This document, letter number संख्या-4/2019/357/77-6-19-4(बजट)/16टीसी, dated June 12, 2019, from Babu Ram, Deputy Secretary, Uttar Pradesh Government, addresses the Additional Commissioner, Industries, Lucknow Division, regarding financial approval for the implementation of the Industrial Investment Promotion Scheme-2012.
The letter approves the release of ₹34,23,32,270.00 (Thirty-Four Crore Twenty-Three Lakh Thirty-Two Thousand Two Hundred Seventy Rupees only) from the budgeted amount of ₹1,80,00,00,000.00 (One Hundred Eighty Crore Rupees only) for the fiscal year 2019-20.
Key conditions and guidelines outlined in the approval include:
* The funds are to be directly deposited into the account of the intended institution, and a utilization certificate must be submitted by the Managing Director of PICUP through the Additional Commissioner of Industries, Lucknow.
* PICUP is responsible for maintaining records of the approved funds and ensuring that the funds are provided to eligible units that fully comply with the Industrial Investment Promotion Rules 2012.
* PICUP will distribute the funds to eligible new units based on the order of received applications.
* PICUP is responsible for the recovery of loans distributed to the eligible units. Delayed payments will incur an interest of 1.25% per month.
* The sanctioned amount should be withdrawn on a need basis and utilized within a month. The monitoring of the distribution of loan from PICUP should be done by the Additional Commissioner of Industries, Lucknow.
* The administrative department will ensure the regular recovery of loans distributed by PICUP.
The expenditure will be charged to the head "6885-उद्द्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-01-औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-190--सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 2012-30-निवेश / ऋण".
This order is issued with the concurrence of the Finance Department, vide Non-Governmental Number E-6-356/दस 19, dated 07.06.2019.
Copies of the letter are directed to the following for informational purposes and necessary action:
* महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/द्वितीय, उ.प्र., प्रयागराज
*महालेखाकार, (लेखा-परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उ.प्र., प्रयागराज।
*मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
*प्रबंध निदेशक, पिकप, पिकप भवन, गोमतीनगर, लखनऊ।
*आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
*निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
*वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1/4
*वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
*नियोजन अनुभाग-1/4
*औद्योगिक विकास अनुभाग-2
*गार्ड फाइल।
This document is electronically issued and does not require a signature. The authenticity of the document can be verified on the website: http://shasanadesh.up.nic.in.
Key Entities Referenced
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2012: Industrial Investment Promotion Scheme-2012, the subject of the financial approval
पिकप: PICUP, likely an acronym for a state agency or corporation, responsible for managing the scheme's funds and loans to industrial units
लखनऊ: Lucknow, a location that specifies the administrative region within which the provisions of the order are applicable
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2012: The Industrial Investment Promotion Rules 2012, which provide the criteria for eligible units
उत्तर प्रदेश: State of Uttar Pradesh; This is where the policy applies
USA-4/20 79/357/77-6-9-4(aste)/6erAt
प्रेषक,
बाबू राम,
उप सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
अपर आयुक्त,
उद्योग,
लखनऊ मण्डल, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 72 जून, 2079
विषय: औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय स्वीकृति।
महोदय,
उपर्युक्त. विषयक. प्रबन्धक (तकनीकी), . पिकप के... पत्र. संख्या-इन्से-0-9/
(3TS03TTSOFTORAO)-202/54 दिनांक 09-04-20i9 एवं Aea-srG-0-9/ (आई0आईएपी0एस0)-
202/30 दिनांक 23-04-209 के सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक
निवेश प्रोत्साहन योजना-202 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 209-20 के आय-व्ययक में
प्राविधानित धनराशि BO 7,80,00,00,,000.00 (रू0 एक सौ अस्सी करोड़ मात्र) के सापेक्ष धनराशि
रू0 34,23,32,270.00 (रू0 चौतिस करोड़ तेईस लाख बत्तीस हजार दो at सत्तर मात्र) की धनराशि
निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान
करते हैं-
{- उक्त धनराशि सीधे जिस संस्था को भुगतान किया जाना है, उसके खाते मैं आहरित कर
जमा की जायेगी। आहरित धनराशि पिकप के बैंक खाते में जमा नहीं की जायेगी। इसका
उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप दूवारा हस्ताक्षरित कर अपर आयुक्त उद्योग,
लखनऊ के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराया जाएगा।
2- स्वीकृत धनराशि का लेखा जोखा पिकप दूवारा रखा जाएगा।
3- यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी जो औद्योगिक निवेश
प्रोत्साहन नियमावत्री 20i2 में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती
हो।
4- यह धनराशि ऐसी पात्र नई इकाइयों, जिनके प्रत्यावेदन पिकप में प्राप्त हो या आगे प्राप्त
होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदनों के यथाक्रम A वरीयतानुसार समस्त आवश्यक
औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी।
5- पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। पिकप
cant इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन
I- US शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |नियमावत्री-202 A दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा
धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी।
पिकप द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि संबंधित इकाई CART ऋण की अदायगी
किये जाने के 02-03 कार्य दिवसों के अन्दर ही धनराशि राजकोष में जमा करा दी जाय।
ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत
प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा।
धनराशि का आहरण तभी किया जायेगा जब उसके तत्काल उपभोग की आवश्यकता हो।
स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता
का आकलन अपर आयुक्त उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ CANT किया जाएगा। पिकप
को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी अपर
आयुक्त उद्योग, लखनऊ FART किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में
संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा।
|0-प्रशासकीय विभाग पिकप दूवारा वितरित ऋणों की वसूली नियमित रूप से सुनिश्चित
करेंगे। वसूली में शिथिलता ad जाने पर उत्तरादायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही
प्रशासकीय विभाग दूवारा की जायेगी।
-tdipa धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त fae के कार्यालय ज्ञाप
UAM- /20 O/at--470/EH-209-237/209 दिनांक 22 मार्च, 20i9 cant जारी
दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
42-इस संबंध में होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 20(9-20 के आय-व्ययक में उद्योग विभाग
की अनुदान संख्या-7 के लेखा शीर्षक-6885-उद्योग तथा खनिज के लिए अन्य कर्ज-0-
औद्योगिक वित्तीय संस्थाओं को कर्ज-490--सार्वजनिक क्षेत्र के तथा अन्य उपक्रमों को
कर्ज-07-औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना 20(2-30-feraer /ऋण के ATA डाला
जाएगा।
|3-यह आदेश वित्त विभाग के अशासकीय संख्या-ई-6-356/दस 9 दिनांक 07.06.20i9 में
प्राप्त उनकी सहमति से जारी किये जा रहे हैं।
भवदीय,
(बाबू राम)
उप Ufa
WwA-4/2079/357()/77-6-9-4(Tatey 6erAN तदुदिनांक
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
- महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उ.प्र., प्रयागराज |
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |2- .... महालेखाकार, (लेखा-परीक्षा) प्रथम/दूवितीय, उ.प्र. प्रयागराज।
3- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ।
4- प्रबंध निदेशक, पिकप, पिकप भवन, गोमतीनगर, लखनऊ।
5-.... आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
6- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
7- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4
8- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
9- नियोजन अनुभाग-4/4
0- -औद्योगिक विकास अनुभाग-2
i- 9 गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
(बाबू राम)
उप Ufa
I- US शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |