Home India दुग्ध विकास विभाग उत्‍तर प्रदेश दुग्‍धशाला विकास एवं दुग्‍ध उत्‍पाद प्रोत्‍साह...
Date: 2026-03-16 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

उत्‍तर प्रदेश दुग्‍धशाला विकास एवं दुग्‍ध उत्‍पाद प्रोत्‍साहन नीति-2022 के अन्‍तर्गत प्रदेश के डेयरी क्षेत्र में हो रहे निवेश की परियोजनाओं के निरीक्षण तथा नीति-2022 में आवेदन की प्रक्रिया के विभिन्‍न स्‍तरीय सत्‍यापन इत्‍यादि कार्य हेतु वित्‍तीय एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति के संबंध में।

Issued by दुग्ध विकास विभाग · दुग्ध विकास विभाग

Research with AI Agent Chat with Document Generate Summary Translate Helpful Share Add to Project Create Task
Official Source Record View Original Source →
See Full Document Text
AA -0 /2026/262/00I-53-099-099-24-2025 प्रेषक, राम आसरे राम , संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास, उ0प्र0, लखनऊ। दुग्ध विकास अनुभाग-! लखनऊ : दिनांक (6 मार्च, 2026 विषय:- उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के अन्तर्गत प्रदेश के डेयरी क्षेत्र में हो रहे निवेश की परियोजनाओं के निरीक्षण तथा नीति-2022 में आवेदन की प्रक्रिया के विभिन्‍न स्तरीय सत्यापन इत्यादि कार्य हेतु वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति के संबंध में। महोदय, उपर्युकृत विषयक अपने पत्रांक-800/दुगूध-04/दुग्ध उद्योग अनुभाग/बजट/2025-26, दिनांक ॥0 मार्च, 2026 का कृपया सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 A आवेदन की प्रक्रिया के विभागीय एवं विभिन्‍न स्तरीय सत्यापन इत्यादि कार्य हेतु तथा किराए के वाहन की व्यवस्था मद हेतु धनराशि रु० 22.50 लाख (रुपये बाईस लाख पचास हजार मात्र) की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया गया है | 2- इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि प्रश्नगत प्रकरण में सम्यक विचारोपरान्त उत्तर उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के अन्तर्गत प्रदेश के डेयरी क्षेत्र में हो रहे निवेश की परियोजनाओं के निरीक्षण तथा नीति-2022 में आवेदन की प्रक्रिया के विभिन्‍न स्तरीय सत्यापन इत्यादि कार्य हेतु उत्तर प्रदेश दुग्धशाल्रा विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के अन्तर्गत उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष FO 22,50,000 (रुपये बाईस लाख पचास हजार मात्र) की धनराशि दुग्ध आयुक्त के dda पर रखे जाने की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:- नियम व शर्ते /प्रतिबन्ध () धनराशि का आहरण एवं व्यय के दौरान योजना विषयक गाईडलाइन्स का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। (2) स्वीकृत की जा रही धनराशि को आहरित कर बैंक/डाकघर में नहीं रखा जायेगा। (3) स्वीकृत की जा रही धनराशि का निर्धारित मद से इतर किसी अन्य मद में किये जाने वाला व्यय वित्तीय अनियमितता माना जायेगा। (4) स्वीकृत की जा रही धनराशि को निर्धारित मद A व्यय कराने व उपयोगिता प्रमाण-पत्र शासन को उपलब्ध कराये जाने का दायित्व दुग्ध आयुक्त, Grae विकास,50प्र0 का होगा। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |(5) दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास,उ0प्र0 यह सुनिश्चित करेंगे कि स्वीकृत किये जा रहे कार्य/मद हेतु पूर्व में राज्य सरकार अथवा अन्य किसी Ba से धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है और न ही यह कार्य किसी अन्य योजना»कार्यक्रम में सम्मिलित है। (6) प्रस्ताव में आंकडों की शुद्धता का दायित्व दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास, 50प्र0 का होगा। (7) जिन मामलों A उ0प्र0 बजट मैनुअल और वित्तीय नियम संग्रहों तथा स्थायी आदेशों के अंतर्गत राज्य सरकार अथवा अन्य सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति विभागाध्यक्ष“नियंत्रक अधिकारी द्वारा प्राप्त की जाने आवश्यक हो, उन मामलों में व्यय करने के पूर्व ऐसी स्वीकृति अवश्य प्रास कर ली जाय | (8) व्यय प्रबंधन एवं शासकीय व्यय में मितव्ययता के सम्बन्ध में वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों का विशेष रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा | (9) वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने अथवा धनराशि को विभागाध्यक्ष “नियंत्रक अधिकारी के निवर्तन पर रखे जाने से पूर्व दुग्धआयुक्त,दुग्धशाला विकास,उ0प्र0 के स्तर पर की जाने वाली समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति अनिवार्यतः सुनिश्चित कर ली जाय। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि धनराशि का विभागाध्यक्ष “नियंत्रक अधिकारी के निवर्तन पर रखे जाने मात्र से किसी प्रकार का व्यय करने का प्राधिकार नहीं देता है। (l0) कोषागार से एकमुश्त धनराशि का आहरण न किया जाए, क्योंकि धनराशि के एकमुश्त आहरण से राज्य के कैश मैनेजमेंट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है | (l) प्रस्तावित वित्तीय स्वीकृति उपलब्ध बजट प्राविधान्न की सीमा के अन्तर्गत रहेगी, यह दुग्ध आयुक्त, दुग्धशाला विकास, 50प्र0 का उत्तरदायित्व होगा। (I2) उक्त स्वीकृत की जा रही धनराशि का Gag चाल्रू वित॒तीय वर्ष 2025-26 में कर लिया जायेगा। (3) स्वीकृत की जा रही धनराशि के सम्बन्ध A वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-, उ०प्र०्शासन के कार्यालय-ज्ञाप AAT-6/2025/a--352/EA-2025-23 /2025 feath-27ATT,2025 एवं समय-समय पर निर्गत शासनादेशों में उल्लिखित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। 2- इस संबंध में होने वाला व्यय रुपये 22,50,000 (रुपये बाईस लाख पचास हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 046 लेखा शीर्षक 2404004024400 उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति- 2022 मानक मद 20 सहायता अनुदान - सामान्य (गैर वेतन) के ATA डाला जायेगा। 3- यह आदेश वित्त (आय-व्ययक ) अनुभाग- ( के कार्यालय AMT संख्या- 6/2025/बी-4-352/दस-2025- 234/2025, दिनाँक- 27-मार्च,2025 में प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रतिनिधानित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे है। भवदीय, राम आसरे राम संयुक्त सचिव। संख्या- 0/2026/224 /00I-53-099-099-24-2025, तद्‌ दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |I- महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम»द्वितीय उ0प्र0, प्रयागराज | 2- महालेखाकार,(लेखा परीक्षा) प्रथम/द्वितीय, लखनऊ »प्रयागराज | 3- वरिष्ठ आडिट आफिसर (आडिट प्लानिंग) कार्यालय महालेखाकार, लेखा परीक्षा (प्रथम), सत्यनिष्ठा भवन, i5 थार्नहिल रोड, प्रयागराज | 4- वरिष्ठ कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ | 5- वित्त fama, दुग्धशाला विकास, 50प्र0 लखनऊ। 6- वित्त(व्यय-नियन्त्रण)अनुभाग-/नियोजन अनुभाग-3/राज्य योजना आयोग-3,50प्र0 शासन। 7- दुग्ध विकास अनुभाग-2, उत्त,र प्रदेश शासन। 8- वेब मास्टर, दुग्धशाला विकास विभाग, जवाहर भवन, लखनऊ को इस आशय से प्रेषित कि इसे विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित करें। 9- गार्ड फाइल्र। आज्ञा से, राम बूझ अनु सचिव। 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

Continue your research