Date: 2020-07-01Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग तथा लॉजिस्टिक्स नीति-2018 के क्रियान्वयन सम्बन्धी मार्गदर्शी सिद्धान्त/नियमावली के प्रस्तर-2 शीर्षक ''परिभाषाएं'' के उपप्रस्तर-2.4 को निम्नवत् संशोधित किये जाने तथा नए उपप्रस्तर-2.22, 2.22.1 एवं 2.22.2 को जोड़े जाने के संबंध में।
**Summary:**
This document, numbered 22/2020/1106/77-6-2020-एल0सी0-4/2018 and issued by the Government of Uttar Pradesh, Department of Industrial Development, Section-6, dated July 1, 2020, pertains to modifications in the Uttar Pradesh Warehousing and Logistics Policy-2018.
**Key changes include:**
* **Amendment to Clause 2.4 (Definition of 'Date of Acceptability'):** The "Date of Acceptability" now refers to the date on which an eligible unit commences commercial operations after achieving the required capital investment limit, as defined in Clause 3.2 of the policy, based on its category. If capital investment is done in phases, commencement of commercial operations of at least one phase by an eligible unit is required and the date of acceptability should come before the request for disbursement of incentives. Only those eligible units which have come into production after the effective date will be eligible for benefits. It must be certified by the concerned Deputy Commissioner of Industries, District Industries and Enterprise Promotion Center or a Chartered Accountant that commercial operation has commenced.
* **Addition of Clause 2.22 (Definition of 'Eligible Period for Investment'):**
* **2.22.1:** For warehousing and logistics units defined under Clauses 3.2.2, 3.2.3, and 3.2.4 of the policy, the 'Eligible Period for Investment' is from the specified cut-off date within the effective period of these rules, up to 3 years, or until the date of commencement of commercial operations, whichever is earlier.
* **2.22.2:** For logistics parks defined under Clause 3.2.1 of the policy, the 'Eligible Period for Investment' is from the specified cut-off date within the effective period of these rules, up to 5 years, or until the date of commencement of commercial operations, whichever is earlier. During this period, the developer must develop a minimum of 80% of the total park area for key (core) logistics services and 20% for related infrastructure.
**Other Details:**
* The document clarifies that the guiding principles/regulations related to the implementation of the Uttar Pradesh Warehousing and Logistics Policy-2018 are amended to the extent indicated, with remaining terms/provisions unchanged.
* **Contact:** A copy has been sent to Awanish Kumar Awasthi, Additional Chief Secretary. For authenticity verification, the official website is http://shasanadesh.up.gov.in.
Key Entities Referenced
Uttar Pradesh Warehousing and Logistics Policy-2018: The primary policy document being amended by this order.
Uttar Pradesh: The state where this policy is applicable.
Industrial Development Section-6: The government department issuing the amendment.
उत्तर प्रदेश शासन
औद्योगिक विकास अनुभाग-6
WEAI—-22/2020/ 06/77-6-2020-ta0et0-4/208
लखनऊ: दिनांक 0 जुलाई, 2020
कार्यालय-ज्ञाप
कार्यालय-ज्ञाप ALA-279/77-6-208-V. H.4/208 दिनांक 06 जुलाई, 2020 cant
निर्गत उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग तथा लॉजिस्टिक्स aAifa-208 के क्रियान्वयन सम्बन्धी मार्गदर्शी
सिद्घान्त/नियमावल्ली के प्रस्तर-2 शीर्षक "परिभाषाएं" के उपप्रस्तर-2.4 को निम्नवत् संशोधित
किये जाने तथा नए उपप्रस्तर-2.22, 2.22. एवं 2.22.2 को जोड़े जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष
स्वीकृति प्रदान करते है:-
वर्तमान व्यवस्था संशोधित व्यवस्था
2.4- 'स्वीकार्यता की तिथि' का तात्पर्य नीति 2.4- edema at far का तात्पर्य उस
के अन्तर्गत सुविधाओं के आहरण के तिथि से है, जो उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग
प्रयोजनार्थ उस तिथि से है जिस पर Ud लॉजिस्टिक्स नीति-208 के
ad के... अन्तर्गत... परिभाषित अन्तर्गत प्रोत्साहन के आहरण के लिए
लॉजिस्टिक्स पार्क परियोजनाओं द्वारा उपयोग की जाए। यह वह तिथि है, जिस
उसकी श्रेणी के अनुसार पात्र पूँजी पर नीति के अनुच्छेद-3.2 में पारिभाषित
निवेश की न्यूनतम सीमा प्राप्त कर एक पात्र इकाई द्वारा उसकी श्रेणी के
स्थापित किया जा चुका हो। अनुसार उपयुक्त पूंजी निवेश की सीमा
प्राप्त करने के बाद वाणिज्यिक संचालन
प्रारम्भ किया जाए। बशर्ते कि जब पूंजी
निवेश चरणों में किया जाए, तब पात्र
इकाई दूवारा न्यूनतम एक चरण का
वाणिज्यिक संचालन प्रारम्भ कर दिया
गया हो तथा प्रोत्साहन के संवितरण हेतु
अनुरोध के पूर्व स्वीकार्यता तिथि आ गई
हो। यह स्पष्ट किया जाता है कि केवल
ऐसी पात्र इकाईयां जो प्रभावी तिथि के
पश्चात् उत्पादन में आयी हैं, लाभ के
लिए पात्र होंगी। पात्र इकाई aan
वाणिज्यिक संचालन प्रारम्भ कर दिया
गया हो तथा इस तथ्य को संबंधित
उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं
उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र अथवा एक aes
एकाउंटेट द्वारा प्रमाणित किया गया हो।
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2.22 "निवेश की पात्र अवधि" का तात्पर्य ऐसी अवधि से है, जोः-
2.22. नीति के अनुच्छेद 3.2.2, 323 और 3.24 के अन्तर्गत परिभाषित
वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स इकाइयों के प्रकरण A, इन नियमों की प्रभावी
अवधि मैं पड़ने वात्री निर्दिष्ट तिथि (cut of date) A प्रारम्भ हो कर 3 वर्ष की
अवधि अथवा वाणिज्यिक संचालन प्रारम्भ होने की तिथि तक, इनमें से जो
भी पहले हो, तक होगी।
2.22.2 नीति के अनुच्छेद 3.2. के अन्तर्गत परिभाषित लॉजिस्टिक्स पार्क के प्रकरण
में, इन नियमों के प्रभावी अवधि में पड़ने वाली निर्दिष्ट तिथि (cut of date) से
प्रारम्भ हो कर 5 वर्ष की अवधि अथवा वाणिज्यिक संचालन प्रारम्भ होने की
तिथि तक, जो भी पहले हो, तक होगी। इस अवधि के दौरान विकासकर्ता
द्वारा नीति में परिभाषित प्रमुख (कोर) लॉजिस्टिक्स सेवाओं के लिए कुल
पार्क क्षेत्र का न्यूनतम 80 प्रतिशत क्षेत्र तथा संबंधित अवस्थापना सुविधाओं
के लिए कुल पाक क्षेत्र का न्यूनतम 20 प्रतिशत क्षेत्र विकसित किया जाना
चाहिए।
2. कार्यालय-ज्ञाप ALA-279/77-6-208-a H.4/208 दिनांक 06 जुलाई, 2020 cant
निर्गत उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग तथा लॉजिस्टिक्स alla-20i8 के क्रियान्वयन सम्बन्धी मार्गदर्शी
सिद्धान्त/नियमावल्ली को उक्त सीमा तक संशोधित समझा जाए। शेष शर्तें/प्राविधान यथावत् रहेंगे।
आलोक कुमार
अपर मुख्य Ufa |
AEA: 22/2020/7 06()/77-6-20-va0H0-4/8 Aaieaien
प्रतिलिपि elect सहित निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
. महालेखाकार, लेखा परीक्षा प्रथम एवं द्वितीय, उ0प्र0, sclera |
2 अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्रमुख सचिव, उ0प्र0 शासन।
3. प्रमुख सचिव, मा0 मुख्यमंत्री, उ0प्र0 शासन।
4 औद्योगिक विकास विभाग के नियन्त्रणाधीन समस्त विभागाध्यक्ष/निगमों के अध्यक्ष/प्रबंध
निदेशक एवं औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के अध्यक्ष।
औद्योगिक विकास विभाग के समस्त संयुक्त सचिव, उप सचिव, अनु सचिव एवं समस्त
अऊअनभाग|
2
स्टाफ आफीसर, मुख्य सचिव, SOW शासन।
- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |निदेशक, सूचना Ud जनसम्पर्क विभाग, SOW लखनऊ।
निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, ऐशबाग, लखनऊ को नियमावलत्री की प्रति संलग्न कर इस
अनुरोध के साथ प्रेषित है कि कृपया नियमावत्ली की 500 प्रतियाँ मुद्रित करा कर
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 को उपलब्ध कराने एवं समस्त जिलाधिकारी उत्तर प्रदेश तथा
समस्त मण्डलायुक्त उत्तर प्रदेश को मुद्रित प्रतियाँ प्रेषित करने का कष्ट करें।
वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6
0. नियोजन अनुभाग-
7. गार्ड फाइल।
आज़ा से,
रजनी Bled पाण्डेय
अनु सचिव।
I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |