Date: 2018-03-15Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
वित्तीय वर्ष 2017-18 में पूर्वान्चल एक्सप्रेसवे परियोजना में निर्माण हेतु वित्त संस्थाओं से लिये गये ऋण पर ब्याज हेतु सहायता की मद में प्राविधानित धनराशि में से रू0 24,49,00,603.00 की स्वीकृति ।
यहां अनुरोधित संरचना में नीति पाठ का सारांश दिया गया है:
**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़ 15 मार्च, 2018 को जारी एक सरकारी आदेश है जो वित्तीय वर्ष 2017-18 में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण पर ब्याज के लिए सहायता के लिए आवंटित धन में से 24,49,00,603.00 रुपये की मंजूरी देता है। यह शासनादेश 8 मार्च, 2018 के एक पूर्व शासनादेश में आंशिक संशोधन है, जो धन के आहरण के संबंध में एक शर्त को स्पष्ट करता है। यह आदेश लखनऊ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजा गया है।
**मुख्य बातें**
* **वित्तीय स्वीकृति:** वित्तीय वर्ष 2017-18 में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण पर ब्याज के लिए 24,49,00,603.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
* **निधि उपयोग के लिए संशोधित शर्त:** पूर्व शासनादेश के अनुच्छेद 2(2) को संशोधित किया गया है। संशोधित शर्त में कहा गया है कि धनराशि का आहरण केवल तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा, जबकि पहले यह निर्धारित किया गया था कि धनराशि को आहरित कर डिपाजिट खाते में रखा जाएगा और आहरण केवल तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार ही किया जाएगा।
* **अन्य शर्तें:** शासनादेश में उल्लिखित अन्य शर्तें यथावत रहेंगी।
**प्रभाव विश्लेषण**
* **यूपीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी:**
* **प्रभाव:** पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना के वित्तपोषण के संबंध में सरकार के फैसले से अवगत होना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सरकार द्वारा अनुमोदित राशि के भीतर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वित्त संस्थानों से लिए गए ऋण पर ब्याज के भुगतान की व्यवस्था करना।
* **महालेखाकार (लेखा परीक्षा), उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद:**
* **प्रभाव:** वित्तीय स्वीकृति और निधि उपयोग के लिए संशोधित शर्त से अवगत होना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** सरकारी दिशानिर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए लेनदेन का ऑडिट करना।
* **मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ:**
* **प्रभाव:** वित्तीय स्वीकृति और निधि उपयोग के लिए संशोधित शर्त से अवगत होना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** भुगतान संसाधित करना सुनिश्चित करना और सरकारी दिशानिर्देशों का अनुपालन करना।
* **निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ:**
* **प्रभाव:** वित्तीय स्वीकृति और निधि उपयोग के लिए संशोधित शर्त से अवगत होना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** वित्तीय आंकड़ों को ट्रैक करना और रिपोर्ट करना।
* **वित्त विभाग:**
* **प्रभाव:** पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना के वित्तपोषण के संबंध में सरकार के फैसले से अवगत होना।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करना कि इस परियोजना के लिए धन का आवंटन बजटीय आवंटनों के अनुरूप है।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार, पत्र जारी करने वाला प्राधिकरण।
पूर्वान्चल एक्सप्रेसवे परियोजना: वह परियोजना जिसके लिए ब्याज सहायता को मंजूरी दी गई है।
यूपीडा (UPIDA): उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण, वह निकाय जो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना का प्रबंधन करता है।
शासनादेश: सरकार द्वारा जारी किया गया औपचारिक आदेश/सरकारी आदेश
औद्योगिक विकास अनुभाग-3: उद्योग विभाग का एक अनुभाग।
EAT-8/20(8/4065/77-3-8-6(TsIc)/206
प्रेषक,
सीताराम यादव,
संयुक्त सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
मुख्य कार्यपालक अधिकारी,
यूपीडा, पर्यटन भवन,गोमतीनगर,
लखनऊ।
औओदू्योगिक विकास अनुभ्ाग-3 लखनऊ:दिनांक: (5 मार्च, 20i8
विषय:-वित्तीय वर्ष 207-8 में पूर्वान्चल एक्सप्रेसवे परियोजना में निर्माण हेतु वित्त संस्थाओं से लिये
गये ऋण पर ब्याज हेतु सहायता की मद में प्राविधानित, धनराशि: में से WO 24,49,00,603.00
की स्वीकृति |
महोदय,
उपर्युक्त विषयक अपने पत्र संख्या-4295/यूपीडा/208, दिनांक (4.03.20i8 का कृपया सन्दर्भ
ग्रहण करें।
2. इस, संबंध में feta eee Peal--4/20/8/429/77-3-8-06(satc)/20i6, दिनांक
08.03.20i8 के आंशिक संशोधिन में मुझे ae कहने का face हुआ है कि चालू वित्तीय वर्ष 207-8 में
अनुदान संख्या-7. के लेखाशीर्षक- "2852-उद्योग-80-सामान्य-800-अन्य-5- यूपीडा द्वारा पूर्वान्चल
एक्सप्रेसवे के निर्माण हेतु वित्त संस्थाओं: से लिये गये ऋण पर देय ब्याज हेतु सहायता-20-सहायता
अनुदान-सामान्य (गैर वेतन) की Ha A प्राविधानित धनराशि में से BO 24,49,00,603.00 (रूपये चौबीस
करोड़ उन्चास लाख &: सौ तीन ara) की वित्तीय स्वीकृति निर्गत की गई है।
3. उपरोक्त संबंध में Bram विचारोपरान्त शासन cant निर्णय लिया गया है कि उक्त शासनादेश के
प्रस्तर-2 (2) में उन्लिखिलत शर्त-'धनराशि आहरित कर डिपाजिट खाते में रखी जायेगी। उक्त धनराशि का
डिपाजिट. खांते से. आहरण केवल तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार ही किया जायेगा', के स्थान पर
उक्त धनराशि Hl आहरण केवल तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार ही किया जायेगा, पढा जाये।
4. Sel: शासनादेश AAT -4/20 8/429/77-3-(8-06(aaIe)/20i6, दिनांक 08.03.20i8 उक्त सीमा
तक संशोधित समझा जाये। शासनादेश A उल्लिखित अन्य शर्ते यथावत रहेंगी।
अवदीय,
(सीताराम यादव)
संयुक्त सचिव।
t- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट hitp://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |-2-
WSAT-_8/2048/i065()/77-3-8, तददिनाक |
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित :-
“Noga महालेखाकार, (लेखा परीक्षा) प्रथम/दृवितीय, उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद।
महालेखाकार,(लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उ0प्र0, इलाहाबाद
मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ।
निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6/औद्योगिक विकास अनुभाग-2।
वित्त (आय-व्ययक्) अनुभाग-4/नियेजन अनुभाग-4 |
गार्ड पत्रावली।
फ ७ HN टी
आज्ञा से,
(सीताराम यादव)
संयुक्त सचिव।
t- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट hitp://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |