Date: 2019-10-14Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ तक) के क्रियान्वयन हेतु परियोजना विकास परामर्शी को भुगतान किये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2019-20 में अनुपूरक मांग के माध्यम से धनराशि स्वीकृत किये जाने के संबंध में।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ तक) के कार्यान्वयन हेतु परियोजना विकास परामर्शदाताओं को भुगतान के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 में पूरक मांगों के माध्यम से आवंटित धनराशि के सापेक्ष ₹6.48 करोड़ की राशि की स्वीकृति को सूचित करता है। इस राशि का उपयोग परियोजना की डीपीआर तैयार करने के लिए किया जाएगा। यह आदेश 14 अक्टूबर, 2019 को जारी किया गया था।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*स्वीकृति की शर्तें*
* स्वीकृत ₹6.48 करोड़ की राशि परियोजना विकास परामर्शदाताओं को उनके ईओआई-सह-आरएफपी अभिलेख के अनुसार सेवाओं के लिए स्वीकृत है।
* धनराशि सीधे निर्माण एजेंसियों को हस्तांतरित की जाएगी, और यूपीडा के खाते में नहीं रखी जाएगी।
* धन का आहरण तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा।
* खर्च वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 22.03.2019 द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करेगा।
* आहरित धनराशि के लिए शासन को समय पर उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
* स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाएगा जिसके लिए इसे स्वीकृत किया गया है।
*लेखा*
* व्यय को अनुदान संख्या-07 के शीर्षक "5054-सड़कों तथा सेतुओं पर पूंजीगत परिव्यय" के तहत लिया जाएगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण):**
**प्रभाव:** परियोजना विकास परामर्शदाताओं को ₹6.48 करोड़ का भुगतान करने के लिए निधि प्राप्त करना।
**आवश्यक कार्रवाई:** धन को सीधे निर्माण एजेंसियों को वितरित करें, तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार धनराशि का आहरण करें और यह सुनिश्चित करें कि वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के दिशानिर्देशों का पालन किया जाए।
**निर्माण एजेंसियां:**
**प्रभाव:** परियोजना विकास परामर्शदाताओं के लिए डीपीआर तैयारी सेवाओं के लिए धनराशि प्राप्त करना।
**आवश्यक कार्रवाई:** धन का उपयोग केवल अनुमोदित उद्देश्य के लिए करें और समय पर यूपीडा को उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रदान करें।
**वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1:**
**प्रभाव:** खर्च दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करना।
**आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि यूपीडा और निर्माण एजेंसियां उनके खर्च दिशानिर्देशों का पालन करें।
**लेखा परीक्षक:**
**प्रभाव:** खाते में आने वाले खर्च का विवरण, उपयोगिता प्रमाण पत्रों का समय पर प्रस्तुत करना और लेखा की शुद्धता।
**आवश्यक कार्रवाई:** आगामी ऑडिट के लिए खर्च की जांच और सत्यापित करें।
Key Entities Referenced
गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ तक): प्रयागराज से मेरठ तक के गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के क्रियान्वयन के लिए परियोजना विकास परामर्शी को वित्तीय वर्ष 2019-20 में भुगतान की स्वीकृति।
यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण): गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए निर्माणकर्ता संस्थाओं को धनराशि सीधे प्रदान करने के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण।
औद्योगिक विकास अनुभाग-3: उत्तर प्रदेश सरकार का वह विभाग जो गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वित्तीय अनुमोदन जारी करता है।
वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1: उत्तर प्रदेश सरकार का वित्त विभाग, जिसके कार्यालय ज्ञाप का पालन स्वीकृत धनराशि के व्यय में सुनिश्चित करना है।
संख्या-30/209/4828()/77-3-209-03बजट/209
प्रेषक,
अनिल कुमार,
उप सचिव,
उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
मुख्य कार्यपालक अधिकारी,
यूपीडा, पर्यटन भवन,
गोमतीनगर, लखनऊ।
औद्योगिक विकास अनुभाग-3 लखनऊ: दिनांक: 44 अक्टूबर,209
विषय-गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ तक) के क्रियान्वयन हेतु परियोजना विकास
परामर्शी को भुगतान किये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 209-20 में अनुपूरक मांग के माध्यम से
प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष रू0 6.48 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक अपने पत्रांक-353/यूपीडा/गंगा एक्सप्रेसवे/325, दिनांक 03.09.209 का
कृपया संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा वित्तीय वर्ष 20i9-20 H प्रथम अनुपूरक मांग के माध्यम
से प्राविधानित धनराशि रू0 5.00 करोड़ में से परियोजना के क्रियान्वयन हेतु परियोजना विकास
परामर्शी को भुगतान किये जाने हेतु रू0 6.48 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुरोध किया
गया है।
2. इस संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2029-20 में परियोजना की
डी0पी0आर0 तैयार कराये जाने हेतु परियोजना विकास परामर्शी को ई0ओ0आई0-कम-आर0एफ0पी0
अभिलेख के अनुरूप ई0पी0सी0 पद्धति पर विकसित करने तथा आवश्यक अध्ययन, सर्वे, संरेखण का
चिन्हीकरण, प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने, निर्माणकर्ताओं के चयन हेतु fas अभिलेख तैयार करने एवं
तत्संबंधी आवश्यक सेवाओं के भुगतान हेतु रू0 6.48 करोड़ (रूपये छः करोड़ अड़तालिस लाख मात्र) की
वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान की जाती हैं:-
() उक्त धनराशि यूपीडा के खाते में नहीं रखी जायेगी अपितु निर्माणकर्ता संस्थाओं को सीधे प्रदान की
जायेगी।
(2) धनराशि का आहरण केवल तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार किया जायेगा।
(3)... स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने के पूर्व वित्त (आय-व्ययक) ATAT- के कार्यालय ज्ञाप
संख्या- /209/बी--70/दस-209-23/209 दिनांक 22.03.209 द्वारा जारी दिशा-
निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
(4). आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण-पत्र यथथासमय शासन को उपलब्ध कराया जायेगा।
(5)... स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए किया जायेगा जिस प्रयोजन के लिए धनराशि
स्वीकृत की जा रही है।
4- Fe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।-2-
3. उपर्युक्त व्यय चालू वित्तीय वर्ष के अनुदान संख्या-07 के लेखाशीर्षक “”5054-सड़कों तथा सेतुओं
पर पूंजीगत परिव्यय-03-राज्य राजमार्ग-337-सड़क निर्माण कार्य-09-गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना
(प्रयागराज से मेरठ)-24-वृहद निर्माण कार्य” के ATA डाला जायेगा।
4. उक्त आदेश वित्त विभाग के अशासकीय AO S-6-680/ea-9 दिनांक 74.0.209 Aura
उनकी सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं।
भवदीय,
अनिल कुमार
उप सचिव
WeT-30/209/4828(2)/77-3-209, तहिनांक।
उपर्युक्त की प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
Ol. ... महालेखाकार (लेखा परी क्षा), प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद।
02. महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद।
03. .... मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी जवाहर भवन, लखनऊ।
04. ... निदेशक, वित्त सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ।
05. faa (आय-व्ययक) अनुभाग-6, औद्योगिक विकास अनुभाग-2
06. .... वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-।, नियोजन अनुभाग-4
07. ... गार्ड फाइल।
आज्ञा से,
अनिल कुमार
उप सचिव
4- Fe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।