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WeEAT-5/2024/40/77-6-24-5(Ta)/ 3A Voll-Il)
प्रेषक,
अनिल कुमार सागर,
प्रमुख सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
प्रबन्ध निदेशक,
पिकप।|
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक i6 जनवरी, 2024
विषय: औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन alfa-207 के अंतर्गत इम्पावर्ड कमेटी
की 9 वीं बैठक हेतु उपलब्ध कराये गये एजेण्डे के संबंध में ।
महोदय,
कृपया उपर्युक्त विषयक अपने ईमेल दिनांक 27.09.2023 का संदर्भ ग्रहण करने
का कष्ट करें, जिसके द्वारा उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन
alia-207 के अंतर्गत इम्पावर्ड कमेटी की (9dt बैठक हेतु (8 मदों वाला एजेण्डा
उपलब्ध कराया गया S| उक्त एजेण्डा नोट के साथ औद्योगिक निवेश एवं रोजगार
प्रोत्साहन नीति 2022 के अंतर्गत नोडल एजेन्सी इन्वेस्ट यू0पी0 द्वारा उपलब्ध कराये
गये 02 मदो वाला एजेण्डा नोट भी संलग्न किया गया।
2- उपर्युक्तानुसार उपलब्ध कराये गये एजेण्डे के संबंध में विचार-विमर्श हेतु दिनांक
27.09.2023 को मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में गठित इम्पाव्ड
कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई | उक्त बैठक का कार्यवृत्त शासन के पत्र BEA-323/77-
6-2023-6099/85/2022 uI¢- दिनांक 06.0.2023 दूवारा निर्गत किया गया है।
3- ... नोडल संस्था (पिकप) द्वारा उपलब्ध कराये गये एजेण्डावार प्रस्ताव एवं उस पर
इम्पावर्ड कमेटी GANT अवधारित मत/संस्तुति का विवरण निम्नवत है-
() एजेन्डा बिन्दु संख्या 2- Aud बीकानेरवाला फूइस प्रा0 लि0, जिला गौतमबुदूधनगर
(गौतमबुदूधनगर एवं गाजियाबाद क्षेत्र)
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
मेसर्स बीकानेरवाला BSH प्रा्लि0 द्वारा प्लाट संख्या 703-H, सेक्टर-29, यमुना
एक्सप्रेसवे इण्डस्ट्रियल डेवलेपमेंट अथॉरिटी (यीडा), मुराद गढ़ी, जिला गौतमबुद्धनगर
(गौतमबुदूधनगर vd गाजियाबाद क्षेत्र) A 72000 एम0टी0पी0ए0 क्षमता के साथ
नमकीन उत्पादन हेतु FO 357.00 करोड़ रूपये के पूंजी निवेश के साथ मेगा श्रेणी की
नई परियोजना की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है। उक्त परियोजना हेतु कम्पनी
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |दूवारा औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन aiia-20I7 के क्रियान्वयन सम्बन्धी
नियमावली के अन्तर्गत निम्नलिखित सुविधाओं हेतु आवेदन किया गया है:-
तालिका-
क्र0सं0 आवेदित सुविधा नियमावली के अन्तर्गत सुविधाओं F
नुमन्य
l. जमा की. गई नेट एस0जी0 Prasat के WER 3.2 के अनुस
एस0टी0 की प्रतिपूर्ति। जमा की गई नेट एस0जी0एस0टी0 की
70 प्रतिशत प्रतिपूर्ति i0 ast हेतु
अनुमन्य है।
कम्पनी इस सुविधा हेतु अहँ है।
2. 0 प्रतिशत नेट | नियमावत्ली के WER 3.4 के अनुस
एस.जी.एस.टी. की अतिरिक्त निम्नलिखित प्रत्येक _ स्थिति... में
प्रतिपूर्ति (गरीबी रेखा से नीचे औद्योगिक उपक्रमों दूवारा पश्चिमां
रहने वाले कम से कम 25 क्षेत्र मैं 400 या उससे अधिक श्रमिकों एवं
प्रतिशत श्रमिकों के. कार्यरत बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल एवं मध्यांचल क्षेत्र मैं
होने की. दशा. में, बशर्ते 200 या. उससे. अधिक श्रमिकों व
पश्चिमांचल क्षेत्र में स्थित रोजगार उपलब्ध कराये जाने की दशा में
औद्योगिक उपक्रमों मैं श्रमिकों राज्य सरकार के खाते में जमा किये गये
की न्यूनतम संख्या 400 हो जी0एस0टी0 का 0 प्रतिशत अतिरिव
और बुन्देलखखण्ड, पूर्वांचल एवं सुविधा के रूप में निम्न परिस्थितियों में
मध्यांचल क्षेत्र. में न्यूनतम अनुमन्य है:-
200 या उससे अधिक श्रमिक 3.4. औद्योगिक उपक्रमों दवारा गरीबी
हों) रेखा से नीचे रहने वाले कम से कम 25
प्रतिशत श्रमिकों को रोजगार देने पर।
3.4.2 औद्योगिक उपक्रमों दूवारा कम से
कम 40 प्रतिशत महिला श्रमिकों व
रोजगार देने पर।
3.4.3 औद्योगिक उपक्रमों द्वारा कम से
कम 25 प्रतिशत एस0सी0/एस0टी0 श्रेणी
के श्रमिकों को रोजगार देने पर।
कर्मचारी भविष्य निधि नियमावली के प्रस्तर 3.3 के अनुस
(ई0पी0एफ0) की प्रतिपूर्ति। सभी पात्र नई औद्योगिक उपक्रमों, जिनमें
00 या उससे अधिक अकुशल श्रमिकों
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया गय
हो, को उनके CART कर्मचारी भविष्य निधि
(ई0पी0एफ0) में श्रमिकों के पक्ष में जम
की गयी नियोक्ता योगदान की राशि F
50 प्रतिषत धनराशि की. प्रतिपूरति
वाणिज्यिक उत्पादन की तिथि से ak
वर्ष के पश्चात् अगले 5 वर्ष हेतु अनुमन्य
है।
अवगत कराया गया कि कम्पनी ce
0 प्रस्तावित अकुशल श्रमिकों मैं से 77
श्रमिक ही पे-रोल पर प्रस्तावित है।
dada कम्पनी इस सुविधा हेतु अहँ
नही है।
3. अतिरिक्त 0 प्रतिशत कर्मचार नियमावली के प्रस्तर 3.5.8 के अनुस
भविष्य निधि (ई0पी0एफ0) की औद्योगिक उपक्रमों दूवारा कम से कम
प्रतिपूर्ति | 200 प्रत्यक्ष श्रमिकों (कुशल और अकुशल)
को रोजगार उपलब्ध कराने पर [erate
अंशदान पर अतिरिक्त 0. प्रति
इ0पी0एफ0 की प्रतिपूर्ति उपलब्ध करायी
जायेगी।
कम्पनी इस सुविधा हेतु He नही है।
पूंजीगत ब्याज Bea की नियमावली के प्रस्तर 3.5.। के अनुसार
प्रतिपूर्ति प्लांट एवं मशीनरी के लिए वितरित
सावधिक ऋण पर भुगतान किये गये
वास्तविक ब्याज अथवा 5 प्रतिशत की
ब्याज दर से किया गया भुगतान, जो भी
कम हो, 5 वर्ष तक पूंजी ब्याज उपादान
प्रतिपूर्ति की सुविधा इस प्रतिबन्ध के
साथ अनुमन्य है कि सुविधा की
अधिकतम वार्षिक सीमा रू0 50 लाख से
अधिक नही होगी।
कम्पनी इस सुविधा हेतु अर है।
अवस्थापना ब्याज उपादान की नियमावली के प्रस्तर 3.5.2 के अनुसार
प्रतिपूर्ति अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |लिये गये ऋण पर भुगतान किये गये
वास्तविक ब्याज अथवा 5 प्रतिशत की
ब्याज दर से किया गया भुगतान, जो भी
कम हो, 5 वर्ष तक अवस्थापना ब्याज
उपादान प्रतिपूर्ति की. सुविधा इस
प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य है कि सुविधा
की अधिकतम सम्पूर्ण सीमा रू0 । करोड़
से अधिक नही होगी।
कम्पनी इस सुविधा हेतु अर है।
पावर कम्पनियों से विद्युत Ha नियमावली के प्रस्तर 3.5.4 के अनुसार
पर विद्युत शुल्क से छूट राज्य में स्थापित होने वाले सभी नये
औद्योगिक उपक्रमों को इलेक्ट्रिसिटी
इयूटी में 0 वर्ष हेतु छूट अनुमन्य है।
इस सम्बन्ध में उप निदेशक, विद्युत
सुरक्षा निदेशालय द्वारा अपने. पत्र
fect 28./.2022 के माध्यम से
निम्नवत अवगत कराया गया है:-
औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन
नीति-207 & अन्तर्गत. दिनांक
3.7.207. @ 2.7.2022 तक
उत्पादनरत इकाईयों को इलेक्ट्रिसिटी
इयूटी में छूट दिये जाने की व्यवस्था की
गयी है, जिसकी प्रभावी अवधि दिनांक
|3.7.2022 से आगामी तीन माह तक
विस्तारित की गयी है। प्रश्नगत इकाई
के पत्र 2.4.2022 के अनुसार इकाई
cant 2023 A वाणिज्यिक
जन
6
उत्पादन किया जाना सम्भावित है अतः
यह इकाई औद्योगिक निवेश एवं
रोजगार. प्रोत्साहन नीति-207 के
अन्तर्गत आच्छादित नहीं S| अतः इकाई
al इलेक्ट्रिसिटी इयूटी में छूट दिया
जाना उचित नहीं है।
बैठक में चर्चा के दौरान Holl विभाग वे
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2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |प्रतिनिधि दूवारा अवगत कराया गया वि
ऊर्जी विभाग. द्वारा नीति-207 वे
अन्तर्गत इसकी विस्तारित प्रभावी अवधि
(3.07.2022 से अगले तीन माह 372
2.0.2022) के दौरान स्थापित ade
औद्योगिक इकाईयों को दस वर्ष ade
विद्युत शुल्क में छूट दिये जाने व
निर्णय लिया गया है।
समिति cant स्पष्ट किया. गया. वि
नियमावली-207 के अनुसार निवेश A
पात्र अवधि परिभाषित की गयी है जिसे
अनुसार प्रभावी अवधि के भीतर निवेश
प्रारम्भ करने की तिथि से श्रेणी अनुस
इकाई को 3 वर्ष (लघु एवं मध्यम), 4 वर्ष
(वृहद), 5 वर्ष (मेगा एवं मेगा प्लस) एवं
7 वर्ष (सुपर Am) में वाणिज्यिक
उत्पादन प्रारम्भ करना होगा।
उपरोक्त के इष्टिगत गत एवं नियमावल्ी-
207 के WER 3.5.4 के अनुसार इक
इलेक्ट्रिसिटी इयूटी में 0 वर्ष की we हेतु
अहँ है।
Sat विभाग को प्रकरण में आवश्यक
कार्यवाही ate हेतु निर्देश. दिये
गये।
गौतमबुदूधनगर एवं गाजियाबाद क्षेत्र में मेगा श्रेणी हेतु BO 200 करोड़ से अधिक
किन्तु 500 करोड़ से कम के पूँजी निवेश एवं 5 वर्ष की निवेश अवधि का प्राविधान है।
साथ ही औद्योगिक उपक्रम को देय वित्तीय सुविधाओं की सीमा नियमावली के प्रावधानों
के अन्तर्गत अनुमन्य पूँजी निवेश की सीमा से अधिक नही होगी।
कम्पनी GAR प्रस्तावित परियोजना मैं निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक
07.07.209 चुनी गयी है एवं अह स्थायी पूंजी निवेश BO 263.30 करोड़ (सत्यापन के
अधीन) कर परियोजना का वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक 29.03.2023 को प्रारम्भ किये
जाने की सूचना उपलब्ध करवाई गई है।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |पूँजीगत निवेश के मदों में आवेदक cant कतिपय सम्पत्तियां दर्शायी गयी है, जो
कि नियमावलत्री के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HATA हैं, अतः यह स्पष्ट किया
जा रहा है कि पूंजीगत निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को पूंजीगत निवेश में
सम्मिलित न किये जाने के कारण इकाई की श्रेणी में यदि कोई परिवर्तन होगा तो
इसका दायित्व आवेदक का ही होगा।
तद्नुसार उपलब्ध कराए गये अभिलेखों के आधार पर नोडल Wied cant
कम्पनी की प्रस्तावित परियोजना हेतु तालिका । के क्रम संख्या , 4, 5 एवं 6 पर
आवेदित सुविधाओं के सम्बन्ध में लेटर ऑफ HEH निर्गत किए जाने की निम्न शर्तों
के अधीन विचार किये जाने की संस्तुति की गयी हैः-
l. सभी are सुविधाएं औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन aAtfa-20i7 के
क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्ली के प्रस्तर-3 के अनुसार उपलब्ध करायी
जायेंगी।
2. कम्पनी GANT मानक परिचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) सम्बन्धी शासनादेश संख्या
395/77-6-2020-5(एम)/ 207टी.सी.-2 दिनांक 72.06.2020 (यथा-संशोधित
शासनादेश संख्या 3955/77-6-2020-6(VA)/208 दिनांक 4.2.2020 एवं
शासनादेश. संख्या (284/77-6-2027-5(tH)/20i3 टी.सी.(मेगा)-।. दिनांक
26.03.202) का अनुपालन करना आवश्यक होगा।
3. लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी हो जाने के पश्चात परियोजना में निवेश हेतु कट-ऑफ
तिथि A परिवर्तन हेतु आवेदन केवल एक बार ही पर्याप्त कारणों के साथ प्रस्तुत
किया जा सकेगा।
4. पूंजीगत निवेश के मदों में आवेदक दूवारा कतिपय सम्पत्तियां दर्शायी गयी है, जो
कि नियमावली के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HATA हैं, अतः पूंजीगत
निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को पूंजीगत निवेश में सम्मिलित न किये
जाने के कारण इकाई की श्रेणी में यदि कोई परिवर्तन होगा तो इसका दायित्व
आवेदक का ही होगा।
5. सभी Distinct एवं. “‘Related person’? संव्यवहारों पर भुगतान किये गये नेट
राज्य जी0एस0टी0 की प्रतिपूर्ति की अनुमन्यता का मूल्यांकन औद्योगिक विकास
विभाग द्वारा निर्गत/निर्गत किये जाने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार किया
जाएगा।
इम्पावर्ड कमेटी की संस्तुति
l. कमेटी GANT कम्पनी के प्रस्ताव पर विचार विमर्श के उपरान्त प्रशासकीय विभाग
की संस्तुतियों के आधार पर कम्पनी के पक्ष में तालिका-। में क्रम संख्या 7,4,5
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |एवं 6 पर उल्लिखित सुविधाओं हेतु नीति-207 के क्रियान्वयन सम्बन्धी
नियमावली के अन्तर्गत प्राविधानित सीमाओं के भीतर एवं शर्तों के अनुसार लेटर
ऑफ कम्फर्ट fala किये जाने पर सहमति व्यक्त की गयी एवं तदनुसार
अभिमत को समिति cant मा. मंत्रिपरिषद के अनुमोदन हेतु संस्तुत किया गया।
2. aAfa-20I7 के अनुसार प्रभावी अवधि के भीतर ही इकाई द्वारा वाणिज्यिक
उत्पादन प्रारम्भ किया जाना आवशूयक नहीं है, तदनुसार Soll विभाग को
इलेक्ट्रिसिटी इयूटी में छूट दिये जाने हेतु निर्गत आदेशों में आवश्यक संशोधन
करने हेतु निर्देश दिये गये।
(2) एजेन्डा बिन्दु संख्या 3- मेसर्स walt डैनिसन (इण्डिया) प्रा0लि0, जिला ग्रेटर
नोएडा (गौतमबुदूधनगर एवं गाजियाबाद क्षेत्र)
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
मेसर्स एवेरी डैनिसन (इण्डिया) WO लि0 cant cole संख्या , 2, सेक्टर-32,
