**कार्यकारी सारांश:**
15 जुलाई, 2024 के उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास विभाग का यह परिपत्र उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण और गतिशीलता नीति-2022 में संशोधन करता है, विशेष रूप से सब्सिडी प्रावधानों को लक्षित करता है। संशोधित नीति का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को प्रोत्साहित करना है और यह अधिसूचना संख्या-41/2022/2596/77-6-2022-1(एम)/2022 दिनांक 14.10.2022 के माध्यम से पहले जारी की गई नीति में विशिष्ट परिवर्तनों की रूपरेखा तैयार करता है। परिवर्तन 14.10.2022 से अगले 5 वर्षों तक या ₹403.97 करोड़ का अप्रयुक्त कोष खर्च होने तक लागू हैं, जो भी पहले हो।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
* **प्रोत्साहन अवधि:** योजना की अवधि 14 अक्टूबर, 2022 से शुरू होकर 5 साल तक बढ़ा दी गई है या जब तक ₹403.97 करोड़ की अप्रयुक्त राशि खर्च नहीं हो जाती है, जो भी पहले हो।
* **2-व्हीलर के लिए संशोधित प्रोत्साहन:**
* 2-पहिया वाहनों के लिए, प्रोत्साहन एक्स-फैक्ट्री लागत का 15% या ₹5,000 प्रति वाहन तक होगा।
* अधिकतम परिव्यय ₹100 करोड़ है, जो अधिकतम 2 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुमत्य करता है।
* **3-व्हीलर प्रोत्साहन हटाना:** 3-पहिया वाहनों के लिए प्रोत्साहन को हटा दिया गया है।
* **4-व्हीलर के लिए प्रोत्साहन:**
* 4-पहिया वाहनों के लिए, प्रोत्साहन एक्स-फैक्ट्री लागत का 15% या ₹1 लाख प्रति वाहन तक होगा।
* अधिकतम परिव्यय ₹250 करोड़ है, जो अधिकतम 25,000 इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुमत्य करता है।
* **ई-बसों (गैर-सरकारी) के लिए प्रोत्साहन:**
* ई-बसों के लिए, प्रोत्साहन एक्स-फैक्ट्री लागत का 15% या ₹20 लाख प्रति वाहन तक होगा।
* अधिकतम परिव्यय ₹80 करोड़ है, जो अधिकतम 400 ई-बसों को अनुमत्य करता है।
* **ई-गुड्स कैरियर्स के लिए प्रोत्साहन:**
* ई-गुड्स कैरियर्स के लिए, प्रोत्साहन एक्स-फैक्ट्री लागत का 10% या ₹1 लाख प्रति वाहन तक होगा।
* अधिकतम परिव्यय ₹10 करोड़ है, जो अधिकतम 1000 ई-गुड्स कैरियर्स को अनुमत्य करता है।
* **सब्सिडी वितरण पर नोट:**
* एक व्यक्तिगत क्रेता केवल 2-पहिया, 3-पहिया और 4-पहिया या ई-बसों या ई-गुड्स कैरियर्स में से प्रत्येक श्रेणी में एक सब्सिडी के लिए पात्र है।
* फ्लीट ऑपरेटर (एग्रीगेटर) ऊपर बताई गई सब्सिडी को अधिकतम 10 टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर और अधिकतम 5 ई-बस या ई-गुड्स कैरियर्स खरीदने के लिए प्राप्त कर सकते हैं।
* प्रत्येक क्रेता को इस योजना के प्रभावी होने की अवधि में केवल एक बार सब्सिडी प्राप्त होगी।
* अनुमन्य 'क्रय सब्सिडी' प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाएगी, जिसे क्रेता को डीलर से सत्यापन के उपरान्त सीधे ट्रांसफर किया जाएगा।
* **बिना बैटरी वाले वाहनों के लिए प्रावधान:** बिना बैटरी वाले वाहन खरीदने की स्थिति में, अनुमत्य सब्सिडी का 50% प्रदान किया जाएगा।
* **सामान्य प्रावधान:** पहले घोषित उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण और गतिशीलता नीति-2022 के अन्य सभी नियम और शर्तें अपरिवर्तित रहेंगे।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता
* **प्रभाव:** संशोधित सब्सिडी संरचना विनिर्माण योजनाओं और लाभप्रदता को प्रभावित कर सकती है।
* **आवश्यक कार्रवाई:** संशोधित प्रोत्साहन दरों के आधार पर उत्पादन और मूल्य निर्धारण रणनीतियों को समायोजित करें।
**हितधारक:** इलेक्ट्रिक वाहन क्रेता (व्यक्तिगत और एग्रीगेटर)
* **प्रभाव:** खरीद लागत और वाहन स्वामित्व की सामर्थ्य बदल जाती है। 3-पहिया वाहनों के प्रोत्साहन को हटाने से संभावित क्रेता प्रभावित हो सकते हैं।
* **आवश्यक कार्रवाई:** इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के संबंध में वित्तीय नियोजन को अपडेट करें।
**हितधारक:** इलेक्ट्रिक वाहन डीलर
* **प्रभाव:** ग्राहकों की पूछताछ और बिक्री को प्रभावित करते हुए वाहन की मांग और उपभोक्ता वरीयताओं में संभावित बदलाव।
* **आवश्यक कार्रवाई:** बिक्री रणनीतियों को समायोजित करें और ग्राहकों को अद्यतन सब्सिडी नीतियों पर शिक्षित करें। सब्सिडी प्रतिपूर्ति प्रक्रियाओं के लिए तैयार रहें।
**हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार
* **प्रभाव:** नीति के उद्देश्यों (इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देना) की उपलब्धि में संभावित बदलाव और राजकोषीय आवंटन पर प्रभाव।
* **आवश्यक कार्रवाई:** नीति के प्रभाव की निगरानी करें, आवश्यक होने पर आगे के समायोजन करें, और समग्र उद्देश्य उपलब्धि को सुनिश्चित करें।
Key Entities Referenced
उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति-2022: यह नीति उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण और गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।
औद्योगिक विकास विभाग, उत्तर प्रदेश: यह विभाग उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति-2022 के कार्यान्वयन और संशोधन के लिए जिम्मेदार है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 162: यह अनुच्छेद उत्तर प्रदेश सरकार को कार्यपालिका शक्तियों का प्रयोग करने का अधिकार देता है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहन नीति में संशोधन किया गया है।
सब्सिडी योजना: उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति-2022 के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को सब्सिडी प्रदान करने की योजना।