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Date: 2021-11-26 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2021-22 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण हेतु वित्त संस्थाओं से लिये गये ऋण पर ब्याज हेतु सहायता मद में उपलब्ध अवशेष धनराशि‍ि‍ में से रू0 952109589 की स्वीकृति के संबंध में।

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण पर ब्याज के भुगतान के लिए सहायता के रूप में उपलब्ध शेष धनराशि से 95,21,09,589 रुपये की स्वीकृति के बारे में है। यह स्वीकृति कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन है और स्वीकृत राशि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए इसे स्वीकृत किया गया है। यह दस्तावेज़ 26 नवंबर, 2021 को जारी किया गया था। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *अनुदान अनुमोदन:* * वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए, राज्य के राज्यपाल 95,21,09,589 रुपये के ब्याज के लिए भुगतान करने के लिए मंजूरी देते हैं, जिसका भुगतान हुडको से लिए गए ऋण से 01.09.2021 से 28.02.2022 तक किया जाना है। * यह राशि अनुदान संख्या-07 के अंतर्गत लेखा शीर्षक "2852-उद्योग-80-सामान्य-800-अन्य व्यय-22-यूपीडा द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना" से डेबिट की जाएगी। *शर्तें और प्रतिबंध:* * यूपीडा इस राशि को अपने खाते या किसी अन्य बैंक खाते में जमा नहीं करेगा, बल्कि उसी बैंक खाते में जमा करेगा, जिससे ऋण लिया गया था। * आहरण केवल तत्काल आवश्यकताओं के अनुसार ही किया जाएगा। * यूपीडा को आहरित राशि के लिए समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करने की आवश्यकता है। * आहरण स्वीकृत राशि के व्यय में वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करेगा। * स्वीकृत राशि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए यह स्वीकृत की गई है। *पालना:* * कार्यालय ज्ञापन दिनांक 22.03.2021 और 10.03.2021 में उल्लिखित दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए। **प्रभाव विश्लेषण:** **यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण)** *प्रभाव:* यूपीडा गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए हुडको से लिए गए ऋण पर ब्याज का भुगतान करने के लिए स्वीकृत धनराशि का उपयोग करने का हकदार है। *आवश्यक कार्रवाई:* यूपीडा को शर्तों और प्रतिबंधों का पालन करना चाहिए, आहरित राशि के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करना चाहिए, और व्यय में वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

Key Entities Referenced

गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना: वित्तीय वर्ष 2021-22 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण हेतु वित्त संस्थाओं से लिये गये ऋण पर ब्याज हेतु सहायता मद में उपलब्ध अवशेष धनराशि की स्वीकृति से सम्बंधित। यूपीडा: उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority), गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार है। अनुदान संख्या-07: वित्तीय वर्ष 2021-22 के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-07 के लेखा शीर्षक '2852-उद्योग-80-सामान्य-800-अन्य व्यय-22-यूपीडा द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण हेतु वित्तीय संस्थाओं से लिये गये ऋण पर ब्याज हेतु सहायता के लिए आवंटित बजट। वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1: उत्तर प्रदेश सरकार का वित्त विभाग का एक अनुभाग है, जिसकी कार्यालय ज्ञाप संख्या-3/2021/बी-1-375/दस-2021-231/2021, दि० 22.03.2021 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। हडको: आवास और शहरी विकास निगम (Housing and Urban Development Corporation), जिससे गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए ऋण लिया गया है।
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संख्या-५2/202/2423/77-3-202-2(बजट) /2 प्रेषक, अनिल कुमार, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा मैं, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा, पर्यटन भवन, गोमतीनगर, लखनऊ | औद्योगिक विकास अनुभाग-3 लखनऊ: दिनांक: 26 नवम्बर, 202 विषय-वित्तीय वर्ष 202i-22 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण हेतु वित्त संस्थाओं से लिये गये ऋण पर ब्याज हैतु सहायता मद में उपलब्ध अवशेष धनराशि A से BO 95,2,09,589/-की स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक अपने पत्रांक-889/यूपीडा/गंगा/325/लेखा, दिनांक 25.2.202 का कृपया संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें। 2. इस संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि वित्तीय वर्ष 202-22 में अनुदान संख्या-07 के लेखा शीर्षक “'2852-ठद्योग 80-सामान्य 800-अन्य व्यय 22-यूपीडा द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण हेतु वित्तीय संस्थाओं से लिये गये ऋण पर ब्याज हेतु सहायता-20-सहायता अनुदान-सामान्य (गैर वेतन)” A धनराशि रू0 63.62 करोड़ का बजट प्राविधान किया गया है सम्प्रति धनराशि BO 04,55,5,068/-3ay है। अवशेष धनराशि में से हडको से लिये गये ऋण के सापेक्ष दिनांक 0.09.202 से 28.02.2022 तक रू0 95,2,09,589/- मात्र के ब्याज की देयता आगणित की गयी है। अतः चालू वित्तीय वर्ष 202-22 के आय-व्यय में प्राविधानित अवशेष धनराशि में से BO 95,2,09,589/- (रूपये पच्चानवे करोड़ इक्कीस लाख al हजार पांच al नवासी मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते so:- (2) धनराशि का आहरण कर यूपीडा के बैंक खाते अथवा किसी अन्य बैंक खाते A नहीं रखी जायेगी बल्कि जिस बैंक खाते से ऋण की धनराशि आहरित की गयी है उसी बैंक खाते A ब्याज की धनराशि जमा की जायेगी। (2) उक्त धनराशि का HST केवल तात्कालिक आवश्यकतानुसार ही किया जायेगा। (3) यूपीडा का यह भी दायित्व है कि आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र यथासमय शासन को उपलब्ध कराया जायेगा। (4)... धनराशि का आहरण सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त नियमानुसार किया जायेगा तथा स्वीकृत धनराशि के व्यय मैं वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- के कार्यालय AT संख्या-3/202/बी--375/दस-202-23/202, दिए 22.03.202 तथा शा0 AeA-2/202/sl-3-38/ दस-202-00(4)/2002 दिनांक 0.03.202] द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (5) स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए किया जायेगा जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है। 3. इस संबंध A होने वाला व्यय चालू वित्तीय वर्ष 202-22 के आय-व्ययक H अनुदान संख्या- 07 के लेखा शीर्षक “2852-ठद्योग-80-सामान्य-800-अन्य व्यय-22-यूपीडा द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के l- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |निर्माण हेतु वित्तीय संस्थाओं से लिये गये ऋण पर देय ब्याज हेतु सहायता-20-सहायता अनुदान-सामान्य (गैर वेतन)” के नामे डाला जायेगा। 4 उक्त आदेश वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञाप AO-3/2022/ s--375/GH-202-232/2022 दिनांक 22.03.202 द्वारा प्रतिनिधानित शक्तियों के अधीन निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, (अनिल कुमार) संयुक्त सचिव। GCAT-52/202/2423()/77-3-202, तदिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- १. महालेखाकार, (लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद | 2. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दितीय, उत्तर प्रदेश इलाहाबाद। 3. मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ | 4. निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन लखनऊ। 5. निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास विभाग, SOO शासन। 6. वित्त (ई-6) अनुभाग-6/औद्योगिक विकास अनुभाग-2 7. वित्त (आय-व्ययक) अलुभाग- 8. गार्ड पत्रावली। आज्ञा से, (अनिल कुमार) संयुक्त सचिव। l- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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