ज़रूर, नीचे दिए गए पाठ का सारांश अनुरोधित संरचना के अनुसार दिया गया है।
**कार्यकारी सारांश**
23 मई, 2018 को जारी अधिसूचना उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे (पथकर उद्ग्रहण और फीस निर्धारण तथा उसकी वसूली) नियमावली, 2010 में संशोधन करती है, और यह संशोधन उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे (पथकर उद्ग्रहण और फीस निर्धारण तथा उसकी वसूली) (पंचम संशोधन), नियमावली, 2018 से संबंधित है। अधिसूचना कुछ यांत्रिक वाहनों और व्यक्तियों को एक्सप्रेसवे पर पथकर (टोल) का भुगतान करने से छूट देने के प्रावधानों में संशोधन करती है। संशोधन में उन अधिकारियों और व्यक्तियों की अद्यतन सूची शामिल है जो एक्सप्रेसवे पर टोल का भुगतान करने से छूट के हकदार हैं।
**मुख्य बातें**
* **टोल छूट प्राप्त व्यक्तियों और वाहनों के संशोधन**
* अधिसूचना एक्सप्रेसवे पर टोल का भुगतान करने से छूट के हकदार वाहनों और व्यक्तियों से संबंधित मौजूदा नियमों को संशोधित करती है।
* संशोधन में निम्नलिखित पद शामिल हैं:
* लोक सभा और राज्य सभा के सदस्य
* उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य
* उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य
* एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अधिकारी
* **सरकारी वाहनों के लिए स्पष्टीकरण**
* यह निर्दिष्ट किया गया है कि रक्षा मंत्रालय के वाहन जो भारतीय पथकर अधिनियम (सेना और वायु सेना) अधिनियम, 1901 के तहत बनाए गए नियमों के अनुरूप छूट के पात्र हैं, टोल भुगतान से भी छूट प्राप्त हैं।
* अर्धसैनिक बलों और पुलिस के केंद्रीय और राज्य सशस्त्र बलों के वर्दी में वाहन छूट के पात्र हैं।
**प्रभाव विश्लेषण**
**उत्तर प्रदेश सरकार:**
* **प्रभाव:** अधिसूचना को मंजूरी देने और लागू करने के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** अधिसूचना को सार्वजनिक रूप से प्रचारित और लागू करना सुनिश्चित करना।
**उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण:**
* **प्रभाव:** संशोधित टोल छूट नियमों को लागू करने और एक्सप्रेसवे पर सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** अधिसूचित परिवर्तनों को लागू करना और अपनी टोल संग्रह प्रक्रिया को अपडेट करना।
**एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले नागरिक:**
* **प्रभाव:** कुछ नागरिक जो पहले टोल का भुगतान करते थे, अब टोल भुगतान से छूट प्राप्त हो सकते हैं, और अन्य नागरिकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
* **आवश्यक कार्रवाई:** नवीनतम टोल छूट नियमों से अवगत रहना और आवश्यक होने पर प्रमाणिकता प्रदान करना।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे (पथकर उद्ग्रहण और फीस निर्धारण तथा उसकी वसूली) नियमावली, 2010: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे पर पथकर (टोल) उद्ग्रहण और फीस निर्धारण को विनियमित करने वाले नियमों का मूल सेट।
भारतीय पथकर अधिनियम, 1851: यह अधिनियम एक्सप्रेसवे पर पथकर वसूलने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है।
उत्तर प्रदेश: यह स्थान इस नीति की प्रयोज्यता (एप्लीकेबिलिटी) के लिए केंद्रीय है।
एक्सप्रेसवेज: यह दस्तावेज़ एक्सप्रेसवे पर पथकर (टोल) की वसूली से संबंधित है।
औद्योगिक विकास अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो औद्योगिक विकास और नीतियों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
उत्तर प्रदेश शासन
औद्योगिक विकास अनुभाग-3
संख्या-6/208/875/77-3-8-37 VA/2
लखनऊ: दिनांक: 23 मई, 208
अधिसूचना
उत्तर प्रदेश मैं अपनी प्रवृत्ति के सम्बन्ध A यथा संशोधित भारतीय पथकर Heys, (854 (HAs
संख्या 8 सन् (85/) की धारा 9 के साथ पठित धारा 2 के अधीन शक्तियों और इस निमित्त समस्त अन्य
समर्थकारी शक्तियों का प्रयोग करके राज्यपाल, सार्वजनिक निजी भागीदारी/ इंजिनियरिंग
कन्स्ट्रक्सन/अन्य किसी रीति से निर्मित और राज्य सरकार या उसके द्वारा अधिसूचना द्वारा
जाने वाली फीस और उनसे उद्ग्रहीत किये जाने वाले या वसूल किये जाने वां
से "उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे (पथकर उद्ग्रहण और फीस निर्धारण तथा
करते हैं।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे (पथकर उद्ग्रहण और फीस fe उसकी वसूली) (पंचम संशोधन), नियमावली,
20i8% संबंध Al
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे (पथकर उद्ग्रहण और तथा उसकी वसूली) नियमावली, 20:0 मैं, नीचे
स्तम्भ-। मैं दिये गये नियम i के स्थान पर ae या गया नियम रख दिया जायेगा, अर्थातः-
स्तम्भ- स्तम्भ-2
वर्तमान नियम एतददवारा प्रतिस्थापित नियम
44- फीस के संदाय से छूट i-th
(।) ऐसे यांत्रिक यान से फीस
( SRST:
(तीन) के प्रधानमंत्री;
(चार)... भारत के मुख्य न्यायमूर्ति:
(पांच) राज्यपाल;
(छः)... उपराज्यपाल;
(सात) मुख्यमंत्री;
(आठ) केन्द्रीय और राज्य विधानमण्डल के अधिकारिता
रखने वाले पीठासीन अधिकारी;
(नौ) लोक सभा, राज्य सभा और राज्य विधान मण्डलों
के अधिकारिता से युक्त विरोधीदल के नेता;
के संदाय से छूट
) ऐसे यांत्रिक यान से फीस उद्ग्रहीत और संग्रहीत नहीं की
जायेगी:-
(>) जो निम्नलिखित को ले जा रहे हैं और उसके साथ
चल रहे हैः:-
(Uh) भारत के राष्ट्रपति;
(दो)... भारत के उपराष्ट्रपति;
(तीन) भारत के प्रधानमंत्री;
(IR) भारत के मुख्य न्यायमूर्ति:
(पांच). राज्यपाल;
(छः)... उपराज्यपाल;
(सात) . मुख्यमंत्री;
(आठ) केन्द्रीय और राज्य विधानमण्डल की अधिकारिता
रखने वाले पीठासीन अधिकारी;
(नौ) लोक सभा, राज्य सभा और राज्य विधान मण्डलों
की अधिकारिता रखने वाले विरोधीदल के नेता;
t- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट hitp://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |(दस) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश: (दस) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश:
(ग्यारह) राज्य के विधान परिषद के सभापति (ग्यारह) राज्य विधान परिषद के सभापति
(बारह) राज्य के विधान सभा के अध्यक्ष; (बारह) राज्य विधान सभा के अध्यक्ष;
(तेरह) उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश; (तेरह) उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश;
(des) उच्च न्यायालय के न्यायाधीश; (digg) उच्च न्यायालय के न्यायाधीश;
(पंद्रह) भारत सरकार के मंत्री; (पंद्रह) भारत सरकार के मंत्री
(सोलह) उ0प्र0 सरकार के मंत्री; (सोलह) उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री
(सोलह) (क) लोक सभा और राज्य सभा के सदस्य
(सोलह) (ख) उत्तर प्रदेश विधान सभा
(सत्रह) उ0प्रण्सरकार के सचिव और आयुक्त;
(अठुठारह) राज्य के दौरे पर आये उच्च पदस्थ विदेशी
व्यक्ति;
(उन्नीस)सी.डी. प्रतीक के साथ कार का प्रयोग करने वाले
भारत में संस्थापित विदेशी मिशनों के प्रधान:
(बीस) समस्त सरकारी वाहन। वाहन।|
(ख) सरकारी कार्य हेतु wed यान: कार्य हेतु प्रयुक्त यानः-
(एक) रक्षा मंत्रालय जिसमें वो भी सम्मिलित जो मंत्रालय जिसमें वे सम्मिलित हैं जो भारतीय
पथकर (सेना और वायु सेना) अधिनियम (90(3iR (सेना और वायु सेना) अधिनियम (90iHR तदूधीन
बनाये गये नियमों, जो नौसेना को भी विस्तारित fae बनाये गये नियमों, जो नौसेना को भी विस्तारित किये गये
हैं, के उपबन्धों के अनुसार छूट के पात्र हों। हैं, के Sel के अनुसार छूट के पात्र हों;
(दो)... अर्दूधसैनिक बलों और पुलिस वर्दी (दो)... अर्दधसैनिक बलों और पुलिस वर्दी में केन्द्रीय और
राज्य AIA बल; राज्य सशस्त्र बल;
(तीन) Sadr पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट; (तीन) sacl पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट;
(aR) ऐसे व्यक्ति,जिसके लिए कार्यस्थल के संबंध मैं
(aR) ऐसे व्यक्ति,जिसके ' स्थल के संबंध में
अपने सांविधिक दायित्वों के निर्वहन के लिए एक्सप्रेसवे का
अपने सांविधिक दायित्तव कें लिए एक्सप्रेसवे का
प्रयोग अपेक्षित है; प्रयोग अपेक्षित है;
(पांच) अग्निशमन था संगठन; (पांच) अग्निशमन विभाग या संगठन;
(छः) वे. प्राधिकरण,के अधिकारी (छः)... सम्बन्धित एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के अधिकारी
और: और:
( प मैं प्रयुक्त यान। (ग)..... एम्बुलेंस के रूप मैं प्रयुक्त यान।
एमए0पी0 अग्रवाल
सचिव
अवस्थापना एवं औद्योगिक
विकास विभाग
t- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट hitp://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |EAT-6/20(8/4875(4)/77-3-8-dafeaa |
प्रतिलिपि निदेशक,मुद्रण एवं लेखन सामग्री,उ0प्र0,इलाहाबाद को उपर्युक्त अधिसूचना की अंग्रेजी
प्रति सहित इस निदेश के साथ प्रेषित कि आगामी अंक के असाधारण गजट के विधायी परिशिष्ट भाग-
4खण्ड (ख) A अवश्य प्रकाशित कराने का कष्ट करें और तत्पश्चात गजट की 250 प्रतियां शासन को
START कराने का कष्ट करें।
आज्ञा से,
(सीताराम यादव)
संयुक्त सचिव |
UAT-46/2048/4875(4 )/77-3-8-Aa leas |
उपर्युक्त अधिसूचना की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक
i- मुख्य कार्यपालक अधिकारी,उ0प्र0एक्सप्रेसवेज द्योगिक विकास प्राधिकरण, न, गोमतीनगर,
लखनऊ।
2- जिलाधिकारी-लखनऊ,उन्नाव आगरा, Sera, AAG, फिरोजाबाद,कानपु ,हरदोई,एवं औरैया |
3- संयुक्त निदेशक,मुद्रण एवं लेखन सामग्री,उ0प्र0 राजकीय मु ऐशबाग,लखनऊ को उपर्युक्त
अधिसूचना की अंग्रेजी प्रति सहित इस निदेश के साथ परे अंक के असाधारण गजट के
विधायी परिशिष्ट भाग-4 खण्ड (ख) A अवश्य प्रकाशि कष्ट करें और तत्पश्चात गजट की
250प्रतियां शासन को उपलबध कराने का कष्ट
गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
(सीताराम यादव)
संयुक्त सचिव।
t- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट hitp://shasanadesh.up.nic.in से सत्यापित की जा सकती है |