Date: 2024-11-22Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के अन्तर्गत नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर नेट- एस0जी0एस0टी0 की प्रतिपूर्ति हेतु मानक संचालन प्रक्रिया एस0ओ0पी0 के निर्धारण के सम्बन्ध में।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत नेट स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स (S.G.S.T.) की प्रतिपूर्ति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) स्थापित करता है। यह दिशा-निर्देश बताता है कि औद्योगिक इकाइयों को इस नीति के तहत दिए गए वित्तीय प्रोत्साहनों के लिए S.G.S.T. प्रतिपूर्ति दावों को कैसे संसाधित किया जाए। नीति 22 नवंबर, 2024 से प्रभावी है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **क्लेम प्रोसेसिंग:**
* आवेदकों को तिमाही आधार पर इन्वेस्ट यूपी को आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप में क्लेम प्रस्तुत करना होगा।
* नोडल एजेंसी प्रारंभिक जांच के बाद राज्य कर विभाग और एक पैनल सीए फर्म को आवेदन भेजेगी।
* पैनल सीए फर्म को 30 कार्य दिवसों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
* नोडल एजेंसी आख्या मिलने के बाद 15 दिनों के भीतर क्लेम का मूल्यांकन करेगी और दिशा-निर्देशों के अनुसार सुविधाएं वितरित करेगी।
* वितरण योग्य राशि से 1% राशि प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में काटी जाएगी।
* **S.G.S.T. प्रतिपूर्ति की शर्तें:**
* S.G.S.T. प्रतिपूर्ति की गणना करते समय आई.जी.एस.टी. क्रेडिट को पहले आई.जी.एस.टी. और सी.जी.एस.टी. देनदारियों के लिए समायोजित किया जाएगा, इसके बाद एस0जी0एस0टी0 देयता के लिए समायोजित किया जाएगा।
* प्रतिपूर्ति के लिए योग्य राशि इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर के माध्यम से एस0जी0एस0टी0 के मद में जमा की गई राशि होगी।
* S.G.S.T. प्रतिपूर्ति केवल इंसेंटिवाइज्ड यूनिट के लोकेशन पर उत्पादित फाइनल योग्य माल के लिए लागू होगी।
* **अतिरिक्त विचार:**
* यदि किसी इकाई के पास दो विनिर्माण इकाइयाँ हैं, जिनमें से एक का आउटपुट दूसरे का इनपुट है, तो पहली इकाई S.G.S.T. प्रतिपूर्ति के लिए पात्र नहीं होगी।
* विस्तारीकरण और विविधीकरण के मामलों में, प्रतिपूर्ति की गणना वृद्धिशील टर्नओवर के आधार पर की जाएगी।
* कुछ मामलों में, एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करने से पहले औद्योगिक इकाइयों को अलग से जी.एस.टी. पंजीकरण कराना आवश्यक है।
* **लेखापरीक्षा और वसूली की व्यवस्था:**
* यदि वार्षिक रिटर्न दाखिल करने के बाद वार्षिक आउटपुट देनदारी में कोई कटौती हुई हो या इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों में वृद्धि हुई हो, तो S.G.S.T. प्रतिपूर्ति को शेष किश्तों में समायोजित किया जाएगा।
* यदि S.G.S.T. प्रतिपूर्ति का दावा दुर्भावनापूर्ण तरीके से किया गया है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
* **आवश्यक दस्तावेज:**
* तिमाही आधार पर प्रस्तुत S.G.S.T. प्रतिपूर्ति का दावा
* प्रासंगिक वित्तीय वर्ष के वार्षिक रिटर्न
* शासनादेश 21/2023/1307/77-6-23-2(एम)/2022- दिनांक 14.04.2023 के प्रस्तर-4.2.2 में निर्धारित दस्तावेज
* दावे के समय मासिक रिटर्न- जीएसटीआर-3बी
* जीएसटीआर-1
* जीएसटीआर-2बी
* वार्षिक रिटर्न जमा करने के बाद वार्षिक रिटर्न
* जीएसटीआर-9
* जीएसटीआर-9सी (समय-समय पर संशोधित)
* भुगतान किए गए चालान की प्रतियां।
* डेबिट नोट्स और क्रेडिट नोट्स आवेदक द्वारा निर्गत एवं प्राप्त किए गए कुल डेविट नोट्स और क्रेडिट नोट्स के रिकॉर्ड का विवरण।
* कोई अन्य दस्तावेज, प्रोसेसिंग के समय जिसकी आवश्यकता हो सकती है। (रिपोर्टिंग प्रारूप और दस्तावेज़ चेकलिस्ट नोडल एजेंसी द्वारा अलग से जारी की जाएगी)
* आवेदक को अनुलग्नक 1 के अनुसार वचन पत्र (Undertaking) देना होगा।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** राज्य कर आयुक्त
* **प्रभाव:** एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति दावों को सत्यापित करने और उन पर टिप्पणी करने के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** नोडल एजेंसी से प्राप्त दावों की समीक्षा करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रतिक्रिया दें।
**हितधारक:** मुख्य कार्यकारी अधिकारी, इन्वेस्ट यू०पी०
* **प्रभाव:** S.G.S.T. प्रतिपूर्ति के दावों के प्रसंस्करण की देखरेख के लिए जिम्मेदार नोडल एजेंसी।
* **आवश्यक कार्रवाई:** दावों की जांच करें, राज्य कर विभाग से समन्वय करें, और अनुमोदित दिशानिर्देशों के अनुसार भुगतान करें।
**हितधारक:** उद्योग आयुक्त एवं निदेशक
* **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार।
* **आवश्यक कार्रवाई:** नीति और इसके कार्यान्वयन के बारे में जागरूकता फैलाएं।
**हितधारक:** मंडलायुक्त/जिलाधिकारी, उ0प्र0
* **प्रभाव:** अपने अधिकार क्षेत्र में नीति का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
* **आवश्यक कार्रवाई:** अपनी-अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से अवगत रहें।
**हितधारक:** औद्योगिक इकाइयां
* **प्रभाव:** उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत S.G.S.T. प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करें कि वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, समय पर सही जानकारी प्रदान करते हैं और SOP दिशानिर्देशों का पालन करते हैं।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई एक नीति, जिसका उल्लेख इस दस्तावेज़ में नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति के संदर्भ में किया गया है।
Net S.G.S.T. (नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर): उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में दिया जाने वाला शुद्ध राज्य वस्तु एवं सेवा कर।
Standard Operating Procedure (मानक संचालन प्रक्रिया): यह दस्तावेज़ उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर (Net S.G.S.T.) की प्रतिपूर्ति हेतु निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) के निर्धारण से संबंधित है।
इन्वेस्ट यू०पी०: उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी, जो नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में एक नोडल एजेंसी के रूप में शामिल है।
औद्योगिक विकास अनुभाग-6, लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार का वह विभाग जो इस शासनादेश को जारी कर रहा है और जो राज्य के औद्योगिक विकास के लिए नीतियाँ बनाने और लागू करने से संबंधित है।
सख्या- 64/2024/2545/77-6-2024-6099/323/2022पार्ट-3/666695
मनोज कुमार सिंह,
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास
आयुक्त, उ0प्र0 शासन।
सेवा में,
. आयुक्त,
ro]
राज्य कर, S040,
लखनऊ।
2. मुख्य कार्यपालक अधिकारी,
इन्वेस्ट ZOU!
