Date: 2021-03-26Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावली के अन्तर्गत प्रदेश में मेगा परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से दी जाने वाली विशेष सुविधाओं एवं रियायतों के संबंध में।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोज़गार प्रोत्साहन नीति-2017 के कार्यान्वयन से संबंधित है, विशेष रूप से मेगा परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दी जाने वाली सुविधाओं और रियायतों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह 14 दिसंबर, 2020 के पूर्व शासनादेश में एक त्रुटि को संशोधित करता है, जिसमें मेसर्स गैलेंट मैटेलिक्स लि0, चंदौली के लिए "कैप्टिव सोलर पावर प्लांट" के संदर्भ में संशोधन किया गया है। संशोधन 15 मार्च, 2021 को एम्पावर्ड कमेटी की सिफारिशों पर आधारित है और यह सुनिश्चित करता है कि प्रोत्साहनों के लिए निर्धारित इकाई द्वारा "कैप्टिव पावर प्लांट" को एकीकृत स्टील प्लांट के साथ लगाया जाए।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*संशोधित शासनादेश*
* 14 दिसंबर, 2020 के मूल शासनादेश में, मेसर्स गैलेंट मैटेलिक्स लि0, चंदौली की स्थापना के लिए स्वीकृत परियोजना को "कैप्टिव सोलर पावर प्लांट" के रूप में वर्णित किया गया था।
* संशोधित शासनादेश इसे "कैप्टिव पावर प्लांट" के रूप में स्पष्ट करता है, जो इकाई के एकीकृत स्टील प्लांट के साथ स्थापित किया जाना चाहिए।
* *सुविधाओं की शर्तें*
* 14 दिसंबर, 2020 को क्रम संख्या 1, 1.1, 2, 3, 3.1, 4, 5, 7 और 8 पर आवेदित सुविधाएं, नियमावली के अनुसार निर्धारित सीमा तक उपलब्ध कराई जाएंगी।
* लेटर ऑफ़ कम्फर्ट इस शर्त के साथ जारी किया जाएगा कि इकाई द्वारा कैप्टिव पावर प्लांट का पूर्ण उपभोग करने पर ही इसकी लागत के सापेक्ष सुविधाएं प्रदान की जायेंगी।
* यदि इकाई द्वारा विद्युत का विक्रय किया जायेगा तो ऐसी दशा में इसकी लागत अर्ह निवेश राशि से घटा दी जाएगी।
*सामान्य नियम*
* 14 दिसंबर, 2020 के शासनादेश के अन्य सभी नियम और शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी।
**प्रभाव विश्लेषण**
*हितधारक: मेसर्स गैलेंट मैटेलिक्स लि0, चंदौली*
*प्रभाव:* कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि कैप्टिव पावर प्लांट उसके इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट के साथ एकीकृत हो। यदि वे अधिशेष विद्युत बेचते हैं, तो प्रोत्साहन समायोजित किए जाएंगे।
*आवश्यक कार्रवाई:* यह सुनिश्चित करें कि कैप्टिव पावर प्लांट इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट के साथ स्थापित किया जाए और विद्युत विक्रय पर प्रोत्साहन समायोजन के बारे में सरकार के साथ संवाद किया जाए।
*हितधारक: उत्तर प्रदेश सरकार (अपर मुख्य सचिव, अन्य सचिव, आयुक्त, निदेशक)*
*प्रभाव:* नीतिगत निर्णयों का कार्यान्वयन और कार्यान्वयन की निगरानी।
*आवश्यक कार्रवाई:* संशोधित शासनादेश का प्रसार करें, सभी संबंधित विभागों को संशोधन के बारे में सूचित करें और अनुपालन सुनिश्चित करें।
*हितधारक: इन्वेस्ट यू0पी0*
*प्रभाव:* सरकारी आदेश की वेबसाइट पर पहुंच और जनता को उपलब्धता।
*आवश्यक कार्रवाई:* शासनादेश को तुरंत इन्वेस्ट यू0पी0 की वेबसाइट पर अपलोड करें।
*हितधारक: मुद्रण और लेखन सामग्री का निदेशालय*
