**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़, आलोक कुमार, अपर मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन द्वारा 17 सितंबर, 2020 को औद्योगिक विकास विभाग-6 के माध्यम से जारी किया गया, उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2018 (यथासंशोधित) के कार्यान्वयन के लिए दिशा निर्देश प्रदान करता है। यह नीति, दिनांक 16 जुलाई, 2018 और 5 दिसंबर, 2019 को जारी किए गए संशोधनों के अधीन है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*उद्देश्य और लक्ष्य:*
* उत्तर प्रदेश को रक्षा तथा एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र हेतु सर्वोत्तम गंतव्य के रूप में स्थापित करना।
* रक्षा तथा एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्रों के लिए निजी औद्योगिक पार्कों को प्रोत्साहन।
* बाजार के अंतर को कम करना तथा रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों की आवश्यकताओं को पूर्ण करने हेतु राज्य में सहायक इकाइयों को उनसे जोड़ना।
* एक्सप्रेसवे व समर्पित रक्षा/एयरोस्पेस गलियारों के संरेखित क्षेत्र में फलने-फूलने वाले औद्योगिक समूहों की स्थापना व उन्हे सहूलियत देना।
* रक्षा क्षेत्र में निर्यातोन्मुख विनिर्माण आधार का विकास।
* एंकर रक्षा तथा एयरोस्पेस विनिर्माण परियोजनाओं के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाइयों (DPSUs) / ऑर्डिनेस फैक्टरी बोर्ड (OFB) को राज्य में आकर्षित कराना।
* रक्षा तथा एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र में आनुषंगिक / सहायक उद्योग को प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का विकास।
* रक्षा तथा एयरोस्पेस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करना तथा निरंतर प्रौद्योगिकी उन्नयन सुनिश्चित करना।
* रक्षा व एयरोस्पेस के परिक्षेत्र में अत्याधुनिक अनुसंधान व विकास को प्रोत्साहन व तकनीकि उन्नयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आई.आई.टी. कानपुर व बी०एच०यू० वाराणसी व अन्य स्थानों पर तकनीकी सुगमता केन्द्र की स्थापना करना जिनका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र व रक्षा/एयरोस्पेस उद्योग को सहायता उपलब्ध कराना होगा।
* रक्षा व एयरोस्पेस व सामरिक ज्ञान क्षेत्र में कौशल विकास को विकसित करना तथा समर्थन के साथ-साथ प्रोत्साहित करना।
* भारत में नवीन प्रोद्भूत आभार/कर्तव्य (offset obligations) हेतु नामित कम्पनियों/संस्थानों के सकल निवेश के सार्थक हिस्से के व्यापार को प्रदेश में आकर्षित करना।
* रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण पार्क/समूह हेतु हवाई मार्ग सुविधा/सड़क/रेल यातायात को समृद्ध करने की सुविधा प्रदान किया जाना।
* प्रदेश में कार्यरत एम.एस.एम.ई. इकाईयों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उद्देश्य से तथा प्रदेश में नई एम.एस.एम.ई. इकाईयों को आकर्षित करने के उद्देश्य से Common Facility centers (CFCs) की स्थापना की जाएगी जो सार्वभौम सुविधाओं तथा उत्पादक, डिजाईन, ज्ञान क्षेत्र का अन्वेषण प्रोटोटाइपिंग, समेकित विनिर्माण अन्वेषण व विकास केन्द्र व प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना को सहूलियत प्रदान करें, साथ ही प्रशिक्षण केन्द्र, प्रशिक्षण व प्रमाणन की सुविधा एम०एस०एम०ई० क्षेत्र को उपलब्ध कराना।
*प्रमुख नियम और शर्तें:*
* यह नीति उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2018 (यथा संशोधित) द्वारा शासित है।
* यह दिशानिर्देश तब तक लागू रहेंगे जब तक राज्य सरकार द्वारा इनमें संशोधन नहीं किया जाता है।
* नोडल संस्था "उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण" (यूपीडा) है।
* दिशा निर्देश नीति के तहत परिभाषित सभी इकाइयों पर लागू होंगे।
* उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे (UPDIC) की नोड्स में झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़, कानपुर, आगरा, लखनऊ और GoUP द्वारा अधिसूचित कोई भी अतिरिक्त सम्मिलित/संशोधन शामिल हैं।
*परिभाषाएं:*
* निजी रक्षा तथा एयरोस्पेस पार्क उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा शासित होंगे।
* एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे औद्योगिक अपशिष्ट जल को उसके पुनः उपयोग के लिए तैयार किया जाता है।
*अनुमोदन समिति:*
* 200 करोड़ तक के औद्योगिक उपक्रमों के लिए, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक स्वीकृति समिति का गठन किया जाएगा।
* 200 करोड़ से ऊपर के निवेशों के लिए, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित इम्पावर्ड कमेटी की संस्तुतियों के आधार पर मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन प्रदान किया जाएगा।
*अन्य प्रमुख बिंदु:*
* सामान्य सुविधा केंद्र (सी0एफ0सी0) की स्थापना के लिए, आवेदक को परिकल्पित सामान्य सुविधा केंद्र (सी०एफ०सी०) पर कुछ बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकारण (यूपीडा) के समक्ष आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होगा। यूपीडा द्वार प्राप्त आवेदन को राज्य सरकार की पूर्वानुमति के बाद ही रक्षा मंत्रालय को प्रेषित किया जाएगा।
* प्रोत्साहन में स्टाम्प ड्यूटी छूट, पेटेंट लागत प्रतिपूर्ति, गुणवत्ता प्रमाणन, ट्रेडमार्क पंजीकरण और परिवहन प्रभार पर छूट शामिल हैं।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**अपर मुख्य सचिव / प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन:**
*प्रभाव:* इस नीति के कार्यान्वयन की निगरानी और समन्वय करने के लिए जिम्मेदार हैं।
*आवश्यक कार्रवाई:* नीति के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
**समस्त मण्डलायुक्त / जिलाधिकारी, उत्तर प्रदेश:**
*प्रभाव:* अपने संबंधित जिलों में नीति के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार हैं।
*आवश्यक कार्रवाई:* नीति के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
**औद्योगिक इकाइयां:**
*प्रभाव:* प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे और समर्थन से लाभान्वित।
*आवश्यक कार्रवाई:* प्रोत्साहन और अनुपालन प्राप्त करने के लिए आवश्यकताओं के अनुसार आवेदन करें।
**उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा):**
*प्रभाव:* नीति के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी।
*आवश्यक कार्रवाई:* नीति के प्रावधानों के अनुसार अनुमोदन प्रक्रियाएं, निगरानी और सहायता प्रदान करें।
**एमएसएमई क्षेत्र:**
*प्रभाव:* रक्षा और एयरोस्पेस उद्योगों के लिए समर्थन और सहायता से लाभान्वित।
*आवश्यक कार्रवाई:* सामान्य सुविधा केंद्रों और कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ उठाएं।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2018: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रक्षा और एयरोस्पेस इकाइयों और रोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए एक नीति, जिसे बाद में संशोधित किया गया।
औद्योगिक विकास विभाग-6, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो औद्योगिक विकास से संबंधित मामलों को देखता है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा): उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे से संबंधित औद्योगिक विकास की नोडल एजेंसी।
उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे (UPDIC): उत्तर प्रदेश में एक समर्पित रक्षा औद्योगिक गलियारा जिसमें कई नोड्स हैं, जिसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।
Common Facility Centers (CFCs): छोटे और मध्यम आकार के उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए प्रदेश में स्थापित होने वाले सामान्य सुविधा केंद्र
संख्या- 30/2020/7654 /77-6-2020-ver aH.-03/208 30/2020/4654 /77-6-2020-ver.af.-03/2078
प्रेषक,
आलोक कुमार,
अपर मुख्य सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा,
|. समस्त अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव,
उत्तर प्रदेश शासन।
2- समस्त मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी,
उत्तर प्रदेश!
औदूयोगिक विकास विभाग-6 लखनऊ : विनांक 77 सितम्बर, 2020
विषय- उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन aAfe-2078
(यथासंशोधित) के क्रियान्वयन हेतु दिशा निर्देश।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन
नीति-208 तथा उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति
(प्रथम संशोधन)-209 क्रमश: अधिसूचना संख्या- 2792/77-6-48-एल.सी. 03/78,
दिनांक i6 जुलाई, 208 तथा. अधिसूचना संख्या- 976) 77-6-204 9-एल.सी.
03/208, दिनांक 05 दिसम्बर, 209 निर्गत की गयी है। उक्त नीति के उददेश्य
निम्नवत् हैं:-
| sae प्रदेश को रक्षा तथा एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र हेतु सर्वोत्तम गंतव्य
के रूप में स्थापित करना
॥.. रक्षा तथा एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्रों के लिए निजी औद्योगिक पार्क
को प्रोत्साहन
ll _ बाजार के अंतर को कम करने तथा रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक क्षेत्र की
इकाइयों की आवश्यकताओं को पूर्ण करने हेतु राज्य मैं सहायक
इकाइयों को उनसे जोड़ना।
Le शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता am REM Gd कया गया है; अतः इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है
||एक्सप्रेसवे व समर्पित रक्षा/एयरोस्पेस गलियारों के संरेखित क्षेत्र में
फलने-फूलने वाले औद्योगिक समूहों की स्थापना व उन्हे सहूलियत
देना।
रक्षा क्षेत्र में निर्यातोन्मुख विनिर्माण आधार का विकास
Vi. एंकर रक्षा तथा एयरोस्पेस विनिर्माण परियोजनाओं के साथ-साथ
सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाइयों (0?505)/ऑर्डिनेस फैक्टरी बोर्ड
(OFB) को राज्य में आकर्षित कराना।
VII.
रक्षा तथा एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र मैं आनुष॑ंगिक/सहायक उद्योग को
प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का विकास।
VII. रक्षा तथा एयरोस्पेस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित
करना तथा निरंतर प्रौद्योगिकी उन्नयन सुनिश्चित करना।
रक्षा व एयरोस्पेस के परिक्षेत्र मैं अत्याधुनिक अनुसंधान व विकास को
प्रोत्साहन व. तकनीकि उन्नयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से
आई.आई.टी. कानपुर व HOI वाराणसी व अन्य स्थानों पर
तकनीकी सुगमता केन्द्र की स्थापना करना जिनका उद्देश्य उत्तर प्रदेश
में एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र व रक्षा/एयरोस्पेस उद्योग को सहायता
उपलब्ध कराना होगा!
रक्षा व एयरोस्पेस व सामरिक ज्ञान क्षेत्र में कौशल विकास को
विकसित करना तथा समर्थन के साथ-साथ प्रोत्साहित करना।
Xl. भारत में नवीन wes आभार/कर्तव्य (offset obligations) हेतु
नामित कम्पनियों/संस्थानों के सकल निवेश के सार्थक हिस्से के
व्यापार को प्रदेश में आकर्षित करना]
रक्षा एवं. एयरोस्पेस. विनिर्माण पार्कसमूह हेतु हवाई मार्ग
XIl.
सुविधा/सड़करैल यातायात को समृदूध करने की सुविधा प्रदान किया
जाना।
Xill. प्रदेश में कार्यरत एम.एस.एम.ई. इकाईयों में प्रतिस्पर्धी बढ़ाने के
उद्देश्य से तथा प्रदेश में नई एम.एस.एम.ई. इकाईयों को आकर्षित
करने के उद्देश्य से. Common Facility centers (CFCs) की
स्थापना की जाएगी जो सार्वभौम सुविधाओं तथा उत्पादक, डिजाईन,
ज्ञान क्षेत्र का अन्वेषण प्रोटोटाइपिंग, समेकित विनिर्माण अन्वेषण व
विकास केन्द्र व प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना को सहूलियत प्रदान करें,
साथ ही. प्रशिक्षण केन्द्र, प्रशिक्षण व. प्रमाणन की. सुविधा
एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र को उपलब्ध कराना।
l- Fe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है2. उक्त नीति निम्न शर्तों के अधीन लागू किए जाने का निर्णय लिया गया है:-
+ 96a
नीति शब्द इस दस्तावेज A उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस
इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन Aifa-20:8 (यथा संशोधित) का वर्णन
करता है।
2. क्रियान्वयन की अवधि
दिशा निर्देश तब तक लागू रहेगा जब तक कि इस दिशा निर्देश में
राज्य सरकार दूवारा संशोधन नहीं किया जाता है।
3. नोडल संस्था का तात्पर्य “sax प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास
प्राधिकरण “” (यूपीडा) से है।
4. उपयुक्तता
4.. "उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-
