंजी ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने हेतु उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा संचालित योजना। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: एक वित्तीय संस्थान जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन में शामिल है। उत्तर प्रदेश: राज्य जहाँ नीति लागू है। उ‌द्योग निदेशालय, कानपुर: कानपुर में उद्योग निदेशालय, जो आयुक्त एवं निदेशक द्वारा निर्देशित है और योजना के तहत आवश्यकताओं का आकलन करता है। औ‌द्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2012: नियमावली जिसमें औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के लिए शर्तें उल्लिखित हैं।
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संख्या: 344/ 77-6-5-6(FAC)/3 प्रेषक, कंचन वर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर | औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक 30 Ares, 20i5 विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन UloteN-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय स्वीकृति, महोदय, उपर्युक्त विषय पर मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि उत्तर, प्रदेश मैं इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन देने तथा उत्पादन के UNF वर्षों A कार्यशील पूंजी/ब्यॉजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने हेतु उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम Gant संचालित औद्योगिक निवेश _प्रोत्साहंत Alote-202 के क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया है। इस हेतु वित्तीय वर्ष 20:4-45 के आयश्ब्येयकं में रूपये 90.30 करोड़ (नब्बे करोड़ तीस लाख मात्र) की बजट व्यवस्था की गयी है। SAH GMAT eR रु. 50,30,00,000.00 (रु. पचास करोड़ तीस लाख) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत AL ot चुकी 'है तथा धनराशि रूपया 40,00,00,000.00 (रु. चालीस करोड़) अवशेष है। अवशेष GeNIRT A.A Ba ,//,67,000.00 (रु. एक करोड़ ग्यारह लाख सड़सठ हजार) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखिल् शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल महोदय सहर्ष स्वीकृति Valet करते हैं- - स्वीकृत धनराशि का लेखां AR उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम CART रखा जाएगा। 2- यह धनराशि छनः पात्र SHisal को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 20i2 मैं५उल्लिखिल शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। 3- यह Tenia Val पात्र नई इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम में प्राप्त हो या आगे. प्राप्त eel को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम A वरीयतानुसार समस्त आवश्यक औपचारिकल्लाएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हु ए उपलब्ध करायी जाएगी। 4- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202 मैं दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 5- ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई A वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।6- स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आकलन आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर SANT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। 7- स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप GeAa-t- 2457/G8-204-23/20I4 दिनांक 22 जुलाई 204 cant जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 8- उक्त धनराशि को आहरित करके उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराया. जाएगा जिसकी उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित, कर आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराया जाएगा। 9- उक्त के संबंध A होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 204-5 के आय-ब्ययक में उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में लेखा शीर्षक 6885-उद्योग AWM ietat के लिए अन्य कर्ज- Ol-sieaitern वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-90-सार्वजनिक क्षेत्र: H तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07- औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-30-निवेश/ऋण के नामे डाला. जाएगा। i0- यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय संख्या-यू.ओ.-बी-4-3/दस-205 में दिनांक 28 मार्च, 20i5 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं। भवदीया, (कंचन वर्मा) विशेष सचिव। संख्या: 34()/ 77-6-5-6(बंजट)/3 'तद्दिनांक उपर्युक्त की viata निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित: - महालेखाकार,(लेखा एवं SHANI) प्रथम, उ.प्र., इलाहाबाद | 2- मुख्य .कोषाधिकारी, कानपुर | 3- प्रबंध ६ निदेशक, उत्तर प्रदेश. वित्तीय निगम, कानपुर. को. Sah पत्र. संख्या: 456/fatev/faaiia/2074-5 दिनांक 26.02.5 के क्रम मैं HIN कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु प्रेषित । 4- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 5- वित्त (आय-व्ययक) 3tefsATeT-/ 4 6- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 7- नियोजन 3Te]STTeT-7/ 4 8- eatin विकास अनुभाग-2 9- गार्ड फाइल। आज्ञा से,(कंचन वर्मा) विशेष सचिव।

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