Home India औद्योगिक विकास विभाग औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु वित...
Date: 2016-02-02 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय स्वीकृति।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) द्वारा संचालित औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 के कार्यान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए 1,02,10,00,000.00 रुपये के बजट आवंटन की स्वीकृति के बारे में है। इस बजट से 87,24,000.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति राज्यपाल द्वारा विशिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन दी गई है। **मुख्य बातें** * **वित्तीय अनुमोदन और प्रबंधन** * स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा यूपीएफसी द्वारा रखा जाएगा। * आवंटित राशि को केवल उन पात्र इकाइयों को वितरित किया जाएगा जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2012 का पूरी तरह से पालन करती हैं। * विलंबित भुगतान के लिए ब्याज (1.25% प्रति माह) सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा। * **वित्तीय संवितरण और उपयोग** * धनराशि का आहरण आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर द्वारा मासिक आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा। * यूपीएफसी द्वारा धन के वितरण और सदुपयोग की निगरानी की जाएगी। * धनराशि के उपयोग से पहले वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा। * **ऋण वसूली और सुरक्षा** * वितरित ऋणों की वसूली का पूर्ण दायित्व यूपीएफसी का होगा। * यूपीएफसी इकाइयों को स्वीकृत ऋण की वसूली के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करेगा और धनराशि की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। * **व्यय विवरण** * व्यय विभाग के अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में निर्दिष्ट लेखा शीर्षक के तहत किया जाएगा। * **अनुपालन और निगरानी** * यूपीएफसी धन प्राप्त करेगा और उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट) शासन को प्रस्तुत करेगा। **प्रभाव विश्लेषण** **हितधारक:** उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (यूपीएफसी) * **प्रभाव:** उसे औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 का प्रबंधन और क्रियान्वयन करना है। उसे इस योजना के तहत ऋणों के वितरण और वसूली की निगरानी करनी है। * **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि धनराशि नियमावली के अनुसार वितरित की जाए। उन्हें इकाइयों से ऋण की समय पर वसूली सुनिश्चित करनी होगी और सरकार को उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार (उद्योग विभाग, वित्त विभाग) * **प्रभाव:** उन्हें यह सुनिश्चित करना है कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया जाए और राज्य में आर्थिक विकास हो। उन्हें बजट आवंटन की निगरानी करनी है और यह सुनिश्चित करना है कि यूपीएफसी नियमों का पालन करे। * **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें बजट जारी करना है और यूपीएफसी द्वारा किए गए व्यय की निगरानी करनी है। **हितधारक:** औद्योगिक इकाइयाँ * **प्रभाव:** वे कम ब्याज दरों पर ऋण प्राप्त करने और राज्य में अपनी इकाइयों की स्थापना करने में सक्षम होंगे। * **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें यूपीएफसी से ऋण के लिए आवेदन करना होगा और ऋण प्राप्त करने के लिए नियमावली की शर्तों का पालन करना होगा। उन्हें समय पर ऋण चुकाना होगा। **हितधारक:** आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर * **प्रभाव:** यूपीएफसी को उपलब्ध कराए गए ऋण के संबंध में उन्हें ऋण वितरण की निगरानी करनी होगी तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें यूपीएफसी द्वारा किए गए ऋण वितरण पर सतर्कता से निगरानी रखनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि धनराशि के सदुपयोग के बाद ही अगली किश्त जारी की जाए।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: उत्तर प्रदेश में इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन देने तथा उत्पादन के प्रारम्भिक वर्षों में कार्यशील पूंजी / ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने हेतु उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा संचालित योजना। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012 का संचालन करने वाला संगठन। उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार।
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संख्या: (684/ 77-6-5-6(Tate)/ 4 प्रेषक, कंचन वर्मा, विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर । औद्योगिक विकास अनुभाग-6 02 फरवरी, 20/6 विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन Ulotell-20(2 के fe ra स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषय पर मुझे यह कहने का कि उत्तर प्रदेश में इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन देने तथा उत्पादन के | में कार्यशील पूंजी/ ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने हेतु उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना- 20i2 के क्रियान्वयन का निर्णय लिया... इस हेतु वित्तीय वर्ष 205-6 के आय-व्ययक में रु. ,02,0,00,000.00 (एक करोड दस लाख मात्र) की बजट व्यवस्था है। इस धनराशि में से रु. 87,24,000/0 सत्तासी लाख चौबीस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल महोदय wet स्वीकृति प्रदान - स्वीकृत ध लेखा जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। ऐसी पात्र नई इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम में प्राप्त प्राप्त होंगे को उनके प्रास प्रत्यावेदनों के यथाक्रम में वरीयतानुसार समस्त आवश्यक एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। 4- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-202 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।5- ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। 6- ... स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आकलन आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि य के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। | 7- स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनु ज्ञाप संख्या-2/ 205/ H--925/ दस-205-23॥ 205 दिनांक 30 म॑ दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 8-... उक्त धनराशि को आहरित करके उत्तर प्रदेश वित्तीय लब्ध कराया जाएगा जिसकी उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर के माध्यम से शास TET कराया जाएगा। 9- shh संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष » के आय-व्ययक में उद्योग विभाग की अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में. 6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-0-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं 0-सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन १2-30-निवेश/ ऋण के नाम डाला जाएगा। 0- we आदेश वित्त विभाग संख्या- A3.-a-4-2/qa-20i6 में दिनांक 28-04-20I6 + wea उनकी से जारी किये जा रहे हैं। भवदीया, (कंचन वर्मा) विशेष सचिव। 6-5-6(Gsle)/ 4 तद्िनां निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- , (लेखा एवं हकदारी) प्रथम, उ.प्र., इलाहाबाद | 2- ... मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर। 3- प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम, कानपुर को उनके पत्र संख्याः 637/ विनि/ वियोवि/ 2045-6 दिनांक (0-42-20i5 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु प्रेषित | 4- .... निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। (विशेष वाहक द्वारा)५ %५% ४ ५१ ५

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