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र जिला ग्रेटर नोएडा (गौतमबुदूधनगर एवं गाजियाबाद
क्षेत्र) में dow एडहेसिव पेपर एवं सेल्फ एडहेसिव फिल्म उत्पादन हेतु अहँ पूंजी निवेश
रू0 252.97 करोड़ से मेगा श्रेणी की नयी परियोजना (400 मेगा वाट का कैप्टिव सोलर
पावर प्लांट सहित) स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।
उक्त परियोजना हेतु कम्पनी cant औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन
afa-207 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्नी के अन्तर्गत निम्नलिखित सुविधाओं
हेतु आवेदन किया गया हैः-
तालिका-2
क्र0सं0 आवेदित सुविधा नियमावली के अन्तर्गत सुविधाओं की
Hoe
L. जमा की गई नेट एस0जी0 नियमावल्ली के प्रस्तर 3.2 के अनुसार जम
एस0टी0 की प्रतिपूर्ति। की. गई नेट एस0जी0एएस0एटी0 की 70
प्रतिशत प्रतिपूर्ति 0 वर्षों हेतु अनुमन्य है।
कम्पनी इस सुविधा हेतु se है।
2. स्टाम्प शुल्क से छूट नियमावली के प्रस्तर 3.. के अनुसार
गौतमबुदूध नगर एवं गाजियाबाद क्षेत्र में
स्टाम्प शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट
AACA है।
अवगत कराया गया कि कम्पनी cant
स्टाम्प शुल्क से छूट प्राप्त कर ली गयी
है।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3. प्लांट, निर्माण सामग्री एवं नियमावली के प्रस्तर 3.5.7 के अनुसार
अन्य पूंजीगत माल इत्यादि उद्योग/उपक्रम, जोकि जी.एस.टी. व्यवस्था
अपात्र इनपुट टैक्स Hise की के अन्तर्गत इनपुट टैक्स क्रेडिट हेतु अपात्र
प्रतिपूर्ति है, क्रय किये गये यंत्र एवं सयंत्र, निर्माण
सामग्री wd निर्माण और प्रचलन
(कमीशनिंग) अवधि में क्रय किये अन्य
पूंजीगत/कच्चे माल इत्यादि पर जमा किये
गये जी.एस.टी. की प्रतिपूर्ति हेतु se होंगे।
सम्पूर्ण पात्र पूंजी निवेश की गणना के
समय इस प्रकार की राशि पूंजी निवेश में
सम्मिलित की जायेगी।
कम्पनी इस सुविधा हेतु se है।
4. स्वयं उपभोग हेतु कैप्टिव नियमावतल VAAL 3.5.5 के अनुसार
पावर पर विद्युत शुल्क से सभी नये औद्योगिक उपक्रमों दूवारा qaqa
प्रयोग हेतु कैप्टिव पावर पूलांट उत्पादित
BC
विद्युत को i0 वर्ष हेतु इलेक्ट्रिसिटी इयूटी
मैं छूट WAT है।
कम्पनी इस सुविधा हेतु se है।
5. पावर कम्पनियों A विद्युत नियमावली के प्रस्तर-3.5.4 के अनुसार
ma पर विद्युत शुल्क से राज्य में स्थापित होने वाले सभी नये
औद्योगिक उपक्रमों को इलेक्ट्रिसिटी इयूटी
BC
से 0 वर्ष हेतु छूट WAY है।
कम्पनी इस सुविधा हेतु se है।
गौतमबुदूध नगर एवं गाजियाबाद क्षेत्र में मेगा श्रेणी हेतु BO 200 करोड़ से
अधिक किन्तु 500 करोड़ से कम के पूँजी निवेश एवं 5 वर्ष की निवेश अवधि का
प्राविधान S| साथ ही औद्योगिक उपक्रम को देय वित्तीय सुविधाओं की सीमा नियमावली
के प्रावधानों के अन्तर्गत AAA पूँजी निवेश की सीमा से अधिक नही होगी।
कम्पनी CART निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक 02.08.20i9 चुनी गयी है
एवं He स्थायी पूंजी निवेश BO 248.59 करोड़ (सत्यापन के अधीन) का निवेश कर
परियोजना का वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक 4.04.2022 को प्रारम्भ किये जाने की
सूचना उपलब्ध करवाई गई है।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |पूंजीगत निवेश के Heal में आवेदक cant कतिपय सम्पत्तियां दर्शायी गयी है, जो
कि नियमावलत्री के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HATA हैं, अतः यह स्पष्ट किया
जा रहा है कि पूंजीगत निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को पूंजीगत निवेश में
सम्मिलित न किये जाने के कारण इकाई की श्रेणी में यदि कोई परिवर्तन होगा तो
इसका दायित्व आवेदक का ही होगा।
तद्नुसार उपलब्ध कराए गये अभिलेखों के आधार पर नोडल Wied cant
कम्पनी की प्रस्तावित परियोजना हेतु तालिका-2 के क्रम संख्या , 2, 3, 4 एवं 5 पर
आवेदित सुविधाओं के सम्बन्ध में लेटर ऑफ HEH निर्गत किए जाने की निम्न शर्तों
के अधीन विचार किये जाने का प्रस्ताव दिया गया है-
l. सभी are सुविधाएं औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन aAtfa-20i7 के
क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्ली के प्रस्तर-3 के अनुसार उपलब्ध करायी
जायेंगी।
2. कम्पनी GANT मानक परिचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) सम्बन्धी शासनादेश संख्या
395/77-6-2020-5(एम)/207 टी.सी.-2 दिनांक 2.06.2020 (यथा-संशोधित
शासनादेश संख्या 3955/77-6-2020-6(VA)/208 दिनांक 4.2.2020 एवं
शासनादेश. संख्या (284/77-6-2027-5(tH)/20i3 टी.सी.(मेगा)-।. दिनांक
26.03.202) का अनुपालन करना आवश्यक होगा।
3. लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी हो जाने के पश्चात परियोजना में निवेश हेतु कट-ऑफ
तिथि A परिवर्तन हेतु आवेदन केवल एक बार ही पर्याप्त कारणों के साथ प्रस्तुत
किया जा सकेगा।
4. पूंजीगत निवेश के मदों में आवेदक दूवारा कतिपय सम्पत्तियां दर्शायी गयी है, जो
कि नियमावली के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HATA हैं, अतः पूँजीगत
निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को फूँजीगत निवेश में सम्मिलित न किये
जाने के कारण इकाई की श्रेणी में यदि कोई परिवर्तन होगा तो इसका दायित्व
आवेदक का ही होगा।
5. इकाई GaN कैप्टिव सोलर पावर प्लांट का इकाई के लिये ही उपभोग करने पर
ही इसकी लागत के सापेक्ष सुविधाएं प्रदत्त की जायेंगी। यदि इकाई दूवारा विद्युत
का विक्रय किया जायेगा तो ऐसी दशा A इसकी लागत अह निवेश राशि से घटा
दी जायेगी।
6. सभी Distinct एवं. “२८9८6 person’? संव्यवहारों पर भुगतान किये गये नेट
राज्य जी0एस0टी0 की प्रतिपूर्ति की अनुमन्यता का मूल्यांकन औद्योगिक विकास
विभाग द्वारा निर्गत/निर्गत किये जाने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार किया
जाएगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |इम्पावर्ड कमेटी की संस्तुति
कमेटी GANT कम्पनी के प्रस्ताव पर विचार विमर्श के उपरान्त प्रशासकीय विभाग
की संस्तुतियों के आधार पर कम्पनी के पक्ष में तालिका-2 में क्रम संख्या ,2,3,4 एवं
5 पर उल्लिखित सुविधाओं हेतु afa-20i7 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्री के
अन्तर्गत प्राविधानित सीमाओं के भीतर एवं शर्तों के अनुसार लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत
किये जाने पर सहमति व्यक्त की गयी एवं तद्नुसार अभिमत को समिति द्वारा मा0
मंत्रिपरिषद के अनुमोदन हेतु संस्तुत किया गया।
(3) एजेण्डा बिन्दु संख्या-4- मेसर्स राजश्री फाईन केमिकल इण्डस्ट्रीज इण्डिया
प्रा2लि0, जिला शाहजहाँपुर (पश्चिमांचल क्षेत्र
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
मेसर्स राजश्री फाईन केमिकल इण्डस्ट्रीज इण्डिया WO लि0 द्वारा ग्राम शालपुर
नवदिया कटरा, तहसील तिलहर, जिला शाहजहाँपुर (पश्चिमांचल) A इथेनॉल उत्पादन हेतु
460 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता के साथ (80 किलोलीटर मोलैसेस आधारित va 80
किलोलीटर ग्रेन्स आधारित) डिस्टिलरी इकाई के साथ 4.5 मेगावाट क्षमता का
कोजनरेशन पावर प्लांट BO 340.90 करोड़ रूपये के पूंजी निवेश (अह पूंजी निवेश रू0
268.08 करोड़) से मेगा श्रेणी मैं स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।
उक्त परियोजना हेतु कम्पनी द्वारा औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन
afa-207 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्ली के अन्तर्गत निम्नलिखित सुविधाओं
हेतु आवेदन किया गया हैः-
तालिका-3
क्र0सं0 आवेदित सुविधा नियमावली के. अन्तर्गत, सुविधाओं F
नुमन्य
. जमा की गई नेट एस0जी0 नियमावल्ली के प्रस्तर 3.2 के अनुसार जमा
एस0टी0 की प्रतिपूर्ति। की गई नेट एस0जी0एएस0टी0 की 70 प्रतिशत
प्रतिपूर्ति 0 वर्षों हेतु अनुमन्य है।
कम्पनी इस सुविधा हेतु आह है।
2. स्टाम्प शुल्क से छूट नियमावत्री के प्रस्तर 3.. के. अनुसार
पश्चिमांचल क्षेत्र A Fey शुल्क में 75
प्रतिशत की छूट अनुमन्य है।
उपलब्ध सूचना के अनुसार कम्पनी CANT
स्टाम्प इयूटी का भुगतान कर भूमि का
रजिस्ट्रेशन करा लिया गया है।
तदनुसार यह सुविधा अनुमन्य नहीं है।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3. कर्मचारी भविष्य. निधि| नियमावल्नी के Wa 3.3 के अनुसार सभी
(ई0पी0एफ0) की प्रतिपूर्ति। | पात्र नई औद्योगिक उपक्रमों, जिनमें 00
या उससे अधिक अकुशल श्रमिकों को प्रत्यक्ष
रोजगार उपलब्ध कराया गया हो, को उनके
द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि (ई0पी0एफ0)
में श्रमिकों के पक्ष में जमा की गयी
नियोक्ता योगदान की राशि की 50 प्रतिशत
धनराशि की प्रतिपूर्ति वाणिज्यिक उत्पादन
की तिथि से तीन वर्ष के पश्चात अगले 5
वर्ष हेतु अनुमन्य है।
चूंकि इकाई द्वारा अकुशल श्रमिकों को पे-
रोल पर रोजगार दिया जाना प्रस्तावित नहीं
है, इकाई इस सुविधा हेतु He नहीं है।
पश्चिमांचल में मेगा श्रेणी हेतु BO 50 करोड़ से अधिक किन्तु 300 करोड़ से
कम के पूँजी निवेश एवं 5 वर्ष की निवेश अवधि का प्राविधान है। साथ ही औद्योगिक
उपक्रम को देय वित्तीय सुविधाओं की सीमा नियमावत्ली के प्रावधानों के अन्तर्गत
अनुमनन््य पूँजी निवेश की अधिकतम सीमा से अधिक नही होगी।
कम्पनी दूवारा निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक 70.07.20i9 चुनी गयी है
एवं He स्थायी पूँजी निवेश BO 268.08 करोड़ के सापेक्ष BO 250.92 करोड़ (सत्यापन
के अधीन) का निवेश कर परियोजना का वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक (2.2.2022 को
प्रारम्भ किये जाने की सूचना उपलब्ध करवाई गई है।
पूँजीगत निवेश के मदों में आवेदक cant कतिपय सम्पत्तियाँ दर्शायी गयी है, जो
कि नियमावलत्री के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HAA हैं, अतः यह स्पष्ट किया
जा रहा है कि पूँजीगत निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को पूँजीगत निवेश में
सम्मिलित न किये जाने के कारण इकाई की श्रेणी में यदि कोई परिवर्तन होगा तो
इसका दायित्व आवेदक का ही होगा।
प्रकरण मैं चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग एवं आबकारी विभाग दूवारा
afa-207 के अन्तर्गत सुविधाओं पर विचार किये जाने हेतु अनापत्ति प्रदान की गयी
है।
तद्नुसार उपलब्ध कराए गये अभिलेखों के आधार पर नोडल Wied cant
कम्पनी की प्रस्तावित परियोजना हेतु तालिका-3 के क्रम संख्या- पर आवेदित सुविधा
के सम्बन्ध में लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किए जाने की निम्न शर्तों के अधीन विचार
किये जाने का प्रस्ताव किया गया है-
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |l. सभी are सुविधाएं औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-207 के
क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्ली के प्रस्तर-3 के अनुसार उपलब्ध करायी
जायेंगी।
2. कम्पनी दूवारा व्यवसाय के प्रमुख स्थान के रूप में इकाई स्थल के अवस्थान
(ग्राम शालपुर नवदिया कटरा, तहसील तिलहर, जिला शाहजहाँपुर) को दर्शाते हुए
जी.एस.टी.आई.एन में संशोधन करना होगा।
3. कम्पनी GANT मानक परिचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) सम्बन्धी शासनादेश संख्या
395/77-6-2020-5(एम)/ 207 टी.सी.-2 दिनांक 72.06.2020 (यथा-संशोधित
शासनादेश संख्या 3955/77-6-2020-6(एम)/208 दिनांक 4.2.2020 एवं
शासनादेश. संख्या 284/77-6-2027-5(tA)/20i3 टी.सी.(मेगा)-।. दिनांक
26.03.202) का अनुपालन करना आवश्यक होगा।
4. लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी हो जाने के पश्चात परियोजना में निवेश हेतु कट-ऑफ
तिथि A परिवर्तन हेतु आवेदन केवल एक बार ही पर्याप्त कारणों के साथ प्रस्तुत
किया जा सकेगा।
5. पूँजीगत निवेश के मदों में आवेदक cant कतिपय सम्पत्तियां दर्शायी गयी है, जो
कि नियमावली के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HATA हैं, अतः पूँजीगत
निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को पूँजीगत निवेश में सम्मिलित न किये
जाने के कारण इकाई की श्रेणी में यदि कोई परिवर्तन होगा तो इसका दायित्व
आवेदक का ही होगा।
6. इकाई दूवारा कैप्टिव पावर प्लांट का इकाई के लिये ही उपभोग करने पर ही
इसकी लागत के सापेक्ष सुविधाएं प्रदत्त की जायेंगी। यदि इकाई द्वारा विद्युत का
विक्रय किया जायेगा तो ऐसी दशा में इसकी लागत अह निवेश राशि से घटा दी
जायेगी।
7. सभी Distinct एवं “Related person’? संव्यवहारों पर भुगतान किये गये नेट