20/8 (यथा संशोधित)” के लिए दिशा निर्देश सभी इकाइयों पर लागू
होंगे जैसा कि नीति के तहत परिभाषित किया गया है।
4.2 उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे (UPDIC) की alsa मैं झांसी,
चित्रकूट, अलीगढ़, कानपुर, आगरा, लखनऊ और समय-समय पर
GoUP दवारा अधिसूचित किसी भी अतिरिक्त सम्मिलित/संशोधन
शामिल हैं।
5. परिभाषाएं
5.7 निजी रक्षा तथा एयरोस्पेस पार्क
निजी रक्षा तथा एयरोस्पेस पार्क, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक
विकास प्राधिकरण (यूपीडा) gant विशेष रूप से उत्तर प्रदेश रक्षा
औद्योगिक गलियारे (uppic के लिए बनाए गए उपनियमों द्वारा
शासित होंगे।
5.2 एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट
एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे औद्योगिक
अपशिष्ट जल को उसके पुनः उपयोग, पर्यावरण के लिए सुरक्षित
निराकरण के लिए तैयार किया गया है।
5.3 अनुमोदन समिति
अनुमोदन हेतु निम्नलिखित समितियों का गठन किया गया है-
L Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htto://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है
।(5.3.) रू. 200 करोड़ तक के औद्योगिक somal हेतु अवस्थापना
एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता मैं एक स्वीकृति समिति
गठित की जाएगी जिसके सदस्य निम्नवत् होंगेः-
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव (यथास्थिति) अवस्थापना va
औद्योगिक विकास विभाग, 3040 eee
. अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव (यथास्थिति) वित्त विभाग, उ0प्र0
शासन|
. अपर मुख्य सचिवा/प्रमुख सचिव (यथास्थिति), न्याय विभाग,
उ0प्र0 शासन।
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव (यथास्थिति), राज्य कर Fast,
उ0प्र0 शासन।
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव (यथास्थिति), सूक्ष्म, लघु मध्यम
उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन।
Vi. संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव
नोडल संस्था (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी-संयोजक।
VII.
समिति की बैठक मैं आवेदक उपक्रम के प्रतिनिधि भी आमंत्रित
किए जाएंगे, परन्तु उनकी अनुपस्थिति से स्वीकृति की प्रक्रिया
बाधित नहीं होगी।
बैठक की कार्यवाही के आधार पर संबंधित विभागों को
स्वीकृति-पत्रालेटर आफ कम्फर्ट का आलेख प्रसारित किया जाएगा,
जिस पर संबंधित विभाग अपनी सहमति अंकित करेंगे। उक्त के
पश्चात नोडल संस्था दवारा पात्र औद्योगिक उपक्रमों को
औपचारिक स्वीकृति-पत्र निर्गत किया जाएगा]
(5.3.2) रू. 200 करोड़ से ऊपर के निवेश करने वाले औद्योगिक
उपक्रमों के संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित
seas कमेटी की संस्तुतियों के आधार पर मा0 मंत्रिपरिषद
दूवारा सुविधाओं पर अनुमोदन प्रदान किया जाएगा। इम्पावर्ड
कमेटी मैं निम्नवत् सदस्य होंगेः:-
| Heese एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, उ0प्र0 शासन।
i. अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव (यथास्थिति), अवस्थापना
एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
ll. अपर मुख्य सचिवा/प्रमुख सचिव (यथास्थिति), वित्त विश्ाग,
उ0प्र0 शासन।
LFS शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती हैअपर मुख्य सचिवा/प्रमुख सचिव (यथास्थिति), न्याय विभाग,
उ0प्र0 शासन]
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव (यथास्थिति), राज्य कर
विभाग, उ0प्र0 शासन।
Vi. अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव (यथास्थिति), सूक्ष्म, लघु
मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन।
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव (यथास्थिति), नियोजन
VIL.
विभाग, उ0प्र0 शासन।
संबंधित विभागों के प्रतिनिधि जिनसे वित्तीय प्रोत्साहन
VIII.
प्रार्थित है।
नोडल संस्था (यूपीडा) के मुख्य ators अधिकारी-
संयोजक
समिति की बैठक में weit उपक्रमों के प्रतिनिधि भी आमंत्रित
किए जाएंगे।
AIO मंत्रिपरिषद के अनुमोदन एवं आवश्यक शासनादेश निर्गत हो जाने
के पश्चात् नोडल संस्था दूवारा पात्र औद्योगिक उपक्रमों को लेटर आफ
कम्फर्ट जारी किया जाएगा।
6. सामान्य सुविधा केंद्र (सी0एफ0सी0) की स्थापना
आवेदक को परिकल्पित सामान्य सुविधा केंद्र (सी0एफ0एसी0) मैं
निम्नलिखित बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज
औद्योगिक विकास प्राधिकारण (यूपीडा) के समक्ष आवेदन पत्र प्रस्तुत करना
होगाः-
|. संबोधित क्षेत्र और प्रौद्योगिकी
I, सी0एएफएसी0 दूवारा दी जाने वात्री सुविधाएं
Il सस्टेनेबिलीटी मॉडल
Vv. कौशल विकास, नवाचार और ऊष्मायन के बारे में विवरण, जो
सी0एफ0सी0 के कार्यों से संबंधित हो।
यूपीडा Sak प्राप्त आवेदन को राज्य सरकार की पूर्वानुमति के बाद ही
रक्षा मंत्रालय को प्रेषित किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय की स्वीकृति के पश्चात् नीति
के अनुसार वित्तिय संसाधन उपलब्ध कराए जाएगें।
|. Oe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htto://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है7. प्रोत्साहन
7.4 स्टाम्प इयूटी और पंजीकरण
नीति के अन्तर्गत पात्र औद्योगिक इकाइयों को भूमि के क्रय पर
देय स्टाम्प इयूटी में 00 प्रतिशत की छूट अनुमन्य होगी तथा स्टाम्प
एवं रजिस्ट्रेशन विभाग दूवारा इस आवेदन पर कार्रवाई की जाएगी।
उक्त छूट स्टाम्प एवं. रसिस्ट्रेशन विभाग द्वारा जारी
अधिसूचना संख्या -07/2020/803/94-स्टा0नि0-2-2020-700(9)2020,
दिनांक 20 अगस्त 2020 के अन्तर्गत शर्तों के अधीन प्रदान की
जाएगी।
7.2. पेटेंट लागत / गुणवत्ता प्रमाणन
(i) पेटेंट शुल्क प्रतिपूर्ति
शुल्क प्रतिपूर्ति देने के लिए आवेदन पत्र पेटेंट प्राप्त होने के एक वर्ष
के भीतर नोडल संस्था को प्रस्तुत किया जाना है।
(ii) गुणवत्ता प्रमाणन
गुणवत्ता प्रमाणन शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन प्रमाणन प्राप्त
होने के एक वर्ष के भीतर नोडल संस्था को प्रस्तुत किया जाना है।
(iii) ट्रेडमार्क पंजीकरण
प्रमाणन प्राप्त होने के एक वर्ष के भीतर ट्रेडमार्क पंजीकरण शुल्क की
प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन नोडल संस्था प्रस्तुत किया जाना है।
7.3. परिवहन प्रभार पर छूट
7.3.i, प्लांट व मशीनरी के परिवहन पर
इसके अन्तर्गत छूट के लिए आवेदन आयात और कमीशन के
एक वर्ष के भीतर निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया जाना
(i) निर्यात लाइसेंस कॉपी (मशीनरी/ उपकरण आपूर्तिकर्ता से)
(i) राष्ट्रीयकृत बैंक के ऋण पत्र
(iii) बीमा का बिल
(iv) शिपमेंट का प्रमाण
4- Oe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट hito://shasanadesh,up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है
I(४) भुगतान किए गए उत्पाद शुल्क और कस्टम इयूटी के लिए
रसीद
(Vi) संबंधित अधिकारियों दवारा उद्योग को आयात प्राधिकरण
(Vii) इंस्टालेशन और कमीशनिंग शेड्यूल
(Vili) हस्तांतरण के लिए या बिल की गई राशि के भुगतान को
जारी करने का प्रमाण
7.3.2 तैयार उत्पादों का परिवहन-
इसके अन्तर्गत छूट के लिए आवेदन निम्नलिखित दस्तावेजों के
साथ निर्यात कमीशन के एक वर्ष के भीतर प्रस्तुत किया जाना हैः-
(i) वैध निर्यात लाइसेंस
(ii) राष्ट्रीयकृत बैंक से ऋण पत्र
(iii) बीमा कॉपी
(iv) लैंडिंग का बिल
(४) क्रेता carr तैयार उत्पाद की शिपमेंट और प्राप्ति का बिल]
7.4 उत्प्रवाह उपचार संयंत्र (Effluent Treatment Plant-ETP) की स्थापना
हेतु उपादान
उत्प्रवाह उपचार BAT (Effluent Treatment Plant -ETP)
की स्थापना हेतु उपादान प्राप्त करने हेतु आवेदक को भारत सरकार
Sant प्रदान किया गया पर्यावरण अनुमति पत्र एवं उत्तर प्रदेश राज्य
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड gant अनुमति पत्र नोडल संस्था को. प्रस्तुत
करना होगा।
7.5 प्रौद्योगिकी हस्तांतरण उपादान
एंकर इकाइयों को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की लागत की प्रतिपूर्ति
के लिए आवेदन पत्र के साथ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का विवरण नोडल
संस्था को प्रस्तुत करना होगा।
L Oe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in सें सत्यापित की जा सकती है
I7.6 क्षमता विकास
लगे हुए कर्मियों के लिए परिभाषित कौशल विकास पाठ्यक्रम
मूल्यांकन के लिए सैंक्शनिंग बॉडी को प्रस्तुत किया जाएगा।
7.6.4 प्रत्येक परिभाषित नौकरी के लिए कौशल मैट्रिक्स और उद्योग द्वारा
अपनाई जा रही प्रौद्योगिकी के लिए इसकी प्रासंगिकता हर तिमाही में
प्राप्तकर्ताओं gant की गई प्रगति के साथ प्रस्तुत की जाएगी। कौशल
विकास के लिए प्रदान किए गए वर्ष के निर्धारित कार्यकाल के पूरा
होने के बाद, उद्योग से अधिकृत समन्वयक can अंतिम मूल्यांकन
रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। सब्सिडी की प्रतिपूर्ति के लिए पात्रता केवल
चालू वर्ष के लिए मान्य होगी और प्रोत्साहन तिमाही आधार पर
वितरित किया जाएगा।
7.6.2 प्रशिक्षण की एक विस्तृत रिपोर्ट, और प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए
प्रशिक्षुओं का नाममात्र रोल प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
8. विविध
[.. अन्य विक्षागों से संबंधित सुविधाओं हेतु बजट प्राविधान संबंधित
विभागों carr किए जाएंगे।
ll. इस दिशा निर्देश के साथ Geet आवेदन पत्र के प्रारूपों में किसी भी
प्रकार के संशोधन/परिवर्तन की आवश्यकता प्रतीत होती है, तो इस
प्रकार के संशोधनों के लिए औद्योगिक विकास विभाग सक्षम होंगे।
ll. ae भी भविष्य में spy की स्थापना की जाती है, तो UPEIDA दवारा
किए जा रहे कार्य, स्वचालित रूप से spv को स्थानांतरित हो जाएंगे।
IV. किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में लखनऊ स्थित न्यायालयों में
ही वाद दायर किया जा सकेगा।
कृपया तद्नुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराने का कष्ट करें।
भवदीय,
आलोक कुमार
अपर मुख्य सचिव]
संख्या- 30/2020/654(4) /77-6-2020-var.at.-03/208, तद्दिनांक
प्रतिल्लिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित-
()) मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन!
L यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htto://shasanadesh,up.zov.in से सत्यापित की जा सकती है
I(2) अवस्थापना एवं औदूयोगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन।
(3) अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन
(4) मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा!
(5) मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इनवेस्ट GOT
(6) प्रबंध निदेशक, पिकप।
(7) आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
(8) मुख्य कार्यपालक अधिकारी, समस्त औद्योगिक विकास प्राधिकरण।
(9) औद्योगिक विकास विभाग के समस्त अनुभाग
(0) गार्ड फाइल।
आजा से,
सुजाता शर्मा
विशेष सचिव।
L यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htto://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है
||अनुसंलग्नक I
आवेदन करते समय आवेदक को सहायक दस्तावेजों के साथ निम्नलिखित जानकारी प्रस्तुत करनी होगी टिप्पणी
| | रक्षा कंपनी का नामः
2 | रक्षा उत्पाद का नाम, जिसका निर्माण या आपूर्ति की जायेगी :
3 | पंजीकृत पते का विवरण:
4 सकता —sSSS विवरण:
5 | कुल निवेश की जाने वाली राशि
ही ad)) एएमसएोससिएएमशईन /क ाऔद ्अनयुोचग्िछकेद उद्यमी ज्ञापन (आईईएम)
b) कंपनी के निगमन का प्रमाण पत्र
c) एसोसिएशन का ज्ञापन
e) पैन पंजीकरण
f) जीएसटी पंजीकरण
a) निम्नलिखित प्रारूप में चार्टर्ड एकाउंटेंट से प्रमाण पत्र
a शेयर पूंजी | .. aa | शुद्ध रक्षा क्षेत्र की वस्तुओं
(पिछले 03... | का भुगतान भंडार मूल्य | लाभ कुल बिक्री का कारोबार
वित्तीय वषी
206-7
2077-8
7 | 2078-79
b) ISOgnt प्रमाणित (यदि हो)
टउत्तर प्रदेश के रक्षा औद्योगिक गलियारा में जमीन के लिए आवेदन करते समय कंपनी /फर्म को
किसी भी राज्य / केंद्र सरकार के उपक्रम / अध्यादेश कारखाने / रक्षा मंत्रालय द्वारा निष्कासित्त /
ब्लैक लिस्टेड नहीं किया गया हो
d) आवेदन प्रस्ताव में प्रस्तावित उत्पादों के समान उत्पादों की आपूर्ति के लिए कार्य आदेश की
प्रतिलिपि
e) आवेदक फर्म और प्रौद्योगिकी प्रदाता के बीच एम0ओए0यू0 की प्रतिलिपि
| 8 | पूर्व में फर्म द्वारा आपूर्ति किए गए समान उत्पादों के कार्य आदेशों की प्रतिलिपि
प्लांट लेआउट और भूमि क्षेत्र के लिए औचित्य के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की
9 | प्रतिलिपि
340 | उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति- 2078 (यथासंशोधित) के प्रस्तर~2-
25 के अन्तर्गत निवेश क्षेत्र में शामिल उत्पाद —
(हां / नहीं)
यदि हां तो उत्पाद उपरोक्त दिये गये प्रस्तर के किस क्रम संख्या में आता है
ars - भूमि के क्षेत्र की आवश्यकता:
उत्तर प्रदेश रक्षा तथा WRI इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति — 2078 (यथासंशोधित) का
प्रस्तर- 3.3
विनियोजन
2
a) रक्षा /एयरोस्पेस इकाई उत्पादों में सामग्री, उपकरण /उपस्कर fatrn योजन इकाई उप-संयोजक व
उपस्कर समाहित होंगे
एशनिस्न मानदंडों में से कम से कम एक को पूरा करना अनिवार्य sar
i) रक्षा / एयरोस्पेस परिक्षेत्र जैसा कि पूर्व में परिभाषित किया गया है, से संबंधित
सामग्री /उपस्कर आपूर्ति की गयी हो।
ii) रक्षा/एयरोस्पेस जैसा कि पूर्व में परिभाषित किया जा चुका है, में वित्तीय अनुदान अथवा
आपूर्ति आदेश प्राप्त किया गया हो।
iii) रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की wie Offset) योजना के अन्तर्गत किसी भी विदेशी मूल
उपस्कर निर्माता से मेमोरेन्डम ऑफ अन्डर स्टैंडिंग हस्ताक्षरित किया गया हो अथवा आपूर्ति
आदेश प्राप्त किया हो।
iv) सेना, नौसेना, वायुसेना / पैरामिलेट्री अधिष्ठान, gare डी.ओ., डी.ओ.ए. अथवा डी.ओ.एसं, के
लिए संरचना अथवा विकास का कार्य किया हो,
v) भारतीय अथवा विदेशी मूल उपस्कर निर्माता के लिए परीक्षण अथवा प्रूफिंग सामग्री, उपकरण
wae अवयव,// संयोजन (Assembly) /aa-eiatart_ (Sub-Assembly)/ TREY की
आपूर्ति किसी भारतीय / विदेशी रक्षा /एयरोस्पेस परिक्षेत्र जैसा कि ऊपर परिभाषित किया गया
है, में आपूर्ति किया हो
रक्षा तथा एयरोस्पेस के प्रकार निवेश प्रत्यक्ष रोजगार
3) मेगा ए. ं कर यूनिट निवेश क>रनोड0़ 00 NIL
b) एंकर यूनिट निवेश
या न्यूनतम 4000
i) बुन्देलखण्ड >= 200 नं0 प्रत्यक्ष रोजगार
ii) मध्यांचल एवं पश्चिमांचल (गौतमबुद्ध नगर, था न्यूनतम 7500
को छोड़कर >=300 0 प्रत्यक्ष रोजगार
गाजियाबाद को छोड़कर) ao प्रत्यक्ष रोजगार
पर और या न्यूनतम 2000
गौतमबुद्ध iii) गौतमबुद[ए् ध नगनरगर और गाजियाबाद ककोो छोड़कर >= = 400 s. o प्रत्यक्ष रोजगार
c) वेंडर रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई
d) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एम0एस0एम0ई0) इकाईयां और
सी0एएफएसी0~ 3.
e) सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाई डी0पी0एसएयू / पी0एसएयू
f) अन्य
आवेदनकर्ता के हस्ताक्षर
दिनांकसंलग्नक-
आवेदक अंडरटेकिंग का विवरण
थी औद्योगिक उपक्रम का नाम
औद्योगिक का गठन कृपया चिन्हित करें कि क्या सार्वजनिक
2 SAINT उपक्रम का गठन एलटी / प्रा2 लिमिटेड / साझेदारी आदि
पंजीकृत कार्यालय का पताः
दूरभाष:
मोबाइल न0
ईमेल
मालिक का नाम
4 मोबाइल AO
ईमेल
नामित सम्पक॑ का विवरण
नाम
पद नाथ
दूरभाषः
मोबाइल न0
ईमेल
| 6 | वी0ए0टी0 रजिस्ट्रेशन
7 सी0एस0टी रजिस्ट्रेशन
| 8] यूपीडा भूमि आवंटन पावती संख्या
आवेदनकर्ता के हस्ताक्षर
दिनांकअनुसंलग्नक UI
[“उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-208 (यथा
संशोधित)" के क्रियान्वयन हेतु दिशानिर्देश के प्रस्तर-7 के संबंध में]
Pere Fe eae के लिये आवे
!__.... प्रोत्साहनकौप्रकार | के प्रकार S/T
भूमि प्रोत्साहन
A & D MSME इकाइयों को पूंजी निवेश
सब्सिडी
कौशल विकास के लिए प्रोत्साहन
erg ड्यूटी छूट
ara रेंट सब्सिडी
पेटेंट शुल्क प्रतिपूर्ति
गुणवत्ता पंजीकरण
ट्रेडमाक पंजीकरण
प्लॉट और मशीनरी का परिवहन
तैयार उत्पादों का परिवहन
अपशिष्ट उपचार संयंत्र की स्थापना के लिए सब्सिडी
प्रौद्योगिकी हस्तांतरण ग्रिड
कौशल विकास के लिए सब्सिडी
अनुसंधान और विकास और परीक्षण सुविधा के लिए
सहायता
आवेदनकर्ता के हस्ताक्षर
दिनांकसंलग्नक IV
[उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं
रोजगार प्रोत्साहन नीति-2078 (यथासंशोधित)-के कियान्वययन हेतु दिशानिर्देश के प्रस्तर
7.6 के संबंध में]
कुशल श्रमशक्तिका विवरण
कर्मचारियों की कुल संख्या
कौशल विकास के लिए
आवश्यक लोगों की संख्या
तकनीकी 62 में से)
प्रबंधकीय (6.2 में से)
आवेदनकर्ता के हस्ताक्षर
दिनांक