Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2023-12-20 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 150.00 करोड़ के सापेक्ष रू0 10,16,18,635.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** दस्तावेज़ 2023-24 के वित्तीय वर्ष के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत 10,16,18,635.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने से संबंधित है, जो 150.00 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान के सापेक्ष है। यह मंजूरी मेसर्स ओमेक्स ऑटो लि0, लखनऊ को दी गयी है, जो 11,29,09,595.00 रुपये के स्वीकृत ऋण का 90% है। यह स्वीकृति 20 दिसंबर 2023 को जारी की गई। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *स्वीकृत धनराशि का आवंटन:* * औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अंतर्गत पात्र इकाइयों को ब्याज मुक्त ऋण की 90% राशि आवंटित करने की स्वीकृति। * वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 10,16,18,635.00 रुपये (दस करोड़ सोलह लाख अठारह हज़ार छः सौ पैंतीस मात्र) की राशि स्वीकृत। * यह आवंटन मेसर्स ओमेक्स ऑटो लि0, लखनऊ को दिया गया है, जो 2017-18 के वित्तीय वर्ष से सम्बंधित है। *वितरण और उपयोग के नियम और शर्तें:* * स्वीकृत राशि सीधे लाभार्थी इकाई के बैंक खाते में आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से जमा की जाएगी। * वितरित धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा आयुक्त एवं निदेशक उद्योग को प्रस्तुत किया जाना चाहिए। * पिकप यह सुनिश्चित करेगा कि ऋण वितरण से पहले पात्र इकाइयां पात्रता मानदंडों को पूरा करती हैं और सभी आवश्यक कानूनी और प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं का पालन किया गया है। * स्वीकृत राशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जाएगा। * धनराशि को पूर्व से आहरित करके किसी भी बैंक खाते में नहीं रखा जाएगा। * पिकप स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा रखेगा। * स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। * धनराशि उन इकाइयों को दी जाएगी जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 (यथासंशोधित) में उल्लिखित सभी शर्तों का अनुपालन करती हैं। * पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। * डिफ़ॉल्ट होने पर इकाई को आगे कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। *ब्याज और डिफ़ॉल्ट:* * ऋण चुकाने में देरी करने वाली इकाइयों से 1.25% प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज वसूला जाएगा, जिसे राजकोष में जमा करना होगा। * यदि पिकप किसी किस्त के भुगतान में डिफ़ॉल्ट करता है, तो उसे 1.25% प्रतिमाह की दर से विलंबित अवधि के लिए ब्याज का भुगतान करना होगा। *आवश्यकतानुसार आहरण:* * धनराशि की निकासी एक महीने की आवश्यकता के अनुसार की जाएगी। * आहरण की आवश्यकता का आकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मंडल द्वारा किया जाएगा। * पिकप इकाइयों द्वारा ऋण वितरण की निगरानी करेगा, और लखनऊ मंडल धनराशि के उचित उपयोग के संबंध में संतुष्ट होगा। *अन्य शर्तें:* * धनराशि का व्यय वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 17.03.2023 और अन्य प्रासंगिक सरकारी आदेशों के अनुसार किया जाएगा। * पिकप इकाई को धनराशि जारी करने से पहले उसकी पात्रता और डेटा की सटीकता की पुष्टि करेगा। *व्यय:* * चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 में, यह व्यय 6885011900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के अंतर्गत दर्ज किया जाएगा। *अनुमोदन:* * यह आदेश वित्त विभाग की सहमति से जारी किया गया है। **प्रभाव विश्लेषण:** **हितधारक:** मेसर्स ओमेक्स ऑटो लि0, लखनऊ * **प्रभाव:** इस कंपनी को ब्याज मुक्त ऋण की वित्तीय स्वीकृति मिल रही है। * **आवश्यक कार्रवाई:** पिकप द्वारा उल्लिखित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा, जिसमें धन प्राप्त करना और उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रदान करना शामिल है। **हितधारक:** पिकप (उत्तर प्रदेश औद्योगिक कंसल्टेंट्स लिमिटेड) * **प्रभाव:** पिकप को योजना की शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए धनराशि का वितरण करना होगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** पिकप को लाभार्थी इकाई के लिए धन वितरित करना, वितरण की निगरानी करना, धन का सदुपयोग सुनिश्चित करना और आवश्यक रिपोर्ट जमा करना है। यदि इकाइयां डिफ़ॉल्ट करती हैं तो पिकप ऋण की वसूली के लिए भी उत्तरदायी होगा। **हितधारक:** उद्योग निदेशालय, कानपुर * **प्रभाव:** इस विभाग को पिकप से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त होगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** विभाग को पिकप द्वारा प्रदान किए गए उपयोगिता प्रमाण पत्रों की समीक्षा और अनुमोदन करना होगा। **हितधारक:** संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मंडल, लखनऊ * **प्रभाव:** ऋण के वितरण की निगरानी और धन के सदुपयोग को सुनिश्चित करना। * **आवश्यक कार्रवाई:** इस विभाग को पिकप द्वारा ऋण वितरण और धनराशि के सदुपयोग का अनुश्रवण करना होगा। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार (औद्योगिक विकास विभाग और वित्त विभाग) * **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 को क्रियान्वित करना। * **आवश्यक कार्रवाई:** विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि धनराशि नियमानुसार वितरित की जाए और योजना के वांछित परिणाम प्राप्त हों।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: एक योजना जो उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा औ‌द्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। पिकप: यहां प्रबंधक (वित्त) पिकप का तात्पर्य उत्तर प्रदेश सरकार की एक वित्तीय संस्था से है जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अंतर्गत पात्र इकाइयों को ऋण प्रदान करती है। औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6: उत्तर प्रदेश सरकार का विभाग जो औद्योगिक विकास प्रोत्साहन योजना-2003 के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। लखनऊ मण्डल, लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ मंडल का इलाका, यह इलाका औ‌द्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अंतर्गत आता है। उत्तर प्रदेश शासन: उत्तर प्रदेश राज्य सरकार।
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WEAT-_63/2023/2896/77-6-2023/6002(099)/7/202I4TE-3 प्रेषक, मनोज कुमार मौर्य, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, संयुक्त निदेशक, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ।| औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 20/42/2023 विषय:- वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये (50.00 करोड़ के सापेक्ष BO 70,6,48,635.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में। महोदय, कृपया उपर्युक्त विषय में अवगत कराना है कि प्रबन्धक (वित्त) पिकप के पत्रांक-इन्स- Hs.3s.4.8a./0/07-08/Vol.V/039 दिनांक 8.08.2023 द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाइयों को निगम qaNt स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की 90 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष कुल BO 0,6,48,635.00 (रूपये दस करोड़ सोलह लाख HONE हजार छः: सौ पैंतीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत है:- (धनराशि रूपये में) थी इकाई का नाम वित्तीय वर्ष वीकृत धनराशि रित की जाने वाली धनराशि (स्वीकृत राशि का 90 प्रतिशत) | HO ओमेक्स ऑटो लिए, 207-48 ,29,09,595.00 |0,76,78,635.00 oF nO 7,29,09,595.00 |0,6,8,635.00 (रूपये दस करोड़ सर ख़ अट्ठारह हजार B: dt पैंतीस मात्र) इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना- 2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक मैं प्राविधिनित धनराशि %.450.00 करोड़ (रूपये एक सौ पचास करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु BO 0,6,8,635.00 (रूपये दस करोड़ सोलह लाख HONS हजार छः: सौ I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |पैंतीस मात्र) की वित्तीय स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। पिकप द्वारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमक्त [0. नु ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद में किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। .. यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी,जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्नी-2003(यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। वसूली में शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी। यदि इन इकाईयों cant ऋण वापसी के सम्बबन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाल्ली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |. पिकप cant इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-2003(यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 2. ऋण की वापसी में विलम्ब करने वाली इकाई A वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। |3. यदि पिकप cant किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप द्वारा शासन को .25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। [4. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ दू्‌वारा किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप can ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ CANT किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगल्ली किश्त का आहरण किया जाएगा। 5. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AT दिनांक 7.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। l6. पिकप दूवारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुद्धता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 2- 38 संबंध में होने वाला व्यय रूपये (0,46,(8,635.00 (रूपये दस करोड़ सोलह लाख अट्ठारह हजार छः: सौ पैंतीस मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक मे अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 3- ... यह आदेश कंप्यूटर SANT उत्पन्न संख्या-६-6-38-2(-2023-24 दिनांक (5.42.2023 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। संख्या- 63/2023/2896()/77-6-2023/6002(099)/7/202पार्ट-3.तद्दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एव आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- I- महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी)प्रथम/दवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ । I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। 4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 5- प्रबन्ध निदेशक, पिकप को पत्रांक-इन्स-आई.आई.पी.एस./0/07-08//0../039 दिनांक 8-08- 2023 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। 6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। 7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-4/4 9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 I0- नियोजन अनुभाग-/4 tI- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 {2- mS Wesel आज्ञा से, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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