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Date: 2022-06-17 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल उद्योग नीति-2018(यथासंशोधित) के प्रस्तर-12.5 के अन्तर्गत केन्द्र सरकार की योजना के अन्तर्गत स्वीकृत मेडिकल डिवाइस पार्क के अन्तर्गत स्थापित होने वाली इकाईयों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन के संबंध में।

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Executive Summary & Key Takeaways

ज़रूर, दिए गए नीति पाठ का सारांश यहाँ दिया गया है: **कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल उद्योग नीति-2018 (यथासंशोधित) के तहत मेडिकल डिवाइस पार्क के भीतर स्थापित इकाइयों को प्रोत्साहन प्रदान करने पर केंद्रित है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) को राज्य कार्यान्वयन एजेंसी (एसआईए) के रूप में नामित किया गया है। यह पत्र प्रासंगिक प्राविधानों और संशोधनों को रेखांकित करता है और पात्र इकाइयों के लिए प्रोत्साहन और प्रक्रियाओं को निर्धारित करता है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** * **पात्रता और कार्यान्वयन:** * मेडिकल डिवाइस पार्क परियोजना के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) को राज्य कार्यान्वयन एजेंसी (एसआईए) के रूप में नामित किया गया है। * नीति के तहत, केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत स्वीकृत मेडिकल डिवाइस पार्कों को औद्योगिक विकास विभाग द्वारा विकसित किया जाएगा। * **वित्तीय प्रोत्साहन:** * सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए, संयंत्र और मशीनरी की खरीद के लिए ऋण पर अधिकतम 7.5% की वार्षिक सीमा के अधीन अधिकतम 2 करोड़ रुपये की ब्याज सब्सिडी, वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तारीख से 10 वर्षों तक की अवधि के लिए दी जाएगी। * पात्र इकाइयों को वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तारीख से 10 वर्षों तक की अवधि के लिए राज्य को दिए गए शुद्ध एसजीएसटी के 70% की प्रतिपूर्ति प्राप्त होगी या स्थिर पूंजी निवेश के 100% की वसूली तक, जो भी पहले हो। * कच्चे और तैयार माल के लिए, राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर पर एयर कार्गो हैंडलिंग चार्ज और फ्रेट चार्ज के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। * नियोक्ता के अंश के 50% की दर से ईपीएफ की प्रतिपूर्ति। * **अन्य प्रोत्साहन:** * शून्य अपशिष्ट प्रोत्साहन: पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक वाटर रीसाइक्लिंग, हार्वेस्टिंग और शून्य उत्प्रवाह तकनीक अपनाने के लिए लिए गए ऋण के ब्याज पर पर्यावरण संरक्षण अवस्थापना ब्याज सब्सिडी के रूप में 5 वर्षों तक 50 प्रतिशत वार्षिक प्रतिपूर्ति, अधिकतम कुल 10 लाख रुपये की सीमा तक अनुमन्य होगी। * स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी। * विपणन सहायता: एमएसएमई इकाइयों को अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों/मेलों में भाग लेने के लिए व्यय का 50 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति दी जाएगी। * पेटेंट फाइलिंग शुल्क: घरेलू पेटेंट के लिए अधिकतम 1.5 लाख रुपये के अधीन प्रदत्त पेटेंट पर वास्तविक फाइलिंग लागत का 100 प्रतिशत तक और अंतर्राष्ट्रीय पेटेंट