*प्रभाव:* शासनादेश की 1000 प्रतियों की आवश्यकता होती है।
*आवश्यक कार्रवाई:* शासनादेश की 1000 प्रतियां मुद्रित करें और औद्योगिक विकास अनुभाग-6 और उत्तर प्रदेश के सभी मंडल आयुक्तों/जिला मजिस्ट्रेटों को भेजें।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी एक नीति जिसका उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देना है।
शासनादेश: सरकारी आदेश, अधिसूचनाएँ, या निर्देश, विशिष्ट नीतियों, नियमों या कार्यान्वयन को स्पष्ट करते हैं।
मेसर्स गैलेन्ट मैटेलिक्स लि0, चन्दौली: यह चंदौली में स्थित एक विशेष कंपनी है जो इस दस्तावेज़ की मुख्य विषय वस्तु है।
इम्पावर्ड कमेटी: यह एक समिति है जो मेगा परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन की सिफारिश करती है।
उत्तर प्रदेश शासन: यह उत्तर प्रदेश सरकार है।
WEAT-75/202/284/77-6-202-5(Ua)/2043et.a.(AaT)-7
प्रेषक,
अरविन्द कुमार,
अपर मुख्य सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
सेवा में,
. समस्त सम्बन्धित अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, उ0प्र0 शासन।
2. समस्त सम्बन्धित मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी, उ0प्र0।
3. आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग निदेशालय कानपुर।
4. प्रबन्ध निदेशक,
पिकप,
पिकप भवन, गोमतीनगर, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 26 मार्च, 2024
विषय:- उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन aAlia-207 के क्रियान्वयन सम्बन्धी
नियमावत्री के अन्तर्गत प्रदेश मैं मेगा परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्साहन देने के
उद्देश्य से दी जाने areht विशेष सुविधाओं एवं रियायतों के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक प्रदेश सरकार द्वारा निर्गत उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार
प्रोत्साहन alfa-207 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावल्ली के अन्तर्गत प्रदेश में मेगा परियोजनाओं
की स्थापना को प्रोत्साहन के उद्देश्य से दी जाने ae विशेष सुविधाओं एवं रियायतों विषयक
शासनादेश AEA-7359/77-6-207-5(TA)/207, दिनांक 25.0.20i7 के क्रम में इम्पावर्ड कमेटी
की संस्तुति के अनुसार AO मंत्रिपरिषद के अनुमोदन के क्रम में मेगा परियोजनान्तर्गत विशेष
सुविधाएं एवं Rad नियमावल्नी के प्राविधानों के अनुसार निर्धारित की गयी सीमा तक प्रदान
करने हेतु निर्गत शासनादेश संख्या-3958/77-6-2020-6(एम)/208 दिनांक (4.2.2020 के
क्रमांक-4 पर अंकित मेसर्स गैलेन्ट मैटेलिक्स लि0, चन्दौली (पूर्वांचल क्षेत्र) के संबंध A “कैप्टिव
सोलर पावर प्लांट” इंगित हो गया है जबकि यह “कैप्टिव पावर प्लांट” होना चाहिए जो कि कम्पनी
द्वारा इन्टीग्रेटेड स्टील प्लांट के साथ लगाया जाना प्रस्तावित है।
2. अतः इम्पावर्ड कमेटी की दिनांक 5.03.202। को सम्पन्न बैठक में की गयी संस्तुति के
अनुसार AO मंत्रिपरिषद के अनुमोदन के क्रम A शासनादेश AGA-3958/77-6-2020-6(TA)/208
दिनांक 4.42.2020 को निम्नवत् संशोधित किये जाने का निर्णय लिया गया हैं:-
शासनादेश WO 3958/77-6-20-6(एम)/208 | शासनादेश WO 3958/77-6-20-6(vA)/208
दिनांक 4.2.2020 में इंगित तथ्य दिनांक 4./2.2020 में संशोधित तथ्य
मेसर्स गैलेन्ट मैटेलिक्स लिए, dele? में | मेसर्स गैलेन्ट मैटेलिक्स लिए, dell में स्थापित
स्थापित की जाने वाली परियोजना के लिये | की जाने वाली परियोजना के लिये HA संख्या
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |क्रम संख्या i, 7., 2, 3, 3., 4, 5, 7 , .4, 2, 3, 3.4, 4, 5, 7 एवं 8 पर आवेदित
एवं 8 पर आवेदित सुविधाएं नियमावली के सुविधाएं नियमावत्री के प्रावधानों के अनुसार
प्रावधानों के अनुसार निर्धारित की गयी सीमा निर्धारित की गयी सीमा तक उपलब्ध कराये
तक उपलब्ध कराये जाने हेतु लेटर ऑफ जाने हेतु लेटर ऑफ कम्फर्ट इस शर्त के साथ
कम्फर्ट इस शर्त के साथ निर्गत किया जाये निर्गत किया जाये कि इकाई aan कैप्टिव पावर
कि इकाई द्वारा कैप्टिव सोलर पावर प्लांट प्लांट का पूर्ण उपभोग करने पर ही इसकी लागत
का पूर्ण उपभोग करने पर ही इसकी लागत के सापेक्ष सुविधाएं प्रदत्त की जायेंगी। यदि इकाई
के सापेक्ष सुविधाएं प्रदत्त की जायेंगी। यदि द्वारा विद्युत का विक्रय किया जायेगा तो ऐसी
इकाई cant विद्युत का. विक्रय किया दशा में इसकी लागत अहँ निवेश राशि से घटा
जायेगा तो ऐसी दशा में इसकी लागत अहँ दी जायेगी।
निवेश राशि से घटा दी जायेगी।
शासनादेश संख्या-3958/77-6-2020-6(एम)/208 दिनांक 74.42.2020 को इस सीमा तक
संशोधित समझा/पढ़ा जाए। उक्त शासनादेश की शेष शर्तें/प्रावधान यथावत् रहेंगी।
कृपया तदनुसार आवश्यक कार्यवाही कराने का कष्ट करें।
भवदीय,
अरविन्द कुमार
अपर मुख्य Ufa |
WSA- 5/202/4284(4)/77-6-202-5(wa7)/203er.-At.(AaM)- Aiea
उपर्युक्त की प्रति निम्नलिखित को सूचनार्थ vd आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित &:-
7. अध्यक्ष, उ.प्र. राजस्व परिषद, लखनऊ।
oO मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। on Oo TF YO DN
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त,उ0प्र0।
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री, उ.प्र. शासन।
अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग, उ.प्र. शासन।
प्रमुख सचिव, न्याय विभाग, उ.प्र. शासन।
स्टाफ ऑफीसर, मुख्य सचिव, उ.प्र. शासन।
महालेखाकार, लेखा परीक्षा (प्रथम एवं द्वितीय) उ.प्र., इलाहाबाद।
औद्योगिक विकास विभाग के नियंत्रणाधीन समस्त विभागाध्यक्ष/निगमों के प्रबन्ध निदेशक
एवं औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के मुख्य कार्यपालक अधिकारी।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |0. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इनवेस्ट यू0पी0 को इस आशय से प्रेषित कि शासनादेश
इनवेस्ट यूपी की बेवससाइट पर तत्काल अपलोड कराने का कष्ट करें।
7. निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, ऐशबाग, उ.प्र. लखनऊ को इस अनुरोध के साथ प्रेशित
कि शासनादेश की 7000 प्रतियां मुद्रित कराकर औद्योगिक विकास अनुभाग-6 को उपलब्ध
कराने Ud समस्त मण्डलायक्त
2.
3.
4.
पुक्त/जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश को मुद्रित प्रति प्रेषित करने का
कष्ट करें।
नियोजन अनुभाग-।, उ.प्र. शासन, लखनऊ।
वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4/वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
गार्ड wise |
आज्ञा से,
रजनी Bled पाण्डेय
अनु Ufa |
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |