Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2024-02-21 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 150.00 करोड़ के सापेक्ष रू0 6,77,57,181.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

**कार्यकारी सारांश:** यह दस्तावेज 21 जनवरी, 2024 को जारी किया गया एक शासनादेश है, जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में प्राविधानित धनराशि के मुकाबले मेसर्स यू0ए0एल0-उत्तर प्रदेश (मै० यू0ए0एल0 इण्डस्ट्रीज की इकाई), जौनपुर को 6,77,57,181.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करता है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण का 90% वितरित करने के लिए है। इस आदेश में स्वीकृत धनराशि के उपयोग के नियम और शर्तें भी शामिल हैं। **मुख्य बातें / मुख्य सामग्री:** *स्वीकृति और आवंटन* * वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत मेसर्स यू0ए0एल0-उत्तर प्रदेश को 6,77,57,181.00 रुपये की वित्तीय स्वीकृति। * यह राशि वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए स्वीकृत ब्याजमुक्त ऋण का 90% है। *वितरण दिशानिर्देश* * स्वीकृत धनराशि को आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से सीधे इकाई के बैंक खाते में अंतरित किया जाना है। * उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप द्वारा हस्ताक्षरित किया जाना चाहिए और आवश्यक अधिकारियों को प्रस्तुत किया जाना चाहिए। * ऋण वितरित करने से पहले, पिकप को इकाई की पात्रता स्पष्ट करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। * धनराशि का आहरण तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही राजकोष से किया जाना चाहिए। * किसी भी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके बैंक खाते में नहीं रखा जाना चाहिए। * पिकप को स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा रखना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि व्यय केवल स्वीकृत मद में ही किया जाए। *अनुपालन और वसूली* * यह सुनिश्चित करना होगा कि इकाई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 का पालन करती हो। * पिकप को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व होगा। * डिफ़ॉल्ट के मामले में आगे की धनराशि का भुगतान बंद कर दिया जाएगा। *ब्याज और शुल्क* * विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (1.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। * यदि पिकप द्वारा किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप द्वारा शासन को 1.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। *अन्य शर्तें* * आवश्यकता का आंकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ द्वारा किया जाएगा। * स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-1 के कार्यालय ज्ञाप दिनांक 17.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। **प्रभाव विश्लेषण** **हितधारक:** मेसर्स यू0ए0एल0-उत्तर प्रदेश (मै० यू0ए0एल0 इण्डस्ट्रीज की इकाई), जौनपुर * **प्रभाव:** औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत वित्तीय सहायता मिल रही है, जिससे उन्हें अपने व्यावसायिक संचालन को बढ़ाने और वित्त पोषित करने में मदद मिलती है। * **आवश्यक कार्रवाई:** यह सुनिश्चित करना होगा कि वे औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003 के तहत सभी शर्तों का पालन करते हैं, धन का सही ढंग से उपयोग करते हैं और निर्धारित समय पर ऋण की अदायगी करते हैं। **हितधारक:** पिकप (संभवतः उद्योग विभाग का एक विभाग) * **प्रभाव:** इकाई को धनराशि का वितरण, अनुपालन की निगरानी और ऋण की वसूली के लिए उत्तरदायी। * **आवश्यक कार्रवाई:** सुनिश्चित करना होगा कि इकाई की पात्रता का सत्यापन किया जाए, धन का उचित वितरण किया जाए, उचित लेखा-जोखा रखा जाए, नियमावली का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, और ऋण की अदायगी पर नज़र रखी जाए। वसूली में किसी भी तरह की शिथिलता के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जा सकता है। **हितधारक:** उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक, लखनऊ मंडल * **प्रभाव:** संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ द्वारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। * **आवश्यक कार्रवाई:** आवश्यक समन्वय, पर्यवेक्षण और अनुश्रवण करना। **हितधारक:** उत्तर प्रदेश सरकार * **प्रभाव:** औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और वित्तीय संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग सुनिश्चित करना। * **आवश्यक कार्रवाई:** पिकप और इकाई दोनों द्वारा निधियों के उपयोग की निगरानी करना सुनिश्चित करें कि धन के आवंटन के लिए निर्धारित दिशानिर्देशों और शर्तों का पालन किया जाए।

Key Entities Referenced

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: यह योजना उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए है। उत्तर प्रदेश शासन: यह पत्र उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया है, जो नीति कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है। पिकप: यह औद्योगिक विकास विभाग के तहत एक इकाई है, जो स्वीकृत धनराशि के वितरण, उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने और इकाइयों से ऋण वसूली के लिए जिम्मेदार है। मेसर्स यू0ए0एल0- उत्तर प्रदेश (मै० यू0ए0एल0 इण्डस्ट्रीज की इकाई), जौनपुर: यह एक पात्र इकाई है जिसे औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया गया है।
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° सख्या-0/2024/ 78/77-6-24-6099/04/2022 प्रेषक, मनोज कुमार मौर्य, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, संयुक्त निदेशक, उद्योग, लखनऊ मण्डल, लखनऊ। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 24 जनवरी, 2024 विषय:- वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 50.00 करोड़ के सापेक्ष BO 6,77,57,8.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध Al महोदय, कृपया... उपर्युक्त. विषयक. प्रबन्धक = (वित्त). पिकप के... पत्रांक- 3T7S.3tTs.47.0./0/07-08/Vol.IV/764 दिनांक. 6.0.2024 (Ha Aceh छायाप्रति) का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाई यथा- मेसर्स यू0ए0एल0- उत्तर प्रदेश (मै0 यू0ए0एल0 इण्डस्ट्रीज की इकाई), जौनपुर को वित्तीय वर्ष 208-49 के लिए को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की धनराशि रू. 7,52,85,757.00 का 90 प्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष कुल रू. 6,77,57,87.00 (रूपया छः करोड़ सतहत्तर लाख सत्तावन हजार एक सौ seat मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया है। पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत है:- धनराशि(रूपये में) 8 इकाई का नाम वित्तीय वर्ष | स्वीकृत धनराशि वितरण हेतु sea की. जाने... वाली धनराशि... (स्वीकृत धनराशि... का... 90 प्रतिशत) q यू0ए0एल0- उत्तर 208-9 7,52,85,757.00 6,77,57,8.00 प्रदेश (AO यू0ए0एल0 इण्डस्ट्रीज Al इकाई), जौनपुर योग 7,52,85,757.00 6,77,57,8.00 I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |2- अत: इस सम्बन्ध A मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि एतदद्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक में प्राविधािनित धनराशि रू.50.00 करोड़ (रूपये एक at पचास करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाई को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु रू. 6,77,57,8.00 (रूपया छ: करोड़ सतत्तर लाख सत्तावन हजार एक सौ seal मात्र) की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय स्वीकृति निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में I. सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, पिकप ant हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं संयुक्त निदेशक, उद्योग, लखनऊ, मण्डल लखनऊ के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। पिकप दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध मैं स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि. प्रस्तावित ब्याजमुक्त. ऋण स्वीकृत किये. जाने. सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से l0. आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा पिकप द्वारा रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृत किया गया है। यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी,जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2003(यथासंशोधित) A उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व पिकप पर होगा। वसूली में शिथिल्रता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन GaN की जायेगी। यदि इन इकाईयों द्वारा ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | - इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |faa cant इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावत्नी-2003(यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। ।2. ऋण की वापसी मैं विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। ।3. यदि पिकप gant किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो पिकप दूवारा शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। l4. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया. जाएगा। आवश्यकता का. आकलन संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ CORT किया जाएगा। पिकप को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष पिकप दूवारा ऋण वितरण का अनुश्रवण भी संयुक्त आयुक्त, उद्योग, लखनऊ मण्डल लखनऊ cant किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध A संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। 5. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AM दिनांक (7.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों cant जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। l6. पिकप दूवारा स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुदूधता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 3- इस संबंध में होने वाला व्यय रू. 6,77,57,87.00 (रूपया G: करोड़ सतहत्तर लाख सत्तावन हजार एक सौ seat मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय- व्ययक A अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 688504900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के AA डाला जायेगा। 4- ... यह आदेश कंप्यूटर GANT उत्पन्न संख्या-2023-24 दिनांक में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव।| ACAT-0/2024/78()/77-6-24-6099/04/2022 ,तद्दिनांक। प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- - महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी)प्रथम/दृवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2- मुख्य कोषाधिकारी, लखनऊ। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |3- अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0शासन। 4- नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 5- प्रबन्ध निदेशक, पिकप को Galeh-3is.37S.47.04./0/07-08/Vol.IV/764 दिनांक 6.0.2024 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। 6- आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, HiT | 7- निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। 8- वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 9- वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 I0- नियोजन अनुभाग-/4 II- औद्योगिक विकास अनुभाग-2 {2- गार्ड फाइल। आज्ञा से, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव।| I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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