के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये के अधीन प्रदत्त पेटेंट पर वास्तविक फाइलिंग लागत का 50 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति की सुविधा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ होने के 10 वर्ष की अवधि में अनुमन्य होगी। * **भूमि लीज दरें और शुल्क:** * भूमि आवंटन के लिए भूमि लीज दरें यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में लागू होंगी, भू-आवंटन दरें भूखण्डों के क्षेत्रफल के आधार पर 4050.00 रुपये से 6670.00 रुपये प्रति वर्गमीटर तक परिवर्तित होती है। * **उपयोगिता शुल्क:** * विद्युत 3.95 रुपये प्रति किलोवाट की दर से 10 वर्षों तक उपलब्ध कराया जाएगा। विद्युत दरों में अन्तर की धनराशि की प्रतिपूर्ति औ‌द्योगिक विकास विभाग के बजट से की जाएगी। 10 वर्ष की अवधि में प्रतिवर्ष अधिकतम 5 प्रतिशत की वृद्धि की जा सकेगी। * इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट 10 वर्षों तक प्रदान की जाएगी। * इकाईयों को एकल बिन्दु कनेक्शन के साथ ओपन एक्सेस की सुविधा प्रदान की जाएगी। * पार्क में स्थापित इकाईयों को विद्युत के वितरण के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) को वितरण लाइसेन्स प्रदान किया जाएगा। * जल- 4 रुपये प्रति केएल की दर से 10 वर्षों तक उपलब्ध कराया जाएगा। * पार्क अनुरक्षण शुल्क के रूप में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। * **अनुमोदन प्रक्रिया:** प्रोत्साहन के लिए, औद्योगिक विकास विभाग नोडल विभाग होगा, और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) को नोडल एजेंसी माना जाता है। * **अनुपालन:** मेडिकल डिवाइस पार्क के अन्तर्गत स्थापित होने वाली इकाईयों द्वारा संगत पर्यावरणीय नियमों/अधिनियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। **प्रभाव विश्लेषण:** **प्रमुख हितधारक:** * **मेडिकल डिवाइस पार्क में स्थापित होने वाली इकाइयां:** * **प्रभाव:** इस नीति के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों और सुविधाओं से सीधे लाभान्वित होते हैं, जिससे निवेश आकर्षित होता है और विनिर्माण को बढ़ावा मिलता है। * **आवश्यक कार्रवाई:** पत्र में उल्लिखित प्रक्रिया के अनुसार प्रोत्साहन के लिए आवेदन करना और अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करना। * **यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा):** * **प्रभाव:** परियोजना को लागू करने के लिए जिम्मेदार राज्य कार्यान्वयन एजेंसी (एसआईए) के रूप में नामित। * **आवश्यक कार्रवाई:** मेडिकल डिवाइस पार्क के विकास और प्रबंधन की देखरेख करना, प्रोत्साहनों के लिए आवेदनों का मूल्यांकन करना और अनुपालन सुनिश्चित करना। * **उत्तर प्रदेश सरकार (औद्योगिक विकास विभाग):** * **प्रभाव:** नीति कार्यान्वयन की देखरेख और बजट आवंटित करने के लिए जिम्मेदार। * **आवश्यक कार्रवाई:** नीति कार्यान्वयन की निगरानी करना और आवश्यक सहायता प्रदान करना। * **सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग:** * **प्रभाव:** एमएसएमई इकाइयों के लिए समर्थन और प्रोत्साहन प्रदान करने में शामिल। * **आवश्यक कार्रवाई:** एमएसएमई इकाइयों के लिए नीति के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना और सहायता प्रदान करना। आशा है कि यह मदद करता है!

Key Entities Referenced

उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल उद्योग नीति-2018 (यथासंशोधित): उत्तर प्रदेश में फार्मास्युटिकल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई नीति, जिसे समय-समय पर संशोधित किया गया है। मेडिकल डिवाइस पार्क: केंद्र सरकार की योजना के तहत स्वीकृत मेडिकल डिवाइस पार्क, जहाँ स्थापित इकाइयों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा): उत्तर प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क परियोजना के लिए नामित State Implementing Agency (SIA) है। औद्योगिक विकास विभाग: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो इस नीति के कार्यान्वयन और प्रोत्साहन संवितरण के लिए नोडल विभाग है। केंद्र सरकार की मेडिकल डिवाइस पार्क योजना: मेडिकल डिवाइस पार्कों की स्थापना के माध्यम से मेडिकल डिवाइस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की एक पहल।
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WEAT-24/2022/456/77-6-2022-05(ta)/7EH-3() प्रेषक, अरविन्द कुमार अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, I-30t मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, वित्त/न्याय/खाद्य सुरक्षा एवं. औषधि प्रशासन/स्टाम्प Ud रजिस्ट्रेशन/राज्य. ASAT, वन एवं. जलवायु परिवर्तन/व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास/ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। 2-मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यीडा। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 77 जून, 2022 विषय- उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल उद्योग नीति-208(यथासंशोधित) के प्रस्तर-2.5 के अन्तर्गत केन्द्र सरकार की योजना के अन्तर्गत स्वीकृत “मेडिकल डिवाइस पार्क” के अन्तर्गत स्थापित होने वाली इकाईयों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषय के संबंध में अवगत कराना है कि शासनादेश संख्या-2063/77-6- 20-5(एम)/207टीसी-3 दिनांक 04 अगस्त, 2020 दूवारा भारत सरकार की योजना के अन्तर्गत प्रदेश A मेडिकल डिवाइस पार्क परियोजना के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को State Implementing Agency (SIA) नामित किया गया है। 2- भारत सरकार की “मेडिकल डिवाइस पार्क” योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गोतमबुदूधनगर जनपद में मेडिकल डिवाइस पार्क (ast दूवारा) की स्थापना किए जाने हेतु प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान करने हेतु भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया गया, जिसमें राज्य सरकार की तरफ से पार्क में स्थापित होने वाली इकाईयों को दिए जाने वाले इन्सेन्टिव को चिन्हित करते हुए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। भारत के विभिन्‍न राज्यों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच भारत सरकार CANT उत्तर प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना की सैद्धान्तिक स्वीकृति दी गई। 3- ATO मंत्रिपरिषद के अनुमोदनोपरान्त अधिसूचना AEA-28/2078/7489/3to0Rh- 8-07औ0/8, दिनांक 08.06.20I8 दूवारा उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल उद्योग नीति- 20i8 प्रख्यापित की गई है। इसके HA A अधिसूचना संख्या-4764/77-6-20- I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |5(WH)/207 टीसी-3, दिनांक 43.07.2020 दूवारा इस नीति में प्रथम संशोधन तथा अधिसूचना AA-49/202/2 38/3tSSRA-2-07370/8, दिनांक 75.44.2027 दूवारा इस नीति में द्वितीय संशोधन जारी किया गया है। इस नीति में फार्मास्युटिकल उद्योग को बढावा देने के लिए