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Date: 2015-09-16 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

अवस्थापना ब्याज उपादान योजना-2012 के अन्तर्गत पात्र इकाइयों को योजनान्तर्गत अवस्थापना ब्याज उपादान वितरित करने के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़ औद्योगिक विकास अनुभाग-6, उत्तर प्रदेश शासन से कानपुर में उद्योग निदेशालय के आयुक्त और निदेशक को लिखा गया एक पत्र है, जो 2015 में लिखा गया है। यह अवस्थापना ब्याज उपादान योजना-2012 के तहत पात्र इकाइयों को योजना के तहत अवस्थापना ब्याज उपादान के वितरण से संबंधित है। पत्र वित्तीय वर्ष 2015-2016 के लिए 17.50 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी की घोषणा करता है, जिसमें 88,593.00 रुपये की राशि कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन दी जानी है। **मुख्य बातें** * **वित्तीय आवंटन और प्रशासन** * वित्तीय वर्ष 2015-2016 के लिए अवस्थापना ब्याज उपादान योजना के लिए 17.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। * 88,593.00 रुपये की प्रारंभिक वित्तीय स्वीकृति विशिष्ट शर्तों के अधीन जारी की जाएगी। * स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। * स्वीकृत धनराशि की निकासी एकमुश्त आवश्यकतानुसार की जाएगी, जिसका मूल्यांकन कानपुर में उद्योग निदेशालय के आयुक्त और निदेशक द्वारा किया जाएगा। * **पात्रता और अनुपालन** * धनराशि केवल उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध कराई जाएगी जो 30-11-2012 को उल्लिखित शासनादेश में उल्लिखित शर्तों और प्रतिबंधों का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित करती हैं। * यह धनराशि उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम में प्रत्यावेदन प्राप्त करने वाली पात्र इकाइयों को उनकी वरीयता के अनुसार उनकी प्राप्त प्रत्यावेदन के यथाक्रम में उपलब्ध कराई जाएगी। * केवल वही इकाइयां इस योजना का लाभ उठा सकती हैं जिन्होंने राज्य सरकार की किसी अन्य योजना के तहत अवस्थापना सुविधा के लिए लिए गए ऋण पर किसी प्रकार की छूट या अनुदान का लाभ न लिया हो। * **व्यय और लेखांकन दिशानिर्देश** * स्वीकृत धनराशि के व्यय से पहले, वित्त विभाग के 30 मार्च, 2015 के कार्यालय ज्ञापन में उल्लिखित दिशानिर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। * उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करेगा। * व्यय को उद्योग विभाग के अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में लेख शीर्षक 2885 के तहत लेखांकित किया जाएगा। * **कार्यान्वयन अनुपालन** * यह आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के दिनांक 30 मार्च, 2015 के कार्यालय ज्ञापन में निहित प्रावधानों के अनुसार जारी किया गया है। **प्रभाव विश्लेषण** **उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम:** * **प्रभाव:** उन्हें स्वीकृत धनराशि के खाते का रखरखाव करना होगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें धनराशि आहरित करनी होगी और इसे पात्र इकाइयों के लिए उपलब्ध कराना होगा, साथ ही इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग को हस्ताक्षरित करके जमा करना होगा। **पात्र इकाइयां:** * **प्रभाव:** वे अवस्थापना विकास के लिए रियायती ऋण पर ब्याज सब्सिडी के लिए पात्र हो सकते हैं। * **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे 30-11-2012 के शासनादेश की शर्तों का पालन करें और उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के साथ अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत करें और यह सुनिश्चित करें कि उन्होंने अन्य राज्य सरकार की योजनाओं के तहत समान अवस्थापना उद्देश्यों के लिए कोई अन्य छूट या सब्सिडी प्राप्त नहीं की है। **कानपुर में उद्योग निदेशालय के आयुक्त और निदेशक:** * **प्रभाव:** उनके ऊपर योजना का कार्यान्वयन और अनुपालन सुनिश्चित करने का उत्तरदायित्व है। * **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें आवश्यकता का आकलन करना होगा और धन का आहरण शुरू करना होगा, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि धन का वितरण निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया है। **वित्त विभाग:** * **प्रभाव:** यह सुनिश्चित करना कि धनराशि का उपयोग सही तरीके से किया गया है और सरकारी दिशानिर्देशों का अनुपालन किया गया है। * **आवश्यक कार्रवाई:** वित्त विभाग, (आय-व्ययक) अनुभाग-1 को सूचित किया जाना चाहिए।

Key Entities Referenced

अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012: यह प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने, रोजगार सृजन करने और विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई एक नीति है। अवस्थापना ब्याज उपादान योजना-2012: अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के तहत पात्र इकाइयों को अवस्थापना ब्याज उपादान वितरित करने से सम्बंधित योजना है। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम: यह निगम स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा रखता है और पात्र इकाइयों को धनराशि उपलब्ध कराता है। उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर: यह निदेशालय स्वीकृत धनराशि की आवश्यकता का आंकलन करता है और इसका उपयोग आयुक्त एवं निदेशक द्वारा किया जाता है। वित्त विभाग: इसके कार्यालय ज्ञाप में दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाता है ताकि स्वीकृत धनराशि का व्यय किया जा सके।
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संख्या: 458/ 77-6-75-07(Tate)/ +4 प्रेषक, कंचन वर्मा, विशेष सचिव, 30U0 शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर | औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक र, 2045 विषय: अवस्थापना ब्याज उपादान Aloray-20(2 के अन्तर्गत पात्र को योजनान्तर्गत अवस्थापना ब्याज उपादान वितरित करने के संबंध Al महोदय, प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने, रोजगार सृजन किए जाने, प्रदेश को आकर्षक निवेश गंतव्य बनाए जाने व राज्य. में मैन्यूफैक्यरिंग क्षेत्र के योगदान में वृद्धि किए जाने के आशय से अवस्थापन्न न निवेश Ala-20i2 के अन्तर्गत अवस्थापना ब्याज उपादान योजना el el वित्तीय वर्ष 2045-46 A इस हेतु रु.7.50 करोड़ के बजट की cae से रु.88,593.00, रु. अट्ठासी हजार पांच at तिरान्वे मात्र) की वित्तीय स्वीकृति शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन festa किए जाने की श्री राज्यपाल महोदय धनराशि ऐसी पात्र इकाइयों, जिनका प्रत्यावेदन उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम में या आगे wa होंगे को उनके प्राप्त प्रत्यावेदन के यथाक्रम में वरीयतानुसार श्यक औपचारिकताएं एवं अनुबन्ध पूर्ण कराते हुए उपलब्ध करायी जाएगी। (4) उक्त योजना का लाभ उन्हीं इकाइयों को अनुमन्य होगा face राज्य सरकार की किसी अन्य योजना के अन्तर्गत प्रस्तावित अवस्थापना सुविधा के सृजन हेतु लिए गए ऋण पर किसी प्रकार की छूट या अनुदान का लाभ न लिया हो। (5)... स्वीकृत धनराशि का आहरण एक मुश्त आवश्यकतानुसार किया. जाएगा। आवश्यकता का आंकलन आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर द्वारा किया जाएगा।2- ... स्वीकृत धनराशि को व्यय किए जाने से पूर्व वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या:2/ 2045/ A-4-925/ दस-205-23॥ 205 दिनांक 30 Ard, 20i5 द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 3- उक्त धनराशि को आहरित करके उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराया जाएगा। जिसका उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराया जाएगा। 4- उक्त के संबंध A होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2045-6 के आय-व्ययक & | के अनुदान संख्या-7 के आयोजनागत पक्ष में लेखा शीर्षक 2885-sa तथा wie परिव्यय (क्रमश: )-60-अन्य-800-अन्य व्यय-49-अवस्थापना एवं औद्योगिक -2042 का कार्यान्वयन-27 सब्सिडी के नामे डाला जाएगा। 5- यह आदेश fad (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय 2/ 205/ बी-- 925/ दस-205-23-205 दिनांक 30 मार्च, 20i5 में निहित ८ निर्गत किए जा रहे हैं। भवदीया, (कंचन वर्मा) विशेष सचिव। 7SAT:58( 4)/ 77-6-45-7(Tale)/ 74 उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- - महालेखाकार, प्रथम, उ.प्र. | 2- कोषाधिकारी, 3- प्रबंध निदेश य निगम, कानपुर को उनके पत्र संख्या 297/ जोन-2/ 205- 5 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु प्रेषित | ख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ | Tach) अलुभाग-/ 4 -नियंत्रण) अलुभाग-6 अनुभाग-/ 4 विकास अनुभाग-2 9- Ts wise आज्ञा से, (ए.पी. तिवारी) उप सचिव

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