Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष 2020-21 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (मेरठ से ...
Date: 2021-03-05 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2020-21 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (मेरठ से प्रयागराज तक) से आच्छादित जनपदों हेतु भूमिि अधिग्रहण/क्रय हेतु वित्तीय स्वीकृति।

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़, क्रमांक 11 /2021/434 /77-3-2021-139(एम)/2020, 05 मार्च 2021 को जारी किया गया, वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (मेरठ से प्रयागराज तक) में शामिल जिलों के लिए भूमि अधिग्रहण / खरीद के लिए वित्तीय अनुमोदन को संबोधित करता है। यह कुल 1098.00 करोड़ रुपये की राशि को आवंटित करता है और इस धन के उपयोग के संबंध में दिशानिर्देश निर्धारित करता है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *वित्तीय स्वीकृति और आवंटन:* * गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए कुल 1098.00 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। * आच्छादित जनपदों के जिलाधिकारियों के लिए धन का आवंटन: मेरठ (70.00 करोड़ रुपये), बुलन्दशहर (25.00 करोड़ रुपये), हापुड (115.00 करोड़ रुपये), अमरोहा (40.00 करोड़ रुपये), संभल (95.00 करोड़ रुपये), बंदायू (145.00 करोड़ रुपये), शाहजहापुर (68.00 करोड़ रुपये), हरदोई (140.00 करोड़ रुपये), उन्नाव (150.00 करोड़ रुपये), रायबरेली (130.00 करोड़ रुपये), प्रतापगढ़ (80.00 करोड़ रुपये) और प्रयागराज (40.00 करोड़ रुपये)। *धन वितरण और उपयोग:* * भूमि खरीद के लिए आवंटित धन जिलाधिकारियों के जमा खाते में जमा किया जाएगा। * डिपॉजिट खाते से धन का आहरण तत्काल आवश्यकतानुसार ही किया जाएगा। * आवंटित धन यूपीडा के बैंक खाते या किसी अन्य बैंक खाते में नहीं रखा जाएगा। *अनुपालन और रिपोर्टिंग:* * यूपीडा को भूमि खरीद के लिए आवंटित और आहरित धन के संबंध में जिलाधिकारियों से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करना है। * धन का आहरण सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद नियमानुसार किया जाएगा। * विभिन्न वित्तीय नियमों और शासनादेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। * स्वीकृत धन का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए उसे स्वीकृत किया गया है। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में शामिल जिलों के जिलाधिकारी (मेरठ, बुलन्दशहर, हापुड, अमरोहा, संभल, बंदायू, शाहजहापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ एवं प्रयागराज)। * **प्रभाव:** भूमि अधिग्रहण/खरीद के लिए उनके जिलों के लिए आवंटित धन का प्रबंधन करना। * **आवश्यक कार्रवाई:** * भूमि अधिग्रहण के लिए धन आहरित करें और इसे अपने संबंधित डिपॉजिट खातों में जमा करें। * यह सुनिश्चित करें कि धन का उपयोग शासनादेश में निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाए। * आवश्यकतानुसार डिपॉजिट खातों से धन आहरित करें। * यूपीडा को उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करें। * प्रशासकीय विभाग को धनराशि से सम्बन्धित आँकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करें। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) * **प्रभाव:** भूमि अधिग्रहण के लिए धन के वितरण और उपयोग के लिए जिम्मेदार। * **आवश्यक कार्रवाई:** * यह सुनिश्चित करें कि जिलाधिकारियों द्वारा धन का उचित तरीके से उपयोग किया जाए। * जिलाधिकारियों से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करें। * शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार * **प्रभाव:** गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना की वित्तीय प्रगति की निगरानी करना। * **आवश्यक कार्रवाई:** * यूपीडा से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करें। * यह सुनिश्चित करें कि धन का उपयोग उचित तरीके से किया जाए।

Key Entities Referenced

गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (मेरठ से प्रयागराज तक): गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना का वित्तीय वर्ष 2020-21 में मेरठ से प्रयागराज तक के जनपदों में भूमि अधिग्रहण/क्रय हेतु वित्तीय स्वीकृति। यूपीडा (UPIDA): उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण, गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए ज़िम्मेदार। जिलाधिकारी (विभिन्न जनपद): मेरठ, बुलन्दशहर, हापुड, अमरोहा, संभल, बंदायू, शाहजहापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ एवं प्रयागराज के जिलाधिकारी। अनुदान संख्या-07: वित्तीय वर्ष 2020-21 के आय-व्ययक में '5054-सड़कों तथा सेतुओं पर पूंजीगत परिव्यय 03-राज्य राजमार्ग-337-सड़क निर्माण कार्य-09-गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना' लेखाशीर्षक। वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1: वित्तीय स्वीकृतियों और व्यय के मामलों से संबंधित वित्त विभाग का अनुभाग।
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संख्या-44 /202/434 /77-3-202-39(एम)/2020 प्रेषक, आनन्द कुमार सिंह, अनु सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, जिलाधिकारी, मेरठ, बुलन्दशहर, हापुड, अमरोहा, संभल, बंदायू, शाहजहापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ एवं प्रयागराज। औद्योगिक विकास अनुभाग-3 लखनऊ: दिनांक: 05 मार्च, 202 विषय:-वित्तीय वर्ष 2020-2 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (मेरठ से प्रयागराज तक) से आच्छादित जनपदों हेतु भूमि अधिग्रहण/क्रय हेतु वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक यूपीडा के पत्र संख्या-3366/यूपीडा/गंगा/209/एफ दिनांक 5.02.202 में किये गये प्रस्ताव के संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि चालू वित्तीय वर्ष 2020-2। के आय- व्ययक के अनुदान संख्या-07 के लेखाशीर्षक ”5054-सड़कों तथा सेतुओं पर पूंजीगत परिव्यय 03-राज्य राजमार्ग-337-सड़क निर्माण कार्य-09-गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ)-24-वृह्दद्‌ निर्माण कार्य” मद में अवशेष प्राविधानित धनराशि रू. 284.8। करोड़ में से परियोजना से आच्छादित जनपदों के जिलाधिकारियों यथा-जिलाधिकारी-मेरठ को रू0 70.00 करोड़, जिलाधिकारी - बुलन्दशहर को BO 25.00 करोड़, जिलाधिकारी-हापुड को रू0 5.00 करोड़, जिलाधिकारी-अमरोहा को रू0 40.00, जिलाधिकारी-संभल को रू0 95.00 करोड़, जिलाधिकारी-बंदायू को रू0 45.00 करोड़, जिलाधिकारी-शाहजहापुर को रू0 68.00 करोड़, जिलाधिकारी- हरदोई को रू0 40.00 करोड़, जिलाधिकारी-उन्नाव को रू0 50.00 करोड़, जिलाधिकारी-रायबरेली को KO 30.00 करोड़, जिलाधिकारी-प्रतापगढ़ को रू0 80.00 करोड़ एवं जिलाधिकारी-प्रयागराज को BO 40.00 करोड़ अर्थात्‌ कुल रू0 098.00 करोड़ (रू0 एक हजार अठान्नवे करोड़ मात्र) निर्गत कर परियोजना से आच्छादित जनपदों के जिलाधिकारियों के निवर्तन पर रखने की स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन श्री राज्यपाल सहर्ष प्रदान करते हैं :- (4) भूमि क्रय हेतु आवंटित धनराशि आहरित करके जिलाधिकारी, मेरठ, बुलन्दशहर, हापुड, अमरोहा, संभल, बंदायू, शाहजहापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज के डिपाजिट खाते में जमा की जायेगी। (2) भूमि क्रय हेतु आवंटित धनराशि का आहरण डिपाजिट खाते से केवल तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार ही किया जायेगा। (3) भूमि क्रय हेतु आवंटित धनराशि का आहरण करके यूपीडा के बैंक खाते में अथवा किसी अन्य बैंक खाते में नहीं रखी जायेगी। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है। 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।(4) यूपीडा का यह भी दायित्व है कि भूमि क्रय हेतु आवंटित आहरित धनराशि के सापेक्ष जिलाधिकारी, मेरठ, बुलन्दशहर, हापुड, अमरोहा, संभल, बंदायू, शाहजहापुर, हरदोई, TATA, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त कर व्यय की जाने वाली धनराशि से अपने को पूर्णरूप से संतुष्ट करने के उपरान्त शासन को उपलब्ध कराया जाये। (5) उक्त धनराशि का आहरण केवल तात्कालिक आवश्यकतानुसार ही किया जायेगा। (6) आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र यथासमय शासन को उपलब्ध कराया जायेगा। (7) प्रायोजना की आवश्यकताओं एवं औचित्य के आधार पर प्रस्तावित कार्यों का क्रियान्वयन सुसंगत वित्तीय नियमों/विनियमों/शासनादेशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाए। (8) धनराशि का ASOT सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त नियमानुसार किया जायेगा तथा स्वीकृत धनराशि के व्यय में वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय ज्ञाप AeAT-/2020/at-2- 49/दस-2020-23/2020, दिनांक 24.03.2020, शासनादेश संख्या-4/2020/बी--92/दस- 2020-23/2020 दिनांक 07.04.2020 एवं शासनादेश संख्या-5/2020/बी--96/दस-2020- 23/2020, दिनांक .04.2020, दिनांक 8.05.2020 तथा दिनांक 29.09.2020 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (0) उक्त स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए किया जायेगा, जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही SI (22) किसी भी परिस्थिति में भूमि क्रय हेतु आवंटित धनराशि को आहरित कर बैंक/पी0एल0ए0 खाते में नहीं रखा जायेगा। (2) प्रशासकीय विभाग धनराशि से संबंधित आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करेंगे। उपर्युक्त व्यय चालू वित्तीय वर्ष 2020-2 के आय-व्ययक के अनुदान संख्या-07 के लेखाशीर्षक 3- ”५054-सड़कों तथा सेतुओं पर पूंजीगत परिव्यय 03-राज्य राजमार्ग-337-सड़क निर्माण कार्य-09-गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ)-24-वृह्द्‌ निर्माण कार्य” के ATA डाला जायेगा। उक्त आदेश वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 के AMO AeA-s-6-64/e4-202 दिनांक 4- 05.03.202 में प्राप्त उनकी सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, fa आनन्द कुमार THe अनु सचिव। 4- Fe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।aWeaT-4 /202/434 (2)/77-3-202, तदिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- महालेखाकार,(लेखा परी क्षा) प्रथम द्वितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज। मी महालेखाकार,(लेखा एवं हकदारी) प्रथम द्वितीय, उ0प्र0, प्रयागराज। मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा, पर्यटन भवन, गोमतीनगर, लखनऊ। मुख्य, वरिष्ठ व कोषाधिकारी, जनपद-मेरठ, बुलन्दशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, TATA, शाहजहापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ एवं प्रयागराज। निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। वित्त (ई) अनुभाग-6, औद्योगिक विकास अनुभाग-2। वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-! गार्ड फाइल। ४ न शत 99 .4 9 आज्ञा से, fa आनन्द कुमार THe अनु सचिव। 4- Fe शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है।

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