Home India औद्योगिक विकास विभाग वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन यो...
Date: 2024-01-04 Category: Not Applicable State: Uttar Pradesh Country: India

वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 150.00 करोड़ के सापेक्ष रू. 13,12,30,000.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में।

Issued by औद्योगिक विकास विभाग · औद्योगिक विकास विभाग

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Executive Summary & Key Takeaways

This document, dated January 4, 2024, from the Government of Uttar Pradesh, sanctions the release of ₹13,12,30,000.00 (Rupees Thirteen Crore Twelve Lakh Thirty Thousand only) from the Industrial Investment Promotion Scheme-2003 budget for the financial year 2023-24. This amount will be used to distribute interest-free loans to eligible units. The release is based on references to letters from Uttar Pradesh Financial Corporation (UPFC) dated September 19, 2023, and October 20, 2023. The following table details the units and loan amounts: | S.No. | Name of the Unit | Financial Year | Approved Loan Amount (₹ in Lakhs) | Amount to be Disbursed (₹ in Lakhs) | |---|---|---|---|---| | 1 | M/s Maa Mahamaya Alloys Pvt. Ltd., Mirzapur | 2020-21 | 882.30 | 882.30 | | 2 | M/s Maa Mahamaya Alloys Pvt. Ltd., Mirzapur | 2021-22 | 430.00 | 430.00 | | | **Total** | | **1312.30** | **1312.30** | Key conditions for the release and utilization of funds include: * Direct transfer of funds to the unit's bank account via RTGS/NEFT. * Submission of utilization certificates. * Ensuring compliance with all legal and procedural requirements. * Adherence to Industrial Investment Promotion Regulations-2003 (as amended). * Responsibility for loan recovery lies with UPFC. * Interest at 1.25% per month (simple interest) will be charged on delayed repayments. * Director, Industries, Uttar Pradesh, Kanpur will assess and monitor utilization. * Compliance with Government Orders issued by Finance Department. Monitoring of the fund's appropriate allocation will be performed by Director, Industries, Uttar Pradesh, Kanpur. The order references account number 6885011900600 and standard head 30, specifically referencing investment and loans. The order is issued with the consent of the Finance Department. Copies are forwarded to various officials including the Accountant General, Private Secretary to Additional Chief Secretary, Chief Treasury Officer, Nodal Officer, Managing Director UPFC, and other relevant directors and sections. The order number is 4/2024/3925/77-6-23-6002(002)/2/2023. The authenticity of the order can be verified at the website http://shasanadesh.up.gov.in. For any queries/concerns, you can contact the Joint Secretary, Government of Uttar Pradesh.

Key Entities Referenced

औ‌द्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003: Industrial Investment Promotion Scheme 2003: The policy under which the financial sanction is being issued. Uttar Pradesh Financial Corporation (UPFC): The Uttar Pradesh Financial Corporation is facilitating the interest-free loans, and is responsible for the recovery of the distributed loans. कानपुर: Location of the Directorate of Industries. उत्तर प्रदेश: The State to which the policy applies. उद्योग निदेशालय: Directorate of Industries, responsible for monitoring the appropriate use of funds.
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संख्या-4/2024/3925/77-6-23-6002(002)/2/2023 मनोज कुमार मौर्य, संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन। सेवा में, आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। औद्योगिक विकास अनुभाग-6 लखनऊ : दिनांक 04 जनवरी, 2024 विषय:- वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत प्राविधानित धनराशि रूपये 50.00 करोड़ के सापेक्ष रू. 3,2,30,000.00 की वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के संबंध में। महोदय, कृपया उपर्युक्त विषयक उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम के पत्र संख्या-383/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक 9.09.2023 एवं पत्र संख्या-520/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक 20.0.2023 (मय संलग्नक छायाप्रति) का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के अन्तर्गत पात्र इकाइयों को स्वीकृत किए गए ब्याजमुक्त ऋण की शतप्रतिशत धनराशि वितरित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए योजनान्तर्गत आवंटित बजट धनराशि के सापेक्ष कुल कुल रू. 3,2,30,000.00 (रू. तेरह करोड़ बारह लाख तीस हजार मात्र) की वित्तीय स्वीकृति जारी किए जाने का अनुरोध किया गया Sl पात्र इकाई का उपलब्ध कराया गया विवरण निम्नवत्‌ है:- धनराशि (रू0 लाख में) क्रमांक इकाई का नाम वित्तीय वर्ष ऋण स्वीकृत |. आहरित की जाने वाली की धनराशि धनराशि मे0 Al महामाया य 2020-2 882.30 882.30 प्रा2लि0, मिर्जापुर 2 मे0 Al महामाया य 202-22 430.00 430.00 प्रा2लि0, मिर्जापुर योग 32.30 32.30 2- अत: इस सम्बन्ध मैं मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि एतदद्वारा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2003 के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय-व्ययक A प्राविधानित धनराशि %.50.00 करोड़ (रूपये एक सौ पचास करोड़ मात्र) के सापेक्ष उपरोक्त इकाईयों को स्वीकृत ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाने हेतु रू. 3,42,30,000.00 (रू. Re करोड़ बारह लाख तीस हजार I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |मात्र) की धनराशि आपके निवर्तन पर रखने हेतु निम्नलिखित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन वित्तीय स्वीकृति निर्गत किए जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:- नियम व शर्तें/प्रतिबन्धों . स्वीकृत धनराशि का भुगतान जिस इकाई को किया जाना है, उसके बैंक खाते में सीधे आर.टी.जी.एस./एन.एफ.टी. के माध्यम से अन्तरित की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा हस्ताक्षरित कर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, कानपुर के माध्यम से तत्काल शासन के औद्योगिक विकास विभाग अनुभाग-6/वित्त (आय व्ययक) अनुभाग-4 एवं समस्त संबंधितों को उपलब्ध कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा ऋण वितरित किए जाने के पूर्व पात्र इकाइयों के संबंध में अपने स्तर से पात्रता के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट कर लेंगे तथा यह सुनिश्चित कर लेंगे कि प्रस्तावित ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत किये जाने सम्बन्धी प्रक्रियाओं/विधिक औपचारिकताओं का पालन कर लिया गया है। स्वीकृत धनराशि का आहरण राजकोष से तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर ही किया जायेगा। किसी परिस्थिति में धनराशि को पूर्व से आहरित करके एकमुश्त बैंक खाते/अन्य किसी खाते में नहीं रखा जाएगा। स्वीकृत धनराशि का लेखा-जोखा उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा रखा जाएगा। 7. स्वीकृत धनराशि का व्यय केवल उसी मद मैं किया जाएगा, जिसके few स्वीकृत किया गया है। यह धनराशि उन पात्र इकाइयों को उपलब्ध करायी जाएगी,जो औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्ली-2003(यथासंशोधित) में उल्लिखित शर्तों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करती हो। पात्र इकाइयों को वितरित ऋण की वसूली का पूर्ण उत्तरदायित्व उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम पर होगा। वसूली मैं शिथिलता बरते जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर अग्रेतर कार्यवाही शासन द्वारा की जायेगी। 0. यदि इन इकाईयों cant ऋण वापसी के सम्बन्ध में डिफाल्ट किया जाता है तो डिफाल्ट की तिथि से आगे दी जाने वाल्ली धनराशि का भुगतान बन्द कर दिया जायेगा। .उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम cant इकाइयों को स्वीकृत किये गये ऋण की वापसी हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावल्नी-2003(यथा संशोधित) में दिए गए प्राविधानों के अनुसार प्रभावी व्यवस्था की जाएगी तथा धनराशि की सुरक्षा हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। 2. ऋण की वापसी A विलम्ब करने वाली इकाई से वसूला जाने वाला ब्याज (7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज) राजकोष में जमा कराया जाएगा। 3. यदि उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम cant किसी किश्त के भुगतान में डिफाल्ट किया जाता है तो उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम दूवारा शासन को 7.25 प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज की दर से विलम्ब की अवधि में ब्याज का भुगतान किया जाना होगा। 4. स्वीकृत धनराशि का आहरण एक माह की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। आवश्यकता का आंकलन निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर द्वारा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम को उपलब्ध कराए गए ऋण के सापेक्ष उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम द्वारा ऋण वितरण 4- यह शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |का अनुश्रवण भी निदेशक, उद्योग, उत्तर प्रदेश, कानपुर द्वारा किया जाएगा तथा धनराशि के सदुपयोग के संबंध में संतुष्ट होने के उपरान्त ही अगली किश्त का आहरण किया जाएगा। |5. स्वीकृत धनराशि को व्यय किये जाने से पूर्व वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-। के कार्यालय AT दिनांक 7.03.2023 एवं अन्य संगत शासनादेशों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। 6. उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम cant स्वीकृत धनराशि आहरित करने से पूर्व इकाई की पात्रता एवं आंकड़ों की शुदूधता का परीक्षण कर संतुष्ट हो लेंगे। 3- इस संबंध में होने वाला व्यय रू. 3,2,30,000.00 (रू. तेरह करोड़ बारह लाख तीस हजार मात्र) को चालू वित्तीय वर्ष 2023-2024 के आय-व्ययक A अनुदान संख्या 007 लेखा शीर्षक 68850900600 औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना, 2003 मानक मद 30 निवेश/ऋण के नामे डाला जायेगा। 4- यह आदेश कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न संख्या-5-6-467-2(-2023-24 दिनांक 2-2-2023 में प्राप्त वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किये जा रहे हैं। भवदीय, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। WEA-4/2024/3925( i)/77-6-23-6002(002)/2/2023, agate! प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित:- l. महालेखाकार(लेखा एवं हकदारी)प्रथम/दवितीय, उ०प्र०, प्रयागराज। 2. निजी सचिव, अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ0प्र0 शासन। 3. मुख्य कोषाधिकारी, कानपुर । 4. नोडल अधिकारी, बजट एलाटमेंट, औद्योगिक विकास विभाग, उ0प्र0 शासन। 5. प्रबन्ध निदेशक, यूपीएफसी को उनके. पत्र संख्या- 383/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक 9.09.2023 एवं पत्र संख्या- 520/विनि/वियोवि/2023-24 दिनांक 20.0.2023 के क्रम में अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु। oN आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, उद्योग निदेशालय, कानपुर। निदेशक, वित्तीय सांख्यकीय निदेशालय, जवाहर भवन, लखनऊ। वित्त (आय-व्ययक) अनुभाग-/4 9. वित्त (व्यय-नियंत्रण) अनुभाग-6 0. नियोजन अनुभाग-4/4 44. औद्योगिक विकास अनुभाग-2 2. गार्ड फाइल। 99 आज्ञा से, मनोज कुमार मौर्य संयुक्त सचिव। I- Ue शासनादेश इलेक्ट्रानिकली जारी किया गया है, अत: इस पर हस्ताक्षर की आवश्यकता नही है | 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वेब साइट htip://shasanadesh.up.gov.in से सत्यापित की जा सकती है |

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