Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष 2022-23 मे गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में भूमि क...
Date: 2022-04-22 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2022-23 मे गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में भूमि क्रय हेतु हडको से लिये गये ऋण पर देय ब्याज हेतु सहायता की मद में उपलब्ध धनराशि में से धनराशि रू0 4839.45 लाख की मांग के सम्बन्ध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में भूमि अधिग्रहण के लिए HUDCO से लिए गए ऋण पर देय ब्याज के लिए सहायता के मद में उपलब्ध धन से 4839.45 लाख रुपये की मांग से संबंधित है। यह उत्तरप्रदेश शासन के संयुक्त सचिव अनिल कुमार द्वारा जारी किया गया 22 अप्रैल, 2022 का एक सरकारी आदेश है। इसमें इन निधियों के उपयोग के लिए विशिष्ट नियम और शर्तें दी गई हैं, और यह निर्देश देता है कि इस व्यय को आय और व्यय बजट में कैसे दर्ज किया जाए। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** * **वित्तीय स्वीकृति:** * गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में भूमि अधिग्रहण के लिए HUDCO से लिए गए ऋण पर देय ब्याज के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 4839.45 लाख रुपये की स्वीकृति। * यह स्वीकृति अनुदान संख्या 07 के लेखाशीर्षक "2852-उद्योग 80-सामान्य 800-अन्य व्यय-22-यूपीडा" के तहत वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण पर देय ब्याज के लिए सहायता के रूप में है। * **नियम और शर्तें:** * निधि यूपीडा के बैंक खाते में नहीं, बल्कि उसी बैंक खाते में जमा की जानी चाहिए जिससे ऋण लिया गया था। * धनराशि का आहरण केवल तत्काल आवश्यकता के अनुसार किया जायेगा। * यूपीडा को आहरित धन के उपयोगिता प्रमाण पत्र समय-समय पर सरकार को प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। * धनराशि का आहरण सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद ही किया जाएगा और वित्त आय व्ययक अनुभाग-1 द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन करना होगा। * स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए जिसके लिए यह स्वीकृत की जा रही है। * **व्यय लेखांकन:** * 4839.45 लाख रुपये का व्यय वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्ष 2852808002200 यूपीडा के तहत गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के निर्माण के लिए वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण पर देय ब्याज के रूप में डाला जाएगा। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) * **प्रभाव:** * यूपीडा को गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए आवश्यक धनराशि प्राप्त होगी, जिससे परियोजना समय पर पूरी हो सकेगी। * यूपीडा को इन निधियों को विनियमित करने और सरकार को जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकारी नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** * HUDCO से लिए गए ऋण पर ब्याज का भुगतान करने के लिए आवंटित धन का उपयोग करें। * धन के उपयोग के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं और दिशानिर्देशों का पालन करें। * सरकार को समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करें। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार * **प्रभाव:** * उत्तर प्रदेश सरकार को गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना की प्रगति को सुविधाजनक बनाने के लिए एक निर्धारित बजट का अनुमोदन और आवंटन करना होगा। * इस आदेश से राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास का समर्थन करने के लिए सरकारी धन के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है। * **आवश्यक कार्रवाई:** * सुनिश्चित करें कि यूपीडा द्वारा धन का उचित और कुशल उपयोग किया जाए। * गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना की प्रगति की निगरानी करें। **हितधारक:** लेखा परीक्षक (महालेखाकार) * **प्रभाव:** * परियोजना को दी जाने वाली धनराशि को नियंत्रित करना। * **आवश्यक कार्रवाई:** * परियोजना को दी जाने वाली धनराशि के उपयोग और व्यय का ऑडिट करना।

Key Entities Referenced

गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना: एक बुनियादी ढांचा परियोजना, इस नीति का फोकस है भूमि अधिग्रहण से संबंधित ऋण पर ब्याज का भुगतान। यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण): गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के कार्यान्वयन और वित्तीय प्रबंधन के लिए जिम्मेदार कार्यान्वयन एजेंसी। हुडको (आवास और शहरी विकास निगम): एक वित्तीय संस्थान जिससे गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए ऋण लिया गया था। औद्योगिक विकास विभाग, उ.प्र. शासन: वह विभाग जो धन जारी करता है और गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना से संबंधित मामलों की देखरेख करता है। लखनऊ, उत्तर प्रदेश: मुख्य कार्यपालक अधिकारी का स्थान जहां यह नीति अधिसूचना निर्देशित है।
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संख्या-।7/2022/00-542-77-3-2022 प्रेषक, अनिल कुमार, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 शासन। सेवा में, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा, पर्यटन भवन, गोमती नगर, लखनऊ | औद्योगिक विकास अनुभाग-3 _ लखनऊ :#दिलाके 22 अप्रैल, 2022 विषय:-वित्तीय वर्ष 2022-23 A गंगा एक्सप्रेसवे wate में भूमि क्रय हेतु हडको से लिये गये ऋण पर देय ब्याज हेँबु/#सहायती की मद में उपलब्ध धनराशि में से धनराशि BO 4839.45 लाख Al Ale सम्बन्ध में। महोदय, उपर्युक्त विषयक अपने TAT ऋ5/यूंपीडा/।345/लेखा, दिनांक 8.04.2022 का कृपया संदर्भ ग्रहण करने, *का कष्ट करें जिसके द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में भूमि क्रय SI (eset से लिये गये ऋण पर देय ब्याज की धनराशि निर्गत करने हेतु#शासम से अनुरोध किया गया है। 2. इस Hasta AS यह कहने का निदेश हुआ है कि गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना ANA क्रय हेतु हडको से लिये गये ऋण पर देय ब्याज हेतु वित्तीय वर्ष 202203 में अनुदान संख्या 07 के लेखाशीर्षक “2852-उद्योग 80-सामान्य 800-3 व्यय-22-यूपीडा द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण हेतु वित्तीस eens से लिये गये ऋण पर देय ब्याज हेतु सहायता 20-सहायता अनुदाने॑-सामान्य (गैर वेतन)” मैं BO 23200.00 लाख का प्राविधान किया गया है। उक्त प्राविधिनित धनराशि में से हडको से लिये गये ऋण पर देय ब्याज दिनांक 0.03.2022 से 32.05.2022 तक रू0 4839.45 लाख (रू0 अडतालिस करोड उन्नालिस लाख पैतालिस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते है:- ___- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है । 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |नियम व शर्ते / प्रतिबन्धों (2) धनराशि का आहरण कर यूपीडा के बैंक खाते अथवा किसी बात बैंक खाते में नहीं रखी जायेगी बल्कि जिस बैंक खाते से ऋण की धनराशि आहरित की गयी है उसी बैंक खाते में ब्याज की धनराशि जमा की जायेगी। (2) उक्त धनराशि का आहरण केवल तात्कालिक आवश्यकतानुसार ही किया जायेगा। (3) यूपीडा का यह भी दायित्व है कि आहरित धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र यथासमय शासन की उपलब्ध कराया जायेगा। (4) धनराशि का आहरण सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त नियमानुसार किया जायेगा TAT स्वीकृत धनराशि के व्यय में वित्त आय व्ययक अनुभाग- के कार्यालय ज़ापू.सैख्या AO. 5/202/बी--829/दस-202-23/2022 दिनांक 30.2.202 द्वारा जारी;़दिश निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। (5) स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए किया जायेगा rae fore धनराशि स्वीकृत की जा रही है। 3- «Sa संबंध में होने वाला व्यय रुपये 43/739%45,000 ( रुपये अड्तालीस करोड़ उनतालीस लाख पैंतालीस हजार A) Sl ,बलॉलूवित्तीय वर्ष 20222023 के आय- व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा/#शीर्षकौ2852808002200 यूपीडा द्वारा गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के निर्माणऔऋेलु«/ वित्तीय संस्थाओं से लिए गए ऋण पर देय ब्याज हेतु सहायता मानुर्कु मैं >0 सहायता अनुदान - सामान्य (गैर वेतन) के नामे डाला जायेगा। 4- यह आदेश Tae (eT - व्ययक ) अनुभाग - । के कार्यालय AT संख्या- 5/202/बी-+.#४९१४॒सर-202-23/2022, दिनांक- 30 दिसंबर, 202 एवं वित्त (आय - व्ययक 3 *अब्ुभिग - के शासनादेश संख्या: 5/2022/बी--224/दस-2022- 237/202 \festi- 29 मार्च 2022 A प्रशासकीय विभाग को उक्तवत प्रलिनिधन्नित अधिकार के अंतर्गत निर्गत किये जा रहे FI भवदीय, अनिल कुमार, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 शासन। ___- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है । 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |UEA-I7/2022/004-542-77-3-2022, तद्‌ दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- . महालेखाकार, (लेखा परीक्षा) प्रथम/दवितीय, उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद। 2. महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दृवितीय, उत्तर प्रदेश इलाहाबाद | 3. मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी, जवाहर भवन, लखनऊ। 4. निदेशक, वित्तीय सांखियकीय निदेशालय, जवाहर भवन लखनऊ। 5. निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास विभाग, उ०प्रनशासेैनन | 6. वित्त (ई-6) अनुभाग-6/औद्योगिक विकास अनुभाग-2 7. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-2 8. गार्ड पत्रावली। आज्ञा से, अनिल कुमार, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 शासन। ___- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है । 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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