विभिन्‍न प्रोत्साहन प्रदान किए जाने का प्राविधान है। उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल उद्योग नीति (यथासंशोधित) के प्रस्तर-2.5 में निम्नवत प्राविधान है:- “42.5- केंद्र सरकार की योजना के अधीन स्वीकृत कोई dow ड्रग पार्क/मेडिकल डिवाइस पार्क, औद्योगिक विकास विभाग दू्‌वारा विकसित किया जाएगा। ऐसे पार्कों में इकाइयों के लिए प्रोत्साहन, जो वर्तमान नीति में प्रदान किए गए प्रोत्साहन के अतिरिक्त हैं, का अवधारण औद्योगिक विकास विभाग दूवारा मा0 मंत्रि-परिषद के सम्यक अनुमोदन के पश्चात किया जाएगा।” 4- मा0 AM परिषद के अनुमोदनोपरान्त अधिसूचना संख्या-49/202/238/ अठठासी- 27-07औ0/8, दिनांक 5.4.202] gant निर्गत उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल उद्योग नीति-208 (यथा संशोधित) के Wat (2.5 में निम्नवत संशोधन किए जाने की श्री राज्यपाल द्वारा सहर्ष स्वीकृति प्रदान की जाती है:- वर्तमान प्रस्तर संशोधित प्रस्तर "|2.5- केंद्र सरकार की योजना H/'2.5- he सरकार की योजना के अधीन अधीन स्वीकृत कोई Soh ड्रग स्वीकृत कोई sem ड्रग. पार्क/मेडिकल पार्क/मेडिकल डिवाइस पार्क, | डिवाइस पार्क, औद्योगिक विकास विभाग औद्योगिक विकास विभाग दूवारा | cant विकसित किया जाएगा। विकसित किया जाएगा। ऐसे wet A इकाईयों के लिए अनुमन्य ऐसे पार्कों में इकाइयों के लिए | प्रोत्साहनों का अवधारण औद्योगिक विकास प्रोत्साहन, जो वर्तमान नीति में प्रदान | विभाग cant HO मंत्रि परिषद के सम्यक किए गए प्रोत्साहन के अतिरिक्त हैं, | अनुमोदन के पश्चात किया जायेगा।" का. अवधारण औद्योगिक विकास विभाग दूृवारा AIO मंत्रि-परिषद के सम्यक अनुमोदन के पश्चात किया SIVA |” 5- ... उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल उद्योग नीति 20i8 (यथासंशोधित) के WER-2.5 में प्राविधानित व्यवस्था के अधीन केन्द्र सरकार की योजना के अधीन स्वीकृत मेडिकल डिवाइस पार्क के अन्तर्गत स्थापित होने वात्ली इकाईयों को निम्नवत इन्सेन्टिव दिए जाने का निर्णय लिया गया है:- 5.i- पूंजीगत ब्याज सब्सिडी- मेडिकल डिवाइस पार्क के अन्तर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा गैर एमएसएमई उद्योगों के लिए प्रति I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |इकाई अधिकतम रू. 2.00 करोड़ की वार्षिक सीमा के अध्यधीन, सयंत्र और मशीनरी की खरीद हेतु लिए गए ऋण पर अधिकतम 7.5 प्रतिशत की दर से ब्याज की प्रतिपूर्ति वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ होने की तिथि से 0 वर्षों तक प्रदान की जाएगी। 5.2- एस0जी0एस0टी0 प्रतिपूर्ति- मेडिकल डिवाइस पार्क के अन्तर्गत इकाईयों को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ होने की तिथि से i0 वर्ष की अवधि तक राज्य को प्रतिवर्ष अर्जित नेट एसजीएसटी के 70 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति अथवा स्थिर पूंजी निवेश के 00 प्रतिशत की वसूली तक, जो भी पहले हो की जाएगी। प्रतिपूर्ति की वार्षिक सीमा स्थिर पूंजी निवेश के (0 प्रतिशत की सीमा तक अनुमन्य होगी। नेट एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति jase आधार पर देय होगी। पार्क के अन्तर्गत स्थापित होने वात्ली इकाईयों GANT शासनादेश संख्या- 2/2020/395/77-6-2020-05(tA)/I7ERh-2, दिनांक 2 जून, 2020 ant निर्गत मानक परिचालन प्रक्रिया (स्टैण्ड्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) (संशोधित दिनांक 74.2.2020 एवं 26.03.2027 ) का अनुपालन करना आवश्यक होगा। 5.3- एयर कार्गों हैंडलिंग चार्ज और we इसेंटिव- कच्चे माल और तैयार माल को देश के अन्दर तथा बाहर परिवहन के लिए राज्य सरकार GaN समय-समय पर तय की गई दर पर एयर oe हैंडलिंग चार्ज और the चार्ज के लिए विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। 5.4- ई0पी0एफ0 प्रतिपूर्ति- मेडिकल डिवाइस पार्क के अन्तर्गत इकाईयों को 700 अथवा उससे अधिक अकुशल श्रमिकों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करने वाली सभी नई औद्योगिक इकाईयों को नियोक्ता के अंश के 50 प्रतिशत की दर से ई0पी0एफ0 प्रतिपूर्ति की सुविधा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ होने के 0 वर्ष तक अनुमन्य होगी। रोजगार के सृजन को बढावा- न्यूनतम 200 कुशल एवं अकुशल प्रत्यक्ष रोजगार सृजन करने वाली इकाईयों को इई0पी0एएफ0 में नियोक्ता अंश का 0 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त प्रतिपूर्ति की सुविधा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ होने के 0 वर्ष तक अनुमनन्‍्य होगी। 5.5- शून्य अपशिष्ट प्रोत्साहन- मेडिकल डिवाइस पार्क के अन्तर्गत स्थापित नई इकाईयों द्वारा पर्यावारण संरक्षण के लिए आवश्यक-वाटर रीसाइक्तिंग, हार्वेस्टिंग और शून्य उत्प्रवाह तकनीक अपनाने हेतु, लिए गए ऋण के ब्याज पर पर्यावरण संरक्षण अवस्थापना ब्याज सब्सिडी के रुप में 05 वर्ष तक 50 प्रतिशत वार्षिक प्रतिपूर्ति, अधिकतम कुल रु0 0 लाख की सीमा तक अनुमन्य होगी। - यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |पर्यावरण संरक्षण सब्सिडी के अन्तर्गत प्रतिपूर्ति उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड द्वारा निर्मत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर दी जाएगी। 5.6- कौशल विकास- केन्द्र सरकार की योजना के अधीन स्वीकृत मेडिकल डिवाइस पार्क के अन्तर्गत स्थापित इकाईयों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अधिकतम 50 प्रशिक्षु प्रतिवर्ष की सीमा तक, प्रति प्रशिक्षु प्रति माह रू0 5000, प्रति वर्ष 06 माह के लिए प्रतिपूर्ति 5 वर्षों तक प्रदान की जाएगी। इसकी प्रतिपूर्ति औद्योगिक विकास विभाग द्वारा की जायेगी। 5.7- पेटेण्ट फाइलिंग शुल्क- केन्द्र सरकार की योजना के अधीन स्वीकृत मेडिकल डिवाइस पार्क हेतु इकाईयों के पेटेन्ट प्राप्त प्रकरणों में घरेलू Ure के लिए अधिकतम .5 लाख रुपये के अध्यधीन प्रदत्त पेटेन्ट पर वास्तविक फाइलिंग लागत का i00 प्रतिशत तक तथा अन्तर्राष्ट्रीय पेटेन्ट के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये के अध्यधीन प्रदत्त पेटेन्ट पर वास्तविक फाइलिंग लागत का 50 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति की सुविधा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ होने I0 वर्ष की अवधि में अनुमन्य होगी। 5.8- गुणवत्ता प्रमाणन- मेडिकल डिवाइस पार्क के अन्तर्गत स्थापित इकाईयों को आई.एस.ओ. प्रमाणीकरण के लिए एक वित्तीय वर्ष में आई.एस.ओ. प्रमाणीकरण व्यय का 75 प्रतिशत अधिकतम रू0 75000 प्रति इकाई तथा बी.आई.एस प्रमाणीकरण व्यय का 50 प्रतिशत, अधिकतम रू0 20 हजार प्रति इकाई प्रतिपूर्ति की जाएगी। avs लीज दर- केन्द्र सरकार की योजना के अधीन स्वीकृत मेडिकल डिवाइस पार्क में भूमि आवंटन के लिए भूमि clot दर यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में लागू होंगे। भू-आवंटन दरें भूखण्डों के क्षेत्रफल के आधार पर रू0 4050.00 से रू0 6670.00 प्रति वर्गमीटर तक परिवर्तित होती है। क्रमांक श्रेणी वर्ष 2020-2। हेतु आवंटन दर 4000 वर्गमी0 तक 6670 2. | 4000 वर्गमी0 - 8000 वर्गमीटर 5680 3 | 8000 वर्गमी0- 20000 वर्गमी0 480 4 | 20000 वर्गमी0 - 40000 वर्गमी0 4370 5 | 40000 वर्गमी0 -80000 वर्गमी0 4240 6 | 80000 वर्गमी0 से अधिक 4050 I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |उपरोक्त से अतिरिक्त भूमि की कुल प्रीमियम पर एकमुश्त लीजरेन्ट 27.50 प्रतिशत की दर से देय होगा जोकि भूखण्डों के क्षेत्रफल के आधार पर BO :74.00 से रू0 (835.00 प्रति वर्गमी0 तक परिवर्तित होता है। I. भू-आवंटन हेतु देय कुल प्रीमियम जोकि भू-आवंटन दर तथा देय ल्लीजरेन्ट का योग है जोकि BO 5464.00 से BO 8505.00 प्रतिमी0 है। 2. लीज की अवधि 90 वर्श है। 3. अवस्थापना/परिसम्पत्तियों के रख-रखाव की लागत लीजरेन्ट में निहित है। 4. भूखण्ड हेतु कुल देय प्रीमियम को 05 वर्ष के अन्दर 0 छमाही किश्तों में देय होगी। उपरोक्त भूखण्ड आवंटन दरों में आगामी (0 वर्षों तक अधिकतम 05 प्रतिशत प्रतिवर्ष की वृद्धि अनुमन्य होगी। 5.I0- उपयोगिता शुल्क- मेडिकल डिवाइस Wh के अन्तर्गत स्थापित इकाईयों को निम्नलिखित सुविधा प्रदान की जाएगीः- l- मेडिकल डिवाइस पार्क के अंतर्गत स्थापित इकाईयों को विद्युत रु0 3.95/केडब्ल्यूणच की दर से 0 वर्षों तक उपलब्ध करायी जाएगी। विद्युत दरों में अन्तर की धनराशि की प्रतिपूर्ति औद्योगिक विकास विभाग के बजट से की जाएगी। 0 वर्ष की अवधि में प्रतिवर्ष अधिकतम 5 प्रतिशत की वृद्धि की जा सकेगी। 2- इलेक्ट्रीसिटी इयूटी में 00 प्रतिशत छूट 0 वर्षों तक प्रदान की जाएगी। 3- इकाईयों को एकल बिन्दु कनेक्शन के साथ ओपन veda की सुविधा प्रदान की जाएगी। 4- पार्क में स्थापित इकाईयों को विद्युत के वितरण के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) को वितरण लाइसेन्स प्रदान किया जाएगा। 5- _ जल- रु0 4 प्रति केएल की दर से 0 वर्षों तक उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवधि में दरों में प्रति वर्ष अधिकतम 05 प्रतिशत की वृद्धि की जा सकेगी। 6- पार्क स्थित वेयरहाउस में भण्डारण के लिए 0 वर्षों तक रु0 00/ वर्गमीटर/माह की दर से शुल्क लिया जाएगा। इसमें प्रति वर्ष अधिकतम 05 प्रतिशत की वृद्धि की जा सकेगी। 7- पार्क अनुरक्षण शुल्क के रूप में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |5.4i- tera इयूटी में we- पार्क स्थित सभी नई इकाईयों के लिए 00 प्रतिशत tery इयूटी मैं छूट अनुमन्य होगी। इसके लिए नियमानुसार बैंक गारण्टी देय होगी। 5./2- विपणन सहायता- एमएसएमई इकाईयां- मेडिकल डिवाइस पार्क के अन्तर्गत स्थापित एमएसएमई इकाईयां अंतर्राष्ट्रीय/प्रदर्शनियों/मेलों में प्रतिभाग करने के लिए व्यय का 50 प्रतिशत, अधिकतम रू0 5 लाख, यात्रा एवं आवास व्यय को छोड़कर, प्रति इकाई व्यय प्रतिपूर्ति की पात्र होंगी। यह प्रोत्साहन इकाई को पूरे नीति अवधि मैं एक बार दिया जाएगा। 6.0- प्रोत्साहनों को प्रदान करने के सम्बन्ध में प्रक्रिया निर्धारण:- 6. केन्द्र सरकार की योजना के अधीन स्वीकृत मेडिकल डिवाइस पार्क के अन्तर्गत स्थापित इकाईयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने तथा प्रोत्साहन संवितरण के लिए औद्योगिक विकास विभाग नोडल विभाग होगा। 6.2 ‘asa संस्था” at तात्पर्य यमुना vated औद्योगिक विकास प्राधिकरण(यीडा) से है। 6.3 नोडल संस्था दूवारा मेडिकल डिवाइस पार्क का कार्यान्‍्वयन/प्रबन्धन किया जाएगा। लेटर ऑफ कम्फर्ट प्राप्त करने तथा प्रोत्साहन प्राप्त करने हेतु समस्त आवेदन नोडल संस्था के समक्ष सिंगल विण्डो पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत किये जाएंगे। 6.4 प्राप्त आवेदनों का नोडल संस्था द्वारा आवश्यक मूल्यांकन किया जाएगा। तदोपरान्त औद्योगिक विकास विभाग उत्तर प्रदेश शासन के माध्यम से स्पष्ट संस्तुतियों सहित उच्चस्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। 6.5 इस प्रयोजन हेतु अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन निम्नानुसार किया जाएगाः- (क)- 3 मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग। (ख) अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग। (ग)- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, वित्त विभाग। (घ)- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग। (3)- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, tera एवं रजिस्ट्रेशन विभाग। (च)- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, न्याय विभाग। (छ)- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, ऊर्जा विभाग। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(ज)- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग। (झ)- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, राज्य कर fast (अ)- अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, पर्यावरण, वन एवं aay परिवर्तन विभाग। (ट)- सचिव, प्रदूषण नियंत्रण STS | (ठ)- निदेशक, निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो। (ड)- औषधि नियंत्रक, उ0प्र0| (ढ)- मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यमुना एक्सपे्‌रसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा)- सदस्य सचिव/संयोजक। उक्त समिति की बैठकों में आवेदको के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा, यद्यपि अनुमोदन की प्रक्रिया आवेदक की अनुपस्थिति के कारण बाधित नहीं होगी। 6.6 उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों के उपरान्त 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' जारी करने तथा प्रोत्साहन लाभ के वितरण के प्रस्ताव को निम्नलिखित प्राविधानों के अनुसार अंतिम अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा- e रू. 500 करोड़ तक के पूंजी निवेश के प्रस्ताव माननीय मंत्री, औद्योगिक विकास विभाग के समक्ष तथा ०«..... रू. 500 करोड़ से अधिक के पूंजी निवेश के प्रस्ताव माननीय मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। 6.7 आवेदन पत्रों को प्रस्तुत करने एवं लाभ दिए जाने के संबंध में प्रक्रिया आदि निर्धारण औद्योगिक विकास विभाग द्वारा किया. जाएगा। योजना के कार्यान्वयन की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। योजना की व्याख्या पर किसी भी स्पष्टीकरण की आवश्यकता होने की दशा में उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति पर मा0 मंत्री, औद्योगिक विकास विभाग के अनुमोदन के उपरान्त ऐसा स्पष्टीकरण किया जाएगा। 6.8 योजना से संबंधित बजट औद्योगिक विकास विभाग के लेखा-शीर्षक से वहन किया जाएगा। 6.9 समस्त प्रोत्साहन धनराशि का 0.5 प्रतिशत यीडा द्वारा प्रशासनिक शुल्क के रूप में कटौती कर लिया जाएगा। 7- ... मेडिकल डिवाइस पार्क के अन्तर्गत स्थापित होने वाली इकाईयों द्वारा संगत पर्यावरणीय नियमों/अधिनियमों तथा AO न्यायालयों/न्यायाधिकरणों GANT समय-समय पर निर्गत आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |8-... इस संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया तदनुसार अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित कराने का कष्ट करें। भवदीय, अरविन्द कुमार अपर मुख्य सचिव। संख्या एवं दिनांक-तदैव। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्कय कार्यवाही हेतु प्रेषित:- |- सचिव, औषध विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार। 2- स्टाफ ऑफिसर, मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन। 3- मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यूपी। 5- मुख्य Hoh अधिकारी, समस्त औद्योगिक विकास प्राधिकरण | 4- प्रबन्ध निदेशक, पिकप। 5- जिलाधिकारी, गौतमबुदूधनगर | Oo गार्ड फाइल। I आज्ञा से, अनिल कुमार संयुक्त सचिव।| I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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