ज़रूर, दस्तावेज़ का सारांश इस प्रकार है:
**कार्यकारी सारांश**
9 मार्च, 2018 के इस दस्तावेज़ में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012 के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय स्वीकृति दी गई है। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को ₹1,74,50,00,000.00 करोड़ रुपये की कुल आवंटित धनराशि के सापेक्ष ₹6,50,42,000.00 की राशि स्वीकृत की गई है। स्वीकृत धनराशि का उपयोग योजना के तहत योग्य इकाइयों को उपलब्ध कराया जाएगा।
**मुख्य बातें**
* **धनराशि का लेखा-जोखा:** उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा रखेगा।
* **पात्रता:** केवल वही इकाइयाँ यह धन प्राप्त करने के लिए पात्र होंगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2012 में उल्लिखित सभी शर्तों का अनुपालन करती हैं।
* **वितरण:** यूपीएफसी उन नई इकाइयों को प्रत्यावेदनों की क्रम में वरीयतानुसार धन का आवंटन करेगा जिनके पास आवश्यक औपचारिकताएं और अनुबन्ध पूरे हो गए हैं।
* **वसूली:** यूपीएफसी पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार होगा, जो यह सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहन नियमावली में निर्धारित प्रभावी व्यवस्था का पालन करेगा और धनराशि की सुरक्षा के लिए सभी औपचारिकताओं को पूरा करेगा।
* **विलंबित भुगतान:** यदि कोई इकाई ऋण चुकाने में देरी करती है, तो उस इकाई से 1.25% प्रति माह की दर से लगने वाले ब्याज को राजकोष में जमा कराया जाएगा।
* **उपलब्धता:** निधि का आहरण तभी किया जाएगा जब उसका तत्काल उपभोग आवश्यक हो।
* **आहरण:** स्वीकृत निधि का आहरण मासिक आवश्यकतानुसार किया जाएगा।
* **निगरानी:** यूपीएफसी द्वारा ऋण वितरण की निगरानी की जाएगी।
* **उपयोगिता प्रमाण पत्र:** यूपीएफसी द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र सरकार को दिया जाना है।
* **आवंटन:** व्यय 2017-18 के लिए आय-व्ययक में उद्योग विभाग के अनुदान संख्या-7 के तहत किया जाएगा।
* **अनुपालन:** यह आदेश वित्त विभाग की सहमति से जारी किया गया है।
**प्रभाव विश्लेषण**
* **उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम:**
* **प्रभाव:** स्वीकृत धन के लिए लेखा-जोखा बनाए रखने, पात्र इकाइयों को धन वितरित करने, ऋण की वसूली सुनिश्चित करने और धन के उचित उपयोग की निगरानी करने के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई करें कि निधियों का सदुपयोग किया जाए, प्रासंगिक शर्तों का अनुपालन किया जाए और उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाए।
* **उद्योग आयुक्त और निदेशक:**
* **प्रभाव:** आवश्यकता के आधार पर मासिक आहरण का आकलन करने के लिए उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण की निगरानी करने के लिए जिम्मेदार हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** धन के सदुपयोग की निगरानी के लिए आवश्यक उपाय करें।
* **पात्र औद्योगिक इकाइयाँ:**
* **प्रभाव:** यदि वे औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2012 के तहत पात्रता मानदंड को पूरा करते हैं, तो वे वित्तीय प्रोत्साहन से लाभान्वित हो सकते हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें और यह सुनिश्चित करें कि वे नियमावली में उल्लिखित सभी आवश्यकताओं का अनुपालन करें।
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना जिसका उद्देश्य राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है।
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक संस्था है जो राज्य में उद्योगों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस दस्तावेज में, यह योजना के तहत ऋणों के वितरण और वसूली में शामिल है।
आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर: यह उत्तर प्रदेश सरकार का एक विभाग है जो राज्य में औद्योगिक विकास के लिए जिम्मेदार है। वे योजना की निगरानी में शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश राज्य सरकार।
कानपुर: उत्तर प्रदेश का एक शहर, यहाँ उद्योग निदेशालय का स्थान होने के कारण संदर्भित है।
संख्या: _845/
प्रेषक,
77-6-47-04(Tate)/ i6c0Hi0-4
नरेन्द्र सिंह पटेल,
विशेष सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
आयुक्त एवं निदेशक उद्योग,
उद्योग निदेशालय,
कानपुर |
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक 09 मार्च, 2048
विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय. स्वीकृति।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक प्रभारी-विशेष योजना, उत्तर प्रदेश. वित्तीय निगम के. पत्र संख्या-
08/ विनि/ वियोवि/ 207-8 दिनांक 20-04-207 एवं वरिष्ठ प्रबन्धक॑ (तकनीकी), Seat प्रदेश वित्तीय
निगम के पत्र ASA-746/ विनि/ वियोवि/ 207-48 दिनांक .03-08-2077 के संबंध में मुझे यह कहने का
निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 207-48 के
आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू. ,74,50,00,000.00 (रू0 एक अरब चौहत्तर करोड़ पचास लाख
मात्र) के सापेक्ष BO 6,50,42,000.00 (रू0 &: करोड़ पचास लाख बयालिस हजार मात्र) की धनराशि
निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान
करते हैं-
स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा Scat प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा।
यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
नियमावली 2042 में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो।
यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन Seat प्रदेश वित्तीय निगम में
प्राप्त हो या आगे प्राप्त होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतालुसार
समस्त आवश्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी।
पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय
निगम पर होगा। Scat प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण
की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन fraatact-20i2 में दिए गए प्राविधानों के
अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं
पूर्ण की जाएंगी।
ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (4.25 प्रतिशत
प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।धनराशि का आहरण तभी किया जायेगा जब उसके तत्काल उपभोग की आवश्यकता हो।
स्वीकृत धनराशि का AO एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता
का आकलन आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर द्वारा किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उत्तर प्रदेश वित्तीय
निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग निदेशालय,
कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त
ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय Ao संख्या-
8/ 2047/ बी-।-90/ @a-2047-23/ 207 दिनांक 03-08-2047 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों
का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
उक्त धनराशि को आहरित करके उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम. को उपलब्ध कराया जाएगा
जिसकी उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा
हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर के माध्यम से
शासन को उपलब्ध कराया जाएगा।
0- उक्त के संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय qu 20(7-8 के आय-व्ययक में उद्योग विभाग
की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक. 6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-07-
औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-।90-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-
07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-30-निवेश/ ऋण के नाम डाला जाएगा।
- यह आदेश faa fas m& अशासकीय. We-p-4-(66/-x-20i8 में दिनांक
28-02-208 में प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं।
भवदीय,
(नरेन्द्र सिंह पटेल)
विशेष सचिव।
संख्याः85(7/ 77-6-47-4(बजट) / 6 टीसी Aa
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम, 20 सरोजिनी नायडू मार्ग, उ.प्र., इलाहाबाद-
200
मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर ।
vay निदेशक, Sex ver faced निगम, कानपुर को. पत्र संख्या:
08/ विनि/ वियोवि/ 207-8 दिनांक 20-04-2077, पत्र संख्या -
445/ विनि/ वियोवि/ 2047-48 दिनांक 27-07-20i7 एवं Awal-6/ विनि/ वियोवि/ 207-
8 दिनांक 03-08-20i7 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु प्रेषित |निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
वित्त (आय-व्ययक) अलुभाग-/ 4
वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग -6
नियोजन अनुभाग-/ 4
औद्योगिक विकास अनुभाग-2
Ts wise
आजा से,
(बाबू राम)
अनु. सचिव।