Home India औद्योगिक विकास विभाग लखनऊ औद्योगिक विकास क्षेत्र अपराधों का शमन विनियमावली, 2017 ...
Date: 2018-01-17 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

लखनऊ औद्योगिक विकास क्षेत्र अपराधों का शमन विनियमावली, 2017 की अधिसूचना के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

Research with AI Agent Chat with Document Generate Summary Translate Helpful Share Add to Project Create Task

Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश** यह दस्तावेज़, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित सरकारी गजट के रूप में जाना जाता है, लखनऊ औद्योगिक विकास क्षेत्र (अपराधों का शमन) विनियमावली, 2017 की घोषणा करता है, जो तत्काल प्रभाव से लागू है। विनियमावली लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा क्षेत्र में अपराधों के शमन के लिए दिशानिर्देश स्थापित करती है, जिसका उद्देश्य नगर नियोजन और विकास अधिनियम, 1973 के साथ उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 के प्रावधानों का प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करना है। विनियमावली उन स्थितियों को परिभाषित करती है जिनमें अपराधों के शमन पर विचार किया जाएगा, और प्रक्रिया का पालन करने के लिए शमन शुल्क अनुसूची (शमन शुल्क की दरें) भी निर्धारित करती है। **मुख्य बातें** * **परिभाषाएँ और दायरा:** * यह विनियमावली लखनऊ औद्योगिक विकास क्षेत्र (अपराधों का शमन) विनियमावली, 2017 के रूप में जानी जाएगी। * यह विनियमावली सम्पूर्ण लखनऊ औद्योगिक विकास क्षेत्र पर लागू है। * यह विनियमावली सरकारी गजट में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी है। * विनियमावली में प्रयुक्त शब्दों और वाक्यांशों को स्पष्ट करने के लिए कई शब्दों को परिभाषित करता है, जिनमें "अधिनियम," "प्राधिकरण," "बोर्ड," और "अनुसूची" शामिल हैं। * **अपराधों का शमन:** * लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी या अन्य अधिकृत अधिकारी द्वारा अपराध शमन कार्यवाही शुरू की जा सकती है। * उल्लंघनकर्ता को शमन प्रक्रिया के दौरान उल्लंघन जारी रखने की अनुमति नहीं है। * विकास प्राधिकरण अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध अभियोजन और ध्वस्तीकरण जारी रखने के लिए स्वतंत्र होगा। * **अनुमति प्रक्रिया:** * अवैध निर्माण या विकास कार्यों के शमन की अनुमति देने से पहले, मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुरक्षा, संवातन और मौजूदा संरचनाओं पर प्रभाव जैसे कारकों का आकलन करेंगे। * कुछ अपराधों के शमन पर विचार नहीं किया जाएगा, जिसमें सार्वजनिक भूमि पर निर्माण और मास्टर प्लान का उल्लंघन शामिल है। * **शमन शुल्क:** * यह विनियमावली उन अपराधों को सूचीबद्ध करती है जिनके लिए शमन पर विचार नहीं किया जा सकता है, जिसमें सार्वजनिक सुविधाओं, भूमि-उपयोग नियमों के उल्लंघन और सरकारी भूमि पर अनधिकृत निर्माण से संबंधित शामिल हैं। * शमन शुल्क निर्धारण के लिए एक अनुसूची प्रदान की जाती है, जो निर्माण के प्रकार और उल्लंघन के आकार के आधार पर भिन्न होती है। * **अतिरिक्त प्रमुख प्रावधान:** * विनियमावली भूतल सहित तीन तल से अधिक तल अथवा 12 मीटर से अधिक ऊँचे भवनों तथा 500 वर्ग मीटर से अधिक भू-आच्छादनयुक्त अवसंरचनात्मक सुविधाओं वाले भवनों में भूकम्परोधी व्यवस्था के बिना किया गया निर्माण कार्य की शर्तों की रूपरेखा प्रस्तुत करती है। * विनियमावली सार्वजनिक भवनों एवं सार्वजनिक सुविधा स्थलों के अधीन दिव्यांगों की सुरक्षा, उपयोगिता तथा उनकी सुविधा हेतु लखनऊ औद्योगिक विकास क्षेत्र भवन विनियमावली के उल्लंघन स्वरूप किया गया निर्माण कार्य की शर्तों की रूपरेखा प्रस्तुत करती है। * अनधिकृत निर्माण को शमन के दायरे में लाने के लिए आवश्यक कुछ शर्तों को रेखांकित करती है। * अवैध निर्माण कार्यों के लिए लगाए जाने वाले शमन शुल्क और अन्य शुल्क एकत्र करने की प्रक्रिया का विवरण देती है। * मानचित्र स्वीकृति, ध्वस्तीकरण प्रक्रिया और शुल्क भुगतान सहित शमन प्रक्रिया के चरणों की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। * मानचित्र स्वीकृति, ध्वस्तीकरण प्रक्रिया और शुल्क भुगतान सहित शमन प्रक्रिया के चरणों की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। **प्रभाव विश्लेषण** * **लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण:** * **प्रभाव:** यह विनियमावली लखनऊ औद्योगिक विकास क्षेत्र में अवैध निर्माण और विकास कार्यों को विनियमित करने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करती है। * **आवश्यक कार्रवाई:** विनियमावली के प्रावधानों को लागू करें, शमन आवेदन का आकलन करें, शुल्क एकत्र करें और आवश्यक उपायों को लागू करें। * **रियल एस्टेट डेवलपर्स और संपत्ति के मालिक:** * **प्रभाव:** उन्हें निर्माण कार्य को करते समय विनियमावली का अनुपालन करना होगा और उल्लंघनों से बचने के लिए आवश्यकताओं के बारे में जानकारी होनी चाहिए। * **आवश्यक कार्रवाई:** विनियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें, अवैध निर्माण के लिए शमन के लिए आवेदन करें और आवश्यक शुल्क का भुगतान करें। * **लखनऊ के नागरिक:** * **प्रभाव:** यह विनियमावली सुनियोजित विकास और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान करती है। * **आवश्यक कार्रवाई:** विनियमावली का अनुपालन सुनिश्चित करें, अवैध निर्माण के लिए शमन के लिए आवेदन करें और आवश्यक शुल्क का भुगतान करें। * **संबंधित सरकारी विभाग (जैसे, अग्निशमन विभाग, पुरातत्व विभाग):** * **प्रभाव:** इन विनियमावली का अनुपालन सुनिश्चित करना * **आवश्यक कार्रवाई:** अपने विशेषज्ञता के क्षेत्र में आवश्यक NOC जारी करें।

Key Entities Referenced

उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976: उत्तर प्रदेश का कानून जिसके अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और विनियमन का प्रावधान है। उत्तर प्रदेश नगर नियोजन और विकास अधिनियम, 1973: उत्तर प्रदेश का कानून जो नगर नियोजन और विकास को नियंत्रित करता है। लखनऊ औद्योगिक विकास क्षेत्र (अपराधों का शमन) विनियमावली, 2017: लखनऊ औद्योगिक विकास क्षेत्र में अपराधों के शमन से संबंधित विनियमों का सेट। लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण: एक संस्था जो लखनऊ में औद्योगिक विकास के लिए जिम्मेदार है। उत्तर प्रदेश रोड साईड लैण्ड कन्ट्रोल ऐक्ट, 1945: सड़क के किनारे की भूमि को नियंत्रित करने वाला उत्तर प्रदेश का अधिनियम।
Official Source Record View Original Source →
See Full Document Text
serves (व) 'रजिट्रेशन नाव र-एस०एसब्पी०/एल०- नच्ल्टव्लका साइसेन्स दू पोस्ट ऐट कन्सेशनल रेट सरकारी गजट, उत्तर प्रदेश ला तर प्रदय सार दस प्रकाशित सरकार दारा प्रकाशित असाधारण विधायी परिशिष्ट माग-4, खण्ड (क) aqKoOM(सामाmन्य परि नियमग नियजम) ल 0 Er 4 y 2078 a i t ा se re eg उत्तर प्रदेश शासन औद्योगिक विकास अनुमाग-4 ston उ७774-70 52रलसी0 07 लखनऊ; 4 जनवरी, 206 अधिसूचना s स Fाw सo o wo etf gh sउ .o त- ् 2 त a tर n rप n् eरद े nश क ् यऑ ा ँद gौग sि aeक r e क् eष oेत् fर व धि ाप् रक र ादा ेस श 9 गअ औगध ू रि र न aि नय िम य e ोज9 न 7 06 औ ) र( औ उ रत व् ि तर क इ ा स‘ सa t Pe अr ध ि Pअ नध ियि मन स,ि म य धम क१ ा9स रं ीख ् कय अा ी न ्6. यध ा सस रन म ्‌ सa ा2+ 9 क श6 े क ्) त स ियक ा ोी थ ं. Grace करके तथा राज्य सरकार के अनुबोदन से लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा अपराधों के शभन ang मार्गदर्शन विहित करने के लिए निम्नलिखित, विनियमावली बनायी जाती है :- लखनऊ औद्योगिक विकास क्षेत्र (अपराधों का शमन) विनियमावली, 2097 0) यह विनियमावली, लखनऊ औद्योगिक विकास a (अपराधों का शमन) we नह पर लिनियमावली, 2007 कही जायेगी। fe) इसका विस्तार सम्पूर्ण लेखनऊ औद्योगिक विकास ta पर होगा। (9) बह गजट में प्रकाशित होने के दिनांक BS होगी। 2-जब तक सन्दर्भ से Ta अपेक्षित न हो, इस विनियमावली मैं; (को "अशिनियम” का तात्पर्य उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 978 से हैउत्तर प्रदेश असाधारण He, 4 जनवरी, 20 eR अपराधों का शनन sage tot see se देने a penn ae Pe aE (ग) "बोर्ड का तात्पर्य लखनऊ औद्योगिक विकास प्राचिकरण बोर्ड से हैं; व “see का ताल इस विनियशुवली से संलग्न अनुसूची से है। 3-0 अपराध शमन से सम्बच्धित कार्यवाही 'उसे संस्थित किये जाने से पूर्व उत्तर प्रदेश नगर नियोजन और विकास अधिनियम, 97a उपबन्धों के अवीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी, लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण अथवा ag अधिनियम सन्‌ १573 की घारा-32. के अपीन विशेष आदेश द्वार प्राधिकृत किसी अधिकारी rer की जा सकी है। (2) शमन योग निर्माण से सम्बन्धित अपराध का रमन, इंस शर्त के साथ किया जायेगा कि igus अशमनींय निर्माण से ee अपराध जारी नहीं स्खेगा और इसे उका शमनीय अपराध था अंशमनीय अवैध निर्माण अथवा विकास कार्य को शमन करने का आदेश देने वाले अधिकारी द्वारा यधानिर्दिष्ट अनधिक 30 दिन की Per अवधि के भीतर eer किया जायेगा अन्यथा विकास प्राधिकरण उसके अथवा उसके निर्माण कार्य के विरूद्ध अभियोजन तथा स्वस्तीकरण जारी रखने के लिए स्वतंत्र होगा। 4-0) ae निर्माण अथवा विकास कार्य के शमन की अनुज्ञा देने अथवा अनु देने से इन्कार करने के लिए मुख्य कार्यथालक अधिकारी, लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण या उसके द्वार eg कोई अधिकारी यह सुमिश्धित करेगा कि :-. (को जहाँ अवैध निर्माण किया मया हो बा भू-गेह, ea भू-गेह, भूतल, प्रथम तल या अनुव्ती तल तथा संरचनात्मक सुरक्षा, प्रकाशन ere एवं arr पर उसका क्या प्रभाय होगा; (ख) क्या भू-मेह का afer अनुमन्य सीमा से अधिक किया गया है. यदि हीं, लो order सम्पत्तियों एवं विद्यमान संरचनात्मक सुविधाओं पर उसका क्या प्रभाव होगा: (ग) क्या निर्माण कार्य की अनुमति से पूर्व कभी इसे अस्वीकार किया जा चुका है, यदि हां, तो वर्तमान संदर्भ में इसका शमन किये जाने की विधिमान्यता क्या है; (व) कया ae भंदन निर्माण were मार्गदर्शनों के विरूद्ध है. यदि हों, तो उसका कया प्रभाव होगा; (ढ) क्या निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश रोड साई लैंग्ड wren ee कक25 से sees है. यदि हीं, तो क्या इस प्रयोजन के लिए सक्षम प्रधिकारी से अनापत्ति प्राप्त को गयी है। (8) निः्नलिखित अपराधों के शमन पर विचार नहीं किया जायेगा-- (की सार्वजनिक वे अ्ड-सार्वजनिक gta, सेवाओं एवं उपयोगिताओं यथा-स़क, रेलवे लॉइन, पार्क, हरित क्र आदि से सम्बन्धित at उनके लि आरक्षित भूमि पर किया गया निर्माण कार्य: (ख) महायोजमा या आंचलिक विकास योजना यों अभिन्यास यौजना या ager ने विहित भू-उपयोग के विरूद्ध किया गया निर्माण कार्य, () ऐसे अवैध भू-उपविभाजन, जिसका अभी तक विनियमितीकरण नहीं हुआ हो. के ts स्थित भूखण्ड पर अथवा भवन में किया गयां निर्माण कार्य, (व) सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर सम्बस्धित विभाग की अनुसति के बिना किया गया निर्माण, (8) विवादित भूमि पर किया गया निर्गाण, (9) Reve फ्लोर तथा पार्किंग हेतु आरक्षित क्षेत्र के अधीन किया गया निर्माण कार्य, 02, 205 Fal attउतर प्रदेश असाधारण गजद; 4 जनवरी, 2008 “का मूल सहित सेन तप से aw तल जयक te कब्र रू oe छा & भवनों तथा S00 वर्ग मीटर से tw भू: 4 उत्तर पालक eae किया | 99 श देने । तथा a mar rem पर a अनुसार Pr एवं ीछे के सेट-बैक में अनाधिकृत निर्माण, हेतु विधारमीय होगा तथा मू-आच्छादन drat तथा the ee पर अतिरिक्त निर्माण Pe सीमा तक शमनीय होगा- आच्ादनयुक्त अवसंरवनात्मक सुविधाओं वाले वनों मं भूकम्परोधी व्यवस्था के बिना किया गया निर्माण कर्, (ज) चार तल से अधिक तल अथवा 45 मीटर से अधिक ऊँचाई के भवनों और विशिष्ट भवनों mie, असेम्बली, संस्थागत, औद्योगिक तथा सापूरिक भवनों एवं आपात उपयोग वाले भवनों तथा 500 वर्ग मीटर से अधिक भू-आच्छादन याले भवनों में भवन निर्माण एवं विकास सपविधियों के अनुसार अस्निशमन व्यवस्था एवं न्यूनतम Rr ete के बिना, किया गया, नि्मण कार्य, ऐसे पु निर्मित et, जिनमें संरबनात्मक परिवर्तन/परिवर्धन अथवा डुनर्निगाण किया गया हो; जिसके फलस्वरूप ere, एफए0आसा, ऊँचाई, सेट- बैक, भवन की दूढता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा हो, में स्थानीय अग्निशभन प्राधिकारी से sea प्रमाण-पत्र आप्त किये बिना किया गया निर्माण कार्य, (3) गूखण्डीय विकास उपबंधों के अधीन तलों की संख्या मे परिवर्तन किये बिना. अनुमन्य ऊँचाई के 40 प्रतिशत से अधिक ae का किया गया निर्माण कार्य ©) भूखण्दीय विकास के अधीन, निवास-वोग्य कम का apr क्षेत्रफल, न्यूनतम Surf एवं आनारिक ऊँचाई 40 अतिशत से अधिक कम होने की दसा में तथा. ऐसे भवनों मे प्रकाश व्यवस्था तथा are क्षेत्रफल न्यूनतम विहित मानकों के अनुसार 40 प्रतिशत हे अधिक कम होने और यांत्रिक संवाजन की व्यवस्था न होने की स्थिति में किया गया निर्माण कार्य, 2 Randa कैच संरक्षित real तथा. नागरिक: eget क्षेत्र अथवा अतिवन्थित ऊँचाई के क्षेत्र मं स्थित भवन की shed के उल्लंघन स्वरूप किया गया निर्माण कार्य; के (8) लखनऊ औद्योगिक विकास क्षेत्र भवन विनियभावली में विहित मानकों के अनुसार अपेक्षित पा्किग व्यवस्था के बिना कियों गया निर्माण कार्य, (बी सामूहिक आवास तथा अन्य बहुमजिलें भवनों के पा््वसत हेतु आरक्षित क्षेत्र और सामान्य स्वामित्व की भूमि पर किया गया निर्माण कार्य; 7) 300 वर्ग मीटर at संससे अधिक et वाले भवनों के छतों के ऊपर वर्षा जल मंघयन के a के बिना किया गया निर्माण कार्य, (९) भहायोजगा/ आंवलिक थोलना,/अभिम्थास योजना मैं चिकित अथवा राजस्व अगिलेखों में बर्ज तॉलाबों के अपीन / जलाशयों, नदियों, जल निकास प्रणाली आदि से area नि पर किया गया निर्माण कार्य, (थ) लखनऊ ऑसोगिक विकास क्षं्र भवन विनियंगाविली, 2009 के अनुसार soo वर्गगीटर एवं उससे अधिक क्षेत्रफल वाले आवासीय भवनों मैं सौर जल लापन संयंत्र स्थाषित किये बिना किया गया निर्ाण कार्य; (९) सार्वजनिक भवनों एवं सार्वजनिक सुविधा स्थलों के अधीन दिव्यांगों की geen, सफ्योगिंता तथा उनकी सुविधा हैतु लखनऊ औद्योगिक विकास क्षेत्र भवन विनियमावली के उल्संधन स्वरूप किया गया निर्गाण कार्य, 5-परन्तु मानचित्र में लखनऊ ऑच्योगिक विकास क्षेत्र भवन विनियंगाविलीं, आकर के if एवं fie निर्माण पृथक-प्रथक रेखांकित किंये जायेंगे। a मुख्य मवन की Pree (0०02) में ही समन * (क) wre सैट-वैक के खुल क्षेत्रफल का 26 प्रतिशत तक किन्तु अधिकतम 40 मीटर cheng तक किया मया निर्माण: ‘2, RP आ Fn Daउतर प्रदेश असाधारण oT, 4 जनवरी, 2008 Tae eae का) निर्गण a आवासीय ere में साइड सेट-बैक की चौड़ाई का अधिकतम 25 प्रतिवत तक निर्माण कार्य... 8) भूखम्डीय विकास योजना के अधीन अन्य भवनों यथा-्यवसाधिक ऑदोगिक, vie संस्थागत एवं aR सुविधाओं आदि में अलुगत्य ER के oa अगर wea एवं व पार्क सेट-बैक मे क्रम: खण्ड (को, A) (ग) मैं en शमन 2 निहित Por के अधीन aoe के कुल Ara का अधिकतम 0 प्रतिशत शक निर्मण ard (are, aiid, व्यवसायिक, eka एवं सस्थागत set मे aoe ger हेतु पॉछित न्यूनतम सेट-बैक में करौती er rane का 0 प्रतिशत एक अतिरिक्त निर्माण कार्य, (व सभी प्रकार के भवनों ogee विकास, eer भवन, व्यवसधिक, cnet. संस्थागण, औधीगिक आदि भवनों के लिए sera ae ses का अधिकतम १0 प्रतिशत तक निर्मण कार्य (©) Pa क्षेत्र विकसित a cer नए/अविकसित a मैं after भवन, ace, कार्यलवीय तथा आर्ड सार्वजनिक /सामुवाधिक सुविधाओं के लिए कार्य्लक अधिकारी द्वार गठित समिति की eA आधार पर बोर्ड के अनुमोदन saber sagen की अनुमन्य सीमा तक किया गया निर्गण कार्य, (0) see के अन्तर्गत अनुमन्य सीमा से अधिकतम 20 ft Not (o) कशभाउण्ड-वाल की dae की उनुमन्थ सीमा से अधिक refer कार: (es) rede विकास के अपीन तलों की संख्या में परिवर्तन किये Rep सीमा से अधिकतम 40 fe की सींगा तक निर्गण a 2) ante भवनों में sen इकाइयों के अतिरिक्त शमनीय इस अधिकतम संख्या, भूखण्ड के क्रहल के आचार पर Pee होगी “- एक गुनि के धूखन्डीय तिकास में अधिकतम एक इकाई; (व) सामूहिक भवन में शमनीय अतिरिक्त, aOR गन a0 ag निर्माण कार्य, 46 प्रतिशत तक को की / maar swoon के प्रतिशत ee समानुपतिक rt (2) सभी भु-उपयोगों के भवनों में प्रभावी महावीजना योनिंग Fe में सामान्यतः ger एवं eet अनुभन्य कायों/उपयोगिताओं के अनुसार किया गया निर्माण कार्य; Peta प्रेकार के उविच निर्माण एवं विकास कार्यो के लिए शमन शुल्क का विनिश्वय gh मे दी गयी दरों के अनुसार किया जायेगा। 7-0 थदि किसी मामले में कोई ts निर्माण कार्य एक :से अधिक प्रकार के अवैध निसंण कार्यी के अधीन आता है, तो शमन शुल्क, wt निर्माण कार्य के लिए देय शुल्क के साथ seule किया जायेगा। प्रत्येक तल हेतु es समन शुल्क प्रभारित किया. जायेगा किन्तु शगन शुल्क शमनीय ear हैंतु तल eT अनुपात (BORON) रूप में अलग से संदेय नहीं होगा; 2] ite Ptr के शमन हेतु शमन शुल्क, शमन मानसित्र और gE के अनुसार बोर्ड द्वास कथा Sasi एकमुश्त अथवा FACE मे निर्मणकर्ता द्वारा जमा किया जाएगा और प्राधिकरण द्वारा विहित अन्य शुल्क तथा भवन के अशमनीय भाग के ध्वस्तीकरण by सपध-पत्र भी उसके ढवारा जगा किये जाएंगे और pet समन की कार्यवाही की 'जाएगी। शमन शुल्क की संपूर्ण erate गा किये जाने पर शमन मानचित्र जारी किया जाएगा। em RI अधिकारी द्वारा मानचित्र a नुमोदन सम्बशी शर्तें सानचित्र पर अंकित की जाएंगी। 8-शमन Bg. weg मानचित्र में अंकित भवन See 'उसका कोई भाग जो शमन st मत है. व्यक्त नहीं किया जाएगा किन्तु विकास प्राधिकरण की उपविधियों के अनुसार भवन के. थ भाग को ध्वस्त किये जाने पर कोई Pr नहीं होगा;उत्तर प्रदेश असाधारण गज, 4 जनवरी, 208 [eae e e e eee gh कर ली जाएगी af er के समन किए गए भाग tr के सम्क में आदेश पारित B re ark e ey d a Re a ar c पe ् रास धम िा करद णा cह eु rआ eक xान eा कजा रए ग दा ि। य ा स जेव ा एक गा ाग औf र e ऐसीw व् यद स्व ्ा तर ी कस र् णव यं प रह ट उाय पा ग तजा aएग eा Bye c fउ Sप o Sव . iिल aवि य िो न pं ि यक मे a अ 6न . ुस cका ेर न उ ि प् उवम सिणक न र ि प् यत रंा ष a से @ rक )ी eकज ेा एग अ दाी ध र। ी ा न य थप ा् रभ अा वरि धत ा रश ित ब्यg ाजi s सह िक ती किध सन ्तर ोा ं श मि े स Sम Y यु की नन wििकरल् o माण m ahe कh ार ्यa वt ाe ह ी ब् पूय र्ा णज कस ीह ित ज ाएर गीम ।न बश ्ु यल ा् जक सक ही ि तसम ् कप िू मर् ्ण त ोंध न कर ेा श नि िर ्क धाा र णभ ु एवग ंत ा उन न ककि ेय े श ुगज राने पर पोज़ना्थ प्राधिकरण द्वारा पृथक रो नियमावली बनायी जा सकती है। दास TaPe eart D कि eए e ग gए अव Rै eध aनि mर्म eाण r क ा औ व रिव र उण, स कश ाम न स ंयक ुे क ्तप ्र वयो िज वना रर ण्थ sबोरa्ड gकeी अबधैिठकाकर ीम.ें रOगeन क िये गाे सूचनार्थ eget fu जाएगा। 2-शगन हेतु विधासपीन आवेदन अ aब nी tन eक rिय iा ग o े rज ा ,नए ग िा हम ा। रम ा 6 क ीक े ग यउ ीप ं वि वन ्यि सय ्म त ीक( र2) ण क के ी अध काी रन ्य वप ा् हर ीभ ार पि रत श उम पन ग तश ुल व्् यक य ोंत थ वा ी व वि सन ूि लय ीम 7 उ क्क ते आसन मा सर प्रदेश नगर नियोजन और विकास अधिनियम, sera की अंगीकुत की गयी बस 40 के न अ ानु .सा र क tी aजा fए ग आी। वेदक शमन की सुविधा ur करने हेतु समुचित रूप से आवेदन नही करता Beh ven अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण By समुचित कार्यवाही करेगा caf रe ावd प ्P राधe िकa रण,r लवि ोभ का ग, न िप रु ्र गा णत त्व व िभव ाि गभ ,ा ग, परभ ्ा यर ावत री णय व निि दभ ेा शन ा लय यत ,् तन उ तप ्् तर रा धि पक ्र रण दे; श भ पा ्र रत दूी षय ण Pecan मोड आदि के माध्यम से अनापत्ति प्रभाण/पत्र set करना आवश्यक हो, वहाँ अनापत्ति Seok प म्राय े कर न के े क मे ू ल्प यर च का ात आही क लश नम ,न क शी म नका र्यव मा ानह ची ि त्प र र अ गव ुि मच ोा दर ि तक िय का ि एज ा जए ाग ना े। के दिनांक को प Sा e धि eक rरण e g e nr e hन ि हैय . त क होa ं जe िला द मर ज िसघ ्टर ् रेछ टि य हा ा राज ा वए िग हा ि। त a दरe लाऐ गस ूे हस ोर ग् ाक ।ि ल प्व रतर ्य ेकस े प ्स रम क् ाब रस ् कब ेि त न िS र्मt ाण सु शमत शुल्क की गणना के लिए भूमि की आवासीय दर me होगी। सनम एक बार मे ही अनक िवा ार ्म यें द री ू पग य सी ें पद ्र रो भं ा रक िे त अ कन िु यस ाा र ज ाश एम गान , श कु िल न् ्क तु क aी gग eणल ा / सक बर ्त ये त स र म Tय a भ ू कन ेि E लिU ए नहीं प्रभारि (त मक िशि ्य रा ि तज ा भए ू-ग उा पयोग में शमनीय निर्माण हेतु रॉमन शुल्क, भूमि उपयोग की प्रकृति के आधार पर oप्रभा aरित tकी ज ा nएगी e। o के लिए नियमानुसार संदेय शुल्क के अतिरिक्त gm मे afte exe wort शुल्क ah देय होगा, किन, क्रय योग्य एफणएफआर0 शुल्क प्रभरित नहीं किय ५. ा जाएग 7ा -। शमनीय एफएर0आर0//क्रय-बोग्य एफ्लएआरण के सापेक्ष नियमानुसार अतिरिका t rविe क hाn स स a fुव a eि क ध wा e e tक r eी म वव नि् िनय रिव ्यस म् ाम णथ ाक ा वि ि उएक त प ीर य,न ग ोा ए ग2 0P 0 कअ 9 ीवa ै म पध ेh ्ं रकअ ु न ंनिह तुर िो म ्ग म न काा ् ेण य। आउक धा प ा य रोउ गप प य रसो ेग इ F स क T शी र ्तह ग ोनण केन े ा प, सर ा थBल ख रO ान मऊ नR ी यOऔ द ह् ो य गमेो ां ग कि कक ी ि Siaer सुविधा उक्त विनियमावली में लिहित मानकों के अनुसार es में उपलब्ध eT ७ ‘ag लिवर पत्र का निस्तारण इस विनियमावली के wae के छज्जा one) कार्य यथा छज्जा/बॉलकी आदि सेट-बैक क्षेत्र AFAR समन सीमा fत etक te rह o ी a aस hम t aन ी कय भ े व ह मनो ीग ता क र। े अश वम ैन ध ी नय ि र्भ मा ाग ण कक ारे ् यस ् ध्व वस स्त ती क नहर ीण ं ह के ितु य ाe जाr ता है ं.क े त ो अ नन िु रस ्ा धर ार, ि आ त अव वे धद िक कबार ैक र क w दe Fr ie e re r अr व प ध् िव स मेंी आकर वण े दक कर क द्े वा रध ा ् वव ्स व् सत ्ी तक ीर कण र णe we ee a व ् वय ्यय य ोआ ं व के ाद भक ु गस ते ा नब ् नस हू ील ं कक िि यय ाा 'जादा है. तो प्राधिकरण द्वारा उसकी वसूली भू-सजस्व बंकाए के रूप में की जाएगी।ABET शुल्क की अनुसूची (विनियम उत्तर प्रदेश असाधारण गजद, 4 जनवरी, 208 जि | हु | e |e a Ree है| |e eetr L he ae i g has BEE Le ः H ele जे site ही जग ET | ke PEE संख्या-4) हु 58६६ । Fe 3 ४ lee ere be Eek Cre ies sco hee’ | दाद रह t beget et tna lereere|sbeleles bis au al S a sal 2 |BEEs ० हे है | eee iF : i rE i bik H Aj i n s o r b | o y p no u 2 o m | y j g o t o | o y p n उत्तर प्रदेश असाधारण गजट, 4 जनवरी, 2078 p o n m e r e t o r H a n e e a u n [ a n o m a n ¢ t a r | a c e ज ल a m e n er o » a e ४ 2 ० B a y u m a ह े | o p p w i z e o h s n g u t o r n | y p m ब ल बंद क े o m | e u r w e e e c u a [ m o n e y स ह ब ा | a e J त क e e t o e d e b e n [ a r m i e s = e o n | m b a n g ey o c to r १ ० | o e p e g u o m | c y p e R a O e o a | p e@ Qt i e e S| O D o n a n l a 5 ० ९ अ B R D m aब a c | u u n c e p ee a y s wo c t o n | o y e j eg z ख ु दo 2 0 oe y a a| र s | u s ce pp y n p H क े u z Oे m | न ि ज ह R U ै O O F O B क ी . u a eb F is n sp B e y y f e e e” a k a क द म ं व र e t ] G y e u s n p a g s a s a a a c o m n e e e w e ] p a p e अ प e s e i e o k g h | c m a b e h | s i n h @ a s i g h | o o 2 ० a h g h n g s 6 6 e e | a m e ८ ७ «% ० o n ik tg h g| h | c o he n yh g h t | s e m e n i h g h | c o b u n a h h e w‘ a a n ee s g ७ ‘ u sa ai a g क ो e a aa ye aee nm a # e 6 8 न े |» b‘ a an wa u e | 0 0 : s m s h k | o s 2 m a k n g o s s ‘ a 6 ८ 2 ४ |m g | m aa aa a e n p a n द ो e r y o h क े o n e न ि म ् न oa r ms m nb k i gg kh | | ao o nh og a ee v m k e g nh | o n ae u em m k a l e a e s s i n g s g o a B e श ो र iy४ a ip ya e o i2 ( म nे e e e a y m a p a ( 3 ) g h | c o r e n h e h e n g i o o . o k l e | m a p b a ( 2 ) « 2 7 2h 2u n 4i c a m a ks e n |g e 6उत्तर प्रदेश असाधारण aE, 4 जनवरी, 2008 g a H p i b b ‘ a t a b I 806 agus sine LF क क as e n i M @ , e p ा क स e p e p w स इ े म y l a M b a e i l l a e w D A h e I Q e e j || e l e l a M a b o h l e y o y k l a B न इ न ि प F - e i e b l g a g n e t a e t a @ ह क ० 2 p o B p o t i Q स न क प ४ B A R Y a W e I र क S H R A R : O क क e s u m e i F E Y e L ) k e M ) a R R R O e n i e y e e J g i B , न ग a win OF इ 22 ae) Lata ae ble 22 ye wah aa By. g i n ytoase e y a i y े स g n l t h g n l g i E A p e क क र म e a ी स ल ा व g ) e U F O e L E Y s o a L e t g i m A e t n A y a G e m E N E Y R A R d l a s e k l t क क n u 2 2 g o k n e i g n a ै ह h o t e l p o ain p B e u h @ s u w y g n i e y / e b a m a p d p m o s e l s i a @ T E N i o a l i Z - e i p n i I थे a u 5 2 5 0 a a y p a i n g u h o v o B a व ् य य a d h 6 4 B p m i j n y a p इ न y a n k B e u ‘ g o t h s a a n e a m a S 2 b M p a y j o Q S / 9 0 0 O D 2 2 a Me e u q ( o p i e i a ) e n i m i ा झ s i B e l i b U य ि ट च इ e n n i 2 4 ) R D L @ s e p a e n a L D N A o Y ) a l E P r u b ि क ि श द व ि न y e a Y ै ह D a B @ i nile ‘gine unk gui (gious y p g l n p i o w a k e @ w a l e E B क े o m j a n u l a t e g u e a t a d e @ y o n i o s B h w i m g g e a r a n | 2 k lg a 2 y e p e y p p a u l o प द B p y e i n g i S o g y n t u s m i e w a p i e h h p h s e i n ‘ p e e w p n e r @ R a t e p i g u h y s R E b o r ki n g g y h a k ध न g h i e | B a इ च ् य ् य e b a m s y a ‘ e n e a r e d ] ० , ] o r o e a u o v o y a a e g a s 2 e l a s @ k v e n a h G | m a k s a h g n a | t o n o a n a h | z o h a w h g ० 2 s y a k a k e y n p g n a ) n i s हे कि न ie oil gh wb woke rns ऊ शक “8 | = 7 0 0 0 ० 0 8 f o r e , | 0 a } — न म o w } = F o a v e s o a a : े र अ s a e S h t a e l i e ‘ n a h B y a a | न ध n a e B s y n a | e c i d n i n a a B y y a s प क | d i p 8 s m G L u g e ) t y a B g u o r o o | g a g e s o c o a | e p g i s o v e c o | u g g u s v e s c o | c o w i e B o n a a y u p p e z o o | p n g e n e व “ | 6 4

Continue your research