3. आयुक्त एवं निदेशक,
उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर।
4. समस्त मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी, उ0प्र0|
औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ: दिनांक 22-4-2024
विषय- उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के अन्तर्गत नेट राज्य वस्तु एवं
सेवा कर (Net S.G.S.T.) की प्रतिपूर्ति हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure)
के निर्धारण के सम्ब्बन्ध में।
महोदय/महोदया,
कृपया. अवगत कराना है. कि शासन Al अधिसूचना संख्या-45/2022/2770/77-6-2022-2
(एम)/2022 दिनांक 04.4.2022 दूवारा उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022'
प्रख्यापित की गई है। उक्त नीति-2022 के प्रस्तर-2.3.2 A राज्य में स्थापित की जाने वाली औद्योगिक
इकाईयों को वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में नेट एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति किये जाने की सुविधा अनुमन्य की
गई है।
2- उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत औद्योगिक इकाईयों को
प्रदत्त वित्तीय प्रोत्साहनों हेतु दिशा-निर्देश एवं. क्रियान्वयन की प्रक्रिया विषयक शासनादेश संख्या-
2/2023/307/77-6-23-2(एम)/2022 दिनांक 4.04.2023 के प्रस्तर-3.2.2 में नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति
हेतु क्षेत्रवार एवं श्रेणीवार अनुमन्य विवरण एवं मार्गदर्शी सिद्धान्त वर्णित है। उक्त नीतिगत प्राविधान एवं
मार्गदर्शी सिद्धान्त के आलोक में "उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के
अंतर्गत नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर (Net SGST.) की प्रतिपूर्ति हेतु मानक संचालन प्रक्रिया"
(Standard Operating Procedure) निम्नवत निर्धारित की जा रही है:-
i. एस.जी.एस.टी. की प्रतिपूर्ति के ear की प्रोसेसिंग की प्रक्रिया-
4- US शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |. आवेदक can नोडल संस्था इन्वेस्ट यू0पी0 को निर्धारित प्ररूप मैं सुविधाओं का sla
तिमाही आधार पर समस्त अभिलेखों के साथ प्राधिकृत हस्ताक्षरी द्वारा प्रमाणित कर प्रस्तुत किया
जायेगा।
.2 सुविधाओं को प्राप्त करने की अनुमन्यता की तिथि वह होगी जिस तिथि पर इकाई द्वारा
वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ किया गया हो। यदि परियोजना चरणबदूध रूप में स्थापित की जा रही है तो
सुविधाएँ उस तिथि से अनुमन्य होंगी, जिस तिथि पर किसी चरण का वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ हो चुका
हो एवं साथ ही नीति के प्रस्तर (2.4.4 के अनुसार पूँजी निवेश का थ्रेशोल््ड प्राप्त हो चुका हो।
.3 नोडल Wied द्वारा नेट एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति का आवेदन प्रारम्भिक स्क्रूटनी के पश्चात
प्राप्ति की तिथि के 5 दिन के भीतर राज्य कर विभाग को उनकी आख्या हेतु तथा साथ ही पैनल सी.ए.
फर्म को प्रेषित कर दिया जायेगा।
.4 पैनल सी.ए. फर्म द्वारा एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति के sola का परीक्षण कर 30 कार्य दिवस के
भीतर अपनी रिपोर्ट नोडल संस्था को देनी होगी। नोडल संस्था द्वारा इस 30 कार्य दिवस की अवधि के
पश्चात एक बार (5 दिन का विस्तार दिया जा सकता है।
4.5 राज्य कर विभाग (एवं अन्य सम्बन्धित विभाग) A आख्या प्राप्त होने एवं पैनल सी.ए. फर्म
की रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात नोडल संस्था द्वारा नीति-2022 की क्रियान्वयन नियमावली दिनांक
4.4.2023 के प्रस्तर-5 में विर्निंदिष्ट प्रक्रिया के अनुसार FAA का evaluation किया जायेगा।
.6 इवैल्यूशन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात नोडल संस्था दूवारा नीति-2022 के दिशा-निर्देश एवं
कियान्वयन प्रक्रिया विषयक शासनादेश दिनांक (4.4.2023 के प्रस्तर 5.7 में उल्लिखित व्यवस्था के
अधीन सुविधाओं का वितरण किया जायेगा।
.7 वितरण योग्य राशि में से Wawa राशि प्रोसेसिंग चार्जेज के रूप में घटायी जायेगी।
2. नेट एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति की शर्तें:-
2.4 नेट एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति की राशि के आगणन हेतु निम्नवत व्यवस्था रहेगी:-
[. .. आई.जी.एस.टी. क्रेडिट का समायोजन आई.जी.एस.टी. एवं सी.जी.एस.टी. की देयताओं हेतु किया
जायेगा एवं यदि तत्पश्यात भी क्रेडिट अवशेष रहता है तो उसका समायोजन एस0जी0एस0टी0
देयता से किया जायेगा।
॥... एस0जी0एस0टी0 के आई0टी0एसी0 का पूर्ण समायोजन एस0जी0एस0टी0 की देयता में किया
जाएगा।
उपरोक्तानुसार आई0टी0सी0 के समायोजन के पश्यात इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर' (ECL) के
माध्याम से एस0जी0एएस0टी0 के मद में नकद जमा की गयी राशि नीति-2022 के
नियामानुसार प्रतिपूर्ति के आगणन हेतु अहँ होगी।
2.2 नेट एस0जी0एस0टी0 के आइ0टी0सी0 का पूर्ण की राशि की सुविधा इंसेटिवाईज्ड इकाई
के अवस्थान (Location) पर अन्तिम उत्पादित अह माल (Final Eligible Finished
4- US शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |Goods) के राज्य में पृथक Entity को किये गये प्रथम प्रदाय (Supply) पर ही अनुमन्य की
जायेगा। ऐसी दशा में भी यह सुविधा उपलब्ध रहेगी जब इस प्रकार उत्पादित HE माल, पृथक
Entity के लिए इनपुट अथवा कच्चा माल हो।
2.3 यदि किसी आवेदक (entity) के पास दो विनिर्माण इकाइयाँ हैं जिनमें से प्रथम इकाई का
आउटपुट दूसरी इकाई का इनपुट है, तो ऐसी स्थिति में प्रथम विनिर्माण इकाई जो कि दूसरी
इकाई हेतु इनपुट उत्पादन करती है, एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति का दावा करने के fore पात्र नहीं
होगी।
उदाहरण- एक आवेदक (entity) की दो विनिर्माण इकाइयां है, एम-। और एम-2 यदि
एम-| के अंतिम उत्पाद का उपयोग एम-2 के लिए कच्चे माल के रूप में किया जाता है तो
विनिर्माण इकाई val को एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति के लिए प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा,
इसके बजाय विनिर्माण इकाई एम-2 उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन
नीति-2022 के अन्तर्गत एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति का दावा करने के लिए पात्र होगी।
2.4 आवेदक के राज्य में स्थित उनके क्रेताओं / डिस्ट्रीब्यूटर्स CaN आवेदक इकाई cant
उत्पादित अह माल/इण्टरमीडियरी प्रोडक्ट की अन्तरप्रान्तीय सप्लाई किये जाने की स्थिति में
एस.जी.एस.टी. की धनराशि के जितने अंश का समायोजन ऐसी अन्तरप्रान्तीय सप्लाई पर देय
आई.जी.एस.टी. के विरुदूध किया जायेगा, उतनी धनराशि प्रतिपूर्ति के इच्छक आवेदक द्वारा
अपने अनुवर्ती Fla से घटा दी जायेगी अथवा सम्बन्धित प्रशासकीय विभाग को वापस कर
दी जायेगी।
2.5 विस्तारीकरण एवं विविधीकरण के प्रकरणों में प्रतिपूर्ति के लिए पात्र नेट एस.जी.एस.टी.
का मूल्यांकन नीति-2022 के WE 2.3.2 के बिन्दु ii की व्यवस्था के अनुसार वृद्धिशील
(इन्क्रीमेंटल) टर्नओवर के आधार पर किया जायेगा।
2.6 पृथक पंजीकरण
निम्नलिखित मामलों में नीति के अन्तर्गत एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन
करने से पहले सभी औद्योगिक उपक्रमों को अलग से जी.एस.टी. पंजीकरण कराना अनिवार्य
होगाः
(क) यदि आवेदक के पास राज्य के भीतर व्यवसाय के कई अवस्थान है, तो प्रत्येक अवस्थान
जिसके लिए एस0जी0एस0टी0 प्रातिपूर्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया sl
(ख) यदि आवेदन एक ही अवस्थान से व्यापार और विनियम दोनों कार्य (Activity) कर रहा
हो तो दोनों कार्यों हेतु पृथक जी0एस0टी0 पंजीकरण अनिवार्य होगा।
(at) एस0जी0एस0टी0 प्रतिपूर्ति की गणना पृथक /नए जी0एएस0टी0आईए0एन0 पर आधारित
होगी।
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2.7 नेट एस0जी0एस0टी0 प्रतिपूर्ति की गणना का आधार मासिक होगा और एस0जी0एस0टी0
प्रतिपूर्ति का भूगतान तिमाही आधार पर किया जाएगा। मासिक आधार का आशय जी0एस0टी0
अधिनियम की मासिक कर अवधि से है।
3. लेखापरीक्षा एवं वसूली की व्यवस्था (Audit & Recovery Mechanism):-
3. सुसंगत वितीय वर्ष हेतु प्रस्तुत किए गए वार्षिक रिटर्न दाखिल किये जाने के पश्चात,
(क) वार्षिक आउटपुट देनदारी में यदि कोई कटौती की गई हो
अथवा
(ख) इनपुट टैक्स क्रेडिट दावे में वृद्धि की गई हो.
तो वार्षिक आउटपुट देनदारी और इनपुट टैक्स क्रेडिट में क्रमशः ऐसी कमी या वृद्धि के
कारण नेट एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति को शेष किश्तों में समायोजित किया जाएगा।
3.2 यदि नोडल संस्था (इन्वेस्ट यूपी) को किसी भी समय ऐसा प्रतीत होता है कि नेट
एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति का दावा दुर्भावना से किया गया है, जिसमें धोखाधड़ी या किसी
आवेदक GANT जानबूझकर गलत बयानी या तर्थों को छिपाना शामिल है, अथया ऑडिट के
दौरान यह ज्ञात होता है कि आवश्यक तथ्यों को छिपाया गया है तो ऐसे मामलों में नोडल
GEM GANT .. शासनादेश... संख्या-2/2023/307/77-6-23-2(एम)/2022 दिनांक
4/04/2023 के प्रस्तर-8.3 में प्राविधानित व्यवस्था के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।
3.3 नेट एस.जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति हेतु प्राप्त आवेदन की प्रोसेसिंग के संबंध A शासनादेश
संख्या-24/2023/4307777-6-23-2(एम)/2022 दिनांक 4/04/2023 के प्रस्तर-5.2 में
प्राविधानित व्यवस्था के अन्तर्गत मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यूपी की अध्यक्षता
में गठित मूल्यांकन समिति के माध्यम से किया जाएगा। नोडल Valea (इन्वेस्ट यू०पी०)
द्वारा आवेदन की प्रोसेसिंग के संबंध में समय-समय पर स्पष्टीकरण निर्गत किया जा
सकता है।
4. नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति हेतु संबंधित आवश्यक अभिलेखः-
4.. नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति का दावा वाणिज्यिक उत्पादन आरम्भ होने के पश्चात
तिमाही आधार पर किया जाएगा।
4.2 सुसंगत वितीय वर्ष की वार्षिक Rect
4.3 शासनादेश संख्या 2/2023/307/77-6-23-2(TA)/2022- दिनांक 4.04.2023 के
प्रस्तर-4.2.2 में विर्निंदिष्ट अभिलेख |
4.4 आवेदक दूवारा आवेदन के साथ निम्नलिखित अभिलेख प्रस्तुत किया जाना आवश्यक
होगा-
क) दावे के समय मासिक रिटर्न-
जीएसटीआर-3बी
4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |ii, जीएसटीआर-
iii. जीएसटीआर-2बी
@). वार्षिक रिटर्न जमा करने के बाद वार्षिक रिटर्न
।.... जीएसटीआर-9
॥.... जीएसटीआर-9सी (समय-समय पर संशोधित)
ग) भुगतान किए गए चालान की प्रतियां |
4.5 डेबिट नोट्स और क्रेडिट नोट्स आवेदक cant निर्गत एवं प्राप्त किए गए Ho डेविट
नोट्स और क्रेडिट नोट्स के रिकॉर्ड का विवरण।
4.6 कोई अन्य दस्तावेज, प्रोसेसिंग के समय जिसकी आवश्यकता हो सकती है। (रिपोर्टिंग
प्रारूप और दस्तावेज़ चेकलिस्ट नोडल एजेंसी द्वारा अलग से जारी की जाएगी)
4.7 आवेदक को अनुलग्नक के अनुसार वचन पत्र (Undertaking) देना होगा।
3- अतः इस संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया उपर्युक्तानुसार निर्धारित मानक
प्रचालन प्रक्रिया. (Standard Operating Procedure) का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए अग्रेतर
कार्यवाही करने का कष्ट करें।
भवदीय,
मनोज कुमार सिंह,
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त |
संख्या एवं दिनांक तदैव-
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः-
।. मुख्य स्टाफ आफिसर, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन।
2. निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव, मा० मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन।
3. निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, वित्त/राज्य कर/स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन/एमएसएमई
विभाग, उ०प्र० शासन।
4. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, समस्त औद्योगिक विकास प्राधिकरण।
5. प्रबन्ध निदेशक, पिकप/यूपीएफसी |
6. समस्त औद्योगिक विकास अनुभाग।
7. गार्ड फाइल।
आज़ा से,
पीयूष वर्मा
विशेष सचिव।
4- US शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है |
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |अलुलग्नक-।
अण्डरटेकिंग
(कम्पनी के नाम पर रू0 00/— के नेंन ज्यूडिशल स्टाम्प पेपर पर विधिवत नोटराइज्ड
मैं ................(आवेदक का नाम)...............पुत्र,........(पिता का नाम).................निवासी
Ao . सिंस्था का नामी.........................जिसका पंजीकृत कार्यालय ........
पिता)............ एवं इकाई जिसका अवस्थान (पता)
| sansenassetnsnnee जी0एस0टी0 पंजीयन संख्या है
ERI की गयी ..................... से अवधि हेतु नेट जी0एस0टी0 प्रतिपूर्ति acta राशि wo
व ललन हेतु आवेदन किया गया है के सम्बन्ध में निम्नवत घोषित करता हैँ:-
.. कि एस,जी,एस.टी. की प्रतिपूर्ति के क्लेम का किसी ट्रेडिंग गतिविधि से सम्बन्ध नही है|
.. कि जिस राशि की प्रतिपूर्ति का क्लेम किया गया है उसमे विलम्ब शुल्क, दण्ड ब्याज एवं ऐसे अन्य शुल्क अथवा
अधिभार सम्मिलित नही है।
. कि नेट एसएजी0एसए0टी0 प्रतिपूर्ति का क्लेम आवेदक के व्यवसाय के स्थान (इकाई के अवस्थान) पर उत्प्पादित
किये गये माल के. प्रथम प्रदाय (tea) से सम्बन्धित हैं एवं नेट एस0जी0एस0टी0 at का आगणन
एसा0ओएपी0 के प्रस्तर-९ में विरनिदिष्ट व्यवस्था के अनुसार इनपुट टैक्स केडिट के समायोजन के पश्चात किया
गया |
_ 4. कि हम इस तथ्य से मिज्ञ है कि
L. ऐसे किसी वितरण के माध्यम अथवा मार्ग/इण्टरमीडियरी को इस प्रयोजनार्थ उपयोग किया जाना
जिससे कि अन्तरप्रान्तीय सप्लाई को प्रदेश के भीतर दिखा कर एस.जी.एस,टी, की प्रतिपूर्ति की सुविधा के aa
में वृद्धि की जा सके, वर्जित है।
न
i. ऐसे अतिरिक्त करों की आरोपित राशि, जोकि कपट, तथ्यों को जान-बूझकर छिपाना अथवा fear
कथन द्वारा Fey की गयी हो, प्रतिपूर्ति हेतु se नहीं है।
iii, . यदि किसी समय बिन्दु पर यह पाया जाता है कि
अ. ..... नीति /दिशा निर्देश, शासनादेशों के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है,
व... हमारे द्वारा अनुमन्य,/ स्वीकार्य राशि से. अधिक राशि प्रतिपूर्ति किसी दावे के अधीन प्राप्त की गयी है,
ऐसी अतिरिक्त नेट एस जी.एस.टी. प्रतिपूर्ति की राशि राज्य सरकार को तुरन्त ही प्रतिपूर्ति की तिथि से भुगतान
की तिथि तक मथ 72 प्रतिशत्त वार्षिक ब्याज के साथ वापस. की जायेगी ं।
नाम:
पदनाम:
हस्ताक्षर: