Date: 2024-03-01Category: Not ApplicableState: Uttar PradeshCountry: India
वित्तीय वर्ष 2023-24 में औद्योगिक गलियारा हेतु चिन्हित ग्रामों के सापेक्ष अवमुक्तर धनराशि रू0 200.00 करोड का उपभोग औद्योगिक गलियारा हेतु पूर्व में चिन्हित अन्य् ग्रामों में भी उपभोग किये जाने के संबंध में।
**कार्यकारी सारांश:**
यह दस्तावेज़, दिनांक 01/03/2024 को जारी किया गया है, गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) को वित्तीय वर्ष 2023-24 में औद्योगिक गलियारा के लिए चिह्नांकित गांवों के सापेक्ष ₹200 करोड़ की धनराशि के उपयोग के संबंध में निर्देश देता है। इसमें मौजूदा आवंटित धन के उपयोग के माध्यम से अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के लिए शर्तों का संशोधन शामिल है, जिसकी अंतिम तिथि 27.10.2023 है।
**मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:**
*औद्योगिक गलियारा विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण:*
* गोरखपुर में औद्योगिक गलियारे के लिए द्वितीय चरण में गीडा (GIDA) द्वारा अधिसूचित चकभोप, बरउर, चकफत्ता और ककना गांवों में भूमि खरीद के लिए धनराशि का उपयोग किया जाएगा।
* धनराशि का उपयोग औद्योगिक गलियारे में तालनवर और बाघागाड़ा, तहसील सदर के साथ-साथ भगवानपुर तहसील सहजनवां के गांवों में भूमि खरीदने के लिए किया जाएगा।
* अधिग्रहण किसानों के साथ आपसी समझौते से सुसंगत अधिनियमों, नियमों और सरकारी आदेशों के अनुसार किया जाएगा।
* अधिग्रहण के लिए पूर्व में 27.10.2023 को जारी सरकारी आदेश में निर्धारित शेष शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी, जिसमें भूमि की सीमा तक संशोधन शामिल है।
**प्रभाव विश्लेषण:**
**हितधारक:** गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण)
**प्रभाव:** द्वितीय चरण में औद्योगिक गलियारे के विकास के लिए नामित गांवों में अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का अधिकार दिया गया।
**आवश्यक कार्रवाई:** गीडा को सुसंगत कानूनों और निर्देशों का पालन करते हुए आपसी समझौतों के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही करनी होगी।
**हितधारक:** भूमि मालिक (किसान)
**प्रभाव:** उनकी भूमि के अधिग्रहण के लिए आपसी समझौते में शामिल होने का अवसर।
**आवश्यक कार्रवाई:** मुआवजा प्राप्त करने और हस्तांतरण को अंतिम रूप देने के लिए आपसी समझौते के अनुसार भूमि के हस्तांतरण के लिए बातचीत करने और सहमत होने के लिए तैयार रहें।
**हितधारक:** जिला प्रशासन, गोरखपुर
**प्रभाव:** भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की सुविधा और यह सुनिश्चित करना कि यह लागू नियमों का अनुपालन करती है।
**आवश्यक कार्रवाई:** भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का समर्थन और पर्यवेक्षण करना, यह सुनिश्चित करना कि यह उचित और पारदर्शी तरीके से हो।
Key Entities Referenced
औद्योगिक गलियारा: औद्योगिक गलियारा (इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) एक आर्थिक विकास परियोजना है, जिसका उल्लेख दस्तावेज में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए धन आवंटित करने के संदर्भ में किया गया है।
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा): गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) एक सरकारी एजेंसी है जिसे गोरखपुर में औद्योगिक विकास गतिविधियों को विकसित करने और प्रबंधित करने का काम सौंपा गया है। यह पत्राचार के प्राथमिक विषयों में से एक है।
उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश शासन (सरकार) दस्तावेज के प्रेषक (सेंडर) और अधिकार स्रोत (सोर्स ऑफ अथॉरिटी) का प्रतिनिधित्व करता है, नीति निर्देशों और वित्तीय मंजूरी जारी करता है।
शासनादेश: शासनादेश (सरकारी आदेश) एक नीति निर्देश या मंजूरी है जो उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी की जाती है।
गोरखपुर: गोरखपुर एक जिला है जहाँ गीडा संचालित होता है और जहाँ औद्योगिक गलियारे के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाना है।
संख्या-2/2024//509298/2024/77-3002-003/2/2023
प्रेषक,
शैलेन्द्र कुमार,
अनु सचिव
उ0प्र0 शासन।
सेवा में, . Q
मुख्य कार्यपालक अधिकारी, १
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) \ ‘
गोरखपुर | Sy
औद्योगिक विकास अनुभाग-3
लखनऊ : दिनांक 0/03/2024 SY".
विषय:- वित्तीय वर्ष 2023-24 में or Smee चेन के सापेक्ष अवम॒क्त
धनराशि रू0 200.00 करोड का उपभोग औदर हेत पूर्व में चिन्हित अन्य ग्रामों
में भी उपभोग किये जाने के संबंध में। 06
उपर्युक्त विषयक oe
महोदय,
अधिकारी, ast के. पत्रांक-4844/भू0अ0-
दो/गीडा/2023-24 दिनांक 02.02.2 में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के औद्योगिक गलियारा विकसित किये जाने हेतु जनपद
गोरखपुर मैं fad चरण A अधिसूचित ग्रामों चकभोप, बरउर, चकफत्ता एवं ककना
में भूमि क्रय Sor श संख्या 66/2023/00I-77-3002-003-42-2023 दिनांक
27.0.2023 की गयी धनराशि रू0 20000.00 लाख से ही औद्योगिक
गलियारा के ग्राम तालनवर व बाघागाड़ा तहसील सदर की भूमि एवं पूर्व
san ग्राम सहजनवां की क्रय की गई भूमि से सटे अवशेष भूमि को किसानों से
से क्रय किये जाने की कार्यवाही सुसंगत अधिनियमों/नियमों/शासनादेशों A
अधीन किये जाने जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।
'सनादेश संख्या 66/2023/00-77-3002-003-2-2023 दिनांक 27.0.2023 की शेष
शर्ते यथावत रहेंगी और उक्त शासनादेश दिनांक 27.0.2023 इस सीमा तक संशोधित समझा
जायेगा।
भवदीय,
(शैलेन्द्र कुमार),
अनु सचिव।
_____- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |संख्या एवं दिनांक तदैव।
प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:-
|. निजी सचिव, AIO मंत्रीजी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन।
2. निजी सचिव, AO राज्य मंत्री जी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0
शासन।
महालेखाकार, (लेखा परीक्षा) प्रथम/दवितीय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज।
महालेखाकार, (लेखा एवं हकदारी) प्रथम/दवितीय, उत्तर प्रदेश प्रयागराज।
जिलाधिकारी, WT * Q
मुख्य/वरिष्ठ कोषाधिकारी/कोषाधिकारी, WATT | e
8.निदेशक, स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, उ0प्र0 प्रयागराज। SS
7. निदेशक, वित्तीय सांख्यिकीय निदेशालय, जवाहर भवन लखनऊ:
9. निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास विभाग
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0.faa नियंत्रक, गीडा रे
44. वित्त (ई-6) अनुभाग-6/औद्योगिक विकास AN
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2. वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग- Cy
|3.नोडल बजट एलाटमेन्ट सिस्टम। we
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आज्ञा से,
_____- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है ।
2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |