**कार्यकारी सारांश**
यह दस्तावेज़, 27 फरवरी 2018 को जारी किया गया एक अधिसूचना, "उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017" के अनुच्छेद 3.2.3 में संशोधन को अधिसूचित करता है, जिसे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने मंजूरी दी है। संशोधन का उद्देश्य निजी क्षेत्र के औद्योगिक पार्क और कृषि पार्क को विकसित करने के लिए भूमि आवश्यकताओं को समायोजित करना है, और निर्दिष्ट क्षेत्रों में विभिन्न आकारों के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन प्रदान करता है।
**मुख्य बातें**
* **अनुच्छेद 3.2.3 में संशोधन:** "उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017" का अनुच्छेद 3.2.3 संशोधित किया गया है।
* **भूमि आवश्यकताओं में परिवर्तन:**
* बुंदेलखंड और पूर्वांचल में निजी क्षेत्र द्वारा विकसित औद्योगिक पार्क और एस्टेट के लिए 100 एकड़ की न्यूनतम भूमि की आवश्यकता अपरिवर्तित है।
* मध्यांचल क्षेत्र के लिए, 150 एकड़ से अधिक भूमि पर विकसित औद्योगिक पार्कों / एस्टेटों की आवश्यकता को मध्यांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 150 एकड़ से अधिक भूमि पर विकसित औद्योगिक पार्कों / एस्टेटों तक विस्तारित किया गया है।
* बुंदेलखंड, पूर्वांचल और मध्यांचल में कृषि पार्कों के लिए 50 एकड़ से अधिक भूमि की आवश्यकता अपरिवर्तित है।
* **प्रोत्साहन:** संशोधन में यह भी कहा गया है कि निजी क्षेत्र द्वारा विकसित निर्दिष्ट एकड़ वाली भूमि पर विकसित औद्योगिक पार्क और कृषि पार्क के लिए राज्य सरकार प्रोत्साहन प्रदान करेगी।
* **यथास्थिति:** मूल नीति के अन्य सभी नियम और प्रावधान अपरिवर्तित रहेंगे।
**प्रभाव विश्लेषण**
**हितधारक:** औद्योगिक विकास प्राधिकरण, उद्योग विभाग, उद्यमी।
**प्रभाव:**
* उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरण
**प्रभाव:** अधिसूचित नीति के अनुसार औद्योगिक विकास को लागू और विनियमित करने में।
**आवश्यक कार्रवाई:** नीति को ध्यान में रखकर तदनुसार अपनी रणनीतियों और नीतियों को अपडेट करें।
* उत्तर प्रदेश उद्योग विभाग
**प्रभाव:** औद्योगिक परियोजनाओं के अनुमोदन और सुविधा को अद्यतन नीति के अनुसार।
**आवश्यक कार्रवाई:** नीति के अनुसार अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आंतरिक प्रक्रियाएँ अपडेट करें।
* उद्यमी
**प्रभाव:** उत्तर प्रदेश में औद्योगिक पार्क और कृषि पार्क विकसित करने के अवसरों पर, संशोधित भूमि आवश्यकताओं और प्रोत्साहन के अनुसार।
**आवश्यक कार्रवाई:** संशोधित नीति के अनुसार नई परियोजनाओं की योजना और विकास करें।
**हितधारक:** महालेखाकार (उत्तर प्रदेश), मुख्य सचिव, सभी अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, समस्त मंडलायुक्त/जिलाधिकारी, प्रबन्ध निदेशक (पिकप/उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम), अधिशासी निदेशक (उद्योग बन्धु), आयुक्त एवं निदेशक (उद्योग, उद्योग निदेशालय), निदेशक (सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग), समस्त अनुभाग (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग)।
**प्रभाव:**
*उन्हें इस नीति के बदलावों को लेकर सूचित किया जाता है।*
**आवश्यक कार्रवाई:**
*कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन आवश्यक कार्रवाई करने के लिए संबंधित विभागों तक दस्तावेज़ पहुँचाएँ।*
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017: उत्तर प्रदेश सरकार की एक नीति जिसका उद्देश्य औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देना है।
बुंदेलखंड: उत्तर प्रदेश का एक क्षेत्र, जिसे नीति के तहत औद्योगिक विकास के लिए लक्षित किया गया है।
पूर्वांचल: उत्तर प्रदेश का एक क्षेत्र, जिसे नीति के तहत औद्योगिक विकास के लिए लक्षित किया गया है।
मध्यांचल: उत्तर प्रदेश का एक क्षेत्र, जिसे नीति के तहत औद्योगिक विकास के लिए लक्षित किया गया है।
पश्चिमांचल: उत्तर प्रदेश का एक क्षेत्र, जिसे नीति के तहत औद्योगिक विकास के लिए लक्षित किया गया है।
उत्तर प्रदेश शासन
औद्योगिक विकास अनुभाग-6
संख्या:629/ 77-6-(8-5(VA)/ 7टी.सी.2
लखनऊ: दिनांक 27 फरवरी, 208
अधिसूचना
भारत का संविधान के अनुच्छेद 62 के अन्तर्गत कार्यपालिका शक्तियों का प्रयोग. करते
हुए "उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-207" के प्रस्तर-3.2.3 को
निम्नवत् संशोधित करने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं: -
वर्तमान व्यवस्था संशोधित व्यवस्था
UFR 3.2.3- निजी क्षेत्र द्वारा विकसित प्रस्तर 3.2.3- निजी क्षेत्र द्वारा विकसित
बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल में (00 एकड़ तथा बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल में (00 एकड़ तथा
मध्यांचल में 550 एकड़ से अधिक भूमि पर Ade एवं पश्चिमांचल में i50 एकड़ से
विकसित औद्योगिक. पार्को/ एस्टेटों aM अधिक. भूमि. पर. विकसित औद्योगिक
बुंदेलखंड, पूर्वांचल एवं मध्यांचल में 50 एकड़ पार्को। एस्टेटों तथा बुंदेलखंड, पूर्वांचल एवं
से अधिक भूमि पर विकसित val पार्कों के मध्यांचल में 50 एकड़ से अधिक भूमि पर
लिए सरकार द्वारा. निम्नलिखित विकसित vat uel के लिए राज्य सरकार
राज्य
प्रोत्साहन प्रदान किए जायेंगे। द्वारा निम्नलिखित प्रोत्साहन प्रदान किए
जायेंगे।
2- अधिसूचना संख्या-69॥/ 77-6-7-5(VA)/ 7._ दिनांक §=3.07.207 द्वारा प्रख्यापित
"उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन alfa-20i7" इस सीमा तक संशोधित
समझी जाय। शेष शर्तें/ प्राविधान यथावत रहेंगे।
आलोक Aes
अपर मुख्य सचिव
संख्या: 629(4) / 77-6-8-5(VA)/ 2077टीसी2 तदिनांक
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
(l) . महालेखाकार, उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद।
मुख्य सचिव/ अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ.प्र. |
(2)
समस्त अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव/ सचिव, उत्तर प्रदेश शासन।
(3)
समस्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी, औद्योगिक विकास प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश।
(4)
समस्त मण्डलायुक्त। जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश।
(5)प्रबन्ध निदेशक, पिकप/ उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम।
(6)
अधिशासी निदेशक, उद्योग Fey, 2-H, माल एवेन्यू, लखनऊ को इस अनुरोध के साथ
(7)
प्रेषित कि कृपया VATA संशोधन उद्योग बन्थधु की वेब-साइट पर आज ही अपलोड कराते
हुए (50 प्रतियां शासन को उपलब्ध कराने का कष्ट करें।
आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर ।
(8)
निदेशक, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद |
(9)
समस्त अनुभाग, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग।
(I0)
(I)
गार्ड पत्रावली।
आजा से,
(नरेन्द्र सिंह पटेल)
विशेष सचिव।