राज्य जी0एस0टी0 की प्रतिपूर्ति की अनुमन्यता का मूल्यांकन औद्योगिक विकास
विभाग द्वारा निर्गत/निर्गत किये जाने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार किया
जाएगा।
इम्पावर्ड कमेटी की संस्तुति
कमेटी GANT कम्पनी के प्रस्ताव पर विचार विमर्श के उपरान्त प्रशासकीय विभाग
की संस्तुतियों के आधार पर कम्पनी के पक्ष में तालिका-3 में क्रम संख्या-। पर
उल्लिखित सुविधा हेतु afa-20i7 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावल्ली के अन्तर्गत
प्राविधानित सीमाओं के भीतर एवं शर्तों के अनुसार लेटर ऑफ HEHE निर्गत किये जाने
पर सहमति व्यक्त की गयी एवं dean अभिमत को समिति cant मा0 मंत्रिपरिषद
के अनुमोदन हेतु संस्तुत किया गया।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(4) एजेण्डा बिन्दु संख्या-5- मेसर्स स्पर्श इण्डस्ट्रीज प्रा्लि0, जिला कानपुर देहात
(मध्यांचल क्षेत्र)
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
मेसर्स स्पर्श इण्डस्ट्रीज WO लि0 दृवारा गाटा संख्या 389, 695 एवं 700 से 706,
ग्राम pret, तहसील अकबरपुर, जिला कानपुर देहात (मध्यांचल क्षेत्र) A बोपेट
(पोलियेस्टर) Trea एवं पेट waa (चिप्स) इकाई की स्थापना रू0 533.99 करोड़
रूपये के पूंजी निवेश (अहँ पूँजी निवेश BO 509.84 करोड़) से किया जाना प्रस्तावित है।
उक्त इकाई में प्रस्तावित उत्पाद एवं उनकी क्षमता निम्नवत हैः:-
बोपेट (पोलियेस्टर) TheAa - 48,820 एम0टी0एपी0ए0
पेट रेसिन (चिप्स) - 99,000 एम0टी0पी0ए0
उक्त परियोजना हेतु कम्पनी द्वारा औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन
afa-207 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्नी के अन्तर्गत निम्नलिखित सुविधाओं
हेतु आवेदन किया गया हैः-
तालिका-4
क्र0सं0 आवेदित सुविधा नियमावली के. अन्तर्गत, सुविधाओं की
Te
. जमा की गई नेट एस0एजी0नियमावली के प्रस्तर 3.2 के अनुसार जमा की
एस0टी0 की प्रतिपूर्ति। गई नेट एस0जी0एस0टी0 की 70 प्रतिश
प्रतिपूर्ति 0 वर्षों हेतु अनुमन्य है।
कम्पनी इस सुविधा हेतु अर है।
2. पूँजीगत ब्याज उपादान कीनियमावल्ी के प्रस्तर 3.5. के अनुसार cel
प्रतिपूर्ति एवं मशीनरी के लिए वितरित सावधिक ऋण
पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्याज अथव
5 प्रतिशत की ब्याज दर से fea गय
भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक पूंजी ब्य
उपादान प्रतिपूर्ति की सुविधा इस प्रतिबन्ध वे
साथ अनुमन्य है कि सुविधा की अधिकतम
वार्षिक सीमा रू0 50 लाख से अधिक नही
होगी।
कम्पनी इस सुविधा हेतु आह है।
3. अवस्थापना ब्याज उपादार्नानियमावत्री के WA 3.5.2 के. अनुस
की प्रतिपूर्ति अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु लिये गये
ऋण पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्य
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |अथवा 5 प्रतिशत की ब्याज दर से किया गय
भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक
अवस्थापना ब्याज उपादान agit की सुविष
इस प्रतिबंध के साथ अनुमन्य है कि aia
की अधिकतम सम्पूर्ण सीमा रू..00 करोड़ से
अधिक नहीं होगी।
कम्पनी इस सुविधा हेतु se है।
4. पावर कम्पनियों से विद्युतनियमावलत्री के प्रसतर-3.5.4 के अनुसार राज्य
क्रय पर विद्युत शुल्क AA स्थापित होने वाले सभी नये औद्योगिक
BC उपक्रमों को इलेक्ट्रिसिटी इयूटी A 0 वर्ष हेतु
छूट अनुमन्य है।
कम्पनी इस सुविधा हेतु ste है।
मध्यांचल में मेगा प्लस श्रेणी हेतु BO 300 करोड़ से अधिक किन्तु 750 करोड़ से
कम के पूँजी निवेश एवं 5 वर्ष की निवेश अवधि का प्राविधान है। साथ ही औद्योगिक
उपक्रम को देय वित्तीय सुविधाओं की सीमा नियमावत्ली के प्रावधानों के अन्तर्गत
अनुमनन््य पूँजी निवेश की अधिकतम सीमा से अधिक नही होगी।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार कम्पनी द्वारा एक चरण में परियोजना की
स्थापना किया जाना प्रस्तावित था किन्तु बोपेट फिल्म एवं चिप्स प्लांट का वाणिज्यिक
उत्पादन क्रमश: दिनांक 07.0.202 एवं 0.07.2022 को प्रारम्भ किया जाना दर्शाया
गया था। यद्यपि परियोजना रिपोर्ट मैं चरणबदूध विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।
dean कम्पनी से पुनरीक्षित परियोजना रिपोर्ट चरणबदूध विवरण के साथ उपलब्ध
कराने हेतु अनुरोध किया गया था|
कम्पनी दूवारा परियोजना रिपोर्ट पुनरीक्षित करने में असमर्थता जताई गयी।
यद्यपि उनके GAN परियोजना लागत का चरणबदूध विवरण निम्नवत उपलब्ध करवाया
गया थाः-
प्रथम चरण - रू0 304.4 करोड़
दृवितीय चरण - रू0 34.0i करोड़
कुल - रू0 438.5 करोड़
कम्पनी CART अपने पत्र दिनांक 27.6.2022 के माध्यम से अवगत कराया गया
था कि उपरोक्त प्रथम एवं द्वितीय चरण में प्रस्तावित निवेश के सापेक्ष निम्नवत निवेश
कर लिया गया है:-
Rs. in crores
Particulars Phase I Phase II Total
BOPET Line Chips Plant
Capital expenditure incurred (date of/37.00 85.00 456.00
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |commencement of product line 06.07.2022 29.05.2023
Capital expenditure likely to be p00 53.84 53.84
incurred further
Sub-Total 374.00 438.84 509.84*
Add: Margin Money for Working Capital |6.77 7 A4 24.i5
Total उ87.74 44.6.28 533.99*
* कम्पनी CdR ई.मेल दिनांक 23.9.2023 के माध्यम से अवगत कराया गया कि
परियोजना में प्रोविजनल निवेश BO 546.5 करोड़ का हो गया है जिसमें से HE पूँजी
निवेश रू0 492.00 करोड़ (सत्यापन के अधीन) है।
परियोजना लागत में वृद्धि मुख्य रूप से सीमेंट, स्टील आदि की कीमतों में पर्याप्त
वृद्धि और मुद्रा में मूल्यहास (प्रमुख संयंत्र और मशीनरी आयात किये जाने के कारण)
के कारण हुई है।
कम्पनी दूवारा अपने पत्र दिनांक 2.04.2023 के माध्यम से अनुरोध किया गया
है कि चूँकि उनकी परियोजना चिप्स प्लांट (द्वितीय चरण) के साथ मई, 2023 में पूर्ण
होगी, परियोजना के प्रारम्भ होने की तिथि मई, 2023 पर विचार करते हुए लेटर आफ
कम्फर्ट निर्गत किया जाए एवं पुनरीक्षित परियोजना रिपोर्ट की माँग न की जाए।
कम्पनी CART निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक 04.04.209 चुनी गयी है
एवं. परियोजना के प्रथम एवं दवितीय चरण a वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक
06.07.2022 एवं 29.05.2023 क्रमश: प्रारम्भ कर लिया गया है।
"स्वीकार्यता की तिथि" का तात्पर्य औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-
20I7 के अन्तर्गत सुविधाओं के आहरण के प्रयोजनार्थ उस तिथि से है जिस पर
औद्योगिक उपक्रम द्वारा उसकी श्रेणी के अनुसार पात्र पूँजी निवेश की श्रेशोल्ड सीमा
प्राप्त कर वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ किया जा चुका है। प्रतिबन्ध यह है कि जहाँ
किसी औद्योगिक उपक्रम द्वारा प्रस्तावित पूँजी निवेश को चरणबदूध रूप से किया जाता
है, वहाँ ऐसे औद्योगिक उपक्रम दूवारा किसी एक चरण का वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ
कर लिया गया हो एवं सुविधाओं हेतु आवेदन करने से पूर्व स्वीकार्यता की तिथि पर
पहुंच गया el स्पष्ट किया जाता है कि केवल ऐसे औद्योगिक उपक्रम, जोकि प्रभावी
तिथि के पश्चात उत्पादन प्रारम्भ करते हैं, सुविधाओं हेतु पात्र होंगे।
नोडल संस्था द्वारा बताया गया कि आवेदक दूवारा परियोजना के प्रथम चरण के
क्रियान्वयन की तिथि 06.07.2022 के इष्टिगत यह स्पष्ट है कि इकाई मेगा प्लस
श्रेणी के अनुसार मध्यांचल क्षेत्र में आवश्यक पूँजी निवेश (रू0 300 करोड़ अथवा उससे
अधिक) कर प्रथम चरण के वाणिज्यिक उत्पादन की तिथि 06.07.2022 से सुविधाओं
हेतु पात्र हो रही है।
इस सम्बन्ध में विस्तृत विचार उपरान्त एवं कम्पनी के अनुरोध के क्रम मैं यह
निर्णय लिया गया कि इकाई को देय सुविधाओं की अनुमन्यता हेतु दवितीय चरण के
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |उत्पादन की तिथि मानी जानी चाहिए चूँकि कम्पनी द्वारा द्वितीय (अन्तिम) चरण में
तैयार किये जाने वाला उत्पाद प्रथम चरण के उत्पाद का इनपुट मैटीरियल है।
पूँजीगत निवेश के मदों में आवेदक द्वारा कतिपय सम्पत्तियाँ दर्शायी गयी है, जो
कि नियमावलत्ली के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HAA हैं, अतः यह स्पष्ट
किया जा रहा है कि पूंजीगत निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को पूँजीगत निवेश
में सम्मिलित न किये जाने के कारण इकाई की श्रेणी A यदि कोई परिवर्तन होगा तो
इसका दायित्व आवेदक का ही होगा।
तद्नुसार उपलब्ध कराए गये अभिलेखों के आधार पर नोडल Wiest cant
कम्पनी की प्रस्तावित परियोजना हेतु तालिका-4 के क्रम संख्या , 2,3 एवं 4 पर
आवेदित सुविधाओं के सम्बन्ध में लेटर ऑफ HEHE निर्गत किए जाने की निम्न शर्तों
के अधीन विचार किये जाने का प्रस्ताव किया गया है:-
l. सभी are सुविधाएं औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-207 के
क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्ली के प्रस्तर-3 के अनुसार उपलब्ध करायी
जायेंगी।
2. चूँकि कम्पनी cant परियोजना को पट्टे पर ली गयी भूमि पर स्थापित किया
जाना प्रस्तावित है, शासनादेश AO 33/77-6-2022-6(एम)/208टी.सी.-4 दिनांक
7..2022 दूवारा कम्पनी के अन्य प्रकरण A अनुमोदित बॉण्ड इस इकाई हेतु भी
कम्पनी CANT उपलब्ध कराया जायेगा।
3. आई.ई.एम. A दर्शाये गये. परियोजना Wa के. पते. के. अनुसार
जी.एस.टी.आई.एन. में आवश्यक संशोधन करना होगा।
4. कम्पनी GANT मानक परिचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) सम्बन्धी शासनादेश संख्या
4395/77-6-2020-5(tH)/ 207टी.सी.-2 दिनांक 2.06.2020 (यथा-संशोधित
शासनादेश संख्या 3955/77-6-2020-6(एम)/208 दिनांक 4.2.2020 एवं
शासनादेश... संख्या... 28/77-6-202-5(एम)/203टी.सी.(मेगा)-।... दिनांक
26.03.202) का अनुपालन करना आवश्यक होगा।
5. पूंजीगत निवेश के मदों में आवेदक cant कतिपय सम्पत्तियाँ दर्शायी गयी है, जो
कि नियमावली के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HATA हैं, अतः पूंजीगत
निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को फूँजीगत निवेश में सम्मिलित न किये
जाने के कारण इकाई की श्रेणी में यदि कोई परिवर्तन होगा तो इसका दायित्व
आवेदक का ही होगा।
6. लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी हो जाने के पश्चात परियोजना में निवेश हेतु कट-ऑफ
तिथि A परिवर्तन हेतु आवेदन केवल एक बार ही पर्याप्त कारणों के साथ प्रस्तुत
किया जा सकेगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |7. इकाई को देय सुविधाएं दुवितीय चरण के उत्पादन की तिथि से उपलब्ध करायी
जायेंगी |
8. कम्पनी cant पेट रेसिन (चिप्स) का ओपेन मार्केट विक्रय किया जाना भी
प्रस्तावित है। ऐसे विक्रय किये जाने वाले उत्पाद के सम्बन्ध में भी एस0ओएपी0
शासनादेश दिनांक (2.6.2020 के प्रावधान लागू होंगे जिनमें अन्य के अलावा
शपथ पत्र लिए जाने की व्यवस्था है।
9. सभी Distinct एवं ‘’Related person’? संव्यवहारों पर भुगतान किये गये नेट राज्य
जी0एस0टी0 की प्रतिपूर्ति की अनुमन्यता का मूल्यांकन औद्योगिक विकास
विभाग दूवारा निर्गत/निर्गत किये जाने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार किया
जाएगा।
इम्पावर्ड कमेटी की संस्तुति
कमेटी GANT कम्पनी के प्रस्ताव पर विचार विमर्श के उपरान्त प्रशासकीय विभाग
की संस्तुतियों के आधार पर कम्पनी के पक्ष में तालिका-4 में क्रम संख्या , 2, 3 एवं
4 पर उल्लिखित सुविधाओं हेतु afa-20I7 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावल्नी के
अन्तर्गत प्राविधानित सीमाओं के भीतर एवं शर्तों के अनुसार लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत
किये जाने पर सहमति व्यक्त की गयी एवं तद्नुसार अभिमत को समिति द्वारा मा0
मंत्रिपरिषद के अनुमोदन हेतु संस्तुत किया गया।
(5)... एजेण्डा बिन्दु संख्या-6-मेसर्स अल्ट्राटेक ace feo, जिला सोनभद्र (पूर्वांचल
क्षेत्र)
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेन्ट लि0 cant डाला (ग्राम कोटा) राबर्टस गंज, जिला
सोनभद्र (पूर्वांचल) A सीमेंट ग्राइंडिंग/क्लिंकर की पूर्व स्थापित परियोजना का
विस्तारीकरण BO 528.26 करोड़ रूपये के पूँजी निवेश (अहँ पूंजी निवेश BO 473.05
करोड़) से दो चरणों A किया जाना प्रस्तावित है। उक्त इकाई में वर्तमान/ प्रस्तावित
उत्पाद एवं उनकी क्षमता निम्नवत हैः:-
उत्पाद क्षमता (एम.एम.टी.पी.ए.)
पूर्व स्थापित प्रस्तावित क्षमता हे
प्रथम चरण द्वितीय चरण
सीमेन्ट 0.50 .50 po 2.00
क्लिंकर 2.00 ता 0.20 2.20
(clinker)
ited Ude |27 मेगावाट ro 3 मेगावाट 30 मेगावाट
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |ie en |... हगगाताट gle Ray |3 मेगावाट | 3 मेगावाट
सिस्टम
पूर्व प्रस्ताव
कम्पनी द्वारा पूर्व मैं उक्त प्रस्ताव BO 475.00 करोड़ पूंजी निवेश के साथ
उपलब्ध करवाया. गया. था. जिसमें संशोधन एवं उन्नयन (modification and
upgradation) के रूप A BO 30 करोड़ का निवेश किया जाना दर्शाया गया था जोकि
नोडल संस्था के विश्लेषण के अनुसार पूर्व स्थापित संयंत्रों का अंश होने के कारण अहँ
पूँजी निवेश के रूप मैं मान्य नहीं पाया गया था।
अतः उक्त प्रस्ताव इम्पाव्ड कमेटी की दिनांक 28.04.2022 को सम्पन्न बैठक
मैं निरस्तीकरण हेतु प्रस्तुत किया गया जिसमें समिति cant मत स्थिर किया गया था
कि कम्पनी द्वारा नोडल Used से सम्पर्क कर प्रकरण के संबंध में तथ्यों को स्पष्ट
करें Ud नोडल एजेन्सी पुनः परीक्षण कर प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत करें।
तदनुसार प्रस्ताव आस्थगित किया गया।
वर्तमान प्रस्ताव
कम्पनी CART अपने पत्र दिनांक 06.07.2022 के माध्यम से परियोजना लागत
को पुनरीक्षित कर अहँ पूँजी निवेश BO 473.05 करोड़ के साथ पुनः प्रस्ताव उपलब्ध
करवाया गया है। परियोजना लागत में वृद्धि का कारण स्टील, सीमेंट आदि की लागत
मैं वृद्धि होना तथा मशीनों मैं नये निवेश का होना बताया गया है।
नोडल संस्था के तकनीकी अधिकारी के द्वारा प्लांट विजिट एवं आवेदक दूवारा
प्रस्तुत किए गए अभिलेखों के परीक्षण के उपरान्त नोडल एजेन्सी दूवारा यह मत स्थिर
किया गया है कि संशोधन एवं उन्नयन (modification and upgradation) के रूप में रू0
30 करोड़ के प्रस्तावित निवेश (जो कि दृवितीय चरण A किया जाना प्रस्तावित है) मैं
से रू0 74.79 करोड़ के निवेश को नया माना जा सकता है एवं BO 55.2। करोड़
संशोधन एवं उन्नयन (modification and upgradation) के रूप में माना जा सकता है
जो कि अहँ पूंजी निवेश नही होगा।
कम्पनी GANT दिनांक 34.0.2020 (निवेश प्रारम्भ करने की तिथि 04.47.2020
के पूर्व की तिथि) को aes एकाउन्टेन्ट से प्रमाणित ग्रॉस ब्लॉक का प्रमाण पत्र प्रस्तुत
किया गया है जिसके अनुसार दिनांक 37.0.2020 को aa ब्लॉक BO (549.62 करोड़
दर्शाया गया है। प्रस्तावित He पूँजी निवेश से रू0 55.2 करोड़ घटाने के पश्चात He
पूंजी निवेश रू0 473.05 करोड़ होता है जोकि ग्रास ब्लॉक का 37.43 प्रतिशत है। इस
प्रकार यह विस्तारीकरण/विविधीकरण हेतु I ब्लॉक में न्यूनतम 25 प्रतिशत की वृद्धि
की शर्त को पूर्ण करता है।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |उक्त परियोजना हेतु कम्पनी दूवारा औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन
afa-207 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्नी के अन्तर्गत निम्नलिखित सुविधाओं
हेतु आवेदन किया गया है:-
तालिका-5
क्र0सं0 |आवेदित सुविधा नियमावल्ली.. के. अन्तर्गत सुविधाओं fi
नमन्य
Pe)
] जमा की गई नेट एस0जी0नियमावली के प्रस्तर 3.2 के अनुसार जमा की
एस0टी0 की प्रतिपूर्ति। गई नेट एसएण्जीएएस0टी0 की 70 प्रतिश
प्रतिपूर्ति 0 वर्षों हेतु अनुमन्य है।
कम्पनी इस सुविधा हेतु se है।
2 पूंजीगत ब्याज उपादान कीनियमावल्नी के प्रस्तर 3.5.. के अनुसार प्लां
प्रतिपूर्ति एवं मशीनरी के लिए वितरित सावधिक ऋण
पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्याज अथव
5 प्रतिशत की ब्याज दर से किया गया भुगतान,
जो भी कम हो, 5 वर्ष तक पूँजी ब्याज उपादा-
प्रतिपूर्ति की सुविधा इस प्रतिबन्ध के ar
sary है कि सुविधा की अधिकतम वार्षिक
सीमा रू050 लाख से अधिक नही होगी।
चूंकि कम्पनी द्वारा कोई सावधिक ऋण लिय
जाना प्रस्तावित नहीं है अतः कम्पनी इस
सुविधा हेतु se नही है।
3 अवस्थापना ब्याज उपादान॑नियमावल्री के प्रस्तर 3.5.2 के नस
अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु लिये गये
की प्रतिपूर्ति
ऋण पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्य
अथवा 5 प्रतिशत की ब्याज दर से किया ae
भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक अवस्थापद
ब्याज उपादान प्रतिपूर्ति की. सुविधा इस
प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य है कि सुविधा की
अधिकतम सम्पूर्ण सीमा रू0 करोड़ से अधिक
नहीं होगी।
चूंकि कम्पनी द्वारा कोई सावधिक ऋण लिय
जाना प्रस्तावित नहीं है अतः कम्पनी इस
सुविधा हेतु se नही है।
A पावर कम्पनियों से विद्युत्नियमावली के प्रस्तर 3.5.4 के अनसार नुसार राज्य
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |क्रय पर विद्युत शुल्क AA स्थापित होने वाले सभी नये औद्योगिक
BC उपक्रमों को इलेक्ट्रिसिटी इयूटी से 0 वर्ष हेतु
छूट अनुमन्य है।
चूंकि. कम्पनी. दूवारा . परियोजना. व
विस्तारीकरण किया जाना प्रस्तावित है। अतः
कम्पनी इस सुविधा हेतु He नहीं है।
5 स्वयं. उपभोग हेतु केप्टिवनियमावल्नी Wa 3.5.5 के अनुसार सर्भ
पावर पर विद्युत शुल्क सेनये औद्योगिक somal द्वारा स्वयं प्रयोग हेतु
BC hited पावर प्लाण्ट उत्पादित विद्युत को 0
वर्ष हेतु इलेक्ट्रिसिटी इयूटी में छूट अनुमन्य है।
चूंकि कम्पनी CANT परियोजना का विस्तार
करण किया जाना प्रस्तावित है।
अत: कम्पनी इस सुविधा हेतु अर्ह नहीं है।
पूर्वांचल A मेगा प्लस श्रेणी हेतु BO 250 करोड़ से अधिक किन्तु 500 करोड़ से
कम के पूँजी निवेश एवं 5 वर्ष की निवेश अवधि का प्राविधान है। साथ ही औद्योगिक
उपक्रम को देय वित्तीय सुविधाओं की सीमा नियमावत्ली के प्रावधानों के अन्तर्गत
अनुमनन््य पूँजी निवेश की अधिकतम सीमा से अधिक नही होगी।
कम्पनी CART निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक 04.44.2020 चुनी गयी है
एवं परियोजना के प्रथम चरण (सीमेन्ट) का वाणिज्यिक उत्पादन 4.08.2022 को
प्रारम्भ कर लिया गया है एवं aida चरण (क्लिंकर) का वाणिज्यिक उत्पादन अक्टूबर
2023 में किया. जाना प्रस्तावित है। कम्पनी द्वारा उपलब्ध कराये गये aes
एकाउन्टेन्ट के प्रमाण पत्र दिनांक 24.03.2023 के अनुसार परियोजना मैं BO 447.75
करोड़ का निवेश कर लिया गया है।
तद्नुसार उपलब्ध कराए गये अभिलेखों के आधार पर नोडल एजेन्सी द्वारा
कम्पनी की प्रस्तावित परियोजना हेतु तालिका-5 के क्रम संख्या- पर आवेदित सुविधा
के सम्बन्ध मैं लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किए जाने की निम्न शर्तों के अधीन विचार
किये जाने का प्रस्ताव किया गया हैः-
l. सभी are सुविधाएं औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-207 के
क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्ली के प्रस्तर-3 के अनुसार उपलब्ध करायी
जायेंगी।
2. कम्पनी GANT मानक परिचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) सम्बन्धी शासनादेश संख्या
395/77-6-2020-5(एम)/ 207 टी.सी.-2 दिनांक 72.06.2020 (यथा-संशोधित
शासनादेश संख्या 3955/77-6-2020-6(एम)/208 दिनांक (4.2.2020 एवं
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |शासनादेश... संख्या... 28 /77-6-202-5(8A)/203e..at.(Aam)- eet
26.03.202) का अनुपालन करना आवश्यक होगा।
3. पूंजीगत निवेश के मदों में आवेदक cant कतिपय सम्पत्तियां दर्शाीयी गयी है, जो
कि नियमावली के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HATA हैं, अतः पूंजीगत
निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को पूंजीगत निवेश में सम्मिलित न किये
जाने के कारण इकाई की श्रेणी में यदि कोई परिवर्तन होगा तो इसका दायित्व
आवेदक का ही होगा।
4. लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी हो जाने के पश्चात परियोजना में निवेश हेतु कट-ऑफ
तिथि A परिवर्तन हेतु आवेदन केवल एक बार ही पर्याप्त कारणों के साथ प्रस्तुत
किया जा सकेगा।
5. पूँजी निवेश में रिपोर्ट की गयी वृद्धि नोडल एजेन्सी द्वारा पूंजी निवेश के
सत्यापन के समय उचित मूल्यांकन के अधीन है।
6. सभी Distinct एवं “२८०9८ person’? संव्यवहारों पर भुगतान किये गये नेट राज्य
जी0एस0टी0 की प्रतिपूर्ति की अनुमन्यता का मूल्यांकन औद्योगिक विकास
विभाग द्वारा निर्गत/निर्गत किये जाने वाले दिशा निर्देशों के अनुसार किया
जाएगा।
इम्पावर्ड कमेटी की संस्तुति
कमेटी दूवारा कम्पनी के प्रस्ताव पर विचार विमर्श के उपरान्त प्रशासकीय
विभाग की संस्तुतियों के आधार पर कम्पनी के पक्ष में तालिका-5 में क्रम संख्या । पर
उल्लिखित सुविधा हेतु afa-207 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावल्ली के अन्तर्गत
प्राविधानित सीमाओं के भीतर एवं शर्तों के अनुसार लेटर ऑफ HEHE निर्गत किये जाने
पर सहमति व्यक्त की गयी एवं तद्नुसार अभिमत को समिति द्वारा मा. मंत्रिपरिषद के
अनुमोदन हेतु संस्तुत किया गया।
(6)... एजेण्डा बिन्दु संख्या-7- मेसर्स अपोलो मेटैलिक्स लि0, जिला बुलन्दशहर
(पश्चिमांचल क्षेत्र)
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
मेसर्स अपोलो मैटेलिक्स WO लि0 द्वारा जिला बुलन्दशहर (पश्चिमांचल क्षेत्र) में
सी.आर.एफ.एच. Fase एवं जी.पी./सी.आर./ब्लैक पाइप्स के निर्माण हेतु BO 23.92
करोड़ पूंजी निवेश (He पूंजी निवेश रू0 60.04 करोड़) के माध्यम से एक नयी
परियोजना को दो चरणों A स्थापित किये जाने हेतु औद्योगिक निवेश एवं रोजगार
प्रोत्साहन alid-20i7 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावली के अन्तर्गत कतिपय
सुविधाओं हेतु आवेदन किया गया था जोकि इम्पावर्ड कमेटी की दिनांक 77.8.202 को
सम्पन्न बैठक में प्रस्तुत किया गया था। उक्त बैठक में निम्नवत निर्णय लिया गयाः-
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3) «6 नियमावलत्री के उक्त वर्णित प्रावधानों के अध्ययन के पश्चात यह मत स्थिर
किया गया कि आवेदक इकाई CANT प्रस्तुत आवेदन "मेगा" औद्योगिक उपक्रम की श्रेणी
में सुविधाएं प्राप्त करने हेतु अहता के मापदण्डों को पूर्ण नहीं करता है।
ब). उपरोक्त के इष्टिगत निर्णय लिया गया कि आवेदक का प्रस्ताव मेगा श्रेणी A
अहँ नहीं Sl तदनुसार आवेदक का प्रस्ताव जिस श्रेणी से आच्छादित हो उससे
सम्बन्धित स्वीकृति समिति के समक्ष उन्हें प्रस्ताव को पुनः प्रस्तुत किये जाने हेतु
निर्देशित किया जाए।
कम्पनी दूवारा उनके प्रस्ताव को मेगा श्रेणी के अन्तर्गत विचार करने हेतु
प्रत्यावेदन दिनांक 9.5.2022 को शासन में प्रस्तुत किया गया था जिस पर नोडल
एजेन्सी को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।
कम्पनी CANT नोडल एजेन्सी को विभिन्न अभिलेख उपलब्ध करवाये गये जिनका
परीक्षण कर नोडल एजेन्सी की आख्या के साथ प्रशासकीय विभाग को प्रेषित किया गया
था। प्रशासकीय विभाग cant इम्पाव्ड कमेटी की आगामी बैठक में प्रस्ताव विचारार्थ
प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया।
प्रशासकीय विभाग से प्राप्त निर्देशों के क्रम में एवं इकाई द्वारा उपलब्ध कराए
गए अतिरिक्त अभिलेखों के परीक्षणोपरान्त निम्न तथ्य सामने आए हैं-
l. इकाई दूवारा बताया गया कि प्रस्तावित (अब पूरी तरह से क्रियान्वित) परियोजना
हेतु प्रारम्भ में ही दोनों चरणों हेतु 44990 वर्ग मी0 भूमि की खरीद कर निवेश
का प्रारम्भ दिनांक 75.06.20I8 को किया गया। भूमि का यह क्षेत्रफल दो चरण
परियोजना हेतु अनिवार्य है।
2. प्लांट का ले-आउट दर्शाता है कि दो चरण परियोजना एकीकृत है।
3. विद्युत लोड दोनों चरणों हेतु दिनांक 28.4.20I8 को (5000 के0वी0ए0)
प्रारम्भ में एक ही समय पर प्राप्त किया गया।
4. प्रदूषण बोर्ड का एन0ओएसी0 दोनों चरणों हेतु एक साथ दिनांक 22.0.20:8 को
प्राप्त हुआ।
5. दोनों चरणों के उत्पाद हेतु प्लांट एवं संयत्रों हेतु क्रय आईडर वर्ष 208 में ही दे
दिये गये थे।
तद्नुसार नोडल संस्था दूवारा प्रस्तुत उपर्युक्त तथ्यों के आधार पर
समिति द्वारा मत व्यक्त किया गया कि कम्पनी दूवारा दो चरणों में दर्शीयी
गयी परियोजना को एक समेकित (Integrated Project) परियोजना के रूप में
आवेदक द्वारा क्रियान्वित किये जाने की पुष्टि हो रही है। तदनुसार आवेदक की
परियोजना को मेगा श्रेणी में अह माने जाने में कोई आपत्ति प्रतीत नहीं होती है।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |उक्त परियोजना हेतु कम्पनी दूवारा औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन
afa-207 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्नी के अन्तर्गत निम्नलिखित सुविधाओं
हेतु आवेदन किया गया हैः-
तालिका-6
क्र0सं0 8 = |आवेदित सुविधा नियमावली के. अन्तर्गत, सुविधाओं की
Te
I. जमा की गई नेट एस0एजी0नियमावल्री के प्रस्तर 3.2 के अनुसार जमा की
एस0टी0 की प्रतिपूर्ति। गई नेट एस0जी0एएस0टी0 की 70 प्रतिश
प्रतिपूर्ति 0 वर्षों हेतु अनुमन्य है।
कम्पनी इस सुविधा हेतु He है।
2. कर्मचारी भविष्य... निधिनियमावलत्री के प्रस्तर 3.3 के अनुसार सभी प
(ईइ0पी0एफ0) की प्रतिपूर्ति। fas औद्योगिक उपक्रमों, जिनमें 00 या उससे
अधिक अकुशल श्रमिकों को प्रत्यक्ष
उपलब्ध कराया गया हो, को उनके aa
कर्मचारी भविश्य निधि (ई०्पी0एएफ0) में श्रमिकों
के पक्ष में जमा की गयी नियोक्ता योगदान की
राशि की 50 प्रतिशत धनराशि की प्रतिपूर्ति
वाणिज्यिक उत्पादन की तिथि से तीन वर्ष वे
पश्चात् अगले 5 वर्ष हेतु अनुमन्य है।
अवगत कराया गया कि कम्पनी GANT 33
प्रस्तावित श्रमिकों में से 204 अकुशल श्रमिक
पे-रोल पर प्रस्तावित है।
तदनुसार कम्पनी इस सुविधा हेतु He है।
3. पूंजीगत ब्याज उपादान कीनियमावलत्री के प्रस्तर 3.5.. के अनुसार ol
प्रतिपूर्ति एवं मशीनरी के लिए वितरित सार्वधिक ऋण
पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्याज अथव
5 प्रतिशत की ब्याज दर से किया गय
भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक Yt
ब्याज suet प्रतिपूर्ति की. सुविधा इस
प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य है कि सुविधा +
अधिकतम वार्षिक सीमा रू. 50 लाख से
अधिक नहीं होगी।
कम्पनी इस सुविधा हेतु se है।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4. अवस्थापना ब्याज उपादाननियमावल्ली के WAT 3.5.2 के अनुस
की प्रतिपूर्ति अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु लिये गये
ऋण पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्य
अथवा 5 प्रतिशत की ब्याज दर से किया गय
भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक
अवस्थापना ब्याज उपादान प्रतिपूर्ति की Ala
इस प्रतिबन्ध के साथ अनुमन्य है कि सुविष
की अधिकतम सम्पूर्ण सीमा रू. 7.00 करोड़ से
अधिक नहीं होगी।
कम्पनी इस सुविधा हेतु आह है।
पश्चिमांचल में मेगा श्रेणी हेतु BO 50 करोड़ से अधिक किन्तु 300 करोड़ से
कम के पूँजी निवेश एवं 5 वर्ष की निवेश अवधि का प्राविधान है। साथ ही औद्योगिक
उपक्रम को देय वित्तीय सुविधाओं की सीमा नियमावत्ली के प्रावधानों के अन्तर्गत
अनुमनन््य पूँजी निवेश की अधिकतम सीमा से अधिक नहीं होगी।
कम्पनी GAR प्रस्तावित परियोजना मैं निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक
5.6.208 चुनी गयी है एवं अहँ स्थायी पूंजी निवेश BO (60.04 करोड़ (सत्यापन के
अधीन) कर परियोजना के प्रथम एवं द्वितीय चरण का वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक
7.5.209 एवं 20.3.2020 क्रमश: प्रारम्भ किये जाने की सूचना उपलब्ध करवाई गई
है।
पूंजीगत निवेश के मदों में आवेदक cant कतिपय सम्पत्तियां दर्शायी गयी है, जो
कि नियमावलत्री के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HATA हैं, अतः यह स्पष्ट किया
जा रहा है कि पूंजीगत निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को पूंजीगत निवेश में
सम्मिलित न किये जाने के कारण इकाई की श्रेणी में यदि कोई परिवर्तन होगा तो
इसका दायित्व आवेदक का ही होगा।
तद्नुसार उपलब्ध कराए गये अभिलेखों के आधार पर नोडल Wiest cant
कम्पनी की प्रस्तावित परियोजना हेतु तालिका-6 के क्रम संख्या 7,2,3 एवं 4 (एजेण्डा
मैं सुविधाओं सम्बन्धी तालिका A त्रटिवश क्रम संख्या 7,2,4 एवं 5 एवं नोडल
एजेन्सी की टिप्पणी के अन्त में क्रम संख्या , 2, 3, 4 एवं 5 इंगित हो गया है) पर
आवेदित सुविधाओं के सम्बन्ध में लेटर ऑफ HEH निर्गत किए जाने की निम्न शर्तों
के अधीन विचार किये जाने का प्रस्ताव किया गया है:-
.. सभी 3 सुविधाएं औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन alfa-20i7 के
क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्ली के प्रस्तर-3 के अनुसार उपलब्ध करायी
जायेंगी।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2. कम्पनी द्वारा मानक परिचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) सम्बन्धी शासनादेश
संख्या 395/77-6-2020-5(एम)/ 20:7 टी.सी.-2 दिनांक 72.06.2020 (यथा-
संशोधित. शासनादेश... AeA 3955/77-6-2020-6(wA)/20i8 दिनांक
4.2.2020 Ud शासनादेश संख्या 4284/77-6-202-
5(एम)/20732टी.सी.(मेगा)-।. दिनांक 26.03.202) का. अनुपालन करना
आवश्यक होगा।
3. पूंजीगत निवेश के मदों में आवेदक द्वारा कतिपय सम्पत्तिया दर्शायी गयी है,
जो कि नियमावली के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HATA हैं, अतः
पूंजीगत निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को पूंजीगत निवेश में
सम्मिलित न किये जाने के कारण इकाई की श्रेणी A यदि कोई परिवर्तन होगा
तो इसका दायित्व आवेदक का ही होगा।
4. लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी हो जाने के पश्चात परियोजना मैं निवेश हेतु कट-ऑफ
तिथि मैं परिवर्तन हेतु आवेदन केवल एक बार ही पर्याप्त कारणों के साथ
प्रस्तुत किया जा सकेगा।
5. कम्पनी द्वारा सी.आर. क्वायल एवं एच0आर0 Fase का ओपेन मार्केट
विक्रय किया जाना भी प्रस्तावित है। ऐसे विक्रय किये जाने वाले उत्पाद के
सम्बन्ध में भी एस0ओए0पी0 शासनादेश दिनांक 2.6.2020 के प्रावधान लागू
होंगे जिनमें अन्य के अलावा शपथ पत्र लिए जाने की व्यवस्था है।
6. सभी Distinct एवं. “Related person" संव्यवहारों पर भुगतान किये गये नेट
राज्य जी0एएस0टी0 की प्रतिपूर्ति की अनुमन्यता का मूल्यांकन औद्योगिक
विकास विभाग द्वारा निर्गत/निर्गत किये जाने वाले दिशा निर्देशों के अनुसार
किया जाएगा।
इम्पावर्ड कमेटी की संस्तुति
कमेटी दूवारा कम्पनी के प्रस्ताव पर विचार विमर्श के उपरान्त प्रशासकीय
विभाग की संस्तुतियों के आधार पर कम्पनी के पक्ष में तालिका-6 में क्रम संख्या , 2,
3 एवं 4 पर उल्लिखित सुविधाओं हेतु afa-20:7 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावलत्नी
के अन्तर्गत प्राविधानित सीमाओं के भीतर एवं शर्तों के अनुसार लेटर ऑफ कम्फर्ट
निर्गत किये जाने पर सहमति व्यक्त की गयी एवं तद्नुसार अभिमत को समिति cant
AIO मंत्रिपरिषद के अनुमोदन हेतु संस्तुत किया गया।
(7) एजेण्डा बिन्दु संख्या-8- मेसर्स At बेवरेजेज feo, जिला हापुड़ (पश्चिमांचल
क्षेत्र)
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
शासनादेश संख्या-35/77-6-2022-6 (VA)/208 टी.सी.-4 दिनांक 7.4.2022 के
अनुपालन A AGH मून बेवरेजेज लि0 को जिला हापुड़ (पश्चिमांचल क्षेत्र) में पूर्व
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |स्थापित इकाई कारबोनेटेड सॉफ्ट ड्रिक्स, ड्रिन्किंग वाटर एवं सोलर पावर प्लांट के
विस्तारीकरण/विविधीकरण हेतु BO 97.42 करोड़ पूंजी निवेश (अहँ पूंजी निवेश रू0
69.49 करोड़) के माध्यम से एक नयी परियोजना की स्थापना हेतु औद्योगिक निवेश
एवं रोजगार प्रोत्साहन aAiA-20I7 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावली के अन्तर्गत
लेटर आफ कम्फर्ट दिनांक 7..2022 को निर्गत किया गया था जिसके cant विभिन्न
सुविधाएं (जमा की गयी नेट एस0जी0एसए0टी0 की प्रतिपूर्ति एवं पूँजीगत ब्याज उपादान
की प्रतिपूर्ति) अनुमोदित की गयी थी। विस्तारीकरण/विविधीकरण के पश्चात कम्पनी के
उत्पादों की क्षमता निम्नवत प्रस्तावित हैः-
Products Capacity (MT Per Month
Existing Proposed Total
Carbonated Soft Drinks 68,600 46,200 ,4,800
Drinking Water - 20,900 20,900
Fruit Juices 27,358 - ary | 27,358
Synthetic Flavoured Syrups 558 -_ ww | 558
Solar Power Plant Re 4 MW 4 MW
कम्पनी दूवारा परियोजना का. वाणिज्यिक उत्पादन 37..2022 को किया जाना
प्रस्तावित था।
कम्पनी GANT अपने विभिन्न पत्रों के माध्यम से अवगत कराया गया कि कोविड
के कारण उनका सिविल वर्क एवं स्थानीय संयंत्रों की आपूर्ति प्रभावित हुई है एवं
निम्नवत निवेदन किया गया हैः-
L. उनकी परियोजना को एक चरण के स्थान पर दो चरणों में स्थापित करने हेतु
अनुमोदन प्रदान किया जाए।
2. संशोधित लेटर आफ कम्फर्ट निर्गत किया जाए।
3. संशोधित लेटर आफ कम्फर्ट निर्गत किये जाने की तिथि से अप्रैजल नोट प्रस्तुत
करने हेतु 3 महीने का समय प्रदान किया जाए।
कम्पनी gant पुनरीक्षित परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी जिसके अनुसार
Moray ढंग से किये जाने वाले निवेश का विवरण निम्नवत हैः-
Phase-wise Product & Capacity
Products Capacity (in MTs per month
Existing |Proposed Total
Phase I Phase II
Carbonated Soft Drinks 68,600 46,200 Pp ” 4,4,.800
Drinking Water FO | 20,900 20,900
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |Fruit Juices 27,358 pe pe 27,358
Synthetic Flavoured Syrups 558 pe Pp ” 558
Captive Solar Power Plant FO 4 MW FO 4M
Cost of Project
Rs. in crores
Particulars As per approved|Revised Proposal
proposal Phase! [Phase II Total
Land |... 0.00. 0.00... 0.00... 0.00
Building & Civil 8.25 6.04 2.2 8.25
Construction
Plant & Machiner [47.84 0.2 46.72 [47.84
and MFA
Solar Power Plant of 4 ]3.40 ]3.40 oe ]3.40
MW
Sub Total (A) 69.49 420.56 48.93 69.49*
Interest During 2.93 .75 ].8 2.93
Construction Period
Working Capital 25.00 5.00 0.00 25.00
Requirement
Sub Total (B) 27.93 46.75 .8 27.93
Total 97.42 437.74 60. 497.42
कम्पनी GIR प्रस्तावित परियोजना A निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक
9.4.202। चुनी गयी है एवं पुनरीक्षित 3g स्थायी पूंजी निवेश BO 69.49 करोड़ के
सापेक्ष रू0 78.80 करोड़ का निवेश (सत्यापन के अधीन) कर परियोजना के प्रथम एवं
ald चरण का वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक 30.4.2022 एवं 6.2.2022 क्रमश:
प्रारम्भ किये जाने की सूचना उपलब्ध करवाई गई है।
कम्पनी द्वारा किसी अतिरिक्त सुविधा की मांग नहीं की गयी है। अतः पूर्व मैं
निर्गत लेटर आफ HEHE CANT कम्पनी को अनुमोदित सुविधाएं यथावत रहेंगी |
तदनुसार पुनरीक्षित परियोजना रिपोर्ट एवं समेकित (Integrated Project)
परियोजना के समर्थन A उपलब्ध कराए गये अभिलेखों के आधार पर नोडल Woes
CERT कम्पनी के आवेदन पर विचार किये जाने की निम्नवत संस्तुति की गयी हैः-
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |l. उनकी परियोजना को एक चरण के स्थान पर दो चरणों में स्थापित करने हेतु
अनुमोदन प्रदान किया जाए।
2. संशोधित लेटर आफ कम्फर्ट निर्गत किया जाए।
3. संशोधित लेटर आफ कम्फर्ट निर्गत किये जाने की तिथि से अप्रैजल नोट प्रस्तुत
करने हेतु 3 महीने का समय प्रदान किया जाए।
इम्पावर्ड कमेटी की संस्तुति
कमेटी GANT कम्पनी के प्रस्ताव पर विचार विमर्श के उपरान्त प्रशासकीय विभाग
की संस्तुतियों के आधार पर कम्पनी के पक्ष में नीति-207 के क्रियान्वयन सम्बन्धी
नियमावली के अन्तर्गत प्राविधानित सीमाओं के भीतर एवं शर्तों के अनुसार संशोधित
लेटर ऑफ HEHE निर्गत किये जाने पर सहमति व्यक्त की गयी एवं तदनुसार अभिमत
को समिति दूवारा मा. मंत्रिपरिषद के अनुमोदन हेतु संस्तुत किया गया।
(8)... एजेन्डा बिन्दु संख्या 9- Aad बृन्दावन vat इण्डस्ट्रीज प्रा0 लि0, जिला
मथुरा (पश्चिमांचल क्षेत्र)
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
मेसर्स बृन्दावन एग्रो इण्डस्ट्रीज प्रा0 लि0 द्वारा जिला मथुरा (पश्चिमांचल क्षेत्र) में
पूर्व स्थापित कारबोनेटेड सॉफ्ट Bra एवं वाटर इकाई के विस्तारीकरण/ विविधीकरण
हेतु BO 348.90 करोड़ पूँजी निवेश (अहँ पूँजी निवेश BO 265.20 करोड़) के माध्यम से
एक परियोजना स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। विस्तारीकरण/विविधीकरण के पष्चात
इकाई की उत्पादन क्षमता निम्नवत होगीः-
Products Capacity (in no. of Crates per annum
No. Existing Proposed Grand
Total
Phase I Phase II /Total
i. jAerated Waterj2,26,90,000 ।,20,00,000 ,20,00,000 |3,46,90,000
(CSD Pet Line)
2. |Water 27,50000 -| + —- ~~ |27,50,000
2. |Fruit or व 36,00,000 व 36,00,000 |36,00,000
Vegetable Juices
(Tetra Pack Line)
3. {Fruit fo oo 90,00,000 |90,00,000 |90,00,000
Vegetable Juices
(Juice Hot Fill)
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |उक्त परियोजना हेतु कम्पनी दूवारा औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन
afa-207 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्नी के अन्तर्गत निम्नलिखित सुविधाओं
हेतु आवेदन किया गया हैः-
तालिका-7
क्र0सं0 आवेदित सुविधा नियमावली के. अन्तर्गत, सुविधाओं F
नुमन्य
L. a की... गई... नेटानियमावलत्री के प्रस्तर 3.2 के अनुसार जमा की
एसएजी0एएस0 ao 8 कींगई नेट एस0जी0एएस0 AO की 70 प्रति
प्रतिपूर्ति | प्रतिपूर्ति 0 वर्षों हेतु अनुमन्य है।
कम्पनी इस सुविधा हेतु He है।
2. कर्मचारी. भविष्य... निधिनियमावत्री के प्रस्तर 3.3 के अनुसार सर्भ
(इ0पी0एफ0) की प्रतिपूर्ति। पात्र नये औद्योगिक उपक्रमों, जिनमें 00 2
उससे अधिक अकुशल श्रमिकों को yeas
रोजगार उपलब्ध कराया गया हो, को Sete
द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि (ई0पी0एफ0) में
श्रमिकों के पक्ष में जमा की गयी नियोव
योगदान की राशि की 50 प्रतिशत धनराशि A
प्रतिपूर्ति वाणिज्यिक उत्पादन की तिथि से
तीन वर्ष के पश्चात अगले 5 at हेतु
अनुमन्य है।
चूँकि. कम्पनी... द्वारा. परियोजना. मैं
विस्तारीकरण/विविधीकरण किया
प्रस्तावित है, अतः कम्पनी इस सुविधा हेतु se
नही है।
3. पूंजीगत ब्याज उपादान कीनियमावल्ली के प्रसुतर-3.5.] के अनुसार cell
प्रतिपूर्ति एवं मशीनरी के लिए वितरित सावधिक ऋण
पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्याज अथव
5 प्रतिशत की ब्याज दर से fear ae
भुगतान, जो भी कम हो, 5 वर्ष तक GF
ब्याज उपादान प्रतिपूर्ति की. सुविधा इस
प्रतिबंध के साथ अनुमन्य है कि सुविधा वि
अधिकतम वार्षिक सीमा रू. 50.00 लाख से
अधिक नहीं होगी।
कम्पनी इस सुविधा हेतु अर है।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |अवस्थापना ब्याज उपादा० नियमावली के WE 3.5.2 के. Hele
की प्रतिपूर्ति अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु लिये गये
ऋण पर भुगतान किये गये वास्तविक ब्य
अथवा 5 प्रतिशत की ब्याज दर से किया az
भुगतान, जो. भी कम हो, 5 वर्ष तक
अवस्थापना ब्याज उपादान प्रतिपूर्ति की सुविष
इस प्रतिबन्ध के साथ sees है कि iat
की अधिकतम सम्पूर्ण सीमा रू0 करोड़ से
अधिक नही होगी।
कम्पनी इस सुविधा हेतु आह है।
औद्योगिक अनुसंधान, उत्प नियमावत्री के WE 3.5.3 के औद्योगिक
की Wad सुधार qअनुसंधान, उत्पाद की. गुणवत्ता सुधार एवं
fant am far ब्य विकास के. लिए. औद्योगिक. संगठनों,
उपादान की प्रतिपूर्ति औद्योगिक इकाइयों के समूह cant eee
लैब, Falferel सर्टिफिकेशन लैब Ud टूलरूम
स्थापित करने हेतु प्लांट, मशीनरी एवं
इक्यूपमेण्ट्स पर किये जाने वाले व्यय हेतु
लिये गये ऋण पर भुगतान किये. गये
वास्तविक ब्याज अथवा 5 प्रतिशत की ब्य
दर से किया गया भुगतान, जो भी कम हो, 5
वर्ष तक ब्याज प्रतिपूर्ति की सुविधा इस
प्रतिबन्ध के साथ उपलब्ध करायी जायेगी वि
सुविधा की अधिकतम सम्पूर्ण सीमा BO 7
करोड़ से अधिक नही होगी।
चूंकि. केवल. औद्योगिक . संगठन. एवं
औद्योगिक इकाइयों के समूह इस सुविधा हेतु
अहँ हैं, अतः कम्पनी इस सुविधा हेतु अहँ नहीं
है।
प्लांट, निर्माण सामग्री एवंनियमावली के WE 3.5.7 के. अनुस
अन्य पूंजीगत माल इत्याटठि उद्योग/ उपक्रम, जोकि जी.एस.टी. व्यवस्था वे
अपात्र इनपुट टैक्स She अन्तर्गत इनपुट टैक्स क्रेडिट हेतु अपात्र है, क्रय
की प्रतिपूर्ति किये गये यंत्र एवं सयंत्र, निर्माण सामग्री एवं
निर्माण और प्रचलन (कमीशनिंग) अवधि में
क्रय किये अन्य पूंजीगत/कच्चे माल इत्याठि
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |दि, जमा किये गये जी.एस.टी. की प्रतिपू
हेतु अहँ होंगे। सम्पूर्ण पात्र पूंजी निवेश की
गणना के समय इस प्रकार की राशि पूंः
निवेश में सम्मिलित की जायेगी।
कम्पनी इस सुविधा हेतु आह है।
पश्चिमांचल क्षेत्र मैं मेगा श्रेणी हेतु BO 50 करोड़ से अधिक किन्तु 300 करोड़
से कम के पूँजी निवेश एवं 5 वर्ष की निवेश अवधि का प्राविधान है। साथ ही
औद्योगिक उपक्रम को देय वित्तीय सुविधाओं की सीमा नियमावलत्ली के प्रावधानों के
अन्तर्गत HAY पूँजी निवेश की अधिकतम सीमा से अधिक नही होगी।
कम्पनी GIR प्रस्तावित परियोजना A निवेश प्रारम्भ करने की तिथि दिनांक
.4.2022 चुनी गयी है एवं परियोजना के प्रथम चरण का वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक
.4.2023 को प्रारम्भ कर लिया गया है एवं द्वितीय चरण का वाणिज्यिक उत्पादन
जनवरी, 2024 मैं किया जाना प्रस्तावित है। उपलब्ध कराये गये विवरण के अनुसार
कम्पनी दूवारा परियोजना में He पूँजी निवेश के अन्तर्गत BO 74.37 करोड़ का निवेश
कर लिया गया है।
पूंजीगत निवेश के मदों में आवेदक cant कतिपय सम्पत्तियां दर्शायी गयी है, जो
कि नियमावलत्ली के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HAA हैं, अतः यह स्पष्ट
किया जा रहा है कि पूंजीगत निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को पूंजीगत निवेश
में सम्मिलित न किये जाने के कारण इकाई की श्रेणी A यदि कोई परिवर्तन होगा तो
इसका दायित्व आवेदक का ही होगा।
dean उपलब्ध कराए गये अभिलेखों के आधार पर नोडल एजेन्सी द्वारा
कम्पनी की प्रस्तावित परियोजना हेतु तालिका 7 के क्रम संख्या 7, 3, 4 एवं 6 पर
आवेदित सुविधाओं के सम्बन्ध में लेटर आफ कम्फर्ट निर्गत किए जाने की निम्न शर्तों
के अधीन विचार किये जाने का प्रस्ताव किया गया है:-
l. सभी arg सुविधाएं औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन afa-20i7 के
क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावत्ली के प्रस्तर-3 के अनुसार उपलब्ध करायी
जायेंगी |
2. कम्पनी GANT मानक परिचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) सम्बन्धी शासनादेश संख्या
395/77-6-2020-5(एम)/ 207 टी.सी.-2 दिनांक (2.06.2020 (यथा-संशोधित
शासनादेश संख्या 3955/77-6-2020-6(एम)/208 दिनांक (4.2.2020 एवं
शासनादेश. संख्या (284/77-6-2027-5(tA)/20i3 टी.सी.(मेगा)-।. दिनांक
26.03.202) का अनुपालन करना आवश्यक होगा।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3. लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी हो जाने के पश्चात परियोजना में निवेश हेतु कट-ऑफ
तिथि A परिवर्तन हेतु आवेदन केवल एक बार ही पर्याप्त कारणों के साथ प्रस्तुत
किया जा सकेगा।
पूंजीगत निवेश के मदों में आवेदक cant कतिपय सम्पपत्तियाँ दर्शायी गयी है, जो
कि नियमावली के संगत प्राविधान (2.3.2) के अनुसार HATA हैं, अतः पूंजीगत
निवेश के सत्यापन के दौरान ऐसे मदों को पूंजीगत निवेश में सम्मिलित न किये
जाने के कारण इकाई की श्रेणी में यदि कोई परिवर्तन होगा तो इसका दायित्व
आवेदक का ही होगा।
. चूँकि कम्पनी द्वारा उत्पादित माल. ar 00 प्रतिशत बिक्रय AO
एस0एल0एम0जी0 बेवरेजेज WTO लि0 (जोकि आवेदक कम्पनी की. Related
Party है) को किया जाना प्रस्तावित है, कम्पनी को एस0जी0एस0टी0 प्रतिपूर्ति
के Flea के साथ निम्नलिखित संगत अभिलेख (जैसा कि एजेण्डा नोट में
प्रस्तावित है) उपलब्ध करवाने होगें:-
5.. §raldel CART एस0एल0एम0जी0 को उत्पादित माल का विक्रय विशिष्ट
जी0एस0टी0 आई0एन0 पर किया जाएगा जिससे कि एस0एल0एम0जी0 दूवारा
क्रय किये गये माल का एवं एस0एल0एम0जी0 GANT अपने वितरकों को विक्रीत
माल का ट्रैक रखा जा सके।
5.2. यह सुनिश्चित करने के लिए कि बृन्दावन दूवारा एस0एल0एम0जी0 को
विक्री माल अपने वितरकों को केवल उत्तर प्रदेश में ही विक्रय किया गया है,
बृन्दावन एवं एस0एल0एम0जी0 के मध्य लेन देन हेतु बृन्दावन द्वारा सत्यापित
Reconciliation उपलब्ध कराना होगा।
5.3 शासनादेश दिनांक 2.6.2020 के क्रम में एक पृथक शपथ
पत्र/अण्डरटेकिंग एस0एल0एम0जी0 दूवारा उपलब्ध कराना होगा जिसके माध्यम
से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बृन्दावन से क्रय किया गया माल केवल
उ0प्र0 मैं ही विक्रय किया गया है।
5.4 बृन्दावन GANT उत्पादित माल हेतु बृन्दावन एवं एस0एल0एम0जी0 दूवारा
अपना-अपना विक्रय मूल्य उपलब्ध करायेंगे एवं यह दर्शाने के लिए एक समेकित
रिपोर्ट प्रदान करेंगे कि समान उत्पादित माल के लिये बृन्दावन का सेल्स col
ओवर एस0एल0एम0जी0 के सेल्स टर्न ओवर से कम है। ऐसे सेल्स टर्न ओवर
को प्रमाणित कर उपलब्ध कराया जाएगा।
5.5. बृन्दावन द्वारा विक्रय के बाद उत्पादित माल की आवाजाही को ट्रैक करने
के लिये रिकार्डस में बैच नम्बर, कंसाइनमेंट नम्बर आदि होंगे।
5.6 पुष्टीकरण के लिये बृन्दावन दूवारा यह प्रमाण पत्र दिया जाएगा कि
बृन्दावन एवं एस0एल0एम0जी0 के मध्य सभी लेन देन वास्तविक और प्रमाणिक
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |हैं एवं सम्बन्धित व्यक्ति (related person) संव्यवहार (Transactions) आर्म्स
ay सिद्धान्तों के अनुपालन में किये गये हैं।
5.7 शासनादेश दिनांक 2.6.2020 के क्रम A बृन्दावन द्वारा एक पृथक
शपथ पत्र/अण्डरटेकिंग उपलब्ध कराया जाएगा जिसके माध्यम से यह सुनिश्चित
किया जाएगा कि उनके GANT एस0एल0एम0जी0 को विक्रीत उत्पादित माल का
अन्तिम विक्रय उत्तर प्रदेश A ही हुआ है एवं ऐसे उत्पादित माल के विक्रय के
सापेक्ष ही सुविधाएं goat की गयी हैं।
5.8 बृन्दावन एवं एस0एल0एम0जी0 के बीच सभी संव्यवहार (transaction)
आयकर अधिनियम, 7964 की धारा 92 बी0ए0 और आयकर नियमों के साथ-
साथ आयकर अधिनियम, 7967 की धारा (45 बी0ए0बी0 दूवारा शासित होंगे
जिससे यह सुनिश्चित होगा कि निर्दिष्ट संव्यवहार (transaction) आर्म्स लेंथ
(arms-length) कसौटी को पूर्ण करते हैं। यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि
बृन्दावन एवं एस0एल0एम0जी0 के बीच संव्यवहार (transaction) में कोई हेरफेर
(manipulatons)/PfaA वृद्धि (inflation) न हो। बृन्दावन को वार्षिक आधार पर
एस0एल0एम0जी0 के सम्बन्ध में आयकर अधिनियम, 96। की धारा 745
बी0ए0बी0 (सहपठित धारा 9280) के अन्तर्गत चार्ट्ड एकाउन्टेन्ट से एक रिपोर्ट
उपलब्ध करायी. जायेगी जो. यह प्रमाणित करेगी कि. बृन्दावन एवं
एस0एल0एएम0जी0 के बीच सभी संव्यवहार (transaction) औआर्म्स लेंथ एवं
वास्तविक है।
इम्पावर्ड कमेटी की संस्तुति
कमेटी GANT कम्पनी के प्रस्ताव पर विचार विमर्श के उपरान्त प्रशासकीय विभाग
की संस्तुतियों के आधार पर कम्पनी के पक्ष में तालिका-7 में क्रम संख्या , 3, 4 एवं
6 पर उल्लिखित सुविधाओं हेतु नीति-207 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावली के
अन्तर्गत प्राविधानित सीमाओं के भीतर एवं शर्तों के अनुसार लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत
किये जाने पर सहमति व्यक्त की गयी एवं तद्नुसार अभिमत को समिति द्वारा मा0
मंत्रिपरिषद के अनुमोदन हेतु संस्तुत किया गया।
(9) एजेन्डा बिन्दु संख्या ii- मेसर्स एग्रिस्टो मासा प्रा्लि0, जिला बिजनौर
(पश्चिमांचल क्षेत्र)
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
शासनादेश AEA-33/77-6-2022-6(VA)/20i8 टी.सी.-4 दिनांक 7..2022 के
अनुपालन में aAfA-20I7 के अन्तर्गत मेसर्स एग्रिस्टो मासा WOO को जिला बिजनौर
(पश्चिमांचल क्षेत्र) में फूड प्रोसेसिंग काम्पलेक्स हेतु BO 428.56 करोड़ पूंजी निवेश (अहँ
पूँजी निवेश रू0 349.57 करोड़) के माध्यम से एक नयी परियोजना 3 चरणों मैं
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |स्थापित किये जाने हेतु लेटर आफ कम्फर्ट दिनांक 7.4.2022 निर्गत किया गया था
जिसके द्वारा विभिन्न सुविधाएं अनुमोदित की गयी थी।
कोरोना के कारण कम्पनी की प्रस्तावित परियोजना की स्थापना मैं देरी हुई और
बाजार परिद्टश्य एवं माँग की अपेक्षा मैं बदलाव के कारण कम्पनी के प्रबन्धन द्वारा
वर्तमान स्तर पर परियोजना को अन्तिम रूप देने एवं वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने
का निर्णय लिया गया। तद्नुसार कम्पनी दूवारा परियोजना को अन्तिम रूप से बन्द कर
वर्तमान स्तर पर परियोजना का वाणिज्यिक उत्पादन 7.6.2022 से प्रारम्भ कर लिया
गया है।
उपलब्ध कराये गये अभिलेखों के अनुसार परियोजना के वाणिज्यिक उत्पादन शुरू
करने की तिथि (दिनांक 34.5.2022) तक रू0 54.87 करोड़ का निवेश किया गया
है।
उपलब्ध कराये गये निवेश के विवरण के परीक्षण से यह ज्ञात हुआ कि उक्त
निवेश में इण्टीरियर वर्क, स्टाफ एकोमोडेशन आदि में रू0 5.57 करोड़ से अधिक का
निवेश सम्मिलित है जो कि fraarach-207 के अनुसार He पूँजी निवेश नहीं है। इस
निवेश को कम्पनी द्वारा परियोजना में किये गये कुल पूँजी निवेश BO 57.87 करोड़
से घटाने पर, कम्पनी की परियोजना पश्चिमांचल क्षेत्र (एजेण्डा नोट मैं त्रुटिवश
गौतमबुदूध नगर एवं गाजियाबाद क्षेत्र अंकित हो गया है) में मेगा श्रेणी के लिए
निर्धारित पूँजी निवेश सीमा (रू0 50 करोड़ या अधिक) की आवश्यकता को पूर्ण नहीं
करती है। कम्पनी की परियोजना पर वृहद श्रेणी के अन्तर्गत विचार किया जा सकता
है।
l. नीति-207 की वैधता दिनांक 2.0.2022 को समाप्त हो गयी है एवं इस
नीति के अन्तर्गत कोई नया आवेदन नहीं लिया जा रहा है।
2. औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन aAla-20I7 के क्रियान्वयन सम्बन्धी
नियमावली के प्रस्तर 4.7 में निम्नवत प्राविधानित है:-
परियोजना के पैरामीटर्स में परिवर्तनः औद्योगिक उपक्रमों cant परियोजना की प्रकृति
अथवा परियोजना लागत में परिवर्तन/बदलाव जिससे इसकी श्रेणी मे परिवर्तन उत्पन्न
हो, लेटर ऑफ कम्फर्ट की शर्तों में परिवर्तन, इत्यादि हेतु दिये गये आवेदन का नोडल
संस्था द्वारा स्वयं अथवा बाह्य सक्षम संस्था के माध्यम से परीक्षण कर स्वीकृति
प्राधिकारी के विचार हेतु प्रस्तुत किया जायेगा, जिनका निर्णय अन्तिम होगा।
कम्पनी दूवारा प्रेषित ई.मेल दिनांक 27.4.2023 के माध्यम से .6.2022 के
पश्चात परियोजना में किए गये अतिरिक्त पूँजी निवेश BO 76.58 करोड़ को उनकी
परियोजना लागत में सम्मिलित करने हेतु अनुरोध किया गया था जिसे बाद A ई.मेल
दिनांक 26.4.2023 के माध्यम से वापस ले लिया गया एवं यह अनुरोध किया गया कि
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |पूर्व में प्रस्तुत चार्टड एकाउन्टेंट cant प्रमाणित निवेश के आधार पर परियोजना की
श्रेणी डाउनग्रेडे कर आवेदन को अन्तिम रूप प्रदान किया जाए।
उपरोक्त तथ्यों के इृष्टिगत नोडल एजेन्सी GANT यह मत व्यक्त किया गया कि
समिति कम्पनी की परियोजना को डाउनग्रेड करने हेतु कम्पनी के आवेदन पर विचार
किया जाए एवं नियमावल्ली के अन्तर्गत वृहद श्रेणी हेतु गठित स्वीकृत समिति कम्पनी
की परियोजना का परीक्षण कर स्वीकृति प्रदान की जाए।
इम्पाव्ड कमेटी की संस्तुति-
कम्पनी के प्रस्ताव पर विचार विमर्श के उपरान्त पूर्व में निर्गत लेटर ऑफ
pepe निरस्त किये जाने पर समिति द्वारा मा0 मंत्रिपरिषद के अनुमोदन हेतु संस्तुत
किया गया। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि आवेदक के उक्त प्रस्ताव पर AIO
मंत्रिपरिषद के अनुमोदन की प्रत्याशा में, नोडल संस्था द्वारा कम्पनी का वृहद श्रेणी के
अन्तर्गत प्रस्ताव 75 दिन मैं प्राप्त कर सक्षम स्वीकृति समिति के समक्ष प्रस्तुत किया
जाये।
(0) एजेन्डा बिन्दु संख्या i2- मेसर्स जेकेसेम (Acca) लि0, जिला प्रयागराज
(पूर्वांचल क्षेत्र)
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
शासनादेश संख्या 26/2022/480/ 7 /7-6-2022-6099/36/202 दिनांक
|7.6.2022 के अनुपालन में aAfa-207 के अन्तर्गत AGH जेकेसेम (सेन्ट्रल) लि0 को
जिला प्रयागराज (पूर्वांचल क्षेत्र) मैं सीमेन्ट उत्पादन हेतु BO 380.23 करोड़ पूंजी निवेश
के माध्यम से एक नयी परियोजना स्थापित करने हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट दिनांक
2.2.2023 निर्गत किया गया था जिसके दूवारा विभिन्न सुविधाएं अनुमोदित की गयी
थी।
कम्पनी CANT उपरोक्त आवेदन के समय यह अवगत कराया गया था कि आवेदक
कम्पनी (HAA (Arce) लि0) AO जे0के0 सीमेंट लि0 की 00 प्रतिशत अनुषंगी
कम्पनी है। आवेदक कम्पनी द्वारा एन0सी0एल0टी0 में AO SOHO सीमेंट लि0 के साथ
समामेलन (amalgamation) हेतु आवेदन प्रस्तुत किया. गया. sl समामेलन
(amalgamation) के पश्चात आवेदक कम्पनी AO SOHO सीमेंट लि0 के नाम से जानी
जायेगी।
चूंकि आवेदक कम्पनी AO मेसर्स जेकेसेम (सेन्ट्रल) लि0 का AO जे0के0 सीमेंट
ल्रि0 के साथ समामेलन (amalgamation) Wedlidad था. अतः शासनादेश दिनांक
7.6.2022 के अनुपालन में निर्गत लैटर ऑफ कम्फर्ट में निम्नलिखित शर्तों का का भी
समावेश किया गया थाः:-
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |l. हस्तांतरणकर्ता मेसर्स जेकेसेम (Arca) लि0 एवं हस्तांतरी AO जे0के0 सीमेंट
fro की समस्त इकाईयों को, जिनको विभिन्न नीतियों के अन्तर्गत Aer ऑफ
कम्फर्ट निर्गत किये गये हैं, स्वतंत्र बुक्स ऑफ एकाउन्ट्स रखने होंगे।
2. हस्तांतरणकर्ता एवं हस्तांतरी को इकाईयों से सम्बन्धित इनपुट टैक्स क्रेडिट को
सम्बन्धित इकाईयों A Reel करके रखना होगा।
3. हस्तांतरणकर्ता एवं हस्तांतरी इकाईयों में उत्पादन में वृद्धि इन इकाईयों में
निर्गत किये गये एल0ओएसी0 के आधार पर किये गये पूंजी निवेश पर आधारित
होगी न कि हस्तांतरणकर्ता एवं हस्तांतरी इकाईयों में समामेलन के कारण होगी।
4. हस्तांतरणकर्ता एवं हस्तांतरी कम्पनियों को दी जाने वाली सुविधायें नियमावली
207 एवं समय-समय पर जारी एस0ओएपी0 के शासनादेशों एवं प्रदेश सरकार
की अन्य नीतियों के प्राविधानों के अनुसार होंगी।
5. अन्य विस्तृत शर्तें औद्योगिक विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन से अनुमोदन के
पश्चात एल0ओएसी0 में सम्मिलित की जायेंगी।
तद्नुसार उपरोक्त शर्तों एवं अन्य आवश्यक शर्तों के साथ निम्न शर्त को
सम्मिलित करते हुए मेसर्स जेकेसेम (eget) लि0 को जिला प्रयागराज (पूर्वांचल क्षेत्र) मैं
सीमेन्ट उत्पादन हेतु परियोजना स्थापित करने हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट दिनांक
2.2.2023 fasta किया गया था:-
That the Transferee Company shall file an affidavit before NCLT bringing on
record all the conditions mentioned herein while approaching for approval
of proposed Amalgamation Scheme under intimation to Nodal Agency/GoUP.
शासनादेश... संख्या... 283/77-6-202-5(TA)/20I3Er.a7.(AeT)- Peete
3.6.202। के अनुपालन A नीति-2020 के अन्तर्गत AGH जेकेसेम (Arca) लि0 को
जिला हमीरपुर (बुन्देलखण्ड क्षेत्र) में सीमेन्ट उत्पादन हेतु BO 38.22 करोड़ पूंजी
निवेश के माध्यम से एक नयी परियोजना स्थापित करने हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट दिनांक
2.2.2023 निर्गत किया गया था जिसके दूवारा विभिन्न सुविधाएं अनुमोदित की गयी
थी।
कम्पनी CART पत्र दिनांक 28.03.2023 के माध्यम से अवगत कराया गया कि
ATO एन0एसी0एलएटी0 ने आदेश दिनांक 02.03.2023 gant AO जेकेसेम (सेन्ट्रल)
लि0 एवं AO जे0के0 सीमेंट लि0 के समामेलन (Amalgamation) की योजना को मंजूरी
प्रदान कर दी गयी है। समामेलन (Amalgamation) के पश्चात AO जेकेसेम (Acca)
लि0 का पूरा उपक्रम AO जे0के0 सीमेंट लि0 के स्वामित्व के अन्तर्गत होगा तदनुसार
कम्पनी CART निम्नवत अनुरोध किया गयाः-
l. . समामेलन (Amalgamation) आदेश दिनांक 02.03.2023 को रिकॉर्ड पर लिया
जाये।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2. मे0 जेकेसेम (सेन्ट्रल) लि0 की प्रयागराज स्थित इकाई के पक्ष में अनुमोदित सभी
प्रोत्साहन/लाभ मे0 जे0के0 सीमेंट लि0 के पक्ष में जारी रखे जायें।
AO जेकेसेम (Gece) लि0 को निर्गत लेटर ऑफ कम्फर्ट दिनांक 24.02.2023
मैं लगायी गयी शर्त के सम्बन्ध में कम्पनी द्वारा अवगत कराया गया है कि चूंकि लेटर
ऑफ कम्फर्ट प्राप्त होने से पहले ही दिनांक 0.02.2023 को मा0 एन0सी0एल0टी0
द्वारा सुनवाई पूरी कर ली गयी थी, अतः AO जे0के0 सीमेंट लि0 (ट्रांसफरी कम्पनी)
दूवारा लेटर ऑफ कम्फर्ट में लगायी गयी. शर्त के अनुसार शपथ-पत्र AIO
एन0एसी0एल0टी0 के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जा सका। तदनुसार यह अनुरोध किया
गया कि कम्पनी को पिकप/शासन के समक्ष आवश्यक शपथ-पत्र यह इंगित करते हुए
प्रस्तुत करने हेतु अनुमोदन प्रदान किया जाये कि AO जे0के0 सीमेंट लि0 (ट्रांसफरी
कम्पनी) GAR लेटर ऑफ कम्फर्ट दिनांक 27.02.2023 मे उल्लिखित सभी शर्तों का
अनुपालन किया जायेगा।
AO जेकेसेम (सेन्ट्रल) लि0 wa AO जे0के0 सीमेंट लि0 के समामेलन
(amalgamation) के पश्चात AO जेकेसेम (सेन्ट्रल) TAO (ट्रांसफरी कम्पनी) को नीति-
207 एवं नीति-2020 के अन्तर्गत अनुमोदित सभी प्रोत्साहन/लाभ AO जे0के0 सीमेंट
लि0 (ट्रांसफरी कम्पनी) को उपलब्ध होंगे।
चूँकि लेटर ऑफ कम्फर्ट प्राप्त होने से पहले ही दिनांक 0.02.2023 को मा0
एन0सी0एल0टी0 द्वारा सुनवाई पूरी कर ली गयी थी, अतः AO जे0के0 सीमेंट लि0
(ट्रासफरी कम्पनी) को शासन के समक्ष आवश्यक शपथ-पत्र यह इंगित करते हुए प्रस्तुत
करने हेतु अनुमोदन प्रदान किया जाये कि AO जे0के0 सीमेंट लि0 (craw कम्पनी)
दूवारा लेटर ऑफ कम्फर्ट, दिनांक 27.02.2023 wa लेटर ऑफ कम्फर्ट
दिनांक 03.06.202 मे उल्लिखित सभी शर्तों का अनुपालन किया जायेगा।
इम्पाव्ड कमेटी की संस्तुति-
कमेटी GANT कम्पनी के प्रस्ताव पर विचार विमर्श के उपरान्त यह मत स्थिर
किया गया कि AO जेकेसेम (सेन्ट्रल) THO एवं AO SOHO सीमेंट लि0 के समामेलन
(amalgamation) के पश्चात AO जेकेसेम (सेन्ट्रल) THO (ट्रांसफरी कम्पनी) को नीति-
207 एवं नीति-2020 के अन्तर्गत अनुमोदित सभी प्रोत्साहन/लाभ AO जे0के0 सीमेंट
लि0 (ट्रांसफरी कम्पनी) को उपलब्ध होंगे। साथ ही AO जे0के0 सीमेंट लि0 (ट्रांसफरी
कम्पनी) GAR शासन के समक्ष आवश्यक शपथ-पत्र यह इंगित करते हुए प्रस्तुत किया
जायेगा कि AO SOHO सीमेंट लि0 (ट्रांसफरी कम्पनी) द्वारा लेटर ऑफ कम्फर्ट दिनांक
2.02.2023 एवं लेटर ऑफ कम्फर्ट दिनांक 03.06.202 मे उल्लिखित सभी शर्तों का
अनुपालन किया जायेगा।
तद्नुसार अभिमत को समिति द्वारा मा0 मंत्रिपरिषद के अनुमोदन हेतु संस्तुत
किया गया।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |एजेन्डा बिन्दु संख्या i4- मेसर्स कनोडिया ग्रुप आफ कम्पनीज
(0)
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
मेसर्स कनोडिया ग्रुप आफ कम्पनीज के पक्ष निम्नवत लेटर आफ कम्फर्ट निर्गत
किये गये हैं:-
lL. शासनादेश संख्या 2682/77-6-8-6(TA)/208 दिनांक 3.8.208 के अनुपालन
में नीति-207 के अन्तर्गत मेसर्स कनोडिया बिजनेस wO0 लि0 को जिला
फररूखाबाद (मध्यांचल क्षेत्र) में सीमेन्ट उत्पादन हेतु BO 364.69 करोड़ पूजी
निवेश के माध्यम से एक परियोजना स्थापित करने हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट
दिनांक 74.4.208 fasta किया गया था जिसके cant विभिन्न सुविधाएं
अनुमोदित की गयी थी।
शासनादेश संख्या 2682/77-6-8-6(VA)/208 दिनांक 37.8.20:8 के अनुपालन
में afa-20i7 के अन्तर्गत मेसर्स कनोडिया निर्माण सीमेंट w0 लि0 को जिला
फररूखाबाद (मध्यांचल क्षेत्र) में सीमेन्ट उत्पादन हेतु BO 364.69 करोड़ पूँजी
निवेश के माध्यम से एक परियोजना स्थापित करने हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट
दिनांक 74.4.208 fasta किया गया था जिसके cant विभिन्न सुविधाएं
अनुमोदित की गयी थी।
शासनादेश संख्या 2682/77-6-8-6(VA)/208 दिनांक 37.8.2048 के अनुपालन
में alfa-20i7 के अन्तर्गत मेसर्स कनोडिया सीमेंट इण्डस्ट्रीज WO TAO को
जिला प्रतापगढ़ (पूर्वांचल क्षेत्र) में सीमेन्ट उत्पादन हेतु BO 364.69 करोड़ पूंजी
निवेश के माध्यम से एक परियोजना स्थापित करने हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट
दिनांक 4..208 fasta किया गया था जिसके cant विभिन्न सुविधाएं
अनुमोदित की गयी थी।
शासनादेश संख्या 2682/77-6-8-6(VA)/208 दिनांक 37.8.2048 के अनुपालन
मैं cffa-20I7 के अन्तर्गत मेसर्स कनोडिया मैन्यूफैक्चरिंग oO लि0 को जिला
प्रतापगढ़ (पूर्वांचल क्षेत्र) में सीमेन्ट उत्पादन हेतु BO 364.69 करोड़ पूँजी निवेश
के माध्यम से एक परियोजना स्थापित करने हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट दिनांक
4..208 निर्गत किया गया था जिसके दूवारा विभिन्न सुविधाएं अनुमोदित
की गयी थी।
मेसर्स कनोडिया बिजनेस प्रा feo, मेसर्स कनोडिया निर्माण सीमेंट प्रा लि0,
मेसर्स कनोडिया सीमेंट इण्डस्ट्रीज प्रा लि0 एवं मेसर्स कनोडिया मैन्यूफैक्चरिंग प्रा0
लि0 दूवारा अवगत कराया गया कि सरकारी नीति में बदलाव एवं आयकर विभाग द्वारा
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |नई कर व्यवस्था लागू किये जाने के फलस्वरूप अपना आवेदन/लेटर आफ कम्फफर्ट वापस
ले रहे हैं।
मेसर्स कनोडिया ग्रुप आफ कम्पनीज दूवारा एक नयी कम्पनी AO कनोडिया aa
प्रा लरि0 निगमित (Incorporated) की गयी है जिसके पक्ष में निम्नवत लेटर आफ
कम्फर्ट निर्गत किये गये हैं:-
l. नीति-2020 के अन्तर्गत जिला अमेठी (पूर्वांचल क्षेत्र) में सीमेन्ट उत्पादन हेतु रू0
205.55 करोड़ पूंजी निवेश के माध्यम से एक परियोजना स्थापित करने हेतु
लेटर ऑफ कम्फर्ट दिनांक (8.8.202] निर्गत किया गया है जिसके दूवारा
विभिन्न सुविधाएं अनुमोदित की गयी हैं।
2. नीति-207 के अन्तर्गत जिला अमेठी (पूर्वांचल क्षेत्र) Ud जिला अलीगढ़
(पश्चिमांचल क्षेत्र) में सीमेन्ट उत्पादन हेतु प्रत्येक जिले में BO 259.32 करोड़
पूंजी निवेश के माध्यम से परियोजनाएं स्थापित करने हेतु दो लेटर ऑफ कम्फर्ट
दिनांक 7.7.2022 निर्गत किये गये है जिनके द्वारा विभिन्न सुविधाएं अनुमोदित
की गयी हैं।
नीति-207 के अन्तर्गत मेसर्स कनोडिया बिजनेस प्रा0 लि0, मेसर्स कनोडिया
निर्माण सीमेंट wo लि0, मेसर्स कनोडिया सीमेंट इण्डस्ट्रीज WO लि0 एवं मेसर्स
कनोडिया मैन्यूफैक्चरिंग प्रा0 लि0 को निर्गत लेटर आफ कम्फर्ट निरस्त किये जाने का
प्रस्ताव किया गया है।
इम्पाव्ड कमेटी की संस्तुति-
कमेटी द्वारा विचार विमर्श के उपरान्त मेसर्स कनोडिया बिजनेस प्रा0 लिए,
मेसर्स कनोडिया निर्माण सीमेंट प्राा लि0, मेसर्स कनोडिया सीमेंट इण्डस्ट्रीज प्राा लि0
एवं मेसर्स कनोडिया मैन्यूफैक्चरिंग oO लि0 को निर्गत लेटर आफ कम्फर्ट निरस्त
करने हेतु मा0 मंत्रिपरिषद के अनुमोदनार्थ संस्तुत किया गया।
(2) एजेन्डा बिन्दु संख्या i5- मेसर्स गैलेन्ट मैटेलिक्स लि0
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
शासनादेश संख्या 3958/77-6-20-6(TA)/20i8 दिनांक 4.42.2020 (संशोधित
शासनादेश संख्या (284/77-6-202-5(VA)/20i3E,.A.(AaM)-7 दिनांक 26.3.202। एवं
शासनादेश संख्या 979/77-6-2022-6099/428/202 दिनांक 5.5.2022) के अनुपालन
में afa-207 के अन्तर्गत मेसर्स गैलेन्ट मैटेलिक्स लि0 को जिला चन्दोली (पूर्वांचल
क्षेत्र) में इन्टीग्रेटेड स्टील प्लांट हेतु BO (39.00 करोड़ पूंजी निवेश के माध्यम से दो
चरणों में एक परियोजना स्थापित करने हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट दिनांक 4.4.202
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(संशोधित दिनांक 3.5.202। एवं 24.6.2022) निर्गत किया गया था जिसके दवारा
विभिन्न सुविधाएं अनुमोदित की गयी थी।
मेसर्स मेसर्स गैलेन्ट मैटेलिक्स लि0 द्वारा अपने पत्र दिनांक 3..2023 के
माध्यम से उपरोक्त लेटर आफ कम्फर्ट वापस लिया जा रहा है।
alid-207 के अन्तर्गत मेसर्स गैलेन्ट मैटेलिक्स लि0 को निर्गत लेटर आफ
कम्फर्ट निरस्त किये जाने का प्रस्ताव किया गया है।
इम्पाव्ड कमेटी की संस्तुति-
कमेटी GaN मेसर्स गैलेन्ट मैटेलिक्स लि0 को निर्गत लेटर आफ कम्फर्ट निरस्त
करने हेतु मा0 मंत्रिपरिषद के अनुमोदनार्थ संस्तुत किया गया।
(3) एजेन्डा बिन्दु संख्या i6 - मेसर्स जे0के0 toca एवं कोटिंग लि0, मथुरा
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
शासनादेश... संख्या. 0/2023/3244/77-6-2022-6099/35/202 दिनांक
30.2.2022 cant मेसर्स जे0के0 पेन्टस एवं कोटिंग लि0 को जिला मथुरा (पश्चिमांचल
ata) में नीति-207 के अन्तर्गत Wee उत्पादन हेतु BO 577.00 करोड़ पूंजी निवेश के
माध्यम से दो चरणों मैं एक परियोजना स्थापित करने हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत
किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया था जिसके gant विभिन्न सुविधाएं
अनुमोदित की गयी थी।
लेटर आफ कम्फर्ट निर्गत किये जाने से पूर्व कम्पनी CANT अवगत कराया गया
कि अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण उनके पेंट व्यवसाय की योजना संशोधित हो गई
है Ud तदनुसार उनके द्वारा एक पैंट कम्पनी एवं उसकी भिवाड़ी (राजस्थान) A स्थित
पेंट इकाई अधिग्रहण कर ली गयी है। कम्पनी अब मथुरा में पेंट इकाई की स्थापना नहीं
करना चाहती है। तद्नुसार उनके दूवारा नीति-207 के अन्तर्गत मथुरा में पेंट इकाई की
स्थापना हेतु लेटर आफ कम्फर्ट प्रदान किये जाने का प्रस्ताव वापस लिया जा रहा है।
alfa-207 के अन्तर्गत जे0के0 पेन्ट्स एवं कोटिंग TAO को शासनादेश दिनांक
30.2.2022 ant अनुमोदित लेटर आफ HEHE निरस्त किये जाने का प्रस्ताव किया
गया है।
इम्पाव्ड कमेटी की संस्तुति-
कमेटी दूवारा विचार विमर्श के उपरान्त मेसर्स जे0के0 Gece एवं कोटिंग लि0 को
अनुमोदित लेटर आफ कम्फर्ट निरस्त करने हेतु मा0 मंत्रिपरिषद के अनुमोदनार्थ संस्तुत
किया गया।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(4) एजेन्डा बिन्दु संख्या i7- Age श्री सीमेंट नार्थ प्रा0 लि0, एटा
नोडल संस्था का प्रस्ताव-
शासनादेश संख्या 33/77-6-2022-6 (एम)/208टी.सी.-4 दिनांक 7.4.2022 के
अनुपालन में मेसर्स श्री सीमेंट नार्थ प्रा लि0 को foto एटा (पश्चिमांचल क्षेत्र) में नीति-
20:7 के अन्तर्गत सीमेंट उत्पादन हेतु BO 650.48 करोड़ पूंजी निवेश के माध्यम से
एक परियोजना स्थापित करने हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किया गया था जिसके
Gant विभिन्न सुविधाएं अनुमोदित की गयी थी।
प्रशासकीय विभाग द्वारा कम्पनी के पत्र की छायाप्रति उपलब्ध करवायी गयी थी
जिसके माध्यम से कम्पनी दूवारा अवगत कराया गया कि उपरोक्त लेटर आफ कम्फर्ट
सरेंडर किया जा रहा है। लेटर आफ कम्फर्ट सरेंडर करने का कोई कारण पत्र में अंकित
नहीं किया गया है।
कम्पनी GIR उक्त परियोजना पुनरीक्षित कर नीति-2022 के अन्तर्गत सुविधाओं
हेतु आवेदन किया गया है।
alfa-207 के अन्तर्गत मेसर्स श्री सीमेंट नार्थ wo लिए को निर्गत लेटर आफ
कम्फर्ट निरस्त किये जाने का प्रस्ताव किया गया है।
इम्पावर्ड कमेटी की संस्तुति-
कमटी दूवारा मेसर्स श्री सीमेंट नार्थ wO लि0 को निर्गत लेटर आफ कम्फर्ट
निरस्त करने हेतु मा0 मंत्रिपरिषद के अनुमोदना्थ संस्तुत किया गया।
4- ... उपर्युकतानुसार वर्णित तथ्यों के आलोक में उत्तर प्रदेश अवस्थापना एवं
औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन नीति 20I7 एवं तदनुक्रम में निर्गत एस0ओएपी0 तथा
शासनादेश संख्या-323/77-6-2023-6099/85/2022 पार्ट-। दिनांक 06.0.2023
द्वारा निर्गत aided A उल्लिखित प्राविधानों, शर्तों wa प्रतिबन्धों के अधीन
एतदद्वारा श्री राज्यपाल प्रस्तर-3 क्रमांक-। से 8 पर अंकित इकाईयों को लेटर ऑफ
कम्फर्ट निर्गत किये जाने एवं क्रमांक-9, i, 2, 3 एवं 4 पर अंकित इकाईयों को
पूर्व में निर्गत लेटर ऑफ कम्फर्ट निरस्तर किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
क्रमांक-0 पर अंकित इकाई के संबंध में AO जेकेसेम (Acca) लि0 एवं AO
जे0के0 सीमेंट लि0 के समामेलन (amalgamation) के पश्चात AO जेकेसेम (Acca)
लि0 (ट्रांसफरी कम्पनी) को नीति-207 एवं नीति-2020 के अन्तर्गत अनुमोदित सभी
प्रोत्साहन/लाभ AO जे0के0 सीमेंट लि0 (ट्रांसफरी कम्पनी) को उपलब्ध होंगे। चूँकि लेटर
ऑफ HEHE प्राप्त होने से पहले ही दिनांक 0.02.2023 को मा0 एन0सी0एल0टी0
द्वारा सुनवाई पूरी कर ली गयी थी, अतः AO जे0के0 सीमेंट लि0 (ट्रांसफरी कम्पनी)
को शासन के समक्ष आवश्यक शपथ-पत्र यह इंगित करते हुए प्रस्तुत करने हेतु
अनुमोदन प्रदान किया जाये कि AO जे0के0 सीमेंट लि0 (craw कम्पनी) द्वारा लेटर
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |ऑफ कम्फर्ट दिनांक 27.02.2023 एवं लेटर ऑफ कम्फर्ट दिनांक 03.06.202 A
उल्लिखित सभी शर्तों का अनुपालन किया जायेगा।
भवदीय,
अनिल कुमार सागर
प्रमुख सचिव।
UEAT-5/2024/40/77-6-24-5(Wa)/I3ERA Voll) तदुदिनांक
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
PWN महालेखाकार, लेखा परीक्षा (प्रथम एवं द्वितीय) उ0प्र0, प्रयागराज।
मुख्य स्टॉफ आफिसर, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शसन।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 शासन।
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/वित्त, न्याय, नियोजन, आबकारी, श्रम, चीनी
उद्योग एवं गन्ना विकास, एमएसएमई, स्टाम्प एवं निबन्धन, राज्यकर विभाग,
उत्तर प्रदेश शासन।
5. आयुक्त एवं सचिव, अध्यक्ष, उ0प्र0 राजस्व परिषद, लखनऊ
6. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यू0पी0|
7. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीसीडा/ यूपीडा/ नोएडा/ग्रेटर नोएडा/ यीडा/गीडा/
>
बीडा/सीडा।
8. गार्ड फाइल।
आजा से,
मनोज कुमार मौर्य
संयुक्त सचिव।|
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |