Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष 2021-22 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (मेरठ से ...
Date: 2021-06-03 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2021-22 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (मेरठ से प्रयागराज तक) से आच्छादित जनपदों हेतु भूमि भूमि अध‍िग्रहण /क्रय हेतु वित्तीय स्वीकृृति।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

Research with AI Agent Chat with Document Generate Summary Translate Helpful Share Add to Project Create Task

Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़, जो 3 जून, 2021 की तारीख़ का है, वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (मेरठ से प्रयागराज तक) के क्षेत्रों के लिए भूमि अधिग्रहण/खरीद के लिए वित्तीय मंजूरी प्रदान करता है। स्वीकृत कुल राशि 187250.00 लाख रुपये है, जिसे संबंधित ज़िलों के ज़िलाधिकारियों को आवंटित किया गया है। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *वित्तीय आवंटन* - गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में शामिल निम्नलिखित जिलों के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए कुल 187250.00 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं: - मेरठ: 15000.00 लाख रुपये - अमरोहा: 7500.00 लाख रुपये - संभल: 15000.00 लाख रुपये - बदायूँ: 20000.00 लाख रुपये - शाहजहांपुर: 10000.00 लाख रुपये - हरदोई: 15000.00 लाख रुपये - उन्नाव: 30000.00 लाख रुपये - रायबरेली: 40000.00 लाख रुपये - प्रतापगढ़: 30000.00 लाख रुपये - प्रयागराज: 4750.00 लाख रुपये *वित्तीय शर्तें और प्रतिबंध* - स्वीकृत राशि संबंधित जिले के जिलाधिकारियों द्वारा खोले गए जमा खाते में जमा की जाएगी। - इन जमा खातों से धनराशि केवल तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार ही निकाली जाएगी। - निकाली गई धनराशि यू.पी.आई.डी.ए. के बैंक खाते या किसी अन्य बैंक खाते में जमा नहीं की जाएगी। - यू.पी.आई.डी.ए. को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी जिलाधिकारियों से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त किए गए हैं। - जारी किए गए निर्देशों और आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना है। - स्वीकृत राशि का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए वह स्वीकृत की गई है। - किसी भी परिस्थिति में राशि को निकालकर बैंक/पी.एल.ए. खाते में नहीं रखा जाना चाहिए। **प्रभाव विश्लेषण:** **ज़िलाधिकारी (मेरठ, अमरोहा, संभल, बदायूँ, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज)** **प्रभाव:** ज़िलों को भूमि अधिग्रहण के लिए निर्दिष्ट धनराशि प्राप्त होगी। **आवश्यक कार्रवाई:** उन्हें आवंटित धनराशि को अपने जमा खाते में जमा करना होगा और इसका उपयोग मौजूदा सरकारी नियमों के अनुसार सुनिश्चित करना होगा कि आवंटित धनराशि का उपयोग उचित रूप से किया जाए। उन्हें भूमि अधिग्रहण में होने वाले खर्चों का उपयोगिता प्रमाण पत्र यू.पी.आई.डी.ए. को उपलब्ध कराना होगा। **यू.पी.आई.डी.ए.** **प्रभाव:** गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिम्मेदार। **आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करें कि जिलाधिकारियों द्वारा खर्च की गई राशि पर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त हो, नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करें, और शासन को आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। **कोषाधिकारी** **प्रभाव:** जिलों के भीतर वित्तीय लेनदेन की निगरानी। **आवश्यक कार्रवाई:** संबंधित जिलों में निधियों के संवितरण और उपयोग की निगरानी करें। **लेखा परीक्षक** **प्रभाव:** वित्तीय रिकॉर्ड और खर्चों का लेखा परीक्षण करें **आवश्यक कार्रवाई:** व्यय का सटीक अभिलेख सुनिश्चित करने के लिए निधि आवंटन और व्यय की आवधिक लेखा परीक्षा करें।

Key Entities Referenced

गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना: मेरठ से प्रयागराज तक फैली भूमि अधिग्रहण के लिए वित्तीय स्वीकृति वाली एक एक्सप्रेसवे परियोजना। यूपीडा (UPIDA): उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, परियोजना के कार्यान्वयन में शामिल। मेरठ: गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में शामिल एक जिला। प्रयागराज: गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में शामिल एक जिला। जिलाधिकारी: गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में शामिल जिलों (मेरठ, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज) के जिलाधिकारी।
Official Source Record View Original Source →
See Full Document Text
संख्या-3/202/025/77-3-202-39(एम)/2020 आनन्द कुमार सिंह, अनु सचिव, ऊ0प्र0 शासन। सेवा में, जिलाधिकारी, मेरठ, HAVE, संभल, बंदायू, शाहजहापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ एवं प्रयागराज। औद्योगिक विकास अनुभाग-३ लखनऊ: दिनांक: 03 जूत, 202' विषय:-वित्तीय वर्ष 202:-22 में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना (मेरठ से प्रयागराज तक) से आच्छादित जनपदों हेतु भूमि अधिग्रहण/क्रय हेतु वित्तीय स्वीकृति। महोदय, उपर्युक्त विषयक यूपीडा के पत्र संख्या-647/यूपीडा/लेखा/20/आवंटन/96 दिनांक 25.05.202। में किये गये प्रस्ताव के संबंध मैं मुझे यह कहने का face हुआ है कि चालू वित्तीय वर्ष 202-22 के आय-व्ययक के अनुदान संख्या-07 के लेखाशीर्षक “5054-सड़कों तथा सेतुओं पर पूंजीगत परिव्यय 03-राज्य राजमार्ग-337-सड़क निर्माण कार्य-09-गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना (प्रयागराज A मेरठ)-60-भूमि क्रय” मद में अवशेष प्राविधानित अवशेष धनराशि रू. 787250.00 लाख (रूपये एक हजार आठ सौ बहतर करोड़ पचास लाख मात्र परियोजना से आच्छादित निम्नलिखित जनपदों को उनके सम्मुख अंकित धनराशि जनपद के जिलाधिकारियों के निवर्तन पर रखे जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं :- क्र0स0 जनपद का नाम आवंटित धनराशि (रू0 लाख में) Pt | 2 3 pd मेरठ 5000.00 2 अमरोहा 7500.00 3 सम्भल 5000.00 4 बदायूं 20000.00 5 शाहजहापुर 0000.00 Fe | हरदोई 5000.00 7 उन्नाव 30000.00 FB | रायबरेली 40000.00 PQ प्रतापगढ़ 30000.00 F I0 0 प्रयागराज 4750.00 योग 87250.00 2- उक्त स्वीकृत की जा रही धनराशि निम्नलिखित wal एवं प्रतिबन्धों के अधीन आहरित/व्यय की जायेगी :- () धनराशि आहरित करके जिलाधिकारी, मेरठ, HAVE, संभल, बंदायू, शाहजहापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज के डिपाजिट खाते में जमा की जायेगी। (2) उक्त धनराशि का आहरण डिपाजिट खाते से केवल तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार ही किया जायेगा।(3) धनराशि का आहरण करके यूपीडा के बैंक खाते में अथवा किसी अन्य बैंक खाते में नहीं रखी जायेगी। (4) यूपीडा का यह भी दायित्व है कि आहरित धनराशि के सापेक्ष जिलाधिकारी, मेरठ, अमरोहा, संभल, JA, शाहजहापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज से उपयोगिता प्रमाण पत्र Wa कर व्यय की जाने वाली धनराशि से अपने को पूर्णरूप से संतुष्ट करने के उपरान्त शासन को उपलब्ध कराया जाये। (5) धनराशि का आहरण सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त नियमानुसार किया जायेगा. तथा स्वीकृत धनराशि के व्यय में वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय. AT संख्या-3/202/बी--375/दस-202- 23/202।, दि. 22.03.202 तथा इस संबंध में जारी शासनादेश AeIA-2/202I/al-3-38/ Ga-202I- 00(4)/202 दिनांक 0.03.202। द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (6) उक्त स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए किया जायेगा, जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है। (7) किसी भी परिस्थिति में धनराशि को आहरित कर बैंक/पी0एल0ए0 खाते में नहीं रखा जायेगा। 3- उपर्युक्त व्यय चालू वित्तीय वर्ष 202I-22 के आय-व्ययक के अनुदान संख्या-07 के लेखाशीर्षक “”5054- सड़कों तथा सेतुओं पर पूंजीगत परिव्यय 03-राज्य राजमार्ग-337-सड़क निर्माण कार्य-09-गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना (प्रयागराज से मेरठ)-60-भूमि क्रय” के नामे डाला जायेगा। 4- उक्त आदेश वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-।. के. कार्यालय-ज्ञाप WeaA-3/202/a--375/GA-202- 23/202। दिनांक 22.03.202] में प्रतिनिधानित अधिकारों के अधीन निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, आनन्द कुमार सिंह अनु सचिव। संख्या-3/202/025()/77-3-202, dean] प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः- —_ महालेखाकार,(लेखा परीक्षा) प्रथम द्वितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज। नी. महालेखाकार,(लेखा एवं हकदारी) प्रथम द्वितीय, 500, प्रयागराज। मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा, पर्यटन भवन, गोमतीनगर, लखनऊ। मुख्य, वरिष्ठ व कोषाधिकारी, जनपद-मेरठ, HAVE, संभल, बंदायू, शाहजहापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ Vd प्रयागराज। निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ । वित्त (ई) अनुभाग-6, औद्योगिक विकास अनुभाग-2। वित्त (आय-व्ययक) अलुभाग- गार्ड फाइल। wD oO N OF UI आजा से, आनन्द कुमार सिंह अनु सचिव।

Continue your research